जनता को मूर्ख बनाने में IITian और revenue officer से मुख्यमंत्री बने अरविन्द केजरीवाल ने सबको बहुत पीछे छोड़ दिया। अगर सोनिया गाँधी ने अपनी सलाहकार समिति के इन पाखंडियों को अलग से पार्टी बनाने की बजाए इन्हीं लोगों को टिकट देकर चुनाव लड़ा होता कम से कम दिल्ली में तो कांग्रेस सत्ता में रहती।
RTI के अनुसार 7 सालो में केजरीवाल ने प्रदूषण के विज्ञापन में 940 करोड़ रुपये उड़ा दिए है अपनी तस्वीर लगा लगाकर मगर इस बाबत ठोस धरातल पर कोई भी कार्य नही किया और आज भी दिल्ली का प्रदूषण खतरे के निशान से ऊपर है इसीलिये साँस लेने के लिये जिल्लेइलाही गोवा चले गये हैं ..अगर हवा ठीक नहीं हुई तो गोवा से वो उत्तराखंड चले जायेंगे !
Ad Man ने दिल्ली में एक Smog Tower लगाई थी,सब चैनलों में Ad दिये थे,वो उसी दिन से ख़राब पड़ी है
मुफ़्तख़ोरी और समाजवाद बर्बादी की ओर ही ले जाता है
दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड को ही लीजिये...... फिलहाल 4 बड़े मुद्दे हैं
1. यमुना की गंदगी
2. दिल्ली में गंदे पानी की सप्लाई
3. दिल्ली जल बोर्ड की बुरी हालत
4. पानी सप्लाई पर काम नही होना
यमुना की गंदगी - ये हर साल का रोना है, छठ आने पर यमुना नदी की तस्वीरों की बाढ़ आ जाती है, और फिर दोषारोपण का काम शुरू हो जाता है। इस बार केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा पर आरोप लगाया है कि उनके कचरे से यमुना गंदी हो जाती है।
यमुना घाट पर केजरीवाल के छठ पूजा बैन की धज्जियां उड़ती हुई pic.twitter.com/FeN80fkBe5
— Tajinder Pal Singh Bagga (@TajinderBagga) November 10, 2021
100 करोड़ का हज हाउस बनाकर
— Dinesh Desai (@idineshdesai) November 10, 2021
हर मस्जिद को ₹44000 महीना देने वाले
केजरीवाल के पास
छठ पूजा पर यमुना की सफाई के लिए पैसा नहीं है|
केंद्र सरकार ने यमुना सफाई के लिए 2419 करोड़ रु दिल्ली सरकार को दिया।
— Naveen Kumar Jindal 🇮🇳 (@naveenjindalbjp) November 10, 2021
लेकिन महाठग @ArvindKejriwal ने एक चवन्नी भी यमुना पर खर्च नहीं की।
सारा धन इस पापी ने अपने झूठे विज्ञापनों और अपने मंत्रियों के ऐशो - आराम में उड़ा दिया।
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| साभार: सोशल मीडिया |
दोनों तस्वीरों को देखिए, दिल्ली में यमुना प्रवेश करती है वजीराबाद barrage से, और उससे पहले यमुना का पानी काफी हद तक साफ है, दिल्ली में घुसते ही नजफगढ़ से एक नाला यमुना में गिरता है, और वहां से आई कालिख आपको इस तस्वीर में दिख ही जाएगी। नजफगढ़ Drain से पहले का पानी देखिए और उसके बाद का, फर्क साफ है.....और नजगगढ़ का नाला दिल्ली सरकार के अंतर्गत ही आता है....उसे साफ करने की, उस पर सीवेज प्लांट लगाने की जिम्मेदारी किसकी हुई..... ये आपको समझ आ गया होगा।
दिल्ली में गंदे पानी की सप्लाई - चाहे मदनपुर खादर हो, संगम विहार हो, यमुना पार के इलाके हों, या फिर राजौरी या पंजाबी बाग हो.....गंदे पानी की सप्लाई की समस्या हर जगह है......मुफ्त पानी का वादा किया गया था, शायद ऐसा ही पानी मुफ्त मिलता है.....खैर
दिल्ली जल बोर्ड की बुरी हालत - आपमे से ज्यादा लोगो को पता नही होगा कि जब शीला दीक्षित मुख्यमंत्री थी, तब दिल्ली जल बोर्ड मुनाफा कमाने वाला डिपार्टमेंट हुआ करता था। जब से IIT पास revenue officer दिल्ली के मुख्यमंत्री बने हैं, DJB की हालत खराब होती चली गयी है। आज DJB पर 20,000 करोड़ रूपए से ऊपर का कर्ज है, 2015 के बाद DJB नुकसान में ही चल रहा है, और अब ये नुकसान सैकड़ो करोड़ रुपये का हो चुका है.....2018-19 में ये 600 करोड़ था.....इसी से समझ लीजिए कि क्या हालत है।
दुनिया भर को भ्रष्ट बोलने वाले केजरीवाल साहब खुद DJB chairman रहे हैं कई साल, लेकिन इस डिपार्टमेंट की Balance sheet और अन्य फाइनेंसियल documents आज तक तैयार नही किये गए......इसके लिए भी बाकायदा एक PIL डाली गई है कोर्ट में, कि DJB के financial status को सही से report करके बताया जाए। आम आदमी पार्टी ने इस PIL को politically motivated बता दिया.....और करते भी क्या
पानी सप्लाई पर काम नही होना - जब IIT से पढ़े दुनिया के एकमात्र नेता मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्होंने कुछ बड़ी घोषणाएं की थी......जैसे पानी माफ, पूरी दिल्ली में पानी की supply लाइन डालना, शुद्ध पानी पहुचाना, यमुना को साफ कर देना.......लेकिन इसमे से कोई काम नही हुआ।
पानी के पुराने बिल माफ कर दिए, कनेक्शन चार्ज हटा दिए, पेनल्टी माफ कर दी, late payment और अन्य कई तरह के सरचार्ज माफ कर दिए.....कुल मिलाकर हालात ये हुए की DJB के पास उसका काम करने तक के पैसे नही हैं.....फिर पानी सप्लाई, यमुना की सफाई और पाइपलाइन कहां से लगाएंगे।
दिल्ली वाले खुश हैं, कि 20,000 लीटर पानी मुफ्त मिल रहा है.....20,000 लीटर का अगर चार्ज लिया भी जाए तो कितना होगा.....200-300 रुपये?
लेकिन ये 200-300 रुपये बचा कर आपने क्या पाया.......गंदा पानी, गंदी यमुना, टूटी फूटी पानी की पाइपलाइन........वहीं आप हजारो खर्च करके टैंकर लाते हैं पानी के लिए.......,वहीं DJB हजारो करोड़ के नुकसान में है.....कल को ये चुकाने के लिए आपके टैक्स का पैसा ही लगेगा......शिक्षा या स्वास्थ्य में लिए लगने वाला पैसा DJB को बचाने के लिए जाएगा.....
कल को यही काम DTC, बिजली सप्लाई कंपनियो और अन्य डिपार्टमेंट के लिए भी होगा, जो जबरदस्त financial crisis झेल रहे हैं, और भविष्य में या तो Bankrupt हो जाएंगे, या बेकार service देने लगेंगे.........लेकिन आपको की, आपको तो बिजली हाफ और पानी माफ हो गया है......आज तो चवन्निया बचा रहे हो, लेकिन भविष्य में अपना पेट काट कर ये सब चुकाना पड़ेगा......क्योंकि मुफ़्तख़ोरी और समाजवाद आपको सिर्फ बर्बादी की तरफ ही ले जाता है......अब ये आम आदमी पार्टी करे, बीजेपी करे या कांग्रेस....इनका end result एक ही रहेगा।
देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का पानी गंदे नालों और फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल के कारण पूरी तरह से जहरीला हो गया है। छठ के मौके पर श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए अब दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी जहरीले झाग से छुटकारा पाने के लिए यमुना नदी पर पानी छिड़क रहे हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया पर लोग केजरीवाल सरकार के मजे ले रहे हैं।
लहता है अब तो @IITKgp की भी डिग्री चेक करनी पड़ेगी।
— SGupta_Delhi🇧🇴 (@SG_Dr_India) November 10, 2021
#WATCH | "We are sprinkling water in the Yamuna to dissipate toxic foam," says Ashok Kumar, Delhi Jal Board employee pic.twitter.com/4waL2VsM7T
— ANI (@ANI) November 10, 2021
Ch _ _ _ _ a 🤣🤣🤣
— Bharati Bhatkar🇮🇳 (@BhatkarBharati) November 10, 2021
इस मामले में दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी अशोक कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि वे शाम तक झाग से छुटकारा पाने के लिए नदी के किनारे यमुना के जल में पानी छिड़केंगे। यह छठ पूजा के लिए जहरीले झाग को खत्म करने तैयारी का हिस्सा है जहाँ भक्त सूर्य से प्रार्थना करते हुए पानी में डुबकी लगाते हैं।
हालाँकि, यह समझ नहीं आ रहा है कि पानी छिड़कने के बाद नदी कैसे साफ की जा सकेगी। लेकिन, अब नेटिजन्स को ये बात परेशान कर रही है कि जब इतने सरल तरीके से जहरीले झाग से निपटा जा सकता था तो अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने नदी की सफाई के लिए 2000 करोड़ रुपए क्यों आवंटित किए थे।
Le Dilli sarkar pic.twitter.com/KB3qWuUQUW
— Believer (@vivek_shri) November 10, 2021
Sir I doubt on Kejriwal's education...
— Sitanshu Parekh (@sitanshuparekh) November 10, 2021
Ye thag to degree bhi thag ke he laya hoga...
जनता के विवेक को सलाम जो उन्होंने IITin को चुना जो झाग को पानी से और वायु प्रदूषण को ODD- even से रोक लेता है।
— shashi kumar (@esatish999988) November 10, 2021
सबसे ज्यादा दुख इस बात का होता है जो गरीब लोग इसकी वजह से घुट घुट कर मरते है । गंदा पानी पीकर मरते है । वो लोग इसी को आँख मूंदकर वोट करते है सिर्फ बिजली बिल माफ हो जाये इसलिए।
— धर्मेंद्र कसाना (@dharmendar918) November 10, 2021
सोशल मीडिया पर तार्किक लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि जहरीले झाग को छितरा देने भर से कैसे यमुना के पानी का जहरीलापन कम होगा। लेकिन, इसमें किसी प्रकार का आतिशयोक्ति नहीं होना चाहिए, क्योंकि जब आम आदमी पार्टी की बात आती है, तो ज्यादातर समय तर्क और बेसिक सामान्य ज्ञान को झुठला दिया जाता है।
By spraying water in river not only toxic foam will be controlled but also it will rise the water level which will benefit in supply of water to Delhi residents. Shame on people making fun of this innovative idea
— Cab Driver (@gajender00) November 10, 2021
गजेंद्र नाम के यूजर ने लिखा कि गैर-मानसून महीनों में अगर इस तरह से यमुना में पानी का छिड़काव करने से नदी का जल स्तर बढ़ सकता है और शायद राष्ट्रीय राजधानी में भी जल संकट का समाधान हो सकता है। इतने अच्छे आइडिया का मजाक उड़ाने वाले लोगों को शर्म आनी चाहिए।
Next Kejriwal will do this to fix Delhi roads pic.twitter.com/hckm6GuLzW
— Vishal Naik (@yogicwand) November 10, 2021
यह बन्दा मेरा नामा राशि है, कुछ कह ही नहीं सकता। लगे रहो भाईजान।
— Ashok Srivastava (@asv_lko) November 10, 2021
पर इससे एक बात अच्छी तरह से समझ में आ गयी है, IITs and IRSs experience really matters. Otherwise who can get these mind blowing innovative ideas.
Delhi is fortunate to have such talented CM. #GodBlessDelhi
दरअसल, यमुना के पानी के जहरीलेपन को खत्म करने के केजरीवाल सरकार के इस आइडिया से हर कोई आश्चर्यचकित है। किसी ने भी नहीं सोचा था कि AAP सरकार यमुना के जहरीले झाग को साफ करने के लिए आगे आएगी।
वैसे भी प्राकृतिक नियमों के विपरीत यमुना नदी को पानी उपलब्ध कराने के दिल्ली के सीएम की महानता की सराहना नेटिजन्स ने की। दिल्ली सरकार के इस आश्चर्यचकित कर देने वाले कारनामे पर आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास ने भी दिल्ली के हालात का वर्णन करते हुए एक कविता लिख दी।
“झील पर पानी बरसता है हमारे देश में,
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) November 10, 2021
जिन्दगी का हाल ख़स्ता है हमारे देश में,
दूध महँगा, ख़ून सस्ता हैं हमारे देश में,
अब वज़ीरों,अफ़सरों या पागलों को छोड़कर
और खुलकर कौन हँसता है हमारे देश में..!” https://t.co/UObQCtdgM3
हम नदियों को भी फ्री पानी दे रहे हैं जी।
— pramila (@pramila2710) November 10, 2021
दूसरी पार्टियां नदियों से पानी लेती हैं, लेकिन हम नदियों को पानी दे रहे हैं और वो भी फ्री। क्योंकि ईमानदार सरकार।
#IIT से पढ़े दो होनहार छात्र - Kejriwal and Sisodia की टेक्नॉलजी इजाद लगती है
— Sajjad (@sajmad24x7) November 10, 2021
हालाँकि, अगर आप दिल्ली सरकार के इस साइंटफिक सॉल्यूशन से अचंभित हो रहे हैं तो इसकी कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि दिल्ली सरकार का विज्ञान से बहुत गहरा रिश्ता है। आखिरकार, वे अपनी सरकार में बहुत पढ़े-लिखे लोगों के होने का दावा जो करते हैं। इसी तरह जनवरी 2021 में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने एक वैज्ञानिकता भरा तर्क देते हुए कहा था कि दिल्ली में पानी की आपूर्ति करने वाले पाइपों को साफ करना असंभव था।
उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एक पत्रकार सिसोदिया से खराब गुणवत्ता वाले पानी के बारे में पूछता है। इस पर सिसोदिया ने समझाया कि जब पानी की आपूर्ति की जा रही है और मोटर चालू रहेगा तो पानी साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा, “भौतिकी बताती है कि जब आप पानी की आपूर्ति बंद होने पर मोटर चालू करते हैं तो वो पाइप के अंदर की मिट्टी और अन्य गंदगी को अपने साथ ले जाएगा।” उन्होंने दिल्लीवासियों को सलाह दी कि पानी की सप्लाई के लिए जो समय निर्धारित किया गया है अगर वो उसमें मोटर को चालू करेंगे तो उन्हें साफ पानी मिलेगा।
बलिहारी जाऊँ दिल्ली के शिक्षा मंत्री हैंडसम सिसोदिया के इस दिव्य फिजिक्स पर।
— दलीप पंचोली🇮🇳 (@DalipPancholi) January 26, 2020
छा गए गुरू, आज हम धन्य हुए इस दिव्यज्ञान को पाकर😹
pic.twitter.com/bmFJngOVga
Bhaiya ADV de ke khabar dabayee gayee hai.. peechale 2 Saal se Delhi Govt schools ke 30% students 10 class me fail ho rahe Hain.. magar media me farjee website ke survey chapwa ke halla kaat rahe Hain. 2013 Ka 99% wala result ab 71% par aa chuka hai, #kejriwalfail pic.twitter.com/uH3RV1cX8u
— MUDDAABAAZ (@muddaabaaz) January 26, 2020
यूट्यूब पर लल्लनटॉप पर मिलेगा
— दलीप पंचोली🇮🇳 (@DalipPancholi) January 26, 2020
उस दौरान भी किसी ने ये तनिक भी नहीं सोचा था कि #ScientistSisodia इतना अच्छा आइडिया भी सुझा सकते हैं।




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