उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के 387 उम्मीदवारों की जमानत जब्त किसने करवाई हिंदुओं ने या हिंदुत्ववादियों ने ?

परिवार भक्तों द्वारा सोनिया गाँधी को अध्यक्षा बनाने के लिए सीताराम केसरी को पार्टी ऑफिस से बाहर करने के दिन से कांग्रेस निरंतर पतन की ओर अग्रसर है। और इस पतन के ग्राफ को राहुल-प्रियंका जोड़ी पाताललोक में लेकर जाने में प्रयासरत हैं। 

एक समय था जब अधिकतर आज़ाद उम्मीदवारों की जमानत जब्त होती थी, दूसरे नंबर पर क्षेत्रीय पार्टियां रही, फिर तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी है और अब उसी पंक्ति में कांग्रेस भी शामिल हो गयी है। 
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। लेकिन कांग्रेस का नारा ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ की चर्चा आज भी हो रही है। लोगों का कहना है कि यूपी के सियासी दंगल में कांग्रेस की मर्दानी यानि महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा खूब लड़ी, लेकिन अपने 399 में से 387 उम्मीदवारों की जमानत बचाने में नाकाम रही। अगर प्रतिशत की दृष्टि से देखे तो कांग्रेस के 97 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। सिर्फ दो ही प्रत्याशी अपनी सीट बचा सके। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर कांग्रेस के इस बेहद खराब प्रदर्शन को लेकर लोग खूब मजे ले रहे हैं। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि कांग्रेस की इस दुर्गति के लिए कौन जिम्मेदार है- हिन्दू या हिन्दुत्ववादी।

सोशल मीडिया पर लोग राहुल गांधी को उनके ट्वीट की याद दिला रहे हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए लिखा था, ” हिंदुत्ववादी गंगा में अकेला स्नान करता है। हिंदू गंगा में करोड़ों लोगों के साथ स्नान करता है एक तरफ हिंदू है, दूसरी तरफ हिंदुत्ववादी है। एक तरफ सच है, दूसरी तरफ झूठ है हिंदू सच बोलते हैं, हिंदुत्ववादी झूठ बोलते हैं।”

कांग्रेस की दुर्दशा के लिए प्रियंका वाड्रा पर तंज

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर लिखा है, ” प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी में खुद को कांग्रेस का चेहरा बताया था और ” मैं लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ” के नारे के साथ महिलाओं को भरमाने की कोशिश की थी, लेकिन जनता ने उन्हें केवल 2 सीटें दीं।

 इसके बावजूद कांग्रेस के किसी नेता ने महासचिव पद से उनका इस्तीफा नहीं मांगा।”

एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि ये वही “मौसी” है जो अपने आप को “लड़की” बोलकर लड़ना चाहती थी… किंतु कहीं से भी नहीं लड़ी… फिर भी हार गई।

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