पंजाब चुनाव परिणाम आने से पूर्व आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर जिस अलगाववाद की शंका व्यक्त की जा रही थी, वह अब सामने आनी शुरू हो गयी, जो देश की सुरक्षा की दृष्टि से अच्छे संकेत नहीं हैं, और केंद्रीय गृह मंत्रालय, एवं सतर्कता तंत्रों को गंभीरता से इस पर निगाह रखनी होगी।
Punjab Assembly | Punjab CM Bhagwant Mann moves resolution against Centre's decision to put Chandigarh under Central service rules
— ANI (@ANI) April 1, 2022
Mann proposed the Central government to transfer Chandigarh to Punjab pic.twitter.com/iWpGiahTiO
— ajit4g (@ajit4g1) April 1, 2022
Dangerous lies!
— Kanchan Gupta 🇮🇳 (@KanchanGupta) April 1, 2022
All States are billed for Central Forces. MHA billed Punjab Govt ₹6.35 cr for deployment of Central Forces (NOT military) in Pathankot from 2-27 Jan, 2016. Bill was later waived as requested by then Akali-BJP Govt.
Bhagwant Mann was AAP MP and had no role in it. https://t.co/InKN0g5q0w
मान ने कहा कि पत्र के बाद वह तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने गए और उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराया था। मान ने कहा, “मैंने राजनाथ जी से कहा कि मेरे और मेरे सहयोगी साधु सिंह के सांसद निधि से पैसे काट लें, लेकिन मुझे लिखित में दें कि आपने पंजाब को सेना किराए पर दी है और राज्य देश का हिस्सा नहीं है।”
पंजाब के लोगों से जो वादा किया है उसको पूरा करने में फट गया तो प्रोपेगेंडा कर रहा है, यही चरित्र है @AamAadmiParty का
— पारसनाथ (@ParasNa76342611) April 2, 2022
बेशर्म, बेहूदा, बेहया पोलिटिक्स
During Pathankot attack,military came.Later I received letter that Punjab should pay Rs 7.5 Cr as military was sent.Sadhu Singh&I went to Rajnath Singh.Told him to deduct from my MPLAD but give in writing that Punjab isn't country's part&took military from India on rent:Punjab CM pic.twitter.com/Gbg7yIJTRj
— ANI (@ANI) April 1, 2022
Who is advising him? I wonder
— Ra Ch Na (@raggedtag) April 1, 2022
Still maintaining the balance.. imbalance. Sorry balance.. 😜pic.twitter.com/iSpwpKCFtz
— $hilp_$aaz (@ar_shilpz) April 1, 2022
कल रात को क्या लिया था?? pic.twitter.com/G6SaiLMTBo
— rajan mukundray (@RajanMukundray) April 2, 2022
@BhagwantMann ji
— Ravi Mishra (@ravii_mishra) April 1, 2022
Drinking is good
But drinking and talking in assembly without facts is bad
2 📸 worth 2000 words
Please analyse
Shri Rajnath Singh ki assumed office in 2019
Pathankot attack in 2016
Where and when dis yiu Meer him in what context? pic.twitter.com/IPY3TXUD4L
— Manmohan Singh Bedi (@manmohan_bedi) April 1, 2022
दिलचस्प बात यह है कि सीएम मान के दावे तथ्यात्मक रूप से गलत प्रतीत होते हैं। पहली साल 2016 में भगवंत मान पंजाब के संगरूर निर्वाचन क्षेत्र से केवल संसद सदस्य थे। अगर केंद्र सरकार पंजाब सरकार से कोई पत्राचार करती तो वह किसी सांसद को पत्र नहीं भेजती, वह मुख्यमंत्री या गृह सचिव को भेजती। दूसरी बात यह है कि राजनाथ सिंह तब गृहमंत्री थे और सेना रक्षा मंत्रालय के अधीन आती है। इसलिए, सेना के मामले में उनसे मिलने से कोई फायदा नहीं होगा।
तीसरा बिंदु इस तथ्य से संबंधित है कि केंद्र सरकार किसी भी राज्य में अर्धसैनिक बलों को भेजने के बदले उससे शुल्क लेती है। केंद्रीय सशस्त्र बलों द्वारा किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के कर्तव्यों के लिए राज्यों द्वारा शुल्क वहन किया जाता है और पंजाब कोई अपवाद नहीं है। वर्तमान में गृह मंत्रालय उन राज्यों से प्रति वर्ष लगभग 13 करोड़ रुपए वसूलता है, जहाँ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) तैनात है। ‘अत्यधिक जोखिम’ और बेहद ‘कठिनाई’ वाले क्षेत्रों में सीएपीएफ की तैनाती के लिए केंद्र सरकार प्रति वर्ष लगभग 34 करोड़ रुपए शुल्क लेती है।
सीएम पंजाब pic.twitter.com/4nVlVadYCo
— हरीश जीना। उत्तराखंडी (@Harishjeena6) April 1, 2022
इस तरह की सोच अलगावाद की ओर झुकाव का इशारा: बोले नेटिजन्स
MPLAD is not your "Baap ki Jaagir". AND how did a letter come to you during Pathankot attack? were you the CM of Punjab then?
— Dr. Anilkumar Garag (@agarag) April 1, 2022
Right or wrong is debatable but deployment of CAPF (not military as he is claiming) is chargeable since many decades. The rule is same for all states. Punjab wasn't specifically sent the bill, all states get it wherever CAPF is deployed. Such speeches evoke separatist sentiments.
— THE SKIN DOCTOR (@theskindoctor13) April 1, 2022
AAP का एजेंडा सामने आ ही गया । पंजाब को भारत से अलग करने का पूरा प्लान बना रखा है केजरीवाल ने । शुरुआत हो चुकी है ।
— गौरव Sharma मथुरा वाले (@gs181990) April 1, 2022
As I said earlier, AAP forming govt in Punjab is a victory of ISI. It will take KhaIstan-separation movement on a different level.
— Mr Sinha (@MrSinha_) April 1, 2022
These clowns didn’t even wait for a month before showing their true intentions.
H'ble CM says,he received a letter after one month or two of the attack.
— 🇮🇳Michelangelo🇮🇳 (@MichelangeloRK) April 1, 2022
Q 1. Why should a common MP be asked for money due to a state?
Q 2. Why should he speak to Mr Rajnatha Singh when someone else is Def Minister? pic.twitter.com/IsaC1EnUUv
अरविंद केजरीवाल देश का विभाजन करने की रणनीति तैयार कर रहा है उसके इरादे सबके सामने स्पष्ट है अब किसको क्या चुना है वह तय करें कि वह देश के विभाजन करने वाली मानसिकता के साथ जाना चाहता है कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे भारत को एक करने वालों के साथ जाना चाहते हैं
— 🇮🇳vipul bhardwaj🇮🇳 (@BJPVipulbd) April 1, 2022
— दलीप पंचोली🇮🇳 (@DalipPancholi) April 1, 2022
One this common among all AAP netas
— Ankita With Luv (@OpinionAnkita) April 1, 2022
Jhuuth bhar bhar ke bolte hain https://t.co/e0MHogi9FM
So Khalistan buildup is started!
— Abhijit Chatterjee (@chatteejeeAbhi) April 1, 2022
Kumar Vishwas then rightly claimed that Arvind Kejriwal taken helps of separatists for Punjab as deployment of CAPF (not military as current Punjab CM is claiming) is chargeable since many decades. https://t.co/Ci261aZ0bK
अवलोकन करें:-
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