आदिवासियों का काम करने के लिए भेजो खराब ऑफिसर: AAP सांसद राघव चड्ढा

अरविन्द केजरीवाल ने सियासत(राजनीति नहीं) में आने पर कहा था कि "हम राजनीति बदलने आये हैं", जो फ्री के लॉलीपॉप देकर सत्ता हथियाने में सफल जरूर हो गए, लेकिन ओछी मानसिकता की बुनियाद पर बनी आम आदमी पार्टी की समय-समय पर सामने आती रही है, जिसे खुले दिमाग से जनता को समझना होगा। जिसका कोई न कोई नेता राशन कार्ड(यौन शोषण), हवाला, हिन्दू विरोधी दंगों आदि आरोपों में लिप्त नज़र आ रहा है, परन्तु केजरीवाल उन पर कोई कार्यवाही करने का साहस नहीं कर पा रहे, हाँ अगर वही काम भाजपा शासित राज्य में होने पर सड़क पर उतर उस राज्य में पिकनिक मनाने पहुँच जाते हैं। 
अब इसी पार्टी आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का जनजातीय समाज के प्रति घटिया सोच सामने आई है। दरअसल राघव चड्ढा का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह आदिवासी जनजाति के लिए अपमान भरे लहजे का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसमें वह कह रहे हैं कि घटिया अफसरों को आदिवासी मंत्रालय भेजा जाए।

भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने इसका वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “यह देखिए आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की जनजातीय समाज के खिलाफ ओछी मानसिकता।”

इस वीडियो में राघव चड्ढा कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, “आप किसी बाबू (अधिकारी) को नौकरी से तो निकाल नहीं सकते। ट्रांसफर-पोस्टिंग ही कर सकते हो। अगर कोई बहुत अच्छा काम कर रहा है तो उसे अच्छा विभाग दो… जैसे कि उसे स्वास्थ्य सचिव बनाओ, गृह सचिव बनाओ और जो खराब काम कर रहा है उसे भेजो जनजातीय विभाग में। ये पनिशमेंट पोस्टिंग है उसका। उसे या तो बागवानी या फिर पशुपालन विभाग में भेजो।”

इस पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दी हैं। राघव चड्ढा के इस बयान पर लोग आपत्ति जता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “आप आदिवासी को हीन भावना से क्यों देखते हो अरविंद केजरीवाल जी..!! आप उनसे नफरत क्यों करते हो..?? क्या बिगाड़ा है इन निर्दोष जनजातियों ने आपका।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “उनका बयान आदिवासी विभाग का अपमान है, जो कि बेहद महत्वपूर्ण विभाग है। उन्हें अपनी टिप्पणी के लिए माफी माँगनी चाहिए।”

एक यूजर ने इस पर हैरानी जताई कि आखिर राघव चड्ढा इस तरह से कैसे बोल सकते हैं।

AAP की प्रेस कॉन्फ्रेंस और ‘राघव चड्ढा चोर है’

पिछले दिनों पंजाब चुनाव से पहले AAP नेता टिकट बँटवारे को लेकर आपस में भिड़ गए थे। इस दौरान खूब लात-घूँसे चले थे। आम आदमी पार्टी में इस अंदरूनी बवाल से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किए गए थे। वायरल हो रहे वीडियो में पार्टी के नेताओं को जालंधर प्रेस क्लब में एक-दूसरे को धक्का देते और मारपीट करते देखा गया था।
दरअसल प्रेस क्लब में राघव चड्ढा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कॉन्ग्रेस के पूर्व पार्षद दिनेश ढल को पार्टी में शामिल करवाया जाना था, लेकिन टिकट बँटवारे को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान पंजाब के सह-प्रभारी के खिलाफ ‘राघव चड्ढा चोर है’ के नारे लगाए गए। बात यहीं तक रहती तो गनीमत होती, लेकिन मामला इतना बढ़ गया कि लोगों के बीच जमकर मारपीट भी हो गई। टिकट बँटवारे को लेकर करीब 45-50 मिनट हुए बवाल के बाद राघव चड्ढा को पिछले दरवाजे से बाहर भागना पड़ा था।

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