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| मदुरई में हुई हिंदूफोबिक रैली का टीवी शो में बचाव |
हिन्दू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने से हिन्दू विरोधी क्या साबित करना चाहते हैं? दूसरे, हिन्दू देवी-देवतों पर अभद्र टिप्पणी करने वाले क्या अपने मृतक शरीर को अग्नि को समर्पित नहीं करने पर अपनी इच्छा जाहिर करेंगे, क्योकि अग्नि भी भगवान है? तीसरे, अपने अंतिम समय राम नाम सत्य है नहीं बोले जाने पर भी कुछ कहकर जाएंगे या फिर अपने अंतिम समय इन्ही भगवानों की शरण में जाएंगे?
टाइम्स नॉउ पर डिबेट के दौरान उन्होंने भगवान कृष्ण पर गोपियों ने अनैतिक संबंध रखने का आरोप लगाया। विक्रमन ने कहा, “कृष्णा का युवा करियर वृंदावन की महिलाओं के साथ अवैध (अनैतिक) प्रेमसंबंधों से भरा हुआ था। इसे रासलीला कहा गया।” इस दौरान उन्होंने ‘पुराण’ का हवाला दिया।
#PunishHinduHaters
— TIMES NOW (@TimesNow) June 3, 2022
'Krishna's youthful career was full of illicit intimacy ...' @RVikraman quotes 'puranas' to speak about Rasaleela
'Puranas are a symbolic representation. When somebody says Ravana has 10 heads ..,' @RahulEaswar contradicts@thenewshour AGENDA | @PadmajaJoshi pic.twitter.com/6kqRYRFJD0
Do you think he would watch it? If doubts crossed his dirty minds, he would have sought answers before appearing on debate
— True Indian 🇮🇳 🚩 (@_True_Indian_) June 4, 2022
हिंदू कार्यकर्ता राहुल ईश्वर ने इस पर दुख और आपत्ति जताते हुए कहा कि वो इस तरह से किसी के भगवान का अपमान नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि पुराण एक प्रतीकात्मक वर्णन है। उसे वैसे ही नहीं लिया जा सकता, जैसे कि इसमें कहा गया कि रावण के दस सिर थे। इसका मतलब यह नहीं हुआ कि उसके वाकई में दस सिर थे। इसका अर्थ यह होता है कि उसके पास दस सिर के बरारबर बुद्धिमत्ता थी। इससे यह दिखाने का प्रयास किया गया था कि वह काफी विद्वान था।
इसी तरह जब कोई कहता है कि अयप्पा, शिव और विष्णु के पुत्र हैं तो इसका अर्थ यह नहीं होता कि शिव ने विष्णु से शादी की थी। यह उन दोनों की चमत्कारिक आध्यात्मिक शक्ति से उत्पन्न हुए थे। इसी तरह कृष्ण का गोपियों के साथ आध्यात्मिक संबंध था न कि अनैतिक। हिंदू देवी-देवताओं के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना हिंदूफोबिया के अलावा और कुछ भी नहीं है। इस तरह के लोग हिंदू सभ्यता और मान्यता को नीचा दिखाना चाहते हैं। इसलिए इस तरह की अभद्र, अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं।
पिछले दिनों गुजरात के वडोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी में फाइन आर्ट फैकेल्टी एक प्रदर्शनी में कुछ छात्रों द्वारा लगाई गई हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें आपत्तिजनक थीं। प्रदर्शनी में हिंदू देवी-देवताओं और भारत के कुछ राष्ट्रीय चिन्हों के चित्रों को रेप केसों से जोड़ा गया था। इतना ही नहीं, हिंदू देवी और देवताओं के चित्र बनाने के लिए उन अखबारों का प्रयोग किया गया था, जिन पर रेप की खबरें छपी हुई थी।

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