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AAP का फर्जीवाड़ा, ‘फर्जी हस्ताक्षर’ मामले में राघव चड्ढ़ा की संसद सदस्यता पर खतरा, अमित शाह ने कहा- जवाब देना पड़ेगा मान्यवर

आन्दोलनजीवियों से जन्मी आम आदमी पार्टी आज तक इतने अधिक घोटाले और फर्जीवाड़े कर चुकी है, जिसका लेखा-जोखा किया जाये, निश्चित रूप से कई ग्रन्थ बन जाएंगे। समझ जनता भी रही है, लेकिन उसे नशे की फ्री की रेवड़ियों के आगे कुछ नहीं सूझता। देश जाए कहीं भी, हमें तो नशे में लिप्त मुफ्त की रेवड़ियां मिलती रहनी चाहिए। 
संसद से दिल्ली सेवा बिल पास हो चुका है। इससे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी को जोरदार झटका लगा है। कांग्रेस की बैसाखी के सहारे केजरीवाल की पार्टी बड़े चमत्कार की उम्मीद कर रही थी, लेकिन उसके सारे तिकड़म धरे के धरे रह गए। इस बिल पर चर्चा के दौरान अन्ना आंदोलन की उपज आम आदमी पार्टी का चेहरा फिर बेनकाब हो गया। खुद को कट्टर ईमानदार पार्टी बताने वाली पार्टी फर्जीवाड़ा करते फिर पकड़ी गई। राजनीति में कीचड़ साफ करने आई इस पार्टी ने राज्यसभा में भी कीचड़ फैलाने की कोशिश की। आप सांसद राघव चड्डा फर्जी हस्ताक्षर के जरिए इस बिल को पारित करने में बाधा उत्पन्न करना चाहते थे। लेकिन उनका फर्जीवाड़ा जल्द सामने आ गया। 
राज्यसभा में फर्जी हस्ताक्षर मामले में अब सांसद राघव चड्ढ़ा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जा सकता है।

AAP सांसद राघव चड्ढ़ा पर पांच सांसदों का फर्जी हस्ताक्षर का आरोप

दरअसल सोमवार (07 अगस्त, 2023) को राज्यसभा में दिल्ली सेवा बिल पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान पांच सांसदों ने आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढ़ा के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की मांग की। सांसदों ने आरोप लगाया कि दिल्ली सेवा विधेयक के प्रस्तावित चयन समिति में उनकी सहमति के बिना उनके ‘फर्जी हस्ताक्षर’ किए गए। सांसदों के मुताबिक राघव चड्ढ़ा ने दिल्ली सेवा बिल को चयन समिति को भेजने का प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव में सस्मिता पात्रा, नरसिंह अमीन, थंबीदुरई, सुधांशु त्रिवेदी और नागालैंड के राज्यसभा सांसद फांगनोन कोन्याक का नाम शामिल किया गया था। जब इसके बारे में संबंधित सांसदों को जानकारी मिली, तो उन्होंने इस पर आपत्ति जतायी। इसके बाद राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। इस मामले में राघव चड्ढ़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती हैं।

अमित शाह ने की उपसभापति से जांच और उचित कार्रवाई की मांग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सदन में फर्जी हस्ताक्षर के मामले को उठाया। उन्होंने आम आदमी पार्टी और राघव चड्ढ़ा पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि ये गंभीर व्यवस्था का प्रश्न है। दो सदस्यों, बीजू जनता दल के सांसद सस्मिता पात्रा और बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राघव चड्ढ़ा की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। संसादों का कहना है कि उन्होंने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किया है। अब ये जांच का विषय है। केंद्रीय गृहमंत्री ने सवाल किया कि इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कैसे किए गए? और राघव चड्ढ़ा ने इस प्रस्ताव को आगे कैसे बढ़ाया? सांसदों का हस्ताक्षर किसने किया है? उन्होंने कहा कि ऐसे नहीं चलता है। मान्यवर ये मामला सिर्फ दिल्ली सरकार में ‘फर्जीपने’ का मामला नहीं है। ये सदन में ‘फर्जीपने’ का मामला है। गृहमंत्री ने कहा कि दोनों सांसदों का बयान दर्ज किया जाए और बाद में इसकी जांच की जाए कि ये कैसे हुआ ? गृहमंत्री ने इस मामले में उपसभापति से उचित कार्रवाई करने की मांग की।

सांसदों का सवाल- उनकी सहमति के बिना कैसे हुए प्रस्ताव पर हस्ताक्षर ?

फर्जी हस्ताक्षर मामले में अन्नाद्रमुक सांसद एम. थंबीदुरई ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा के सभापति को एक पत्र दिया है कि प्रस्ताव में उनका नाम कैसे शामिल किया गया। थंबीदुरई ने उनके जाली हस्ताक्षर किए जाने की आशंका जताई। कुछ ऐसा ही बीजू जनता दल के सांसद डॉ. सस्मिता पात्रा ने कहा कि राघव चड्ढ़ा की ओर से पेश किए गए एक प्रस्ताव में मेरे नाम का जिक्र किया गया था। मेरी सहमति के बिना मेरा नाम प्रस्ताव में नहीं डाला जा सकता। मुझे उम्मीद है कि सदन के सभापति कार्रवाई करेंगे। मैंने शिकायत दे दी है। जाहिर है यह विशेषाधिकार का मामला है। वाईएसआरसीपी सांसद विजय साई रेड्डी ने दावा किया कि उनकी पार्टी के एक सदस्य का नाम भी चड्ढा ने उनकी सहमति के बिना शामिल किया था। बीजेपी सांसद नरहरि अमीन ने कहा कि राघव चड्ढा ने मेरा नाम सेलेक्ट कमेटी में शामिल किया। उन्होंने मुझसे बात नहीं की, मैंने इसके लिए सहमति नहीं दी। उन्होंने गलत किया है। मैंने अपने हस्ताक्षर नहीं दिए हैं। अब राघव चड्ढ़ा को जवाब देना पड़ेगा।

खतरे में पड़ सकती है राघव चड्ढ़ा की संसद सदस्यता

सांसदों की सहमति के बिना उनका नाम शामिल किया गया, जो संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन है। इसके लिए सांसद विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव ला सकते हैं। यह संसद के किसी भी सदस्य द्वारा पेश किया जाता है। जब किसी सांसद को लगता है कि सदन में झूठे तथ्य पेश किए गए हैं, तो वह सदस्य सदन में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश कर सकता है। राघव चड्ढा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव सदन में आया तो उनकी संसद सदस्यता खतरे में पड़ सकती है। अगर जांच में दोषी पाए गए तो उनकी सांसदी को रद्द करने की सिफारिश विशेषाधिकार समिति कर सकती है।

यह पहला मौका नहीं है, जब केजरीवाल और उनकी पार्टी का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। इससे पहले केजरीवाल एंड कंपनी ने कब-कब फर्जीवाड़ा कर जनता को मूर्ख बनाने की कोशिश की है…

2005 से चालू बॉटलिंग प्लांट का फीता काटकर कर दिया उद्घाटन
केजरीवाल के करीबी और दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष रहते हुए दक्षिणी दिल्ली के सादिक नगर में मिनरल वाटर बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन कर दिया जबकि यह प्लांट 2002 से चालू है। टाइम्स आफ इंडिया ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के हवाले से 2002 में इस संबंध में खबर भी प्रकाशित की थी। हालांकि कोविड काल में यह प्लांट बंद हो गया था और लोगों का कहना है कि यह अभी भी बंद पड़ा है। लेकिन AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने इसका फीता काट कर उद्घाटन कर दिया और अखबारों व समाचार वेबसाइटों में प्रमुखता से यह खबर छाप भी दिया गया। आश्चर्य की बात यह है कि किसी भी मीडिया संस्थान ने इस समाचार का फैक्ट चेक करने की जरूरत नहीं समझी।

इस खबर के छपने के बाद दिल्ली के रहने वाले संजय मखीजा ने केजरीवाल सरकार की पोल खोलते हुए एक वीडियो जारी किया। जिसमें उन्होने बताया कि 2005 से यह प्लांट चालू है। कोविड काल में ये बंद हो गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह अभी भी बंद पड़ा है। लेकिन इसका फीता काट कर उद्घाटन कर दिया गया। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर लोग क्या कहा, आप भी देखिए-

केजरीवाल ने जन्म से पहले ही दिल्ली में स्कूल बनवा दिए

आम आदमी पार्टी के बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने हाल ही में एक ट्वीट किया- अरविंद केजरीवाल द्वारा बनवाया गया दिल्ली का ये सरकारी स्कूल कहां है बताइये? इस ट्वीट में जो फोटो लगाई गई है वह रात का है और रात में बच्चे बस्ता लिए हुए दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं रात में कौन सा स्कूल खुलता है। ये फोटोग्राफी के जरिये चेहरा चमकाने की कोशिश है। इसके साथ ही लोगों ने यह भी कहा कि ये स्कूल तो 1950 से है फिर केजरीवाल ने कैसे बनवा दिया। केजरीवाल का जन्म तो 1968 में हुआ। भ्रष्टाचार और घोटालों में फंस चुके केजरीवाल और उनके साथियों को समझ नहीं आ रहा है कि जनता का ध्यान घोटालों से कैसे हटाया जाए। यही कारण है कि वे कब क्या बोलते हैं उन्हें भी पता नहीं होता।

केजरीवाल ने कहा- सिसोदिया को छोड़कर एक भी शिक्षामंत्री नहीं जो सुबह 6 बजे स्कूलों का दौरा करता हो

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी की पूरी राजनीति ही झूठे वादे पर टिकी हुई है। गुजरात के भावनगर में कुछ दिनों पहले केजरीवाल ने कहा, ”आज मैं अपने साथ देश ही नहीं दुनिया के सबसे अच्छे शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया को लेकर आया हूं। इन्हें(BJP) लगता है दुनिया में सबकुछ बिकता है। 75 साल के इतिहास में एक भी शिक्षामंत्री का नाम मुझे बता दे कोई जो सुबह 6 बजे स्कूलों को दौरा करता हो?” केजरीवाल के यह कहते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी खिंचाई शुरू कर दी थी और सवाल किया था कि सुबह 6 बजे कौन सा स्कूल खुलता है।

पंजाब चुनाव से पहले कहा- 24 घंटे पानी का इंतजाम करेंगे, चुनाव बाद कहा- यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी

झूठ बोलने और यूटर्न में रिकार्ड बनाने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब चुनाव से पहले कहा था पंजाब के कई जिलों में पानी की किल्लत है। हम सत्ता में आएंगे तो 24 घंटे पानी का इंतजाम करेंगे। लेकिन अब चुनाव के बाद कह रहे हैं पानी की समस्या दूर करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। AAP के राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता ने SYL का पानी हरियाणा लाने का वादा किया है। वहीं पंजाब में AAP की सरकार है तो इस तरह देखा जाए तो SYL का पानी हरियाणा लाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए लेकिन पंजाब का स्टैंड रहा है कि SYL नहीं बनने देंगे। यहीं पेंच फंस गया है। सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर के मुद्दे पर बुरी तरह घिर चुकी आम आदमी पार्टी के मुखिया केजरीवाल ने अब पीएम मोदी से मांग की कि वह इसका समाधान करें।

आदिवासियों का काम करने के लिए भेजो खराब ऑफिसर: AAP सांसद राघव चड्ढा

अरविन्द केजरीवाल ने सियासत(राजनीति नहीं) में आने पर कहा था कि "हम राजनीति बदलने आये हैं", जो फ्री के लॉलीपॉप देकर सत्ता हथियाने में सफल जरूर हो गए, लेकिन ओछी मानसिकता की बुनियाद पर बनी आम आदमी पार्टी की समय-समय पर सामने आती रही है, जिसे खुले दिमाग से जनता को समझना होगा। जिसका कोई न कोई नेता राशन कार्ड(यौन शोषण), हवाला, हिन्दू विरोधी दंगों आदि आरोपों में लिप्त नज़र आ रहा है, परन्तु केजरीवाल उन पर कोई कार्यवाही करने का साहस नहीं कर पा रहे, हाँ अगर वही काम भाजपा शासित राज्य में होने पर सड़क पर उतर उस राज्य में पिकनिक मनाने पहुँच जाते हैं। 
अब इसी पार्टी आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का जनजातीय समाज के प्रति घटिया सोच सामने आई है। दरअसल राघव चड्ढा का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह आदिवासी जनजाति के लिए अपमान भरे लहजे का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसमें वह कह रहे हैं कि घटिया अफसरों को आदिवासी मंत्रालय भेजा जाए।

भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने इसका वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “यह देखिए आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की जनजातीय समाज के खिलाफ ओछी मानसिकता।”

इस वीडियो में राघव चड्ढा कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, “आप किसी बाबू (अधिकारी) को नौकरी से तो निकाल नहीं सकते। ट्रांसफर-पोस्टिंग ही कर सकते हो। अगर कोई बहुत अच्छा काम कर रहा है तो उसे अच्छा विभाग दो… जैसे कि उसे स्वास्थ्य सचिव बनाओ, गृह सचिव बनाओ और जो खराब काम कर रहा है उसे भेजो जनजातीय विभाग में। ये पनिशमेंट पोस्टिंग है उसका। उसे या तो बागवानी या फिर पशुपालन विभाग में भेजो।”

इस पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दी हैं। राघव चड्ढा के इस बयान पर लोग आपत्ति जता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “आप आदिवासी को हीन भावना से क्यों देखते हो अरविंद केजरीवाल जी..!! आप उनसे नफरत क्यों करते हो..?? क्या बिगाड़ा है इन निर्दोष जनजातियों ने आपका।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “उनका बयान आदिवासी विभाग का अपमान है, जो कि बेहद महत्वपूर्ण विभाग है। उन्हें अपनी टिप्पणी के लिए माफी माँगनी चाहिए।”

एक यूजर ने इस पर हैरानी जताई कि आखिर राघव चड्ढा इस तरह से कैसे बोल सकते हैं।

AAP की प्रेस कॉन्फ्रेंस और ‘राघव चड्ढा चोर है’

पिछले दिनों पंजाब चुनाव से पहले AAP नेता टिकट बँटवारे को लेकर आपस में भिड़ गए थे। इस दौरान खूब लात-घूँसे चले थे। आम आदमी पार्टी में इस अंदरूनी बवाल से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किए गए थे। वायरल हो रहे वीडियो में पार्टी के नेताओं को जालंधर प्रेस क्लब में एक-दूसरे को धक्का देते और मारपीट करते देखा गया था।
दरअसल प्रेस क्लब में राघव चड्ढा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कॉन्ग्रेस के पूर्व पार्षद दिनेश ढल को पार्टी में शामिल करवाया जाना था, लेकिन टिकट बँटवारे को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान पंजाब के सह-प्रभारी के खिलाफ ‘राघव चड्ढा चोर है’ के नारे लगाए गए। बात यहीं तक रहती तो गनीमत होती, लेकिन मामला इतना बढ़ गया कि लोगों के बीच जमकर मारपीट भी हो गई। टिकट बँटवारे को लेकर करीब 45-50 मिनट हुए बवाल के बाद राघव चड्ढा को पिछले दरवाजे से बाहर भागना पड़ा था।

‘AAP सत्ता में आती है तो खालिस्तान के समर्थन में पंजाब विधानसभा में पारित करेंगे प्रस्ताव’: केजरीवाल के खास राघव चड्ढा का वादा

              राघव चड्ढा पर एसएफजे को पैसे और जनमत संग्रह की पेशकश का दावा (साभार: बिजनेस स्टैंडर्ड)
पंजाब विधानसभा चुनाव-2022 में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) की ऐतिहासिक जीत के अभी 24 घंटे भी नहीं बीते कि अब प्रतिबंधित चरमपंथी खालिस्तानी आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने राघव चड्ढा को लेकर सनसनीखेज दावा किया है। एक लेटर जारी कर आम आदमी पार्टी ने पंजाब में जीत हासिल करने के लिए खालिस्तान समर्थक वोटों और खालिस्तान समर्थक फंड का इस्तेमाल किया था। एसएफजे के मुताबिक, इन फंड्स में खालिस्तान का समर्थन करने वाले लोगों से की गई विदेशी फंडिंग भी शामिल है।
                                                            एसएफजे के द्वारा जारी किया गया पत्र

एसएफजे द्वारा जारी पत्र में एक बड़ा दावा किया गया है। आतंकी संगठन के पत्र में ये आरोप लगाए गए हैं कि 17 फरवरी 2022 को AAP ने उसके नाम से एक फर्जी पत्र जारी कर दावा किया था कि सिफ फॉर जस्टिस पंजाब के विधानसभा चुनाव में AAP का समर्थन कर रहा है। बता दें कि बाद में एक वीडियो जारी कर एसएफजे के प्रमुख गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने आप के इस दावे को खारिज किया था।

अपने लेटेस्ट पत्र में खालिस्तानी संगठन ने द्वावा किया है कि 18 फरवरी को जब उसने इस फर्जी लेटर का खंडन किया था, तो उसके बाद आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा के रूप में पहचाने जाने वाले एक व्यक्ति ने एसएफजे को फोन कर उससे फर्जी पत्र की जिम्मेदारी लेने को कहा था। इसके अलावा राघव चड्ढा के तौर पर पहचाने गए व्यक्ति ने इसके लिए न केवल पैसे देने की बात की, बल्कि उसने ये भी वादा किया था कि अगर आम आदमी पार्टी सत्ता में आती है तो वे खालिस्तान जनमत संग्रह के समर्थन में पंजाब विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित करेंगे।

अवलोकन करें:-

‘AAP ने लिया है खालिस्तानी फण्ड और वोट, अब खालिस्तान बनाने में दो साथ’: SFJ के पन्नू की भगवंत मान को च
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SFJ के पन्नू (बाएं) ने पंजाब विधानसभा चुनाव में आ

सिख फॉर जस्टिस प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन है, जो कि हमेशा भारत को तोड़ने वाली गतिविधियों में संलिप्त पाया गया है। इस संगठन का कर्ता-धर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नू है। इसे भारत में खालिस्तानी अलगाववादी कार्यों के कारण बैन किया गया है। इसका एकमात्र लक्ष्य पंजाब में ‘खालिस्तान जनमत संग्रह’ करवाकर पंजाब को भारत से अलग करने का है।

केजरीवाल को खालिस्तान समर्थक बताने पर राघव चड्ढा ने दी मीडिया को धमकी, क्यों?

कुमार विश्वास द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल पर अलगाववादी खालिस्तान का समर्थन करने का आरोप लगाए जाने के बाद पार्टी अब मीडिया को भी धमकाने लगी है। आप नेता राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने धमकी दी है कि अगर कोई कुमार विश्वास के बयानों को छापता है या दिखाता है तो AAP उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगी। इतना ही नहीं चड्ढा ने दावा किया है कि इस तरह के बयान अरविंद केजरीवाल को बदनाम करने के लिए दिए गए हैं।

उन्होंने इस मुद्दे पर ट्वीट किया, “कुमार विश्वास फर्जी और मनगढ़ंत वीडियो के जरिए अरविंद केजरीवाल को बदनाम करने और उनका मजाक उड़ाने के लिए उक्त वीडियो प्रसारित/प्रकाशित कर रहे हैं।” आप नेता ने कहा कि कुमार विश्वास ने जो भी बयान दिए हैं वो सभी दुर्भावनापूर्ण, निराधार, मनगढ़ंत और भड़काऊ हैं। चड्ढा का कहना है कि विश्वास के बयान न केवल मानहानि वाले हैं, बल्कि इससे समाज में और विशेष रूप से आप के साथ-साथ समर्थकों में अशांति पैदा हो सकती है।

राघव ने मीडिया को धमकाते हुए ट्वीट किया, “अगर कोई चैनल इसे प्रकाशित/प्रसारित करता है या उसे प्रसारित करने के लिए मंच प्रदान करता है तो हमें कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया जाएगा, जिसमें उसे उकसाने/सहायता करने के अपराध शामिल होंगे।”

अब चर्चा यह हो रही है कि मीडिया को धमकाने की बजाए कुमार विश्वास पर क्यों नहीं केस किया जाता? कुमार पर केस करने से क्या आम आदमी पार्टी को काले चिट्ठे खुलने का डर है? खंडन करने की बजाए मीडिया को क्यों धमकाया जा रहा है? चांदनी चौक से आप विधायिका रही अलका लाम्बा ने भी काले चिट्ठे(एक ट्वीट में देखा जा सकता है) को खोला है। ट्विटर पर जो खालिस्तान संबंधों की बात हो रही है तो क्या अब ट्विटर पर भी कोई कानूनी कार्यवाही की जाएगी?

क्या है पूरा मामला

विश्वास ने अरविंद केजरीवाल पर खालिस्तान अलगावादियों के सम​र्थन का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि एक बार केजरीवाल ने उनसे कहा था कि या तो वे पंजाब के मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर स्वतंत्र देश (खालिस्तान) के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे।
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में विश्वास ने खुलासा किया कि केजरीवाल ने उनसे कहा था, “उसने (केजरीवाल ने) मुझसे ऐसी भयानक बातें बोली हैं जो पंजाब में सभी को पता है। एक दिन जब मैंने उससे 2020 के जनमत संग्रह के बारे में बात की तो वो कहता है कि तू चिंता मत कर एक दिन मैं या तो स्वतंत्र सूबे का मुख्यमंत्री बनूँगा या फिर स्वतंत्र राष्ट्र (खालिस्तान) का पहला प्रधानमंत्री बनूँगा। जब मैंने बताया कि इस रेफरेंडम को आईएसआई से लेकर दुनिया भर के अलगाववादी तत्व फंडिंग कर रहे हैं तो उन्होंने मुझे चिंता नहीं करने को कहा।”
कुमार विश्वास ने आगे कहा, “ऐसे में एक ऐसा आदमी जिसे पिछले चुनाव में मैने ये सुझाव दिया था कि अलगाववादी तत्वों का समर्थन न लें, जो कि पिछले चुनाव में अलगाववादियों से मिला हुआ था। लेकिन, उसने कहा था कि नहीं-नहीं हो जाएगा चिंता मत करो। जब मैंने उससे पूछा कि वो कैसे करेगा तो उसने इसका फार्मूला भी बताया था कि भगवंत मान और फुलका को लड़वा दूँगा। आज भी वो उसी रास्ते में है। नहीं भी होगा तो सरकार को कंट्रोल करने के लिए कोई न कोई कठपुतली बैठा लेगा।”