ऑल्ट न्यूज़ का सह संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर
फैक्टचेक के नाम पर प्रोपेगेंडा वेबसाइट चला रहे ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दर्जनों ट्वीट को डिलीट कर दिया। जुबैर ने अपने हैंडल पर ये बदलाव ठीक उसी समय किया जब उनके हिंदूफोबिक ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
जुबैर की ट्विटर एक्टिविटी के बारे में द हॉक आई ने ट्वीट करके जानकारी दी। अपने ट्वीट में द हॉक आई ने दिखाया कि कैसे दिन में औसतन 44 ट्वीट करने वाले जुबैर का ट्वीट का आँकड़ा -2 पर आ गया है। ट्वीट में दिख रहे ग्राफ से पता चलता है कि 20 जून को जुबैर ने अपने अकॉउंट से 28 ट्वीट को डिलीट किया।
Since the H!nduphobic posts expose on 13-14Jun midnight, & confessed by related FB page deletion, Md Zubair's extra-noisy twitter activity slashed from an average of 44 tweets per day to -2 tweets per day.
— The Hawk Eye (@thehawkeyex) June 20, 2022
He deleted 28 tweets today (20-Jun). pic.twitter.com/X9Mel1CAR6
Saaf safai before the authorities come knocking.
— Akshay Mulkutkar 🇮🇳 (@eeksentrik) June 21, 2022
जब ऑपइंडिया ने इस दावे को क्रॉस चेक किया तो पाया कि वाकई जुबैर के अकॉउंट से 28 ट्वीट गायब थे। आगे की पड़ताल में हमने पाया कि कुछ नेटीजन्स के पास जुबैर के पुराने ट्वीट मौजूद थे जिन्हें वो अपने ट्विटर से डिलीट कर चुका है। जाहिर है ये सारे ट्वीट हिंदूघृणा में सने थे।
अब ये तो स्पष्ट नहीं है कि वो सारे ट्वीट कौन-कौन से थे जिन्हें जुबैर ने 20 जून को हटाया। लेकिन हमें एक जो ट्वीट मिला उसमें वो फर्जी फेसबुक पेज बनाकर मोदी समर्थकों पर निशाना साधने को जस्टिफाई करता दिख रहा है। नीचे उस पोस्ट का स्क्रीनशॉट है।
13-14 जून को कई नेटीजन्स ने जुबैर के कुछ पोस्ट देखकर उसके ऊपर हिंदू देवी-देवताओं को निशाना बनाने का इल्जाम लगाया था। लगातार अपने पुराने पोस्ट के कारण ट्रोल होने पर जुबैर ने अपना फेसबुक तक डिलीट कर दिया था। उसके पुराने पोस्ट में भगवान श्रीराम से लेकर शिवलिंग तक का मजाक उड़ाया गया था।
Its easy to make fun of other’s god, religion, culture & scriptures, because there is no consequences.
— The Hawk Eye (@thehawkeyex) June 13, 2022
Ironically its coming from same person who triggered an event that took entire nation on ransom, and the violent mayhem is still on..
Ever tried this for own …?👇🏼 pic.twitter.com/dV7dDWTSAR
10/
— The Hawk Eye (@thehawkeyex) June 13, 2022
While making above compilation of such posts, no handle names were checked which religion he/she belongs to! Bcoz that wasn’t even purpose. Whosoever has done it, its wrong, irrespective of their identity & religion. Its never X vs Y religion. Its sensible vs insensitive ppl.
15/
— The Hawk Eye (@thehawkeyex) June 13, 2022
Arre! Did Alt News co-fo Md Zubair delete or change the visibility setting of FB fun page? Was there something offensive? Or probably will change the visibility again after scanning and deleting the required stuff. 🤡 pic.twitter.com/UCGrcatnNl
@Uppolice Please take action against @zoo_bear .
— Mastana (@HarishK04131926) June 14, 2022
He is disturbing nation.
अगर ये खाड़ी देशों में होते तो हर शहर में 1000 कोड़े लगते ,लेकिन भारत में सब माफ है ।https://t.co/7Fsg74aiBE
Adding this too https://t.co/GCT8IjyJic
— ExpIicitly.NationaIist🇮🇳 (@India_Surge01) June 14, 2022
19/
— The Hawk Eye (@thehawkeyex) June 14, 2022
This mocktail of hate & "fun" is only monetized in donation drives. If you are mixing events to draw one conclusion only to disrespect a religion, you are morally despicable. pic.twitter.com/NJh0urMXiA
जुबैर के फेसबुक डिलीट की सूचना भी पहले द हॉक आई ने दी थी। उन्होंने जुबैर के कई पोस्ट के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा था, “दूसरों के भगवान, धर्म, संस्कृति और शास्त्रों का मजाक बनाना आसान है, क्योंकि इसका कोई अंजाम देखने को नहीं मिलता है। विडंबना यह है कि यह ट्वीट उसी शख्स ने किया, जिसने एक ऐसी घटना को अंजाम दिया जिसने पूरे देश को अशांत कर दिया और हिंसक तबाही अभी भी जारी है।”
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