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‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद The Hindu ने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को बढ़ाया आगे

               The Hindu ने इसी तस्वीर के आधार पर फेक न्यूज चलाई (फोटो साभार: Greater Kashmir)
अंग्रेजी समाचार संस्थान The Hindu ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारतीय वायु सेना को लेकर एक फर्जी खबर चलाई है। झूठा साबित होने पर उसने इससे सम्बन्धित पोस्ट डिलीट कर दिया। कुछ देर बाद उसे सफाई भी जारी करनी पड़ी। लेकिन इस बीच उसने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को खूब हवा दी है।

भारत ने 6-7 मई, 2025 की दरम्यानी रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के भीतर 9 आतंकी कैम्प पर हमला किया। भारत ने इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मुहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी कैम्पों को निशाना बनाया।

तगड़ी मार खाने के बाद पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा करने लगे। किसी पाकिस्तानी ने दावा किया कि उनके मुल्क ने भारत के 6 लड़ाकू विमान मार गिराए तो किसी पत्रकार ने यह संख्या 3 बताई। इसी पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा में 7 मई, 2025 की सुबह The Hindu भी शामिल हो गया।

The Hindu ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट की। इसमें उसने लिखा, “एक सरकारी कर्मचारी ने यह जानकारी दी है कि जम्मू-कश्मीर के अखनूर, रामबन और पंपोर इलाकों में कम से कम 3 भारतीय विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं।” The Hindu ने बताया कि यह रिपोर्ट उसके लिए डिप्टी एडिटर विजयता सिंह ने लिखी है।

                                           The Hindu ने यह पोस्ट डिलीट कर दी

इसमें उसने एक जगह के 4 फोटो भी लगाए जिसमें कुछ मलबा दिखाई पड़ता है। यह फोटो असल में पुलवामा के वुयान गाँव की थी। The Hindu ने इस मलबे को भारतीय वायुसेना के गिरे हुए विमान बताने का दावा किया। हालाँकि, पोस्ट के तुरंत बाद ही लोग The Hindu की सच्चाई बताने लगे।

The Hindu के दावे के उलट रक्षा विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि यह कोई गिरा हुआ विमान नहीं बल्कि लड़ाकू विमान में अतिरिक्त ईंधन के लिए लगाए जाने वाले टैंक हैं। उन्होंने बताया कि जिसे The Hindu एयरक्राफ्ट का मलबा बताने का दावा कर रहा है वह संभवतः एयरक्राफ्ट द्वारा गिराया है ताकि उसकी गति बढ़ जाए।

स्पष्ट किया गया कि किसी विमान का अपने ईंधन टैंक गिराना वायुसेना के भीतर एक सामान्य प्रक्रिया है। फजीहत होने के बाद चुपके से The Hindu ने यह ट्वीट डिलीट कर दिया। लेकिन इसके बाद भी उसे लोगों ने लताड़ना बंद नहीं किया। The Hindu ने खबर डिलीट करने के बाद भी अपनी ढिठाई नहीं छोड़ी। उसने ना ही कोई माफी माँगी और ना ही स्पष्ट बात की।

The Hindu ने लिखा, “हमने ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय विमानों के बारे में एक पुरानी पोस्ट हटा दी है। भारत की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए हमने अपने प्लेटफॉर्म से उस पोस्ट को हटाने का फैसला किया है। हमें खेद है कि इसने हमारे पाठकों के बीच भ्रम पैदा किया।”

The Hindu भले ही पोस्ट हटा कर गड़बड़ी की बात मान ली हो लेकिन उसने अपने एक ट्वीट से पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा का बढ़ाया। उसके इस ट्वीट के आधार पाकिस्तानियों ने भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा किया। The Hindu ने यह खबर बिना वायुसेना से कोई भी आधिकारिक जानकारी लिए और बिना किसी सत्यापन के ही बना दी थी।

पाकिस्तानी ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही कहीं भारतीय विमान गिराने का तो कहीं भारतीय पायलट पकड़ने की फर्जी बातें चला रहे हैं। भारत के बड़े मीडिया संस्थान होने के बाद भी The Hindu ने अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी और इसी प्रोपेगेंडा विंग का हिस्सा हो गया।

Alt News वाले मोहम्मद जुबैर ने 1 दिन में डिलीट किए हिंदू घृणा वाले 28 ट्वीट, फेसबुक के बाद ट्विटर पर भी वायरल हो रहे थे

                                                      ऑल्ट न्यूज़ का सह संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर
फैक्टचेक के नाम पर प्रोपेगेंडा वेबसाइट चला रहे ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दर्जनों ट्वीट को डिलीट कर दिया। जुबैर ने अपने हैंडल पर ये बदलाव ठीक उसी समय किया जब उनके हिंदूफोबिक ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हैं। 
हिन्दू घृणा पर जितने ट्वीट और पोस्ट इस ज़ुबैर की यदि एक प्रतिशत किसी हिन्दू ने इस्लाम के विरुद्ध डाल दिया होता, कट्टरपंथियों से लेकर सरकार और पुलिस हरकत में आ गयी होती, लेकिन ज़ुबैर पर सब खामोश है, क्यों? हिन्दू घृणा फ़ैलाने के लिए कहाँ से इसको फंडिंग हो रही थी, जाँच जरुरी है। 

जुबैर की ट्विटर एक्टिविटी के बारे में द हॉक आई ने ट्वीट करके जानकारी दी। अपने ट्वीट में द हॉक आई ने दिखाया कि कैसे दिन में औसतन 44 ट्वीट करने वाले जुबैर का ट्वीट का आँकड़ा -2 पर आ गया है। ट्वीट में दिख रहे ग्राफ से पता चलता है कि 20 जून को जुबैर ने अपने अकॉउंट से 28 ट्वीट को डिलीट किया।

जब ऑपइंडिया ने इस दावे को क्रॉस चेक किया तो पाया कि वाकई जुबैर के अकॉउंट से 28 ट्वीट गायब थे। आगे की पड़ताल में हमने पाया कि कुछ नेटीजन्स के पास जुबैर के पुराने ट्वीट मौजूद थे जिन्हें वो अपने ट्विटर से डिलीट कर चुका है। जाहिर है ये सारे ट्वीट हिंदूघृणा में सने थे।

अब ये तो स्पष्ट नहीं है कि वो सारे ट्वीट कौन-कौन से थे जिन्हें जुबैर ने 20 जून को हटाया। लेकिन हमें एक जो ट्वीट मिला उसमें वो फर्जी फेसबुक पेज बनाकर मोदी समर्थकों पर निशाना साधने को जस्टिफाई करता दिख रहा है। नीचे उस पोस्ट का स्क्रीनशॉट है।

13-14 जून को कई नेटीजन्स ने जुबैर के कुछ पोस्ट देखकर उसके ऊपर हिंदू देवी-देवताओं को निशाना बनाने का इल्जाम लगाया था। लगातार अपने पुराने पोस्ट के कारण ट्रोल होने पर जुबैर ने अपना फेसबुक तक डिलीट कर दिया था। उसके पुराने पोस्ट में  भगवान श्रीराम से लेकर शिवलिंग तक का मजाक उड़ाया गया था।

जुबैर के फेसबुक डिलीट की सूचना भी पहले द हॉक आई ने दी थी। उन्होंने जुबैर के कई पोस्ट के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा था, “दूसरों के भगवान, धर्म, संस्कृति और शास्त्रों का मजाक बनाना आसान है, क्योंकि इसका कोई अंजाम देखने को नहीं मिलता है। विडंबना यह है कि यह ट्वीट उसी शख्स ने किया, जिसने एक ऐसी घटना को अंजाम दिया जिसने पूरे देश को अशांत कर दिया और हिंसक तबाही अभी भी जारी है।”