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Alt News वाले मोहम्मद जुबैर ने 1 दिन में डिलीट किए हिंदू घृणा वाले 28 ट्वीट, फेसबुक के बाद ट्विटर पर भी वायरल हो रहे थे

                                                      ऑल्ट न्यूज़ का सह संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर
फैक्टचेक के नाम पर प्रोपेगेंडा वेबसाइट चला रहे ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दर्जनों ट्वीट को डिलीट कर दिया। जुबैर ने अपने हैंडल पर ये बदलाव ठीक उसी समय किया जब उनके हिंदूफोबिक ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हैं। 
हिन्दू घृणा पर जितने ट्वीट और पोस्ट इस ज़ुबैर की यदि एक प्रतिशत किसी हिन्दू ने इस्लाम के विरुद्ध डाल दिया होता, कट्टरपंथियों से लेकर सरकार और पुलिस हरकत में आ गयी होती, लेकिन ज़ुबैर पर सब खामोश है, क्यों? हिन्दू घृणा फ़ैलाने के लिए कहाँ से इसको फंडिंग हो रही थी, जाँच जरुरी है। 

जुबैर की ट्विटर एक्टिविटी के बारे में द हॉक आई ने ट्वीट करके जानकारी दी। अपने ट्वीट में द हॉक आई ने दिखाया कि कैसे दिन में औसतन 44 ट्वीट करने वाले जुबैर का ट्वीट का आँकड़ा -2 पर आ गया है। ट्वीट में दिख रहे ग्राफ से पता चलता है कि 20 जून को जुबैर ने अपने अकॉउंट से 28 ट्वीट को डिलीट किया।

जब ऑपइंडिया ने इस दावे को क्रॉस चेक किया तो पाया कि वाकई जुबैर के अकॉउंट से 28 ट्वीट गायब थे। आगे की पड़ताल में हमने पाया कि कुछ नेटीजन्स के पास जुबैर के पुराने ट्वीट मौजूद थे जिन्हें वो अपने ट्विटर से डिलीट कर चुका है। जाहिर है ये सारे ट्वीट हिंदूघृणा में सने थे।

अब ये तो स्पष्ट नहीं है कि वो सारे ट्वीट कौन-कौन से थे जिन्हें जुबैर ने 20 जून को हटाया। लेकिन हमें एक जो ट्वीट मिला उसमें वो फर्जी फेसबुक पेज बनाकर मोदी समर्थकों पर निशाना साधने को जस्टिफाई करता दिख रहा है। नीचे उस पोस्ट का स्क्रीनशॉट है।

13-14 जून को कई नेटीजन्स ने जुबैर के कुछ पोस्ट देखकर उसके ऊपर हिंदू देवी-देवताओं को निशाना बनाने का इल्जाम लगाया था। लगातार अपने पुराने पोस्ट के कारण ट्रोल होने पर जुबैर ने अपना फेसबुक तक डिलीट कर दिया था। उसके पुराने पोस्ट में  भगवान श्रीराम से लेकर शिवलिंग तक का मजाक उड़ाया गया था।

जुबैर के फेसबुक डिलीट की सूचना भी पहले द हॉक आई ने दी थी। उन्होंने जुबैर के कई पोस्ट के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा था, “दूसरों के भगवान, धर्म, संस्कृति और शास्त्रों का मजाक बनाना आसान है, क्योंकि इसका कोई अंजाम देखने को नहीं मिलता है। विडंबना यह है कि यह ट्वीट उसी शख्स ने किया, जिसने एक ऐसी घटना को अंजाम दिया जिसने पूरे देश को अशांत कर दिया और हिंसक तबाही अभी भी जारी है।”