आरबी श्रीकुमार, तीस्ता सीतलवाड़ और संजीव भट्ट के विरुद्ध गुजरात ATS ने दर्ज किया केस
गुजरात पुलिस ने रिटायर्ड IPS आरबी श्रीकुमार, संजीव भट्ट और NGO संचालक तीस्ता सीतलवाड़ के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्राइम ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर ने ये मामला दर्ज कराया है। मुंबई के जुहू तारा रोड स्थित निरन्त में रहने वाली तीस्ता सीतलवाड़, गाँधीनगर के सेक्टर-8 स्थित श्री लक्ष्मीदीपम में रहने वाले आरबी श्रीकुमार और अहमदाबाद के सुशील नगर सोसाइटी में रहने वाले संजीव भट्ट का नाम इस FIR में है।
Disgraced and jailed IPS officer Sanjiv Bhatt set up an e-mail group where 'strategies' to falsify 2002 information and implicate the then Gujarat CM were discussed. Group included Congress leaders, bogus activists and certain TV anchors. In one mail he asked for a Blackberry.
— Kanchan Gupta 🇮🇳 (@KanchanGupta) June 25, 2022
गृहमंत्री @AmitShah ने गुजरात दंगों में जिस लुटियन मीडिया के गिरोह की साज़िश का ज़िक्र किया है, उसके बारे में मैंने भी अपने अनुभव बताये थे। कैसे इन्होंने गोधरा के दर्दनाक सच को छुपा कर बाकी के गुजरात दंगों का झूठ परोसा था। #GujaratRiots @BJP4India #AmitShah pic.twitter.com/NLS2XJof6s
— Prakhar Shrivastava (@Prakharshri78) June 25, 2022
If Modi has got a clean chit. Shouldn't Rana Ayub will behind the bars for spreading misinformation??
— Crish Bhatia 🇮🇳 (@BhatiaCrish) June 25, 2022
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इन लोगों ने खुलासे की एक बृहद जाँच के बाद SIT ने पोल खोल दी। गुजरात दंगों में मारे गए सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जाकिया जाफरी को चेहरा बना कर एक पूरा का पूरा गिरोह पिछले 2 दशक से इस मामले को हवा देने में लगा हुआ था। मुद्दे को गर्म रखने के लिए इन लोगों ने जानबूझ कर कुटिल चाल चली, जिससे इनकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं – ऐसा कहते हुए सर्वोच्च न्यायलय ने ऐसा करने वाले लोगों को जाँच के बाद न्याय के दायरे में लाने की सलाह दी।
सुप्रीम कोर्ट की सलाह के बाद गुजरात ATS ने दर्ज किया मामलागुजरात दंगों को लेकर अफवाह फैलाने और झूठे खुलासे करने वाले इन तीनों के खिलाफ IPC की धारा-478, 471 (लोगों को भड़काने के लिए इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों का कपटपूर्ण इस्तेमाल), 194 (किसी को दोषी साबित करने के लिए झूठे साक्ष्य गढ़ना), 211 (किसी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान पहुँचाने की मंशा से झूठे आरोप लगाना), 218 (लोक सेवकों द्वारा रिकार्ड्स को गलत तरीके से फ्रेम करना) और 120B के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अवलोकन करें:-
तीस्ता सीतलवाड़ और आरबी श्रीकुमार को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। गुजरात पुलिस ने FIR में घटनाक्रम का विवरण देते हुए बताया है कि दंगों में कैसे पुलिस ने कानून सम्मत कार्रवाई और जाँच की। तीस्ता सीतलवाड़ को अब मुंबई से अहमदाबाद ले जाया जाएगा। सांताक्रुज पुलिस थाने में इसके लिए ज़रूरी प्रक्रिया पूरी की गई। तीस्ता सीतलवाड़ खुद के सामाजिक कार्यकर्ता होने का दावा करती हैं।




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