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प्रोपेगेंडा और फेक न्यूज की फैक्ट्री बीबीसी, विवादित डॉक्यूमेंट्री को लेकर ब्रिटेन में जबरदस्त विरोध; घट रहा तेजी से सब्सक्रिप्शन

BBC द्वारा निर्मित विवादित फिल्म का भारत में कांग्रेस, वामपंथियों और अन्य विरोधियों द्वारा समर्थन किये जाने पर अब एक ज्वलंत प्रश्न पर भी चर्चा होनी शुरू हो गयी है कि 1. मोदी विरोधी सिर्फ गुजरात दंगे 2002 के ही पीछे क्यों पड़े हैं, जबकि मोदी के मुख्यमंत्री बनने से पूर्व इतने अधिक दंगे हुए हैं, उन पर क्यों नहीं बनाई फिल्म? 2. उत्तर प्रदेश के मलियाना और मुज़फ्फरनगर में हुए दंगों पर फिल्म कब? 3. कश्मीर में हुए कश्मीरी पंडितों की हत्या और उनकी महिलाओं के हुए बलात्कार पर कब फिल्म क्यों नहीं बनी? 4. कश्मीर में मस्जिदों से हिन्दुओं के विरुद्ध हो रहे एलानों पर क्यों नहीं बनाई फिल्म? 5. जगह-जगह हिन्दुओं की हो रही मॉब लिंचिंग पर क्यों नहीं बनाई फिल्म? आदि बहुत लम्बी सूची है, जो स्पष्ट सिद्ध करता है कि यह मोदी विरोध नहीं बल्कि सच्चाई यह है कि सनातन धर्म विरोधी है। 

ब्रिटेन की मीडिया कंपनी बीबीसी की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ विवादित डॉक्यूमेंट्री को लेकर भारत सहित पूरी दुनिया में बवाल मचा हुआ है। प्रोपेगेंडा के लिए तैयार की गई इस डॉक्यूमेंट्री का ना सिर्फ भारत में विरोध हो रहा है, बल्कि ब्रिटेन में इसके खिलाफ आवाज उठने लगी है। इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। लोग इसे बड़ी साजिश का हिस्सा बता रहे हैं। साथ ही बीबीसी के प्रोपेगेंडा और फेक न्यूज पर सवाल उठा रहे हैं।

बीबीसी के खिलाफ ऑनलाइन याचिकाएं, सब्सक्रिप्शन हो रहे कैंसिल

ब्रिटेन में रहने वाले अप्रवासी भारतीयों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग खुलकर अब बीबीसी का विरोध कर रहे हैं। बड़ी संख्या में भारतीय लोगों ने ऑनलाइन याचिकाएं दायर की हैं। यहां तक कि ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के लोग अब बीबीसी के सब्सक्रिप्शन को भी कैंसिल करवा रहे हैं। ब्रिटिश संस्थानों ने बीबीसी के मैनेजमेंट और संपादक को पत्र लिखकर भी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि बीबीसी जानबूझकर भारत और ब्रिटेन को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। बीबीसी की सोच पक्षपातपूर्ण है।

बीबीसी के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन की चेतावनी

‘द रीच इंडिया’ ऑर्गेनाइजेशन की अध्यक्ष गायत्री ने 24 जनवरी को पीएम मोदी से जुड़ी इस डॉक्यूमेंट्री का दूसरा पार्ट रिलीज करने पर सड़क पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। गायत्री ने कहा कि बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेंट्री एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। इस समय हिंदू और भारत विरोधी ताकतें किसी न किसी तरह से ऋषि सुनक की सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री का ब्रिटेन की संसद में मुद्दा उठाने वाला पाकिस्तानी मूल का सांसद लेबर पार्टी से है। ऐसे में साफ है कि लेबर पार्टी और बीबीसी के इस डॉक्यूमेंट्री का निशाना भारतीय प्रधानमंत्री के साथ ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी हैं।

मोदी के खिलाफ बीबीसी का नया प्रोपेगैंडा

बीबीसी ने India: The Modi Question शीर्षक से दो पार्ट में एक नई सीरीज बनाई है। इस डॉक्यूमेंट्री को ब्रिटिश विदेश विभाग की अप्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित बताया गया है। ब्रिटिश विदेश विभाग की रिपोर्ट का दावा है कि नरेन्द्र मोदी साल 2002 में गुजरात में हिंसा का माहौल बनाने के लिए ‘प्रत्यक्ष रूप से ज़िम्मेदार’ थे। इस रिपोर्ट के बारे में बीबीसी ने ख़बर भी की थी। उसमें बताया गया कि कूटनयिकों की ये रिपोर्ट उस समय के ब्रिटिश विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ द्वारा ऑर्डर की गई जांच का हिस्सा थी। रिपोर्ट कहती है कि हिंसा का विस्तार, मीडिया में आई रिपोर्टों से कहीं अधिक था और दंगों का उद्देश्य हिंदू इलाक़ों से मुसलमानों को खदेड़ना था। जबकि भारत का सुप्रीम कोर्ट पहले ही प्रधानमंत्री मोदी को गुजरात हिंसा में किसी भी तरह की संलिप्तता से बरी कर चुका है। ऐसे में यह साफ हो जाता है कि उन्होंने एजेंडे के तहत यह डॉक्यूमेंट्री बनाई। भारत और ब्रिटेन में इस विवादित डॉक्यूमेंट्री का जमकर विरोध हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेंट्री का किस तरह विरोध हो रहा है और प्रधानमंत्री मोदी को समर्थन मिल रहा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता की गूंज विदेशों में भी सुनाई दे रही है। उनकी लोकप्रियता देश की सीमा को लांघ कर दूसरे देशों में भी पहुंच रही है। इसकी झलक ब्रिटिश संसद में देखने को मिली। बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेंट्री को लेकर ब्रिटिश सांसद में प्रधानमंत्री मोदी पर सवाल उठाने वाले को इसी संसद में करारा जवाब मिल गया। लॉर्ड करण बिलिमोरिया ने हाउस ऑफ लार्ड्स में प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पृथ्वी के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में एक हैं। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भी बताया।

ब्रिटिश संसद में पीएम मोदी के समर्थन में गूंजी आवाज

सांसद लॉर्ड करण बिलिमोरिया ने 19 जनवरी को हाउस ऑफ लार्ड्स में एक बहस के दौरान कहा, ”एक लड़के के रूप में, नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के एक रेलवे स्टेशन पर अपने पिता की चाय की दुकान पर चाय बेची। आज वह भारत के प्रधानमंत्री के रूप में इस धरती पर सबसे शक्तिशाली लोगों में से एक हैं। आज भारत के पास G20 की अध्यक्षता है। आज भारत के पास अगले 25 वर्षों में 32 बिलियन अमेरिकी डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का विजन है।”

लॉर्ड बिलिमोरिया ने एक्सप्रेस ट्रेन से की भारत की तुलना

लॉर्ड बिलिमोरिया ने भारत की अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि भारत अब यूके से आगे निकल गया है और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। इसके अलावा भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती एक बड़ी अर्थव्यवस्था भी है। उन्होंने कहा कि भारत हर पहलू में मजबूत होता जा रहा है। उन्होंने भारत की तुलना एक्सप्रेस ट्रेन से करते हुए कहा कि इंडियन एक्सप्रेस अब स्टेशन से निकल चुकी है। यह अब दुनिया की सबसे तेज ट्रेन है। सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। यूके को इसका सबसे करीबी मित्र और भागीदार होना चाहिए। बिलिमोरिया ने यूके-भारत मुक्त व्यापार समझौता का समर्थन किया। 

लॉर्ड रामी रेंजर ने विवादित डॉक्यूमेंट्री के खिलाफ लिखा पत्र

ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड के सदस्य लॉर्ड रामी रेंजर ने अपने ट्वीट में ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन को निशाने पर लिया। बीबीसी के समक्ष विरोध दर्ज कराते हुए रामी रेंजर ने शिकायत की कि डॉक्यूमेंट्री न केवल दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के दो बार लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री का अपमान करती है, बल्कि न्यायपालिका और संसद का भी अपमान करती है, जिसने नरेन्द्र मोदी की कड़ी जांच की और उन्हें बरी कर दिया। लॉर्ड रामी रेंजर ने अपने ट्वीट में लिखा कि “बीबीसी न्यूज, आपने भारत के करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत किया है और लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित भारत के प्रधानमंत्री, भारतीय पुलिस और भारतीय न्यायपालिका की भी बेइज्जती की है। हम दंगों और लोगों की मौत की निंदा करते हैं लेकिन हम आपकी पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग की भी निंदा करते हैं।”

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शेखर कपूर और कबीर बेदी ने BBC को बताया ‘गटर पत्रकारिता’

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शेखर कपूर और कबीर बेदी ने BBC को बताया ‘गटर पत्रकारिता’
साभार: India Taoday गुजरात दंगों पर आधारित बीबीसी की प्रोपेगं...

ब्रिटिश पीएम सुनक ने प्रधानमंत्री मोदी का किया समर्थन

इससे पहले ब्रिटिश संसद में पाकिस्तानी मूल के इमरान हुसैन ने बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेंट्री पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के विचार पूछे थे। इसके जवाब में सुनक ने कहा था कि वह ऐसे चरित्र चित्रण से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस पर यूके सरकार की स्थिति स्पष्ट और लंबे समय से चली आ रही है और बदली नहीं है। आगे सुनक ने कहा, ‘निश्चित रूप से हम उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करते हैं, चाहे यह कहीं भी हो, लेकिन मैं उस चरित्र-चित्रण से बिल्कुल सहमत नहीं हूं, जो नरेन्द्र मोदी को लेकर सामने रखा गया है।’

मोदी को अपशब्द बोलकर गुजरात में चुनाव जीतना संभव नहीं

जैसाकि सर्वविदित यह कि समय परिवर्तनशील है। वो समय गया जब शेख जी फाख्ता उड़ाते थे। मुख्यमंत्री से लेकर अब प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी को अगर मोदी को गाली देकर चुनाव जीतना आसान है, उनसे बड़ा मुर्ख अथवा पागल दुनियां के परदे पर नहीं मिलेगा। बन्दे ने केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि पुरे गुजरात के लिए काम किया। 

गोधरा दंगे पर आज भी मोदी को मुस्लिम कट्टरपंथियों के साथ-साथ सेक्युलरिस्ट्स अपमानित करते हैं, लेकिन उन दंगों ने मोदी के चरित्र को चमकाया है। चमकने का कारण है। ऐसा नहीं 2002 से पहले गुजरात में दंगे नहीं हुए, बहुत हुए, लेकिन यही एक ऐसा दंगा ऐसा था, जो गिनती के दिन चला और कसूरवार ही नपे, बेकसूर नहीं। अक्सर देश में हुए आतंकवादी हमलों में इस्लामिक आतंकवादियों को संरक्षण देने बेकसूर हिन्दू, साधु और साध्वियों को जेल में डाल "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" के नाम पर भारत ही नहीं विश्व को गुमराह किया जाता था। परन्तु गोधरा कांड में ऐसा नहीं हुआ, मोदी ने केवल दंगाइयों को ही पकड़ा, जिन्होंने साबरमती ट्रेन में 59 रामभक्तों को जिन्दा जलाया था, जिस कारण गुजरात में दंगे हुए। 
गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए अभी तारीख का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। गुजरात के सियासी रण में उतरी आम आदमी पार्टी के नेताओं ने बदजुबानी में सबको पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया ने तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधने में सरी हदें पर कर दीं। ऐसे में एबीपी न्यूज़ के लिए सी-वोटर ने गुजरात और हिमाचल दोनों राज्यों का साप्ताहिक चुनावी सर्वे किया है। 
सर्वे में सवाल किया गया कि क्या  प्रधानमंत्री मोदी को अपशब्द बोलकर गुजरात में चुनाव जीतना संभव है? इस सवाल के जनता ने चौंकाने वाले जवाब दिए हैं।

सी-वोटर के सर्वे में 61 प्रतिशत लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी को अपशब्द बोलकर गुजरात में चुनाव जीतना संभव नहीं है, जबकि 39 प्रतिशत लोगों ने कहा कि हां, प्रधानमंत्री मोदी को अपशब्द बोलकर गुजरात में चुनाव जीतना संभव है। सर्वे में गुजरात के 1425 और हिमाचल प्रदेश के 1,361 लोगों की राय ली गई। सर्वे में मार्जिन ऑफ एरर प्लस माइनस 3 से प्लस माइनस 5 प्रतिशत है।

इससे पहले 12 से 14 अक्टूबर,2022 के बीच C-Voter ने गुजरात चुनाव को लेकर एक और सर्वे किया था। इसमें प्रधानमंत्री मोदी के लिए आम आदमी पार्टी नेता गोपाल इटालिया द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के बाद पार्टी को कितना नुकसान हो सकता है, इस पर लोगों की राय ली गई थी। इस सर्वे में गुजरात के 1 हजार 337 लोगों से राय ली गई थी। इस सवाल के जवाब में 58 प्रतिशत लोगों ने अपने जवाब में कहा- ‘हां, AAP ने प्रधानमंत्री के लिए अपशब्द का इस्तेमाल करके सेल्फ गोल किया है’। वहीं इस सवाल पर 42 प्रतिशत लोगों का मानना था कि इससे आम आदमी पार्टी ने कोई सेल्फ गोल नहीं किया है।

आम आदमी पार्टी इस बार बीजेपी के गढ़ में सेंध मारने के पूरे-पूरे चक्कर में है। जहां, अरविंद केजरीवाल स्वयं को योगी राज श्री कृष्णजी के रूप में दर्शा रहे हैं, वहीं वो बीजेपी को वह ‘कंस’ का रूप देने को तत्पर हैं। साथ ही साथ, जिस प्रकार से गोपाल इटालिया ने कुंठित शब्द, ‘नीच’ का प्रयोग और इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी की मां का अपमान किया, उससे गुजराती जनता में काफी रोष है। लोगों का कहना है कि इसके लिए आप नेता गोपाल इटालिया को जनता माफ नहीं करेगी।

गौरतलब है कि गुजरात चुनाव में जब विरोधी दलों की दाल नहीं गल रही है तो वे अब गाली देने के स्तर तक नीचे गिर गए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी और गुजरात AAP के अध्यक्ष गोपाल इटालिया उस वीडियो पर बुरी तरह घिर गए हैं, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘नीच किस्म का आदमी’ बताते हुए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे पीएम मोदी के लिए जातिसूचक गाली करार दिया। इससे गुजरात एवं देश की जनता खासी नाराज हो गई। इसके बाद गोपाल इटालिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हालांकि इसमें उन्होंने पीएम मोदी से माफी नहीं मांगी और जाति से लेकर गांव के होने तक की अजब दलीलें दीं। 

मोदी एक नीच शख्स: गुजरात आप प्रमुख

इस वीडियो में गोपाल इटालिया को कहते हुए सुना जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘नीच’ व्यक्ति हैं। मैं पुष्टि नहीं कर सकता लेकिन मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि क्या देश का कोई पूर्व प्रधान मंत्री है जिसने वोट डालने के लिए इतनी नौटंकी की है? यह ‘नीच’ किस्म का शख्स यहां रोड शो कर रहा है। और वह दिखा रहा है कि मैं इस देश को कैसे C… बना रहा हूं। आप मेरे कहने का अर्थ को बेहतर ढंग से समझते हैं। वह डिजिटल इंडिया के बारे में बात करते हैं और वोट डालने के लिए दिल्ली से गुजरात जाते हैं। इस तरह वह देश को AAP के C… बना रहे हैं। तो, यह ‘नीच’ प्रकार का व्यक्ति देश को यह संदेश दे रहा है कि वह इस देश को कैसे C… बना रहा है।

2017 में मणिशंकर अय्यर ने भी कहा था नीच

यह पहली बार नहीं है जब किसी विपक्षी नेता ने पीएम नरेंद्र मोदी के लिए ‘नीच’ का इस्तेमाल किया है। 2017 में कांग्रेस के दिग्गज नेता मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी को नीच आदमी कहा था। जिसे उन्होंने 2019 के चुनावों से पहले भी दोहरया था। उस वक्त भारत की जनता ने पीएम मोदी को ऐतिहासिक फैसला सुनाकर अय्यर को करारा जवाब दिया था। अब नरेंद्र मोदी के खिलाफ गोपाल इटालिया की इस ‘नीच’ टिप्पणी पर गुजरात के लोग माकूल जवाब देंगे।

मेरे सिर्फ शब्द खराब, इनके तो करम खराब : केजरीवाल का मोदी पर हमला

न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के आवास पर छापे मारने पर 2015 में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि राजेंद्र तो बहाना है केजरीवाल उनका निशाना है। उन्होंने कहा कि मेरे तो सिर्फ शब्द खराब थे, लेकिन इनके तो कर्म ही खराब हैं।

मोदी देशद्रोही हैः केजरीवाल

इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि मोदी देशद्रोही है, मोदी ने आतंकवादियों के साथ सेटिंग कर रखी है। यही नहीं, केजरीवाल ने पीएम मोदी को कायर, मनोरोगी, पाकिस्तान से हाथ मिलाने जैसे आक्रामक और उत्तेजक शब्दों का प्रयोग कर भड़काऊ बयानबाजी से नफरत फैलाने और समाज में शांति भंग करने की कोशिश की है।

मोदी एक बेशर्म तानाशाहः केजरीवाल

न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल ने 2017 में आयकर विभाग द्वारा आम आदमी पार्टी (आप) का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए कहे जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बेशर्म तानाशाह करार दिया। आयकर विभाग ने पार्टी को मिलने वाले चंदे के बारे में झूठी और गलत ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की वजह से निर्वाचन आयोग से आप का राजनीतिक दल के रूप में रजिस्ट्रेशन रद्द करने को कहा है।

मोदी के कारण भारत को दुनिया में होना पड़ा शर्मिंदा : संजय सिंह 

पंजाब केसरी की रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल के करीबी और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि भाजपा की नफरत की राजनीति के कारण भारत का सिर शर्म से झुक गया है। संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अंतर्राष्ट्रीय बेइज्जती कराई है। भाजपा के कामों और नफरत की राजनीति के कारण भारत का सिर शर्म से झुक गया है। आजादी के 75 वर्षों में आज तक किसी प्रधानमंत्री ने भारत को इतना अपमानित नहीं किया और भारत का सिर इस तरीके से दुनिया के सामने नहीं झुकाया जितना मोदी ने झुकाने का काम किया है।

गुजरात दंगा मामला : झूठे साक्ष्य गढ़े : तीस्ता सीतलवाड़ के साथ-साथ आर बी श्रीकुमार और संजीव भट्ट पर भी FIR

                          आरबी श्रीकुमार, तीस्ता सीतलवाड़ और संजीव भट्ट के विरुद्ध गुजरात ATS ने दर्ज किया केस
गुजरात पुलिस ने रिटायर्ड IPS आरबी श्रीकुमार, संजीव भट्ट और NGO संचालक तीस्ता सीतलवाड़ के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्राइम ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर ने ये मामला दर्ज कराया है। मुंबई के जुहू तारा रोड स्थित निरन्त में रहने वाली तीस्ता सीतलवाड़, गाँधीनगर के सेक्टर-8 स्थित श्री लक्ष्मीदीपम में रहने वाले आरबी श्रीकुमार और अहमदाबाद के सुशील नगर सोसाइटी में रहने वाले संजीव भट्ट का नाम इस FIR में है।
संजीव भट्ट फ़िलहाल पालनपुर जिला जेल में कैद हैं। राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए दर्ज इस FIR में 24 जून, 2022 को आए सुप्रीम कोर्ट का हवाला दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, “मामले के अंत में हमें यह प्रतीत होता है कि गुजरात राज्य के असंतुष्ट अधिकारियों के साथ मिल कर कुछ लोगों ने सनसनी पैदा करने के संयुक्त प्रयास किए, जिसके तहत ऐसे ‘खुलासे’ किए गए, जिनकी असत्यता का उन्हें खुद भी भान था।”

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इन लोगों ने खुलासे की एक बृहद जाँच के बाद SIT ने पोल खोल दी। गुजरात दंगों में मारे गए सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जाकिया जाफरी को चेहरा बना कर एक पूरा का पूरा गिरोह पिछले 2 दशक से इस मामले को हवा देने में लगा हुआ था। मुद्दे को गर्म रखने के लिए इन लोगों ने जानबूझ कर कुटिल चाल चली, जिससे इनकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं – ऐसा कहते हुए सर्वोच्च न्यायलय ने ऐसा करने वाले लोगों को जाँच के बाद न्याय के दायरे में लाने की सलाह दी।

                                         सुप्रीम कोर्ट की सलाह के बाद गुजरात ATS ने दर्ज किया मामला

गुजरात दंगों को लेकर अफवाह फैलाने और झूठे खुलासे करने वाले इन तीनों के खिलाफ IPC की धारा-478, 471 (लोगों को भड़काने के लिए इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों का कपटपूर्ण इस्तेमाल), 194 (किसी को दोषी साबित करने के लिए झूठे साक्ष्य गढ़ना), 211 (किसी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान पहुँचाने की मंशा से झूठे आरोप लगाना), 218 (लोक सेवकों द्वारा रिकार्ड्स को गलत तरीके से फ्रेम करना) और 120B के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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तीस्ता सीतलवाड़ को ATS ने घर से उठाया : SC ने कहा - इनके खिलाफ होनी चाहिए जाँच

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तीस्ता सीतलवाड़ को ATS ने घर से उठाया : SC ने कहा - इनके खिलाफ होनी चाहिए जाँच

तीस्ता सीतलवाड़ और आरबी श्रीकुमार को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। गुजरात पुलिस ने FIR में घटनाक्रम का विवरण देते हुए बताया है कि दंगों में कैसे पुलिस ने कानून सम्मत कार्रवाई और जाँच की। तीस्ता सीतलवाड़ को अब मुंबई से अहमदाबाद ले जाया जाएगा। सांताक्रुज पुलिस थाने में इसके लिए ज़रूरी प्रक्रिया पूरी की गई। तीस्ता सीतलवाड़ खुद के सामाजिक कार्यकर्ता होने का दावा करती हैं।