मेरा नेता मुझे बचाता है, मैं उसे बचाने आया हूं! : सलमान खुर्शीद, कांग्रेस नेता

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गाँधी परिवार के विरुद्ध तेज होती कार्यवाही से जनता का ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस को महंगाई और बेरोजगारी याद आ गयी। अब से पहले किसी भी भाजपा विरोधी को इन जनहित मुद्दों की याद नहीं आयी। 1947 से लेकर 1975 में इमरजेंसी लगने से पूर्व तक महंगाई और बेरोजगारी पर जितने धरने-प्रदर्शन तत्कालीन विपक्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुए 1977 से लेकर 2022 तक उससे आधे भी नहीं हुए। वास्तव में 1980 के बाद से हर पार्टी सत्ता के गठजोड़ में व्यस्त रही। आतंकवादियों को संरक्षण देने हिन्दू और हिन्दुत्व को बदनाम किया जाता रहा। लेकिन 2014 के बाद से आतंकवादियों को संरक्षण मिलने की बजाए गोली मिलने से कुर्सी की भूखी पार्टियों की नींद हराम कर दी है। जब देश को आज़ादी मिली थी तब सोना 17/18 रूपए तोला(11+ग्राम) था और 1975 में था 675 रूपए का 10 ग्राम और आज क्या भाव है, ये क्या 2014 में मोदी सरकार के आने पर हज़ारों में पहुंचा है? आज़ादी के समय कच्चा दूध 1 आने सेर(सेर लीटर से ज्यादा होता है) था और आज दूध का क्या भाव है? 1939 में एक शानदार शादी लगभग 650 रूपए में होती थी, उन दिनों हफ्ता-दस दिन पहले से ही मेहमान शादी वाले घर में ही खाते थे। शुद्ध देसी घी का खाना होता था, 5 से 7 मिठाई, श्रीदान और नमकीन दान होते थे, आज शुद्ध देशी देखने को नहीं मिलता। कहने का मतलब सिर्फ इतना है महंगाई पर आज तक कोई पार्टी अंकुश नहीं लगा पायी। इस कटु सच्चाई से कोई पार्टी इंकार नहीं कर सकती। 

नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी जमानत पर बाहर हैं। अब जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले में जांच तेज कर दी है, दोनों को गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। ईडी ने हाल ही में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से कई राउंड पूछताछ की है। इस सिलसिले में नेशनल हेराल्ड से जुड़े कई जगहों पर छापे भी मारे गए हैं और हवाला लेनदेन के सबूत भी मिले हैं। 

छापे के बाद दिल्ली स्थित हेराल्ड हाउस दफ्तर को सील कर दिया है। इस सबसे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी के बड़े नेता बौखला गए हैं। तमाम राज्यों के बड़े नेता अपना कामकाज छोड़कर दिल्ली में धरना-प्रदर्शन में लगे हुए हैं। लेकिन कांग्रेस ने इसे ईडी की कार्रवाई के खिलाफ ना बताते हुए महंगाई के खिलाफ बताया है। वैसे इसमें महंगाई से ज्यादा ईडी की चर्चा होती है। ईडी की कार्रवाई से पार्टी के डरे हुए हैं। 

उन्हें लग रहा है कि 5 लाख रूपये से 5 हजार की कंपनी कब्जाने के मामले में ईडी कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। इसी लिए पार्टी नेता धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपना रहे हैं ताकि कुछ दिन राहत मिल सके। इस बात की तस्दीक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने खुद कर दी। उन्होंने साफ कहा कि मेरा नेता मुझे बचाता है मैं उन्हें बचाने आया हूं।

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