काँवड़ यात्री (फोटो साभार: हिंदुस्तान)
हिंदुओं के पवित्र सावन महीने में भगवान शंकर के जलाभिषेक के लिए यात्रा पर जाने वाले काँवड़ियों को परेशान करने की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली में मुस्लिम समुदाय के लोग अपने इलाके से काँवड़ियों को जाने से रोक रहे हैं। इसके पहले काँवड़ियों पर कुछ मुस्लिमों द्वारा गंदा पानी फेंकने, थूकने आदि की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।
बरेली के दुनका में मुस्लिम बस्ती की पीडब्ल्यूडी रोड से होकर जाने वाले काँवड़ियों को रोका जा रहा है। इसके बदले उन्हें दूसरे रास्ते से हरिद्वार जाने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जो इस रूट से काफी लंबा बताया जा रहा है।
काँवड़िए भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए कई-कई दिनों तक पैदल और भूखे चलकर हरिद्वार पहुँचने की कोशिश करते हैं। ऐसे में उन्हें छोटा रास्ता देने के बजाए लंबे रूट पर जाने के लिए बाध्य करना एक तरह से प्रताड़ना है।
मुस्लिमों के विरोध और हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। वहीं, प्रशासन भी काँवड़ियों को लंबे रूट से जाने के लिए कह रहा है, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।
कुछ साल तक काँवड़ लेकर जाने वाले इसी मुस्लिम बस्ती से होकर जाते थे, लेकिन कुछ वर्ष पहले मुस्लिमों ने इन्हें उधर से गुजरने पर बवाल कर दिया था। इसके बाद तत्कालीन अधिकारियों ने दोनों समुदाय के लोगों के साथ बैठकर साल 2014 में दोनों समुदाय के धार्मिक जुलूस व कार्यक्रमों के रूट तय कर दिए थे।
इस समझौते के तहत तय किया गया था कि काँवड़िये दुनकी के बाग के पास से चकरोड से होकर हरिद्वार जाएँगे। वे मुस्लिम बस्ती के पीडब्ल्यूडी रोड से होकर नहीं गुजरेंगे। हालाँकि, यह रोड लंबा पड़ता है।
मुस्लिमों का दबाव की राजनीति में कई ऐसे इलाके हैं जहाँ रूट बदल दिया गया है। वहीं, कई ऐसे इलाके हैं, जहाँ बवाल करने की कोशिश की जा रही है, ताकि उनके दबाव में प्रशासन को रास्ता बदलने का निर्णय लेना पड़े।

No comments:
Post a Comment