आखिर PFI को बैन करने वाले प्रस्ताव से मौलाना सलमान नदवी क्यों पलटे ?

PFI पर दिए अपने बयान से पलटे मौलाना सलमान नदवी
ये कट्टरपंथी मुल्लावाद आम मुसलमान के जीवन को क्यों नर्क बना रहा है?इनकी हरकतों की वजह से मेहनत कर रोजी-रोटी कमाने वाला मुसलमान तुम्हारी बातों में आकर बलि का बकरा बन रहा है। ये टीवी पर कुछ बोलते हैं और टीवी ऐ बाहर कुछ। अक्सर लेखों में कहता रहता हूँ कि तुम्हारी हरकतों की वजह से आम मुसलमान बलि का बकरा बन रहा है और ये लोग मालपुए खा रहे हैं। जिस कुरान के खिलाफ बोलने से लोग डरते थे, आज यूट्यूब, Face To Face, The Jaipur Dialogue, और Sachwala आदि पर कुरान पर खुलकर चर्चा हो रही है। इतना ही नहीं, NewsNation चैनल भी 'इस्लाम क्या कहता है' नाम से प्रोग्राम प्रसारित कर रहा है, जो नूपुर शर्मा को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन कर रहे हैं। इनमें इतनी ज्यादा बौखलाहट है कि उन्हें क्या बोलना है और क्या नहीं। अभी कुछ दिन पहले एंकर सुशांत सिन्हा के शो में एक इस्लामिक स्कॉलर, जो पेशे से वकील भी है, ज्ञानवापी मस्जिद में त्रिशूल की बात बोले "मस्जिद में त्रिशूल क्यों नहीं हो सकता?" उनके इतना बोलते ही शो में उपस्थित समस्त हिन्दू मुसलमान ठहाका मारकर हंसने लगे।    

सैयद सलमान नदवी कट्टरपंथी इस्लामी संगठन PFI को प्रतिबंधित करने के अपने बयान से पलट गए हैं। हाल ही में NSA अजीत डोभाल ने उनसे मुलाकात की थी। ‘ऑल इंडिया सूफी सज्दानशीं काउंसिल (AISSC)’ के सम्मेलन में ये मुलाकात हुई थी। इसी कार्यक्रम के दौरान अजीत डोभाल ने कहा था कि कुछ लोग धर्म के नाम पर कटुता फैलाने में लगे हैं, जिसका न सिर्फ देश पर विपरीत असर पड़ता है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसके दुष्परिणाम आते हैं।

हाल ही में जारी किए गए एक वीडियो में सैयद सलमान नदवी ने कहा कि इस्लाम में आस्था रखने वाले हर उस व्यक्ति का कार्य है कि वो मिल्लत को जोड़े, उम्मत को जोड़े और कलमे की बुनियाद पर पूरी उम्मत में इत्तिफाक पैदा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी अभियान के तहत उन्होंने उस कार्यक्रम में शिरकत की थी और उन्हें पता भी नहीं था कि PFI पर प्रतिबंध की जा रही है, न ही ऐसा कोई प्रस्ताव लाया गया और न ही इस पर किसी ने हस्ताक्षर किए।”

सलमान नदवी ने दावा किया कि PFI ढंग के काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर उसके किसी व्यक्ति की तरफ से ऐसी कोई गलती हुई जो कानून की नजर में गलत है, अगर उसके खिलाफ सबूत हो तो उस व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अपराध किया है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए और कोई जुल्म नहीं होनी चाहिए। मौलाना ने कहा कि पूरी जमात को प्रतिबंधित किए जाने का कार्य नहीं होना चाहिए।

हैरान करने वाली बात ये है कि उन्होंने इस दौरान PFI और तबलीगी जमात जैसे संगठनों की तुलना RSS, VHP (विश्व हिन्दू परिषद) और ‘बजरंग दल’ से कर डाली। उन्होंने एक साथ इन सबका नाम लेते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के अपराध के लिए पूरे संगठन को बैन करने का कोई तुक नहीं। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति कुछ ऐसे बयान दे या कार्य करे जो कानून की नजर में गलत हो तो उसी पर कार्रवाई हो, पूरे संगठन को इसका दोष नहीं देना चाहिए।

इस दौरान PFI की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन कई अच्छे कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और समाज के क्षेत्र में PFI ने अच्छा कार्य किया है, लेकिन अगर उसके कुछ अपराध हद से आगे बढ़ गए हैं तो उस व्यक्ति पर कार्रवाई हो। ‘जमीयत शबाब इल-इस्लाम’ के अध्यक्ष ने इससे पहले कार्यक्रम में कहा था कि भारत में किसी भी धर्म के विरुद्ध घृणा या उत्तेजना के लिए कोई जगह नहीं है। अजीत डोभाल का इस मौलानाओं से मिलना ‘उदार मुस्लिमों’ के बीच मोदी सरकार की पहुँच स्थापित करने के रूप में देखा गया था।

No comments: