ट्विटर पर ट्रेंड हुआ 'हलाल फ्री दीवाली', हिंदू संगठन भी कर रहे हैं आंदोलन
(फोटो साभार: umanagraj का ट्विटर अकाउंट)
18 अक्टूबर, 2022 को सुबह से ही #Halal_Free_Diwali (हलाल फ्री दिवाली) ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि ‘हलाल’ प्रोडक्ट का सहारा लेकर करोड़ों रुपए जुटाए जा रहे हैं और इसका उपयोग मजहबी विस्तार और देश विरोधी गतिविधियों में किया जा रहा है।
दरअसल, वर्तमान समय में सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का सबसे बेहतरीन माध्यम है। ऐसे में, हिन्दू अपने पवित्र त्योहार दिवाली के पहले ट्विटर पर #Halal_Free_Diwali कैम्पेन चला रहे हैं। इस कैम्पेन के जरिए लोग अपने त्योहार को ‘हलाल’ का प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले उत्पादों से दूर रखना चाहते हैं।
हलाल फ्री दिवाली कैम्पेन में फूड चैन और डिलीवरी एप्स चलाने वाली कंपनियों को भी निशाना बनाते हुए ट्वीट्स किए गए हैं। इन कम्पनियों से पूछा जा रहा है कि आखिर हिंदुओं पर हलाल प्रोडक्ट क्यों थोपा जा रहा है?
Because of 15% why 85% should also consume Halal products..??#Halal_Free_Diwali pic.twitter.com/Ume22OruLt
— Samarth AC (@AcSamarth) October 17, 2022
Halal simply means Permissable in Arabic. It doesn't relate to food per se.
— Aarif Bey (@aarif_bey) October 18, 2022
Btw Vegetables, water, air, all considered halal. Good luck boycotting it. 👍🏾👍🏾🤞🏾😂😂
once you stop consuming beef, mutton & chicken
— sye saj (@coolsajuk) October 18, 2022
prices will come down.
muslims & christians consume only 20% to 30% of meats
only one religion consumes 70%
stop eating it thats all
and they say they r pure vegetarians hahahah hahaha
हलाल फ्री दिवाली को लेकर अभियान चला रहे हिन्दू संगठन ‘हिंदू जनजागृति समिति’ ने भी हिंदुओं से हलाल उत्पादों का बहिष्कार करने का आह्वान किया है। संगठन ने दावा किया है कि इस साल की दिवाली ‘हलाल’ फ्री होगी।
बेंगलुरु में ‘हलाल फ्री दिवाली ‘ को लेकर हिंदू जनजागृति समिति ने किया आंदोलनइस अभियान को लेकर हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने कहा है कि हलाल उत्पादों का विरोध और इसका बहिष्कार महाराष्ट्र और कर्नाटक में शुरू हो गया है और धीरे-धीरे यह पूरे देश में फैल जाएगा। समिति ने बेंगलुरु में केएफसी और मैकडोनाल्ड रेस्टॉरेंट्स के बाहर ‘हलाल प्रोडक्ट’ के खिलाफ प्रदर्शन किया है।
Protest against halal pic.twitter.com/1Af8EvOBB1
— Vicky Nanjappa (@vickynanjappa) October 18, 2022
उन्होंने यह भी पूछा कि दिवाली अंधेरे से उजाले की ओर ले जाने वाला त्योहार है, ऐसे में क्या हम इस त्योहार अपने देश और धर्म को अंधेरे में लेकर जाएँगे? उन्होंने बताया कि कैसे जिस तरह से चीन भारत में अपनी वस्तुएँ बेचकर हमारे देश और जवानों के खिलाफ षड्यंत्र कर रहा है, उसी प्रकार हलाल इकोनॉमी भारत के खिलाफ जिहाद को बढ़ावा दे रही है। साथ ही कहा कि आज इसी हलाल इकॉनमी के बल पर देश में आतंकवादियों का काम चल रहा है।
इस वर्ष ‘हलाल मुक्त दीपावली’ मनाएं ! - @Ramesh_hjs
— HinduJagrutiOrg (@HinduJagrutiOrg) October 25, 2021
दीपावली जैसे त्योहार में हिन्दू ग्राहक बडी मात्रा में खरीदारी करते हैं । इस दीपावली को ‘हलाल’ प्रमाणित उत्पादन न लेकर हिन्दू इस वर्ष #Halal_Free_Diwali मनाएं !@aajtak @ZeeNews @JagranNews @DainikBhaskar @AmarUjalaNews pic.twitter.com/Jf8pPaMyZP
रमेश शिंदे ने सवाल किया है कि पिज्जा हट, केएफसी या मैकडॉनल्ड्स जैसे फूड आउटलेट केवल हलाल खाना ही क्यों परोसते हैं? उन्होंने सवाल दागा कि हिंदू ग्राहकों को हलाल खाना ही खाने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है। जहाँ हलाल खाना परोसा जाता है, वहाँ पोर्क और पेपरोनी पिज्जा नहीं परोसा जाता है, आखिर ऐसा भेदभाव क्यों?
उन्होंने यह भी कहा है कि सभी मानदंड केवल हिंदुओं के लिए ही क्यों हैं। हिंदू देश की आबादी का 80 प्रतिशत है फिर भी उनके लिए ये हलाल मानदंड हैं। उन्होंने आगे कहा कि हलाल सर्टिफिकेट देना अवैध है। उन्होंने कहा कि इसे हटाने के लिए हमें संघर्ष करना होगा और सरकार की ओर से ऐसा कोई सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि सरकार के केवल दो विभाग जो खाद्य लाइसेंसिंग करते हैं, वे एफएसएसएआई और एफडीए हैं और यह हलाल सार्टिफिकेट अवैध है। हलाल सार्टिफिकेट केवल मांस के निर्यात के लिए है, न कि देश में हो रहे अन्य खाद्य उत्पादों के लिए।
वहीं, एक अन्य हिन्दू संगठन ‘श्री राम सेना’ के प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने ‘हलाल फ्री दीपावली’ उत्सव का आह्वान करते हुए कहा है कि मुस्लिम व्यापारियों और विक्रेताओं से ‘पूजा सामग्री’ खरीदना शास्त्रों के खिलाफ होगा।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम विक्रेताओं से ‘पूजा सामग्री’ खरीदना हिंदू संस्कृति और परंपरा के खिलाफ होगा। हम हिंदुओं से पूजा के लिए आवश्यक सामग्री जैसे गन्ना, फूल, फल और केले के पौधे मुस्लिम विक्रेताओं से नहीं खरीदने का आग्रह करेंगे। हिन्दू, पूजन सामग्री हिन्दू व्यापारियों से ही खरीदें।
हलाल सर्टिफिकेशन को बड़ा घोटाला बताते हुए प्रमोद मुतालिक ने कहा कि इसे सरकारी मान्यता नहीं होने के बस भी इसे हिंदुओं पर थोपा जा रहा है। मुस्लिम संगठन ‘जमात-ए-उलेमा-हिंद हलाल ट्रस्ट’ दवाओं, भोजन और अन्य वस्तुओं पर हलाल सर्टिफिकेट जारी कर रहा है। हल्दीराम जैसी बड़ी कंपनी के भी 140 से अधिक प्रोडक्ट हलाल सार्टिफिकेट के अंतर्गत हैं।
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