सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (4 मई, 2023) को 3 महिला पहलवानों द्वारा दायर की गई याचिका को ये नोट करने के बाद बंद कर दिया कि दिल्ली पुलिस ने ‘भारतीय कुश्ती संघ (WFI)’ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। भारत के मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़, जस्टिस PS नरसिम्हा और जस्टिस JB पार्डीवाला की पीठ ने कहा कि FIR दर्ज करने के लिए याचिका दायर की गई थी और अब जब ये हो गया है, प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
आगे किसी भी प्रकार की शिकायत या माँग के लिए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी पहलवानों को स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष जाने की सलाह भी दी है। पहलवानों की तरफ से पेश वकील नरेंद्र हुड्डा ने पूरी जाँच प्रक्रिया की निगरानी करने का अनुरोध सुप्रीम कोर्ट से किया, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इसे नकारते हुए कहा कि अन्य मुद्दों के लिए दिल्ली हाईकोर्ट या मजिस्ट्रेट के समक्ष जाइए। दिल्ली पुलिस ने न सिर्फ पीड़िताओं का बयान दर्ज किया है, बल्कि उन्हें सुरक्षा भी प्रदान की है।
#WATCH | Delhi: If this is how the wrestlers will be treated, what will we do with the medals? Rather we will live a normal life & return all the medals & awards to the Indian Government: Wrestler Bajrang Punia at Jantar Mantar pic.twitter.com/mvXqqiFVpR
— ANI (@ANI) May 4, 2023
अवार्ड वापसी के बाद मेडल वापसी चालू होने वाला है --- मतलब कांग्रेस ने 2024 लोकसभा की तैयारी खिलाड़ीओ और खेल के गंदी राजनीति से शुरू कर दिया है।
— Niraj Verma (@INirajVerma) May 4, 2023
— Narendra Modi fan (@narendramodi177) May 4, 2023
एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में जाँच आगे बढ़ रही है। उधर दिल्ली की सीमाओं पर फिर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी सीमावर्ती जिलों के DCP को निर्देश दिया गया है कि वो विष सतर्कता बरतें। सेन्ट्रल दिल्ली की तरफ जाने वाली सड़कों पर सख्त निगरानी रखने को कहा गया है। कई जगहों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। सूत्रों से खबर मिली है कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर पहलवानों का समर्थन करने पहुँच सकते हैं।
उधर प्रदर्शनकारी पहलवानों ने अब अपने मेडल्स लौटाने की भी घोषणा कर दी है। बजरंग पूनिया ने कहा कि अगर पहलवानों के साथ ऐसा ही व्यवहार होता रहा तो फिर हमे इन मेडल्स का क्या करेंगे? उन्होंने कहा कि इससे अच्छा है कि हम इन मेडल्स को लौटा कर एक सामान्य ज़िन्दगी जिएँ। उन्होंने सारे मेडल्स और अवॉर्ड्स भारत सरकार को लौटाने की घोषणा कर डाली। पहलवानों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उन्हें बुलाने की माँग की और कहा कि ये राजनीतिक मुद्दा नहीं है। उन्होंने IT सेल पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया।

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