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बृजभूषण सिंह के खिलाफ नाबालिग ने कोर्ट में वापस ली शिकायत, सूत्रों के हवाले से खबर

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ की गई शिकायत नाबालिग महिला पहलवान द्वारा वापस लिए जाने का दावा किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के ह​वाले से पटियाला कोर्ट में शिकायत वापस लेने की बात कही गई है। यह भी खबर आई है कि बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है।

शाह से पहलवानों की मुलाकात 3 जून 2023 की रात करीब 11 बजे हुई। यह बैठक करीब दो घंटे चली। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बजरंग पुनिया ने गृह मंत्री के साथ बैठक की पुष्टि की है। दैनिक भास्कर ने एक अनाम महिला पहलवान की माँ के हवाले से कहा है कि शाह ने बिना भेदभाव के पूरी जाँच का भरोसा दिया है। कहा है कि पुलिस जाँच कर रही है। कानून अपना काम करेगा।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद पहलवान अपने मेडल बहाने हरिद्वार चले गए थे। हालाँकि उन्होंने 5 दिन का अल्टीमेटम देते हुए गंगा में मेडल नहीं बहाए थे। इसके बाद राकेश टिकैत ने 9 जून तक का अल्टीमेटम दिया था।

पहलवानों की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कर रखी है। इनमें यौन उत्पीड़न के 15 मामलों का जिक्र है। इनमें से 10 में गलत तरीके से छूने की शिकायत की गई है। शिकायत में बिना सहमति के गलत तरीके से छूना, स्तनों और पेट पर हाथ फेरना, पीठ पर हाथ रखना, डराना-धमकाना और पीछा करना शामिल है। एक एफआईआर नाबालिग पहलवान की शिकायत पर दर्ज है। इसमें POCSO अधिनियम की धारा 10 जोड़ी गई है।

अब टाइम्स नाउ नवभारत ने सूत्रों के ह​वाले से बताया है कि 2 जून को इस नाबालिग महिला पहलवान ने पटियाला हाउस कोर्ट में जाकर अपनी शिकायत वापस ले ली। उस समय कोर्ट में नाबालिग पहलवान पिता और दादा के मौजूद रहने की बात भी कही गई है। सूत्रों के अनुसार मजिस्ट्रेट के सामने नाबालिग ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह ने कभी उसका यौन उत्पीड़न नहीं किया है।

लेकिन लाइव हिंदुस्तान ने इस नाबालिग पहलवान के पिता के हवाले से शिकायत लेने के दावों को बेबुनियाद बताया है। नाबालिग के पिता ने कहा कि पहलवानों को लेकर फेक न्यूज चलाई जा रही। इससे पहले मेरी बेटी की उम्र को लेकर भी गलत खबर चलाई गई थी। उन्होंने कहा, “वह नाबालिग है और मैं अपनी शिकायत क्यों वापस लूँ।”

खुद को इस पहलवान के चाचा बताने वाले एक शख्स ने दावा किया था कि उनकी भतीजी बालिग है। साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया जैसे पहलवान उसका इस्तेमाल कर उनके परिवार को गुमराह कर रहे हैं। लेकिन बाद में इस लड़की के पिता ने मीडिया को बताया था कि जब उनकी बेटी का एक कैंप के दौरान यौन शोषण हुआ वह नाबालिग थी। इसी तरह न्यूज एजेंसी एनआई सूत्रों के हवाले से बता चुकी है कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ जो आरोप लगाए हैं, उसको लेकर दिल्ली पुलिस को अब तक साक्ष्य नहीं मिले हैं।

जिसके कारण बृजभूषण पर लगा पॉक्सो, उसकी उम्र पर भी सवाल: चाचा बोले- मेरी भतीजी का विनेश, साक्षी और पूनिया ने किया इस्तेमाल, पिता बोले- 16 की उम्र में ही शोषण

                                  साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया पर गुमराह करने का आरोप
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण के खिलाफ कथित आंदोलन चला रहे पहलवानों पर गंभीर आरोप लगा है। खुद को नाबालिग पहलवान का चाचा बताने वाले अमित पहलान ने सोमवार (29 मई 2023) को मीडिया से कहा है कि साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया जैसे पहलवान उनके परिवार को गुमराह कर रहे हैं। उनकी भतीजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालाँकि मंगलवार (30 मई) को लड़की के पिता मीडिया के सामने आए और उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी नाबालिग है और उसके साथ एक कैंप के दौरान यौन शोषण हुआ था।

आंदोलन कर रहे पहलवानों ने बृजभूषण शरण पर नाबालिग पहलवान समेत कुल सात महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप लगाया है। अमित पहलवान का कहना है कि जिस नाबालिग पहलवान की बात आंदोलनकारी पहलवान कर रहे हैं वो उनकी भतीजी है। अमित ने कहा है कि उनकी भतीजी बालिग है। उसका जन्म 22 फरवरी, 2004 को हुआ था। पहलवान पॉक्सो और यौन शोषण का आरोप लगाकर बृजभूषण को फँसाना चाहते हैं।

अमित ने आज तक से बात करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे पहलवान साक्षी और विनेश ने मेरे भाई को गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि विनेश, साक्षी और बजरंग पूनिया ने मिलकर इतनी गहरी साजिश रची है जिसकी हमें भी खबर नहीं हुई। पहले वो लोग जनवरी-फरवरी में धरने पर बैठे लेकिन मामला पेचीदा हो गया। इसके बाद 2-3 महीने प्लानिंग की और दूसरी तिकड़म लगाई।

अमित का दावा है कि उनकी भतीजी के साथ कुछ भी नहीं हुआ है। आंदोलन कर रहे लोग राजनीतिक मकसद से झूठे दावे कर रहे हैं। 20 साल की लड़की को 16 साल का दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे न्याय चाहते हैं और विनेश फोगाट व उनके साथी पहलवानों को सजा दिलवाना चाहते हैं।

अमित के बाद उनके भाई और लड़की के पिता मीडिया के सामने आए। पिता ने कहा कि उनकी दो बेटियाँ व एक बेटा था। बड़ी बेटी की 2 साल की उम्र में मौत हो गई। इसके बाद बड़ी बेटी का नाम ही छोटी बेटी को दे दिया। छोटी बेटी अब भी नाबालिग है और पहलवानी करती है। जब वह 16 साल की थी तब एक कैंप के दौरान उसके साथ उत्पीड़न हुआ था। तब बृजभूषण सिंह के खिलाफ बोलने की हिम्मत किसी में नहीं थी। अब बेटी ने ही उन्हें यौन उत्पीड़न की जानकारी दी।

पीड़िता के पिता ने कहा कि उनका आंदोलनकारी पहलवानों से कोई लेना देना नहीं है, उन्हें अपनी न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। अपने भाई के बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पिता ने कहा कि अमित लड़की का ताऊ है। सात साल से दोनों के बीच बातचीत बंद है। उन्होंने दावा किया कि जो कागजात अमित दिखा रहे हैं वह बड़ी बेटी के जन्म के हैं।

इसके पहले आंदोलन कर रहे पहलवानों ने विरोध जताते हुए अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करने की धमकी दी थी। इसके लिए सभी पहलवान हरिद्वार पहुँच भी गए थे। हरिद्वार पहुँचने के घंटे भर बाद भी किसी ने मेडल प्रवाहित नहीं किए। थोड़ी देर बाद भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत हरिद्वार पहुँचते हैं और पहलवानों से मेडल लेकर सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम देते हैं। नरेश टिकैत ने 5 दिनों के भीतर सब ठीक कर देने का वादा भी किया।

‘FIR हो गई, सुरक्षा मिल गई’: सुप्रीम कोर्ट ने बंद की जंतर-मंतर वाले पहलवानों की फाइल, बजरंग पुनिया बोले- मेडल/अवॉर्ड लौटा देंगे; दिल्ली की सीमाओं पर अलर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (4 मई, 2023) को 3 महिला पहलवानों द्वारा दायर की गई याचिका को ये नोट करने के बाद बंद कर दिया कि दिल्ली पुलिस ने ‘भारतीय कुश्ती संघ (WFI)’ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। भारत के मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़, जस्टिस PS नरसिम्हा और जस्टिस JB पार्डीवाला की पीठ ने कहा कि FIR दर्ज करने के लिए याचिका दायर की गई थी और अब जब ये हो गया है, प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

आगे किसी भी प्रकार की शिकायत या माँग के लिए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी पहलवानों को स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष जाने की सलाह भी दी है। पहलवानों की तरफ से पेश वकील नरेंद्र हुड्डा ने पूरी जाँच प्रक्रिया की निगरानी करने का अनुरोध सुप्रीम कोर्ट से किया, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इसे नकारते हुए कहा कि अन्य मुद्दों के लिए दिल्ली हाईकोर्ट या मजिस्ट्रेट के समक्ष जाइए। दिल्ली पुलिस ने न सिर्फ पीड़िताओं का बयान दर्ज किया है, बल्कि उन्हें सुरक्षा भी प्रदान की है।

एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में जाँच आगे बढ़ रही है। उधर दिल्ली की सीमाओं पर फिर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी सीमावर्ती जिलों के DCP को निर्देश दिया गया है कि वो विष सतर्कता बरतें। सेन्ट्रल दिल्ली की तरफ जाने वाली सड़कों पर सख्त निगरानी रखने को कहा गया है। कई जगहों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। सूत्रों से खबर मिली है कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर पहलवानों का समर्थन करने पहुँच सकते हैं।

उधर प्रदर्शनकारी पहलवानों ने अब अपने मेडल्स लौटाने की भी घोषणा कर दी है। बजरंग पूनिया ने कहा कि अगर पहलवानों के साथ ऐसा ही व्यवहार होता रहा तो फिर हमे इन मेडल्स का क्या करेंगे? उन्होंने कहा कि इससे अच्छा है कि हम इन मेडल्स को लौटा कर एक सामान्य ज़िन्दगी जिएँ। उन्होंने सारे मेडल्स और अवॉर्ड्स भारत सरकार को लौटाने की घोषणा कर डाली। पहलवानों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उन्हें बुलाने की माँग की और कहा कि ये राजनीतिक मुद्दा नहीं है। उन्होंने IT सेल पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया।

खेल मंत्रालय के साथ पहलवानों की बैठक बेनतीजा, कहा – जब तक नहीं हटेंगे WFI अध्यक्ष, जारी रहेगा धरना


दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठे पहलवानों के डेलीगेशन ने खेल मंत्रालय में बातचीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। पहलवान विनेश फोगाट ने मीडिया से कहा कि हमें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। बजरंग पुनिया ने कहा है कि हम सरकार से सकारात्मक आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं। जब तक संतोषजनक आश्वासन नहीं दिया जाता हमारा धरना जारी रहेगा। बजरंग पुनिया ने कहा कि हमारी लड़ाई फेडरेशन के खिलाफ है, राज्य या केंद्र की सरकार से नहीं।

देश के कई बड़े पहलवान भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष के खिलाफ धरना दे रहे हैं। विनेश फोगाट ने कुश्ती संघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण पर यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। महिला खिलाड़ियों और महिला कोचों के साथ बदसलूकी और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया जा रहा है।

मीडिया से बात करते हुए विश्व चैंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि खेल मंत्रालय के साथ बातचीत में हमें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि हम सरकार के जवाब का इंतजार कर रहे हैं और जब तक माँगे पूरी नहीं होती धरना जारी रहेगा। विनेश फोगाट ने कहा कि हमारे पास लगाए गए आरोपों के सबूत हैं। विनेश ने आगे कहा कि फेडरेशन के अध्यक्ष ने गलत किया है। यदि उनपर कार्रवाई नहीं हुई तो हमें मजबूरन एफआईआर करवानी पड़ेगी।

विनेश ने कहा कि यौन शोषण के कारण यूपी की कुश्ती खत्म हुई है। पहलवान साक्षी मलिक ने कहा कि शोषित लड़कियों के फोन आ रहे हैं। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में दखल देकर न्याय की अपील करते हैं।

पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि हमारी लड़ाई फेडरेशन से है और हम इसे भंग करना चाहते हैं। बजरंग ने कहा कि राज्यों के कुश्ती संघ में भी उन्हीं के लोग बैठे हैं, हम चाहते हैं फेडरेशन भंग कर के नए सिरे से इसे बनाया जाए। बजरंग ने कहा कि खेल मंत्रालय के साथ बैठक में दिए गए आश्वासन से हम खुश नहीं हैं। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि हमें हरियाणा की सरकार और देश की सरकार से कोई शिकायत नहीं है। सरकार हमें सपोर्ट करती है।

उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई सरकार से नहीं व्यक्ति विशेष है। हम तब तक धरने पर बैठे रहेंगे, जब तक फेडरेशन के अध्यक्ष को हटा कर इसे भंग करने की घोषणा नहीं कर दी जाती। बजरंग ने कहा कि अब तक 6 लड़कियों ने अपने साथ गलत होने का दावा किया है।

आपको बता दें कि बृजभूषण सिंह ने पहलवानों पर ही मनमानी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “ये चाहते हैं कि हम ओलंपिक विजेता हैं, हमारा ट्रायल ना कराया जाए और ट्रायल कराया भी जाए तो पहले नेशनल के विजेता का ट्रायल हो, फिर जो जीत कर आए उनके साथ फाइनल इनका कराया जाए। इससे इन्हें दिक्कत हो रही है। वहीं गुस्सा इनका आज फूटा है।”

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “जहाँ तक इन खिलाड़ियों का सवाल हैं ये ओलंपिक पदक विजेता हैं। उसमें हमारा भी सहयोग है। ओलंपिक के बाद इन्होंने एक भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया और सब सरकार की स्कीमों का फायदा ले रहे हैं। जब राष्ट्रीय प्रतियोगिता की बात आती है तो इनकी तबीयत खराब हो जाती है। अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में इनकी तबीयत ठीक हो जाती है। अभी फेडरेशन ने निर्णय लिया कि कोई भी विजेता हो उसे नेशनल खेलना होगा, अगर वे बीमार है तो उसका मेडिकल दे।”

‘साथ सोना चाहता था कोच, कहा – मेरी बीवी बन जाओ, वरना करियर तबाह कर दूँगा’: महिला साइकिलिस्ट के खुलासे के बाद विदेश से टीम को वापस बुलाया

भारत की टॉप महिला साइकिलिस्ट ने हाल ही में अपने कोच पर सनसनीखेज आरोप लगाया। इसमें कहा गया कि कोच इस महिला खिलाड़ी के साथ सोना चाहता था, अपनी बीवी बनाना चाहता था। साइकिलिस्ट ने आरोप लगाया कि चीफ नेशनल टीम के कोच आरके शर्मा जबरदस्ती उनके रूम में घुस गए और वे ट्रेनिंग के बाद उनको मसाज भी देना चाहते थे। इस दौरान शारीरिक संबंध बनाने की भी ख्वाहिश जारी की।

यह सब चीजें महिला साइकिलिस्ट ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) को एक ईमेल में दर्ज अपनी शिकायत में कही गई हैं। शिकायत में कहा गया है कि शर्मा साइकिलिस्ट को अपनी बीबी के तौर पर देखना चाहता था। जब लड़की नहीं मानी तो कोच ने उसके करियर को खत्म करने की धमकी भी दी। जब साइकिलिस्ट ने कैंप छोड़कर भारत आने की बात की तो शर्मा ने उसके परिवार को फोन लगाया और उसकी शादी करने की बात की और दावा किया कि इस खेल में लड़की का कोई भविष्य नहीं है।

शर्मा अभी भी स्लोवेनिया में भारतीय टीम के बाकी सदस्यों के साथ हैं। वहाँ वे इसी महीने होने वाली एशियन चैंपियनशिप के लिए ट्रेनिंग कैंप को कोच कर रहे हैं। कोच आरके शर्मा 14 जून को लौटेंगे। स्लोवेनिया में आयोजित यह कैंप एशियाई खेलों के लिए तैयारी के लिए था। ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप 18 से 22 जून 2022 तक दिल्ली में आयोजित होने वाली है। यह कोच नेशनल टीम के साथ 2014 से शामिल रहा है।

इस मामले की जाँच SAI कर रहा है। इसके अलावा भारत के साइकिल फेडरेशन ने भी शिकायत दर्ज की है और एक कमेटी गठित की है। ‘साइकिल फेडरेशन ऑफ इंडिया’ के महासचिव मनिन्दर पास सिंह ने बताया कि SAI ने सभी खिलाड़ियों के पासपोर्ट माँगे हैं और स्लोवेनिया से दल को वापस बुलाया है।

शिकायत में महिला साइकिलिस्ट ने बताया कि वह स्लोवेनिया में 15 मई से 14 जून तक साइकिलिंग ट्रेनिंग कैंप में जाने के लिए तैयार थी। मगर वहाँ जाने के तीन दिन पहले ही कोच ने फोन कर कहा कि वह स्लोवेनिया में उसके साथ अकेले में होटल का कमरा शेयर करना चाहते हैं। वह कोच की बात को सुनकर काफी परेशान-हैरान थी। लेकिन, ट्रेनिंग भी जरूरी थी जिसके चलते खिलाड़ी ने तय किया कि स्लोवेनिया जाकर अपने रहने का अलग बंदोबस्त करने के लिए अनुरोध करेगी। 

शिकायत के अनुसार, 16 मई को जब खिलाड़ी स्लोवेनिया पहुँची तो वहाँ उन्होंने अलग कमरे की माँग की लेकिन कोच शर्मा ने काफी रुखा बर्ताव किया और कहा कि इससे अच्छा तो वह भारत में ही रह लेती। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसकी यह माँग नहीं सुनी गई और उनके पास कोच के रूम में रहने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा। इसके बाद टीम के सपोर्ट स्टाफ SAI के सीनियर अधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुँचाया। जिसके बाद उनके लिए तुरंत एक अलग कमरे का इंतजाम किया गया। 

हालाँकि इन सब से कोच बड़ा परेशान हो गया और उसने लड़की का करियर तबाह करने की धमकी दी। कोच ने कहा कि वह खिलाड़ी को नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE) से हटा देगा और सड़क पर सब्जी बेचने के लिए मजबूर कर देगा। शिकायत के अनुसार, कोच ने 19 मई को साइकिलिस्ट को ट्रेनिंग के बाद अपने कमरे में मसाज देने के लिए बुलाया। हालाँकि, खिलाड़ी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद 25 मई को, साइकिल चालक को लड़कों की टीम के साथ एक कार्यक्रम के लिए जर्मनी जाना था, लेकिन शर्मा यह दावा करते हुए उन्हें साथ नहीं ले गए कि कोई अतिरिक्त कमरा नहीं था।

शिकायत में आगे बताया गया है जो 29 मई को हुआ। तब कोच ने जर्मनी से वापस आने के बाद सुबह 7:00 बजे लड़की के कमरे का दरवाजा खटखटाया और जबरदस्ती उसके कमरे में घुसने की कोशिश करने लगा। उसके बाद भी वह लड़की के बेड पर लेटने की कोशिश करने लगा और जब शिकायतकर्ता नहीं मानी तो कोच उसको अपनी ओर खींचने की कोशिश करने लगा और कहा कि वह उसके साथ सो जाए।

कोच ने यह भी कहा कि अब लड़की को उसकी बीवी की तरह बर्ताव करना चाहिए क्योंकि वो उसको बहुत पसंद करता है और अपनी बीवी के तौर पर ही उसको अपने जीवन में चाहता है। लड़की इस दौरान लगातार रोती रही और कोच से गुहार लगाती रही कि वह कमरा छोड़कर चला जाए। लड़की बहुत डरी हुई थी, उसको अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित थी। इसके बाद इस घटना के बारे में लड़की ने स्पोर्ट्स मनोवैज्ञानिक को बताया। 

इन सब घटनाओं के बाद लड़की की दिमागी हालत ऐसी नहीं थी कि वह ट्रेनिंग कर पाती, इसलिए उन्होंने कमरा छोड़ने का फैसला किया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के सीईओ पुष्पेंद्र गर्ग को इस बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने 3 जून की टिकट करवाई और लड़की को भारत वापस लाया गया। इस पूरी अवधि के दौरान SAI के अधिकारी और एथलीट रिलेशनशिप मैनेजर लड़की के संपर्क में रहे। लड़की ने आर के शर्मा के खिलाफ सबसे कड़े कदम उठाने की माँग की है।

क्रिकेट और सेक्स : राजीव शुक्ला के PA रहे अकरम सैफी पर भी सलेक्शन के बदले ‘सेक्स’ की डिमांड का लगा था आरोप

राजीव शुक्ला के साथ सैफी जिन्हें बाद में क्लीनचिट मिल गई थी 
किसी खिलाडी का टीम में खेलने पर समझा जाता था, उसकी योग्यता, गुणवत्ता आदि लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलनी शुरू हो रही है, वह कुछ और ही बयान कर रही हैं। पहले तो क्रिकेट में सट्टे का बोलबाला था। जो इस बात पर सोंचने का विवश कर रहा है कि देश भ्रष्टाचार के साथ-साथ सेक्स में भी डूबा नजर आ रहा है। क्या आज हमारे नेताओं की मानसिकता इतनी गिर गयी है? क्या वास्तव में नेतागिरी सफेदपोश गुंडागर्दी बन गयी है?

“राजीव और उसके दोस्तों ने मुझे अपने सामने नंगा नचाया। मैंने दरवाजा खोलकर भागने की कोशिश की, लेकिन राजीव ने मेरे हाथ बाँध दिए। इसके बाद उसने अपने दोस्तों से मेरे साथ सेक्स करने को कहा और फिर उसने मेरा रेप किया।”

ये आरोप हैं गैंगस्टर रियाज़ भाटी की बीवी रहनुमा भाटी के। उसने अपनी शिकायत में जिस राजीव का जिक्र किया है, वे कॉन्ग्रेस नेता व पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष राजीव शुक्ला बताए जा रहे हैं।

इस मसले पर शुक्ला की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। वैसे यह पहला मामला नहीं है जब राजीव शुक्ला इस तरह के विवादों में घिरे हैं। कुछ साल पहले वे अपने निजी सहायक (PA) रहे अकरम सैफी के कारण विवादों में आ गए थे। सैफी पर उत्तर प्रदेश अंडर 23 क्रिकेट टीम में सलेक्शन के बदले ‘वेश्या और पैसे’ की डिमांड करने का आरोप लगा था। हालाँकि इस मामले में सैफी को बाद में क्लीनचिट मिल गई थी।

यह मामला 2018 का है। तब राजीव शुक्ला आईपीएल के चेयरमैन हुआ करते थे। उस समय राजीव शुक्ला उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के निदेशक भी थे। हिंदी समाचार चैनल न्यूज़ 1 ने एक ऑडियो जारी किया था। इसमें राहुल शर्मा नाम के किसी क्रिकेटर से कथित तौर पर सैफी एक लड़की को होटल में भेजने की बात कहते सुनाई पड़ रहा है। वह इसके बदले उसे टीम में सलेक्शन को लेकर निश्चिंत रहने का भी भरोसा दिलाता है। वह ऑडियो आप नीचे सुन सकते हैं।

इन आरोपों के बाद सैफी ने खुद को निर्दोष बताते हुए शुक्ला के पीए पद से इस्तीफा दे दिया था। उसने कहा था कि वह राजीव शुक्ला का सहयोगी है इसलिए उन्हें बदनाम करने के लिए उस पर आरोप लगाए जा रहे हैं। उस पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का भी आरोप लगा था। तब BCCI के एंटी करप्शन यूनिट के प्रमुख अजीत सिंह ने मामले की निष्पक्ष जाँच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार अकरम सैफ़ी पर दिल्ली में क्रिकेट खिलाडियों के लिए हॉस्टल चलाने का भी आरोप था। इस हॉस्टल में सुविधाओं के नाम पर खिलाड़ियों से मोटी रकम वसूली जाती थी। इन सुविधाओं में ट्रेनिंग भी शामिल थी। बताया जाता था कि चयनकर्ता भी अकरम सैफ़ी की बात को टालने का साहस नहीं कर पाते थे। किसी का टीम में अंदर या बाहर होना अकरम सैफ़ी पर निर्भर करता था। इस हॉस्टल का संचालन अकरम एक पूर्व आईपीएल खिलाडी के साथ मिल कर करता था।

अवलोकन करे:-

क्रिकेट में भी सेक्स : गैंगस्टर की बीवी का आरोप : कांग्रेस नेता ने नंगा नचाया, पांड्या ने किया अप्

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क्रिकेट में भी सेक्स : गैंगस्टर की बीवी का आरोप : कांग्रेस नेता ने नंगा नचाया, पांड्या ने किया अप्

इस पूरे घटनाक्रम पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासनिक कमेटी के चेयरमैन विनोद राय ने तब बताया था कि सैफी BCCI में किसी भी पद पर नहीं था। वह शुक्ला का पर्सनल असिस्टेंट था। इस मामले के बाद उसे हटा दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के लोकपाल और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने बाद में सैफी को इस मामले में क्लीनचिट दे दी थी। जाँच में उस पर लगाए गए आरोप निराधार पाए गए थे। पाया गया था कि चैनल ने कई ऑडियो रिकॉर्डिग को मिलाकर अपने अनुसार प्रसारित किया था। यह भी पाया गया था कि जिस जगह अकरम ने ऑडियो क्लिप में लड़की को भेजने की बात कही गई थी, वहाँ कोई लड़की पहुँची ही नहीं थी। राहुल शर्मा ने भी 26 जुलाई 2018 को एक हलफनामा दाखिल कर अपने सभी आरोप भी वापस ले लिए थे।

‘किसी भी खेल से पहले सेक्स करने से आती है विस्फोटक शक्ति’: 3 स्विमिंग गोल्ड मेडलिस्ट रूस की शिश्किना

साभार: इंस्टाग्राम
तीन बार की ओलंपिक चैम्पियन रही रूस की अल्ला शिश्किना (32) ने सेक्स को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। स्विमिंग चैम्पियन शिश्किना ने कहा है कि किसी भी प्रतिस्पर्धा से पहले सेक्स करना आपके प्रदर्शन को काफी बेहतर बना देता है। शिश्किना ने दावा किया है कि बढ़ी हुई उत्तेजना से टेस्टोस्टेरोन महिलाओं की मांसपेशियों के लिए काफी फायदेमंद होता है।

वैसे शिश्किना ने कोई नयी बात नहीं कही, स्मरण हो, पिछले विश्व चैंपियन ट्रॉफी में खिलाडियों से कहीं अधिक खेल स्थल एवं होटलों में मिले कंडोम समाचार चर्चा में थे। लेकिन उस समय किसी खिलाडी का विशेष रूप से नाम सामने नहीं आने की वजह से बात ज्यादा उछलने की बजाए दब गयी थी। 

अल्ला शिश्किना ओलंपिक खेलों के बाद रूसी मीडिया आउटलेट स्पोर्ट एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया। शिश्किना ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम के डॉक्टर से इस बारे में बात की थी कि सेक्स करने पर उनके प्रदर्शन पर क्या असर पड़ सकता है।

एथिलीट ने कहा, “सेक्स को लेकर मैंने डॉक्टरों के शोध पर भरोसा किया और हमारी टीम के डॉक्टर डेनिस से इसको लेकर सलाह भी ली। वैज्ञानिक समुदाय का कहना है कि अगर आपको विस्फोटक शक्ति की आवश्यकता है तो आपको सेक्स अवश्य करना चाहिए।” शिश्किना के मुताबिक, “हर जीव की अपनी खासियतें होती हैं। इसलिए सबसे पहले खुद को सुनने की जरूरत है। इसके बाद अगर आपको लगता है कि सेक्स आपकी मदद करता है तो आगे बढ़ें।” 

ज्ञात हो कि शिश्किना ने टोक्यो ओलंपिक में वीमेंस संक्रोनाइज स्विमिंग में गोल्ड मेडल जीता है।

ऑर्गेज्म के बिना सेक्स प्रतियोगिता में करता है मदद

रूसी खिलाड़ी का कहना है कि किसी भी प्रतियोगिता से पहले ऑर्गाज्म के बिना सेक्स करना उन लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है, जिन्हें मांसपेशियों में ताकत की जरूरत होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन तथाकथित ‘खेल क्रोध’ और ‘आक्रामकता’ के लिए भी ज़िम्मेदार है। अगर आपको लगता है कि यह रवैया आपको बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है, तो सेक्स से दूर रहने की आवश्यकता है।
मॉस्को में जन्मी ओलंपियन इस मिथक को खारिज करते हुए कहा कि जिन लोगों को लगता है कि बड़े स्तन पानी के ऊपर टिके रहने में मदद करते हैं, वे गलत हैं। एथिलीट ने कहा, “बड़े स्तनों के कारण ट्रेनिंग के दौरान कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।” हालाँकि, बड़े स्तन वाली महिलाओं द्वारा सर्जरी कराने पर असहमति जताते हुए खिलाड़ी ने कहा कि लोगों को ऐसे व्यायाम करने चाहिए, जिनसे मांसपेशियाँ मजबूत हों।

क़तर ने वॉलीबॉल में बिकनी पर लगाया प्रतिबंध, अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट का किया बहिष्कार

क़तर में बिकनी पर प्रतिबंध के कारण वहाँ होने वाले वॉलीबॉल टूर्नामेंट का खिलाड़ी बॉयकॉट कर रहे हैं। जर्मनी की स्टार वॉलीबॉल खिलाड़ी कार्ला बोर्गर और जूलिया सुडे ने इस टूर्नामेंट के बहिष्कार की घोषणा कर दी है।

कार्ला बोर्गर और जूलिया सुडे ने कहा कि क़तर अकेला ऐसा देश है, जहाँ वॉलीबॉल कोर्ट में बिकनी पहनने की अनुमति नहीं है। कार्ला ने कहा कि वहाँ जाकर उन्हें अपना ही काम करना है, लेकिन उस काम के लिए जो कपड़े पहनने होते हैं, उस पर ही लगाम लगाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि ये दुनिया की अकेली ऐसी सरकार है, जो खिलाड़ियों पर अपने विचार थोपते हुए बता रही है कि उन्हें उनका कार्य कैसे करना है, जिसकी वो आलोचना करते हैं।

मार्च में होने वाला ये टूर्नामेंट क़तर का पहला बीच वॉलीबॉल इवेंट होने वाला है। 7 साल पहले यहाँ पुरुषों का खेल हुआ था। जबकि इस बार सभी महिला खिलाड़ियों को निर्देश दिया गया है कि वो शर्ट और लंबे ट्रॉउज़र पहनें, जिसका विरोध हो रहा है।

‘वर्ल्ड बीच वॉलीबॉल फेडरेशन (FIVB)’ ने कहा है कि मेजबान देश की संस्कृति और नियम-कायदों को देखते हुए ये चीजें तय की जाती हैं। लेकिन, जर्मनी की दोनों खिलाड़ियों ने इन नियमों के विरोध में क़तर जाने से इनकार कर दिया है।

दोनों खिलाड़ियों ने कहा कि वो हर देश के माहौल के प्रति ढल सकती हैं, लेकिन दोहा में इतनी गर्मी रहती है कि बिकनी के बिना ये खेल नहीं हो पाएगा। सुडे ने कहा कि 2019 वर्ल्ड एथलिट चैंपियनशिप में क़तर ने कुछ रियायतें दी थीं।

मार्च में क़तर में बहुत ज्यादा गर्मी नहीं रहती है, लेकिन फिर भी तापमान 30C (86F) के आसपास घूमता रहता है। बोर्गर ने इस पर भी सवाल उठाए कि क्या इस खेल के आयोजन के लिए क़तर एक योग्य मेजबान देश है भी?

क़तर में मानवाधिकार की समस्या और इसके स्पोर्टिंग इतिहास को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं, जिन्हें हाल के दिनों में ठीक करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन, फिर भी पेंच फँस रहा है।

क़तर में इस्लामी कानून चलता है, जहाँ महिलाओं को हिजाब और बुर्का पहनने को कहा जाता है। लेकिन, हाल के दिनों में कई पर्यटक वहाँ पर पहुँचे हैं, जिन्हें नियमों में ढील की उम्मीद है।

क़तर के स्विमिंग पूल और पाँच सितारा होटलों में महिलाएँ बिकनी पहनती रही हैं। जर्मनी वॉलीबॉल फेडरेशन ने भी अपने खिलाड़ियों का समर्थन किया है। 2006 एशियन गेम्स में इसी खेल में खिलाड़ियों को बिकनी पहनने की अनुमति मिली थी।

झारखंड: 34वें राष्ट्रीय खेल में चैंपियन रही सैकड़ों मेडल विजेता विमला मुंडा ‘हड़िया’ बेचने को मजबूर

कराटे चैंपियन विमला मुंडा (साभार :ट्विटर )
प्रारम्भ से लेकर आज तक कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी सहित लगभग सभी पार्टियां खेल को प्रोत्साहन देने की लॉलीपॉप से ललचाते दिखाई देते हैं, लगता है, सभी वास्तविकता से आंख मींच लेते हैं, यदाकदा ऐसे समाचार आते रहते हैं, लेकिन अब ताजा उदाहरण झारखण्ड से 34वें राष्ट्रीय खेल चैंपियन रही विमला मुंडा का आया है। जो नेताओं और उनकी पार्टियों की कथनी और करनी में अंतर प्रमाणित कर रहा है।  

सोशल मीडिया पर राँची की एक जाँबाज खिलाड़ी की वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में एक तरफ जहाँ आप खिलाड़ी के सैकड़ों मेडल और सर्टिफिकेट देख खुश हो जाएँगे, वहीं दूसरी ओर उसकी गरीबी और लाचारी देखकर आपका दिल भर आएगा। परन्तु ट्विटर पर यह भी प्रतिक्रिया हो रही है कि किसी खिलाडी द्वारा कोई मैडल जीतने पर धन की जो वर्षा होती है, वह कहाँ जाता है या फिर चर्चा में बने रहने के लिए यह सब किया जा रहा है? क्योंकि जनता नेताओं को वायदों की बारिश से मतदाताओं को लुभाते हैं, जनता भी शायद उसी राह पर चलने का प्रयास कर रही है।    

झारखंड की राजधानी राँची के कांके में एक ऐसी प्रतिभा रहती है, जो कराटे में सिर्फ ब्लैक बेल्ट ही नहीं बल्कि नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट भी है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि प्रतिभा की धनी यह खिलाड़ी मजबूरी और बेबसी में जिंदगी गुजार रही है।

आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण विमला जैसी नेशनल प्लेयर आज हड़िया (राइस बियर) बेच कर अपना और अपने परिवार का ख्याल रख रही हैं। विमला का हड़िया बेचना अब विवशता है। कराटे की प्रैक्टिस पर भी असर पड़ रहा है। माँ दूसरे के खेतों में काम करती हैं। पिता फिजिकली फिट नहीं हैं।

वायरल वीडियो में आप विमला मुंडा के संघर्ष को देख सकते है। वीडियो अपनी व्यथा बताते हुए खिलाड़ी ने कहा, “सरकार ने खिलाड़ियों के प्रति कोई ध्यान नहीं दिया। चाहे कोई भी खेल हो। हम लोग को तो कुछ भी पता नहीं था हम बस खेल में मग्न थे। हमनें सोचा हम लोग स्पोर्ट्स में है, खेलेंगे तो आगे कुछ होगा, सरकार हमें नौकरी देगी। अब हम आदिवासी है तो खेतीबाड़ी के साथ हम हड़िया भी बेचते है। उसी के जरिए हम कंपीटिशन में जाते है। ऐसे में बहुत दिक्कत होती है।”

वहीं विमला की माँ ने बताया की विमला को पढ़ाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी है। कुछ नहीं हुआ तो आजीविका चलाने के लिए हड़िया बेचना मजबूरी है।

विमला मुंडा वैसे तो साल 2008 से ही टूर्नामेंट खेल रही हैं। इसी साल डिस्ट्रिक्ट लेवल पर इन्होंने मेडल अपने नाम किया था। इसके बाद 2009 में ओडिशा में भी पदक विजेता रही। 34वें नेशनल गेम्स में विमला ने सिल्वर मेडल जीत कर राज्य का मान बढ़ाया तो वहीं अक्षय कुमार इंटरनेशनल कराटे चैम्पियनशिप में इन्होंने दो गोल्ड मेडल जीत कर अपना और अपने राज्य का नाम रौशन किया।

इस तरह के सैकड़ों मेडल विमला ने अपने नाम किए हैं। विमला अपने मेडल और सर्टिफिकेट देखकर भावुक हो जाती हैं। कहती हैं पहले पूरे दिन सिर्फ अपने मेडल और सर्टिफिकेट को ही निहारती रहती थी.. लेकिन जैसे सच्चाई से सामना होता गया मैंने अपने सभी मेडल और सर्टिफिकेट बक्से में रख दिए हैं।