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‘हम खेलना छोड़ दें क्या’: बजरंग-विनेश की डायरेक्ट एंट्री पर रोई महिला पहलवान, कहा- हम सालों से मेहनत कर रहे, उन्होंने 1 साल से प्रैक्टिस भी नहीं की

विशाल कालीरमन और अंतिम पंघाल  (फोटो साभार: ANI)
‘भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (IOA)’ ने निर्णय लिया कि एशियन गेम्स में बजरंग पूनिया और उनकी साली विनेश फोगाट को बिना ट्रायल के ही डायरेक्ट एंट्री दी जाएगी। अब इस पर विवाद खड़ा हो गया है कि अन्य खिलाड़ियों ने न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। 65 किलोग्राम वर्ग में खेलने वाले विशाल कालीरमन और महिला पहलवान अंतिम पंघाल ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। बजरंग-विनेश ‘पहलवान आंदोलन’ में भी खासा सक्रिय रहे थे।

विशाल कालीरमन ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की जब ट्रायल हुई थी तब वो फाइनल मुकाबले में बजरंग पूनिया से हार गए थे, लेकिन अब बिना ट्रायल के एशियन गेम्स में बजरंग पूनिया का इलेक्शन कर लिया गया है। विशाल कालीरमन ने कहा कि पिछले एक साल से बजरंग पूनिया प्रैक्टिस भी नहीं कर रहे हैं, जबकि वो और बाकी खिलाड़ी लगातार प्रैक्टिस में लगे हुए हैं। उन्होंने अपील की कि कम से कम उनलोगों का ट्रायल तो लिया जाए, वो कोई फेवर या फायदा नहीं माँग रहे।

उन्होंने कहा, “हम ये माँग नहीं कर रहे हैं कि हमें सीधा फाइनल-सेमीफाइनल लड़ा दिया जाए। पिछली बार भी कॉमनवेल्थ ट्रायल में बजरंग पूनिया को सीधा सेमीफाइनल में दिखाया गया था, जबकि हमने 5-5 कुश्तियाँ लड़ी थीं और तब फाइनल हुआ था। इसके लिए हम कोर्ट में भी जा सकते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से हम अपनी बात रख रहे हैं। हम समर्थन की अपील करते हैं। हमारे घर वाले धरना भी कर रहे हैं जगह-जगह। हम भी धरना देंगे।”

उन्होंने कहा कि 15-15 साल हो गए और उन्हें ट्रायल में भी मौका नहीं दिया जाएगा तो भला उनके पहलवानी करने का फायदा ही क्या है? उन्होंने रवि दहिया और दीपक पूनिया जैसे अन्य खिलाड़ियों का भी नाम लिया और कहा कि केवल 2 खिलाड़ियों का नाम ही क्यों डाला गया? उन्होंने कहा कि बजरंग पूनिया मना करेंगे कि वो एशियन गेम्स में नहीं जाएँगे तभी ट्रायल होगा। उन्होंने कहा कि जहाँ ट्रायल लिया जाएगा एशियन गेम्स के लिए, वहीं मैट पर वो लोग धरना करेंगे।

वहीं अंडर-24 चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहलवान अंतिम पंघाल ने भी इस पर आपत्ति जताई कि महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में विनेश फोगाट को डायरेक्ट भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से विनेश फोगाट ने कोई प्रैक्टिस नहीं की है और उनकी इंजरी भी हुई थी। उन्होंने बड़ा दावा किया कि कॉमनवेल्थ के ट्रायल के समय 3 दिन विनेश फोगाट के साथ उनका मुकाबला हुआ था और उनके साथ चीटिंग हुई थी।

उन्होंने कहा कि तब उन्होंने और मेहनत करने की बात कही थी, लेकिन एक ही खिलाड़ी एशियन गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक में जाए – ऐसा कैसे हो सकता है? उन्होंने लोगों से अपील कि कि वो उनका साथ दें। उन्होंने कहा कि उनके माँ-पिता उनके लिए गाँव छोड़ कर उनके साथ रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतने दिनों से जी-जान से वो प्रैक्टिस कर रही हैं, क्या वो पहलवानी छोड़ दें? उन्होंने कहा कि बहुत सी ऐसी लड़कियाँ हैं जो विनेश फोगाट को हरा सकती हैं।


केजरीवाल से कम नहीं जंतर-मंतर वाले पहलवान : जिनके भी सुर हुए अलग उनके मेडल खोटे

पीटी उषा, योगेश्वर दत्त, बबीता फोगाट (साभारः स्पोर्ट्स अनटोल्ड/मिड डे/एनडीटीवी)
भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के निवर्तमान अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ धरना देने वाली विनेश फोगाट ने अब ओलंपियन योगेश्वर दत्त पर हमला बोला है। विनेश आलोचना तो करती हैं, लेकिन शब्दों की मर्यादा भी भूल जाती हैं। भाजपा सांसद के बाद योगेश्वर के मामले में भी यह देखने को मिल रहा है। अगर दूसरे शब्दों में कहें तो ये पहलवान कुश्ती की अरविंद केजरीवाल साबित हो रही हैं।

जंतर मंतर पर अपनी मनमाफिक बात मनवाने के लिए धरना देने वाले पहलवानों ने जाट खाप पंचायतों से लेकर किसानों तक का सहयोग लिया। हालाँकि, उन्होंने पूरे मामले में जिसने भी सही बात की, उनके ऊपर ये लोग कीचड़ उछालने लगे। विनेश फोगाट ने दिल्ली पुलिस, IOA (भारतीय ओलंपिक संघ) के बाद अब योगश्वर दत्त पर भी यही कीचड़ उछालना शुरू कर दिया है।

दरअसल, IOA की एडहॉक कमिटी ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले 6 पहलवानों- विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, संगीता फोगाट, सत्यव्रत कादियान और जितेंद्र किन्हा  को ट्रायल में छूट दी है। इन पहलवानों को एशियन और ओलंपिक, दोनों चैंपियनशिप में भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए सिर्फ ट्रायल के विजेताओं को हराने की जरूरत होगी।

इसी को लेकर योगेश्वर दत्त ने सवाल उठाया है। दत्त ने इसे कुश्ती के लिए काला दिन बताते हुए कहा, “सिर्फ यही 6 पहलवानों को ट्रायल में छूट देना मेरी समझ के बाहर है। बिना नियम देखे और बिना क्राइटेरिया बनाए लिया गया यह फैसला गलत है। तो जितने भी पहलवान हैं … लड़कियाँ हैं… अपनी आवाज जरूर उठाइए।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं ये नहीं कहता कि धरना कीजिए, प्रदर्शन कीजिए… लेकिन अपनी आवाज मीडिया के माध्यम से उठाइए, आप प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखिए, गृहमंत्री जी को पत्र लिखिए, खेलमंत्री अनुराग ठाकुर जी को पत्र लिखिए, IOA को पत्र लिखिए।”

योगेश्वर दत्त द्वारा सवाल उठाए जाने पर विनेश फोगाट भड़क गईं और ट्विटर पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा दिया। अपने पोस्ट में उन्होंने योगेश्वर दत्त को ना सिर्फ छवि का हनन करने की कोशिश की है, बल्कि उन्होंने भाषा की मर्यादा को खत्म करते हुए ‘तू-तड़ाक’ भी किया है। उन्होंने दत्त पर कई आरोप लगाए।

विनेश ने लिखा, “योगेश्वर दत्त का वीडियो सुना तो उसकी वह घटिया हँसी दिमाग़ में अटक गई। वह महिला पहलवानों के लिए बनी दोनों कमेटियों का हिस्सा था। जब कमेटी के सामने महिला पहलवान अपनी आपबीती बता रही थीं तो वह बहुत घटिया तरह से हँसने लगता। जब 2 महिला पहलवान पानी पीने के लिए बाहर आयीं तो बाहर आकर उनको कहने लगा कि कुछ ना हो बृजभूषण का। जाके अपनी प्रैक्टिस कर लयो।”

उन्होंने आगे लिखा, “एक दूसरी महिला पहलवान को बड़े भद्दे तरीक़े से बोला कि ये सब तो चलता रहता है। इसको इतना बड़ा इशू मत बनाओ। कुछ चाहिए हो तो मुझे बताओ। कमेटी की बैठक के बाद योगेश्वर ने महिला पहलवानों के नाम बृजभूषण और मीडिया को लीक कर दिए। उसने कई महिला पहलवानों के घर फ़ोन करके यह भी कहा कि अपनी लड़की को समझा लो। वह पहले ही सरेआम महिला पहलवानों के ख़िलाफ़ बयान दे रहा था, उसके बावजूद उसे दोनों कमेटियों में रखा गया।”

योगेश्वर पर व्यक्तिगत आरोप लगाते हुए विनेश ने आगे कहा, “वह पहलवानों और कोचों को महिला पहलवानों के आंदोलन में शामिल होने से लगातार रोकता रहा। सारा कुश्ती जगत समझ गया था कि योगेश्वर बृजभूषण की थाली का झूठा खा रहा है। कुश्ती जगत को आपका बृजभूषण के तलवे चाटना हमेशा याद रहेगा। समाज में कोई भी अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है तो योगेश्वर ज़रूर उल्टियाँ करता है। पहले किसानों, जवानों, छात्रों, मुसलमानों, सिखों पर घटिया टिप्पणियाँ कीं और अब महिला पहलवानों को बदनाम करने में लगा हुआ है।”

दत्त को गद्दार बताते हुए विनेश ने आगे कहा, “समाज से ग़द्दारी के कारण ही दो बार चुनाव में औंधे मुँह गिरे हो तुम। मैं चैलेंज करती हूँ कि कभी ज़िंदगी में चुनाव नहीं जीतोगे, क्योंकि समाज ज़हरीले नाग से हमेशा सावधान रहता है और उसके कभी पैर नहीं लगने देता। महिला पहलवानों को तोड़ने में इतना ज़ोर मत लगाओ। ध्यान रखना कहीं ज्यादा जोर लगवाने से कमर न टूट जाए। रीढ़ तो पहले ही बृजभूषण के पैरों में रख चुके हो। तुम बहुत संवेदनहीन इंसान हो। ज़ालिम के हक़ में खड़े हो, उसकी चापलूसी कर रहे हो। जब तक कुश्ती में योगेश्वर जैसे जयचंद रहेंगे, यकीनन जालिमों के हौसले बुलंद रहेंगे।”

दरअसल, ये पहलवान उन सबको निशाना बना रही हैं, जो उनसे अलग राय रखता है। ये पहलवान उन्हें बृजभूषण शरण सिंह का आदमी बताकर तुरंत अपराधी घोषित कर देती हैं। ये वही पहलवान हैं, जिन्होंने धरना दिया कि बिना उनके FIR दर्ज कराए बृजभूषण सिंह को कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद से हटा दिया जाए। उस वक्त उन लोगों ने साफ कहा था कि वे एशियन या ओलंपिक चैंपियनशिप के लिए ट्रायल नहीं देंगी। यही उनकी प्रमुख माँग थी। इसका वीडियो भी सामने आया था।

दरअसल, बृजभूषण शरण सिंह ने साफ कर दिया था कि विशेषाधिकार किसी को नहीं मिलेगा। सबको ट्रायल में अपनी-अपनी वेट कैटेगरी के पहलवान को हराना होगा। जो जीतेगा वही टीम में शामिल होगा। इसके खिलाफ पहलवान धरने पर बैठ गईं। बाद में उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया गया। इनमें एक आरोप एक नाबालिग लड़की के नाम पर था। हालाँकि, बाद में उस नाबालिग ने अपना बयान वापस लेते हुए साफ कर दिया कि उसने साथ बृजभूषण शरण सिंह ने कुछ नहीं किया और इन पहलवानों ने उस पर ऐसा करने के लिए दबाव बनाया।

दरअसल, धरनेबाज पहलवान चाहते थे कि POCSO एक्ट में बृजभूषण सिंह की तुरंत गिरफ्तारी हो जाएगी, उसके बाद कुश्ती संग वो अपने हिसाब से चलाएँगे। उन्होंने यहाँ तक माँग कर डाली थी कि कुश्ती संघ में बृजभूषण सिंह और उनका कोई भी आदमी चुनाव नहीं लड़ना चाहिए और ना ही इसमें मतदान करना चाहिए। धरनेबाज पहलवानों के अनुसार, पिछली बार खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ हुई मुलाकात में इस पर सहमति भी बनी है।

इन पहलवानों का साफ मानना है कि उनसे सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए। जो उनसे सवाल पूछेगा वो उनका विरोधी है, चाहे वह सरकार हो या खिलाड़ी। इन पहलवानों तो एक बार यहाँ तक आरोप लगा दिया था कि खेल मंत्री अनुराग ठाकुर बृजभूषण शरण सिंह को बचाव कर रहे हैं। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जब दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की तो इन पहलवानों ने साफ कह दिया कि उन्हें दिल्ली पुलिस पर विश्वास नहीं है।

विनेश फोगाट ने कहा था, “हमारी माँग है कि उन्हें (बृजभूषण शरण सिंह को) जेल में डाला जाए। उन्हें हर एक पद से हटाया जाए। सांसद पद से भी इस्तीफा दें।” वहीं, प्रदर्शन कर रहे बजरंग पूनिया ने कहा था, “उनको (बृजभूषण सिंह को) तुरंत जेल मे डाला जाना चाहिए। हम पुलिस की FIR का इंतजार कर रहे हैं कि किन धाराओं में केस दर्ज होता है। हमारा फोन केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने नहीं उठाया।”

पहलवान साक्षी मलिक ने यहाँ तक कह दिया था कि जाँच में पहलवान दिल्ली पुलिस को सहयोग नहीं करेंगे और ना ही इस मामले में अपना बयान दर्ज कराएँगे। साक्षी ने कहा था, “हम अपना बयान सुप्रीम कोर्ट में दर्ज कराएँगे। उनको (बृजभूषण शरण सिंह) को जेल में डालने और सभी पदों से हटाने के बाद ही हमारा प्रदर्शन खत्म होगा।” 

पहलवानों की धरने और बयानबाजी को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ (IOC) ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। ओलंपिक संघ ने कहा था कि पहलवान धरना देकर भारत की छवि को धूमिल कर रहे हैं। IOC ने पहलवानों को एथलीट कमीशन में आने के लिए कहा। IOC की अध्यक्ष पीटी उषा ने पहलवानों के धरने को अनुशासनहीनता बताया था।

इसके बाद पहलवान पीटी उषा पर भड़क गए थे। पहलवान साक्षी मलिक ने पीटी उषा पर ही सवाल दाग दिया। साक्षी मलिक ने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा, “मैं पीटी उषा का सम्मान करती हूँ। उन्होंने हमें प्रेरित किया है, लेकिन मैं मैम से पूछना चाहती हूँ कि महिला पहलवानों ने आगे आकर उत्पीड़न का मुद्दा उठाया है। क्या अब हम विरोध भी नहीं कर सकते।”

इतना ही नहीं, पीटी उषा जब इन पहलवानों से मिलने के लिए 3 मई 2023 को जंतर मंतर पर गईं तो उनके धक्का-मुक्की, खींचतान और बदतमीजी की गई। इसका एक वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में एक महिला थप्पड़ ताने नजर आती है और पीटी उषा बचने की कोशिश करती हुई दिख रही हैं। सुरक्षाबल ने बड़ी मुश्किल से उन्हें वहाँ से निकाला था।

इसी तरह, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के एक-एक गिरने के बाद पहलवान बौखला गए। साक्षी मलिक और उनके पति सत्यव्रत ने सामूहिक रूप से एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने एक कागज दिखाते हुए आरोप लगाया था कि उनके प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति भाजपा नेता बबीता फोगाट ने दिलाई थी। इसमें उन्होंने भाजपा नेता तीरथ राणा का भी नाम लिया था। इस दौरान साक्षी मलिक कॉन्ग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा का बचाव भी करती नजर आईं।

वीडियो सामने आने के बाद बबीता फोगाट ने दोनों के आरोपों को हास्यास्पद बताया था। बबीता ने पहलवानों पर आरोप लगाया कि वो अपने मामले में उन नेताओं का साथ ले रहे हैं जिन पर पहले से बलात्कार के केस चल रहे हैं। नए संसद भवन के उद्घाटन के दिन किए गए हंगामे और गंगा में मेडल बहाने जैसे प्रयासों को बबीता ने शर्मनाक कदम बताते हुए इसे देश की छवि को गिराने वाला काम बताया। उन्होंने पीएम पर भरोसा जताते हुए साक्षी और उनके पति पर कॉन्ग्रेस की कठपुतली बन जाने का भी आरोप लगाया। 

इस तरह, विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक जैसे पहलवानों ने अपने साथी खिलाड़ियों से लेकर IOA की प्रमुख को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया कि उन लोगों का बयान इन पहलवानों को पसंद नहीं आया। वहीं, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय मंत्री को इसलिए निशाना बनाया कि उन्होंने बृजभूषण सिंह को तुरंत गिरफ्तार करने की माँग की थी, जिस पर बिना आँख मूँदे अमल नहीं हुआ। इन तमाम कहानियों के बाद आखिरकार IOA की एडहॉक द्वारा उनकी वो सारे माँगें मान ली हैं, जिसको लेकर पहलवानों ने आरोप लगाए और अपने साथियों तक को निशाना बनाया। इसलिए सोशल मीडिया पर इन पहलवानों को रंग बदलने में सीएम केजरीवाल से भी दो कदम आगे बताया जा रहा है।


जिसके कारण बृजभूषण पर लगा पॉक्सो, उसकी उम्र पर भी सवाल: चाचा बोले- मेरी भतीजी का विनेश, साक्षी और पूनिया ने किया इस्तेमाल, पिता बोले- 16 की उम्र में ही शोषण

                                  साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया पर गुमराह करने का आरोप
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण के खिलाफ कथित आंदोलन चला रहे पहलवानों पर गंभीर आरोप लगा है। खुद को नाबालिग पहलवान का चाचा बताने वाले अमित पहलान ने सोमवार (29 मई 2023) को मीडिया से कहा है कि साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया जैसे पहलवान उनके परिवार को गुमराह कर रहे हैं। उनकी भतीजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालाँकि मंगलवार (30 मई) को लड़की के पिता मीडिया के सामने आए और उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी नाबालिग है और उसके साथ एक कैंप के दौरान यौन शोषण हुआ था।

आंदोलन कर रहे पहलवानों ने बृजभूषण शरण पर नाबालिग पहलवान समेत कुल सात महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप लगाया है। अमित पहलवान का कहना है कि जिस नाबालिग पहलवान की बात आंदोलनकारी पहलवान कर रहे हैं वो उनकी भतीजी है। अमित ने कहा है कि उनकी भतीजी बालिग है। उसका जन्म 22 फरवरी, 2004 को हुआ था। पहलवान पॉक्सो और यौन शोषण का आरोप लगाकर बृजभूषण को फँसाना चाहते हैं।

अमित ने आज तक से बात करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे पहलवान साक्षी और विनेश ने मेरे भाई को गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि विनेश, साक्षी और बजरंग पूनिया ने मिलकर इतनी गहरी साजिश रची है जिसकी हमें भी खबर नहीं हुई। पहले वो लोग जनवरी-फरवरी में धरने पर बैठे लेकिन मामला पेचीदा हो गया। इसके बाद 2-3 महीने प्लानिंग की और दूसरी तिकड़म लगाई।

अमित का दावा है कि उनकी भतीजी के साथ कुछ भी नहीं हुआ है। आंदोलन कर रहे लोग राजनीतिक मकसद से झूठे दावे कर रहे हैं। 20 साल की लड़की को 16 साल का दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे न्याय चाहते हैं और विनेश फोगाट व उनके साथी पहलवानों को सजा दिलवाना चाहते हैं।

अमित के बाद उनके भाई और लड़की के पिता मीडिया के सामने आए। पिता ने कहा कि उनकी दो बेटियाँ व एक बेटा था। बड़ी बेटी की 2 साल की उम्र में मौत हो गई। इसके बाद बड़ी बेटी का नाम ही छोटी बेटी को दे दिया। छोटी बेटी अब भी नाबालिग है और पहलवानी करती है। जब वह 16 साल की थी तब एक कैंप के दौरान उसके साथ उत्पीड़न हुआ था। तब बृजभूषण सिंह के खिलाफ बोलने की हिम्मत किसी में नहीं थी। अब बेटी ने ही उन्हें यौन उत्पीड़न की जानकारी दी।

पीड़िता के पिता ने कहा कि उनका आंदोलनकारी पहलवानों से कोई लेना देना नहीं है, उन्हें अपनी न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। अपने भाई के बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पिता ने कहा कि अमित लड़की का ताऊ है। सात साल से दोनों के बीच बातचीत बंद है। उन्होंने दावा किया कि जो कागजात अमित दिखा रहे हैं वह बड़ी बेटी के जन्म के हैं।

इसके पहले आंदोलन कर रहे पहलवानों ने विरोध जताते हुए अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करने की धमकी दी थी। इसके लिए सभी पहलवान हरिद्वार पहुँच भी गए थे। हरिद्वार पहुँचने के घंटे भर बाद भी किसी ने मेडल प्रवाहित नहीं किए। थोड़ी देर बाद भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत हरिद्वार पहुँचते हैं और पहलवानों से मेडल लेकर सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम देते हैं। नरेश टिकैत ने 5 दिनों के भीतर सब ठीक कर देने का वादा भी किया।

संघ के महासचिव राकेश कोच का आरोप : विनेश फोगाट और साक्षी के साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ।; क्या सुप्रीम कोर्ट से ऊपर खाप पंचायत? विनेश फोगाट के वीडियो पर बवाल

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच विनेश फोगाट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह खाप पंचायत के फैसले को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से पहले बता रही हैं। वहीं, जाट समाज ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर गुरुवार (4 मई, 2023) को जानकारी दी कि 7 मई को सभी खाप जंतर-मंतर जाएँगी। जाट समाज ने ट्वीट किया, “सोरम मुजफ्फरनगर में सर्वखाप मुख्यालय पर आयोजित खाप चौधरियों की बैठक के निर्णयानुसार, 7 मई को सभी खाप जंतर-मंतर जाएँगी।

दिल्ली पुलिस द्वारा खिलाड़ियों से अभद्रता करने वाले तैनात पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने के लिए 2 दिन का वक्त दिया गया है। बाकी सभी निर्णय जंतर-मंतर पहुँचकर लिए जाएँगे।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे विनेश फोगाट के वीडियो को सबसे पहले ट्विटर पर रवि भदौरिया नाम के एक इन्फ्लुएंसर ने शेयर किया था। वीडियो में भारतीय पहलवान को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “हमारे बुजुर्ग और खाप पंचायतें ही हमारे सभी बड़े फैसले लेती आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से पहले हमारा जो भी फैसला होता है, वह हमारी खाप पंचायत लेती है। इसलिए खाप पंचायत जो भी फैसला करेगी, हम उनका पालन करेंगे।”

भारतीय पहलवान द्वारा देश के सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय से ऊपर खाप पंचायत के फैसले को बताने से विवाद गहरा गया है। लेकिन, पूरी वीडियो में विनेश को यह कहते हुए भी सुना गया कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करती हैं और सभी कानूनी विकल्पों की तलाश कर रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 4 मई को महिला पहलवानों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई बंद करने का फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने कहा कि पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए याचिका दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है, इसलिए अब इस मामले में आगे की सुनवाई बंद की जाती है।

दरअसल, बबीता फोगाट, विनेश फोगाट, संगीता फोगाट, साक्षी मलिक सहित 7 महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर खिलाड़ियों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। इन खिलाड़ियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका देकर कहा था कि दिल्ली पुलिस उनकी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं कर रही है।

7 मई को उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की तक़रीबन एक दर्जन खाप देशवाल, राठी, बुड़ियांन, दुड्डा, बेनीवाल, कुंड, निर्वाल, बालियान, घनघस, लाटीयान, अहलावत और बत्तीसा के चौधरी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे खिलाड़ियों के विरोध प्रदर्शन पर एकजुट होंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। इससे पहले खाप पंचायतों ने पहलवानों की माँगे जल्द पूरी नहीं करने पर बंद की धमकी दी थी।

उल्लेखनीय है कि खाप पंचायतें अक्सर गलत कारणों से चर्चा में रही हैं, जिसमें अंतर-जातीय विवाह को ‘अवैध’ घोषित करने का प्रयास और ऑनर किलिंग को लेकर उनके फैसले शामिल हैं।

हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव ने पहलवानों पर आरोप लगाया

वहीं, हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव राकेश कोच ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का समर्थन किया है। उन्होंने महावीर फोगाट परिवार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। राकेश कोच ने बीते दिनों कहा था कि उनका परिवार कुश्ती संघ पर कब्जा करना चाहता है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा को WFI का अध्यक्ष बनवाना चाह रहे हैं। इसलिए वे खिलाड़ियों को भड़का रहे हैं।
अवलोकन करें:-
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों पर निशाना साधते हुए राकेश कोच ने यह भी कहा था कि ये खिलाड़ी किसी कार्यक्रम में आने के लिए पैसे लेते हैं। बजरंग पुनिया सरकारी अधिकारी हैं और रेलवे की अनुमति के बिना वे धरने पर बैठे हैं। विनेश फोगाट और साक्षी के साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ।

‘मेरा कभी नहीं हुआ उत्पीड़न, खेल जगत में ऐसे मामलों की मुझे जानकारी नहीं’: विनेश फोगाट का पुराना वीडियो

चमगादड़ जब उल्टा लटकता है
तो उसे लगता है उसने धरती
पलट दी....
बस ऐसे ही कुछ लोगों को लगता
है कि 24 में सरकार पलट
देंगे.??
कई पहलवानअपने ही जाल में खुद उलझती जा रही पहलवानें। अब तो सम्पूर्ण जगत उड़ा रहा इनका उपहास। 
और अब खिलाड़ी सिर्फ इनका मोहरा बनकर रह गए है। यदि पहलवानों का भी यौन शोषण होता है तो पहलवान होने पर धिक्कार है लानत है। यानि टूलकिट देश में अराजकता फैला रहा है। जितने भी मोदी और भाजपा विरोधी है, सब इस आग को हवा देने मैदान में कूद असली समस्या से ध्यान भटका रहे हैं। 

पहलवानों और WFI का विवाद (व्याख्या) इस पूरे विवाद में 4 पक्ष हैं: 

1. बृज भूषण सिंह - भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष 

2. कुछ प्रमुख विरोध करने वाले पहलवान - बजरंग पुनिया, विनेश फोगट, साक्षी मलिक 

3. दीपेंद्र हुडा

 4 राजनेता 

2011 में, रेसलिंग फेड ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए। जम्मू-कश्मीर के पहलवान दुष्यंत शर्मा जीत गए और अध्यक्ष बने। हरियाणा कुश्ती फेड ने इस चुनाव को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी और केस जीता कोर्ट ने फिर से चुनाव कराने को कहा क्योकि  कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा WFI का अध्यक्ष बनना चाहते थे।  

BBS सिंह ने भी चुनाव लड़ने का फैसला किया, उस समय वह समाजवादी पार्टी में थे - 

उन्होंने मुलायम सिंह से मदद मांगी, मुलायम ने अहमद पटेल से बात की। 

उस समय कांग्रेस सपा के समर्थन से सत्ता में थी

अहमद पटेल ने दीपेंद्र हुदा को पीछे हटने के लिए कहा उन्होंने भारी मन से नामांकन वापस लिया 

BB सिंह 2012 में WFI के अध्यक्ष बने - अध्यक्ष पद 4 साल के लिए है, उन्होंने 2015 और 2019 में भी जीत हासिल की। 

2014 में, वह फिर से बीजेपी में शामिल हो गए और बीजेपी  केंद्र में जीती, इसलिए उन्हें बीजेपी से समर्थन मिला

-बृजभूषण सिंह बीजेपी के पुराने सदस्य हैं, वे राम मंदिर आंदोलन में भी शामिल थे और बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए पहले व्यक्ति थे। 

दीपेंद्र हुड्डा 2011, 2015 और 2019 में हरियाणा कुश्ती संघ के अध्यक्ष बने

बीबी सिंह भारतीय इतिहास में WFI के सबसे सफल अध्यक्ष बने। 

उनके कार्यकाल में भारतीयों ने कई मेडल जीते ,

इससे WFI में उनकी स्थिति और मजबूत हुई लेकिन सबसे ज्यादा मेडल हरियाणा के पहलवानों ने जीते

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सबसे चर्चित केस में से एक 2016 में सुशील कुमार और नरसिंह यादव के बीच हुआ था। 

सुशील ओलंपिक पदक विजेता थे और वह रियो ओलंपिक में खेलना चाहते हैं लेकिन WFI नरसिंह को भेजना चाहता था। 

सुशील हरियाणा के थे और नरसिंह यूपी के। 

हाईकोर्ट पहुंचा मामला, कोर्ट ने सुनाया फैसला

नरसिंह के पक्ष में लेकिन जाने से पहले ही वह डोप टेस्ट में फेल हो गए। 

उन्होंने सुशील कुमार को दोषी ठहराया और कहा की हरियाणा के कुछ खिलाडिय़ों ने उनके खाने में मिलावट की।

2020 में, एक और विवाद तब हुआ जब विनेश फोगट को निलंबित कर दिया गया जब उन्होंने भारतीय लोगो के स्थान पर अपनी ड्रेस पर प्रायोजक लोगो प्रदर्शित किया

टोक्यो ओलंपिक में। 

उसने अन्य पहलवानों के साथ रहने से भी इनकार किया। 

वह पदक नहीं जीत सकीं - WFI और हरियाणा के पहलवानों के बीच विवाद तब बढ़ा जब WFI ने नवंबर 2021 में नए चयन नियम लाए, 

नए नियमों के अनुसार, प्रत्येक और प्रत्येक पहलवान पदक धारक या नहीं

उन्हें नेशनल खेलना है और ट्रायल से गुजरना है।

WFI ने हर राज्य का कोटा भी तय किया।

 हरियाणा फेडरेशन ने किया इसका भारी विरोध लेकिन WFI पीछे नहीं हटी- बी बी सिंह और हरियाणा फेडरेशन के बीच जून 2022 में खुली लड़ाई हुई थी WFI ने हरियाणा फेडरेशन को किया भंग 

हरियाणा फेड के अध्यक्ष पद से दीपेंद्र हुड्डा को हटाकर रोहतास को नया अध्यक्ष नियुक्त किया। 

दूसरी तरफ बजरंग, विनेश और साक्षी नए चयन नियमों का विरोध कर रहे थे और उन्होंने गुजरात में राष्ट्रीय खेलों और दिसंबर में नई दिल्ली में चयन ट्रायल में भाग नहीं लिया।

दिसंबर 2022, डब्ल्यूएफआई ने साफ किया कि चयन ट्रायल में भाग लेने वालों पर केवल एशियाई खेलों के लिए विचार किया जाएगा, यानी बजरंग, विनेश और साक्षी के लिए खेल खत्म - जनवरी 2023, उन्होंने जंतर मंतर पर बीबी सिंह के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया। उनके शुरुआती आरोप कार्यशैली के थे

लेकिन यह यौन उत्पीड़न का एंगल बाद में आया - 

सरकार द्वारा नियुक्त समिति के बाद उन्होंने अपना विरोध बंद कर दिया - डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष का अगला चुनाव मई 2023 को निर्धारित किया गया था।

लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि बीबी सिंह अपने बेटे को अध्यक्ष पद के लिए बढ़ावा देने की योजना बना रहे हैं 

- बजरंग, विनेश और साक्षी बिना चयन परीक्षण के एशियाई खेल खेलना चाहते थे, 

हुडा अध्यक्ष बनना चाहते थे और आम विरोधी बीबी सिंह थे इसलिए दोनों ने हाथ मिलाया

- अप्रैल 2023 से उन्होंने बीबी सिंह के खिलाफ फिर से धरना शुरू कर दिया। 

अपने पिछले विरोध में उनके मुख्य आरोप असभ्य व्यवहार और बीबी सिंह के तथाकथित दुराचार थे, 

लेकिन इस बार उन्होंने अपनी योजना पूरी तरह से बदल दी और केवल यौन उत्पीड़न के बारे में बोलना शुरू कर दिया।

- हुड्डा की योजना इस मामले का उपयोग करने और WFI के अगले अध्यक्ष बनने की है कि वह 2012 में नहीं बन सके - 

सरकार ने मई 2023 के चुनावों को रद्द कर दिया और एक तदर्थ समिति का गठन किया

 - अब यहाँ राजनेताओ की एंट्री होती है 

- कर्नाटक चुनाव चल रहा है, राजस्थान , एमपी चुनाव आर आ रहे हैं

हरियाणा में अगले साल चुनाव है. 

इसलिए राजनेताओ ने इस मौके का भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल करने की सोची 

- इस केस को निम्नलिखित बिंदुओं पर इस्तेमाल करने के लिए एक टूल किट तैयार किया गया

 1. भाजपा को महिला विरोधी के रूप में चित्रित करना 

2. भाजपा को जाट विरोधी के रूप में चित्रित करना 

3. जाट और राजपूत के बीच दरार पैदा करना

 4. हिंदुओं को विभाजित करना

- राजस्थान , हरियाणा में जाट की बड़ी संख्या है

 बीजेपी ने 2014, 2019 में सभी हिंदुओं को सफलतापूर्वक एकजुट किया।

अब हिंदुओं को बांटने की योजना बनाई गई है 

 - सच्चाई यह है कि वे 7 महिलाएं कौन हैं जिन्हें प्रताड़ित किया गया, कोई नहीं जानता 

- बीवी श्रीनिवास के खिलाफ असम की अपनी ही पार्टी के सदस्य के लिए स्टैंड नहीं लेने वाली प्रियंका वाड्रा पहुंचीं

कांग्रेस ,जाट और राजपूत समूह ने अचानक मोदी को गाली देना और धमकी देना शुरू कर दिया। 

वर्तमान में इसकी भविष्यवाणी करना मुश्किल है लेकिन यह दर्शाता है कि राजनेता  इसका उपयोग भारत में विशेष रूप से जाट और राजपूत के बीच जाति विभाजन पैदा करने के लिए करेगा। 

विनेश फोगाट- 2015 मे जब मै तुर्की खेलने गई थी, तब अध्यक्ष जी ने मेरा यौन शोषण किया था

कमेटी-  मगर 2015 मे तो तुर्की के कंपीटिशन मे आप गई ही नही थी, तो फिर यौन शोषण कैसे कर लिया गया 

विनेश फोगाट:- साॅरी साॅरी मै डेट भूल गई थी। जब 2016 मे मै मंगोलिया खेलने गई थी, तब वहाँ अध्यक्ष जी ने मेरा यौन शोषण किया था।

कमेटी : - मतलब मंगोलिया मे अध्यक्ष जी ने आपका यौन शोषण किया था?

विनेश फोगाट :- हाँ जी मंगोलिया मे किया था। 

कमेटी :- ये कैसे संभव है, जबकि मंगोलिया टूर पे तो ब्रजभूषण सिंह गये ही नही थे।

विनेश फोगाट :- हमे तो जी कमेटी पर यकीन नही है।

सारा मामला नए नियम का है जो नया नियम सभी को क्वालीफायर के लिए लोकल खेलकर जाना है जिसे इनको मंजूर नही इन खिलाड़ियों को डारेक्ट क्वालीफायर चाहिए ये नई प्रतिभागीयो के लिए नाइंसाफ़ी होगी  

‘मेरा कभी नहीं हुआ उत्पीड़न, खेल जगत में ऐसे मामलों की मुझे जानकारी नहीं’: विनेश फोगाट

दिल्ली के जंतर-अंतर पर ये आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन करने बैठे हुए हैं कि WFI (भारतीय कुश्ती संघ) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों का यौन शोषण किया है। हालाँकि, अब पहलवान विनेश फोगाट का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो साढ़े 4 साल पुराना है। नवंबर 2018 के इस वीडियो में वो ये कहती हुई दिख रही हैं कि वो ‘Me Too’ का शिकार नहीं बनी हैं और उनके साथ ऐसा कुछ गलत नहीं हुआ है।

ये नवंबर 2018 का समय था, जब दुनिया भर में और भारत में भी कई महिलाओं ने अपने साथ हुई यौन शोषण की घटनाओं का खुलासा करते हुए आरोप लगाए थे। इसी दौरान एक कार्यक्रम में पहुँचीं विनेश फोगाट से इसे लेकर सवाल पूछा गया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि खेल जगत में भी ऐसे मामले हो सकते हैं, लेकिन उन्हें इनकी कोई जानकारी नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा था कि उनके पूरे करियर में उन्होंने उत्पीड़न का सामना नहीं किया है।

महिला पहलवान विनेश फोगाट ने ‘Me Too’ अभियान का समर्थन करते हुए ‘Ekamra स्पोर्ट्स लिटरेरी फेस्टिवल’ में ये बातें कही थीं। एक और बड़ी बात उन्होंने ये कही थी कि जिस पहलवानी के खेल से वो जुड़ी हुई हैं, उसमें इस तरह के मामले नहीं होने चाहिए। विनेश फोगाट इससे पहले एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीत चुकी थीं। उन्होंने कहा था कि यौन शोषण के अनुभवों को साझा कर रही महिलाएँ साहसी हैं और कई बार प्रतिष्ठा खोने के डर से परिवार ही ऐसे मामलों को उठाने से रोकती है।

अब जब विनेश फोगाट सहित कई पहलवानों ने ये आरोप लगाया है कि 6 बार के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पिछले कई वर्षो से महिला पहलवानों का यौन शोषण करते रहे हैं, लोग उनका ये वीडियो शेयर कर के पूछ रहे हैं कि उस दौरान उन्होंने इसकी कोई चर्चा क्यों नहीं की थी? आरोप लगाने वाले पहलवानों ने अपने पारिवारिक कार्यक्रमों में भी उन्हें बुलाया था। जंतर-मंतर पर बैठे पहलवानों के समर्थन में पप्पू यादव, सत्यपाल मलिक, प्रियंका गाँधी और अरविंद केजरीवाल जैसे नेता भी पहुँच चुके हैं।