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संविधान का मजाक उड़ाने वाले राहुल और INDI गठबंधन को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने दिखाया आईना


सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। ये वीडियो 31 अगस्त को नई दिल्ली के भारत मंडपम में जिला न्यायपालिका के राष्ट्रीय सम्मेलन का है। सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने पर हो रहे इस राष्ट्रीय सम्मेलन में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को एक तरह से आईना दिखा दिया। लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान और आरक्षण के मामले पर लोगों में भय पैदा करने वाले राहुल गांधी को एक तरह से लताड़ लगाते हुए उन्होंने कहा कि संविधान और आरक्षण को कोई खतरा नहीं है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा, ‘देश के संविधान, आरक्षण या लोकतंत्र को कोई खतरा नहीं है। संविधान सुरक्षित है, आरक्षण हमारे माननीय प्रधान मंत्री और भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश के हाथों में सुरक्षित है।’

मनन कुमार मिश्रा के इस बयान को लोग सोशल मीडिया पर जमकर शेयर कर रहे हैं और राहुल गांधी पर तंज कस रहे हैं।

क्या कर्नाटक के कांग्रेसी मुख्यमंत्री अपने डिप्टी मुख्यमंत्री पर भरोसा नही करते? क्या कांग्रेस में टूटने की खिचड़ी पक रही है? देखिए सोशल मीडिया वीडियो

क्या कांग्रेस अपने आखिरी पड़ाव पर है? सोशल मीडिया समाचारों को देख/सुन लगता है कि 2029 चुनाव आने से पहले कांग्रेस तिनकों की तरह बिखडने को है। जिस नीति पर राहुल गाँधी चल रहे हैं, उससे पार्टी का हर नेता सहमत नहीं है। दूसरे, बांग्लादेशी पत्रकार शोएब द्वारा वर्तमान तथाकथित गाँधी परिवार की असलियत उजागर की है, उसने भी कांग्रेस ही नहीं INDI गठबंधन में भी दूरियां बनानी शुरू कर दी हैं। जिस दिन अपने आपको राष्ट्रीय चैनल बताने वालों से शोएब के सनसनी खुलासों पर चर्चा शुरू कर दी, कांग्रेस बहुत जल्द एक इतिहास बन जाएगी। जितनी चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है, तथाकथित राष्ट्रीय मीडिया खामोश और बहरा बने रहने का स्वांग रच रहा है, लगता है मोटा चढ़ावा पहुँच गया है। नेशनल मीडिया को देख लगता है जनता को राष्ट्रीय मीडिया की बजाए सोशल मीडिया देखना चाहिए। देखिए वीडियो जिनका किसी में खंडन करने का साहस नहीं :-

              
सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया एक कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ बैठे हुए हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के हाथ में एक कागज है। मुख्यमंत्री उस कागज को किसी को देना चाहते हैं। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार चूंकि उनके साथ बगल में बैठे हैं, तो वो मुख्यमंत्री से कागज को लेकर उस व्यक्ति को दे देना चाहते हैं। लेकिन सीएम सिद्धारमैया उन्हें कागज नहीं देते हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि डिप्टी सीएम शिवकुमार अपने मुख्यमंत्री से कागज लेने की बार-बार कोशिश करते हैं, लेकिन सिद्धारमैया उनके हाथ में कागज नहीं सौंपते हैं।

ऐसे में लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या कर्नाटक के कांग्रेसी सीएम को अपने डिप्टी सीएम पर भरोसा नहीं है? लोग पूछ रहे हैं कि आखिर उस कागज में ऐसा क्या है कि सीएम उसे अपने डिप्टी सीएम को भी नहीं दे रहे हैं? लोग इस वीडियो को लेकर कांग्रेस पर तंज कस रहे हैं।

सत्याग्रह में भी Fraud: केजरीवाल सरकार की मंत्री आतिशी के अनशन नौटंकी का वीडियो वायरल; आतिशी पानी की समस्या अनशन और दोषारोपण से नहीं, टैंकों की सफाई से दूर होगी


दिल्ली में भीषण जल संकट है। जल संकट का समाधान करने में विफल रहने के बाद दिल्ली की केजरीवाल सरकार हमेशा की तरह दूसरों पर आरोप लगा रही है। केजरीवाल सरकार जल संकट के लिए हरियाणा पर पानी ना देने का आरोप लगा रही है जबकि हरियाणा का कहना है कि वो तय कोटे से ज्यादा पानी दिल्ली को जारी कर रहा है। 
सुनने में आ रहा कि मुरादनगर उत्तर प्रदेश से आ रहा गंगा जल 3.5 लाख लीटर पानी प्राइवेट ठेकेदारों को करोड़ों का ठेका देकर बेचा जा रहा है। कौन है वह ठेकेदार? अगर समाचार सत्य है तो बीजेपी उस ठेकेदार को पकड़ पुलिस के सुपुर्द करे, ताकि जनता को नौटंकीबाजों की नौटंकी सामने आये।  

मजे की बात है कि खुद की सरकार और खुद ही अनशन पर। क्या मजाक बना रखा है। दिल्ली में पानी की समस्या से निपटने के लिए मदन खुराना से लेकर शीला दीक्षित तक ने जितना काम किया अरविन्द केजरीवाल ने सब पर पानी फेर दिया। कहते हैं खुराना और शीला ने जितने टैंक बनाये थे, लगभग सभी 70 से 80% तक मिट्टी से भरे हुए हैं, क्यों नहीं समय रहते टैंकों की सफाई करवाई गयी? शीला ने तो 2 महीने का पानी रिज़र्व रखने के लिए टैंक बनवाया था। केजरीवाल ने क्या किया सब में मिट्टी भरने दी, उनकी सफाई करवाने की बजाए अनशन पर बैठ नौटंकी की जा रही है। जब तक यमुना की सफाई नहीं होगी, हरियाणा अगर सारा पानी दिल्ली को दे भी दे, तब भी समस्या ज्यों की त्यों बनी रहेगी। अपनी कमी को हरियाणा पर क्यों थोपी जा रही है? आखिर आम आदमी पार्टी कब अपनी जिम्मेदारी समझेगी? पानी की समस्या अनशन से नहीं टैंकों की सफाई से दूर होगी। बहुत खाली मुफ्त की रेवड़ियां, इसी से बुरी तरह दिल्ली वाले रोएंगे। अगर दिल्ली की जनता अभी भी अपनी आंखें नहीं खोलती, इससे बड़ा अँधा दुनिया में कहीं नहीं मिलेगा।  

इस जल संकट के बीच अपना चेहरा बचाने के लिए दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने शुक्रवार, 21 जून दोपहर 12 बजे से जंगपुरा में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया। केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने इसे ‘पानी सत्याग्रह’ नाम दिया है। आतिशी ने कहा कि जल संकट के कारण मुझे अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठना पड़ रहा है। जब तक दिल्ली के लोगों को उनके हक का पानी नहीं मिलेगा, तब तक अनशन जारी रहेगा। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि आज 22 जून को जब लोग देखने गए तो जल मंत्री आतिशी अनिश्चितकालीन अनशन स्थल मौजूद नहीं थीं। ऐसे में लोग सवाल कर रहे हैं ये सत्याग्रह भी फ्रॉड है क्या? देखिए लोग सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं-

धन्य हो उत्तर प्रदेश उपद्रवियों को वापस लाने का, क्योकि उपद्रवियों के बिना तुम्हारा जीवन बेदम हो रहा था

कैराना से सपा सांसद इकरा हसन के जुलूस में उपद्रव
लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश के शामली जिले की कैराना सीट से समाजवादी पार्टी की इकरा हसन ने जीत दर्ज की है। उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के प्रदीप चौधरी को हराया है। इकरा हसन की जीत के बाद उनके सैकड़ों समर्थकों ने गुरुवार (4 जून, 2024) को विजय जुलूस निकाल कर सड़कों पर उपद्रव किया था। इस उपद्रव के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं जो पुलिस तक पहुँच गए। अब शामली पुलिस ने शनिवार (8 जून) को 110 उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज कर के उनकी पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

यह मामला शामली के थानाक्षेत्र आदर्श मंडी का है। यहाँ तैनात सब इंस्पेक्टर विनय कुमार ने अपने ही थाने में तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया कि 8 जून को उनके मोबाइल में व्हाट्सएप के जरिए एक वीडियो आई। यह वीडियो मतगणना के दिन यानी 4 मई का निकला। वीडियो में एक सड़क पर जा रहे कुछ लोगों को शोर मचाते और मार्ग में रुकावट डालते देखा गया। आरोप है कि वाहनों से स्टंट किए गए। पुलिस ने इसे आचार संहित का उल्लंघन माना है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

स्टंट के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इसमें बिना वजह कई लोगों को हॉर्न बजाते सुना जा सकता है। बाइक सवार जोर-जोर से शोर मचा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक भीड़ में 110 के आसपास लोग मौजूद थे। अभी तक इनकी पहचान नहीं हो पाई है। CCTV फुटेज व गाड़ियों के नंबर इत्यादि से पुलिस आरोपितों तक पहुँचने के प्रयास में जुटी है। अब तक 110 अज्ञात व्यक्तियों पर IPC की धारा 188, 143 और 341 के साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126 ख के तहत FIR दर्ज की गई है। फिलहाल अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

शामली के पड़ोसी जिले सहारनपुर में भी इसी प्रकार का मामला सामने आया था। तब कॉन्ग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद की जीत का जश्न मनाने वाली एक भीड़ ने सड़कों पर हुड़दंग किया था। महिलाओं को अश्लील इशारे तक हुड़दंगियों ने किए थे। पुलिस ने इस मामले में भी FIR दर्ज कर की है। आरोपितों को चिह्नित कर के आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


‘मर्दों से औरतें कमतर’: पाकिस्तान के प्रोफेसर से मौलानाओं ने कहलवाया

जीव विज्ञान के पाकिस्तानी प्रोफेसर शेर अली ने डार्विन सिद्धांत को पढ़ाने पर माँगी माफी (साभार: businesstoday.in)
पाकिस्तान के बन्नू शहर से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ सरकारी स्नातकोत्तर डिग्री कॉलेज के जीव विज्ञान के एक सहायक प्रोफेसर को स्टाम्प पेपर पर माफ़ीनामा देने के लिए मजबूर किया गया। सहायक प्रोफेसर शेर अली को ये माफीनामा जीव विज्ञान की एक बुनियादी अवधारणा चार्ल्स डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत को पढ़ाने की वजह से देना पड़ा।

यही नहीं उन्हें मिश्रित-लिंग वाली यानी मर्द और औरतों के साथ होने वाली मीटिंग की निंदा करने और यह ऐलान करने के लिए भी मजबूर किया गया कि महिलाएँ पुरुषों से निम्नतर (नीचे) हैं। सहायक प्रोफेसर शेर अली को लेकर ये सब विवाद महज इसलिए खड़ा हुआ, क्योंकि उन्होंने इस महीने की शुरुआत में डोमेल क्षेत्र में संविधान और कानून के मद्देनजर औरतों के हकों पर आयोजित एक सेमिनार को संबोधित किया था।

सेमिनार के दौरान उनकी टिप्पणियाँ स्थानीय मौलवियों को अच्छी नहीं लगीं। इन लोगों ने प्रोफेसर शेर अली पर अय्याशी फैलाने और इस्लाम और स्थानीय संस्कृति के खिलाफ बोलने का आरोप लगाया और अधिकारियों से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग कर डाली।

हालाँकि, इसके इसके तुरंत बाद, प्रोफेसर अली ने पाठ्यक्रम के हिस्से के तौर पर डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत को पढ़ाने के मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ की। पाकिस्तान के अखबार डॉन ने उनके हवाले से कहा, “जीव विज्ञान की पाठ्यपुस्तक का अध्याय 24 डार्विन के जैविक विकास के सिद्धांत पर चर्चा करता है और अगर किसी को इस विषय से परेशानी है, तो उन्हें पाठ्यक्रम से इस अध्याय को हटाने के लिए सरकार से संपर्क करना चाहिए।”

प्रोफेसर ने यह भी कहा कि अगर वह इस विषय को नहीं पढ़ाएँगे तो उनके छात्र उनकी पढ़ाने की काबिलियत पर सवाल उठाएँगे। उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने हमेशा अपने छात्रों की सहमति लेने के बाद डार्विन के जैविक विकास के सिद्धांत को पढ़ाया है।

जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने डॉन को बताया कि शेर अली ने मौलवियों से कहा कि पर्दा या औरतों के हकों पर सोशल मीडिया पोस्ट उनके नहीं थे, उन्हें एडिट किया गया था।

सहायक प्रोफेसर शेर अली ने बन्नू डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय को तीन पन्नों का हलफनामा दिया कि डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत सहित सभी वैज्ञानिक और तर्कसंगत विचार, जो इस्लामी शरिया का विरोध करते हैं वो झूठ हैं।

कट्टरपंथी मौलानाओं के दबाव में प्रोफेसर शेर अली को ये भी ऐलान करना पड़ा कि औरतें मर्दों से कमतर हैं और ऐलान किया कि महिलाओं को पुरुषों के साथ गैरजरूरी तौर पर घुलने-मिलने की मंजूरी नहीं है।

ये तब है जब सहायक प्रोफेसर शेर अली के पास पेशावर विश्वविद्यालय से एमएससी की डिग्री है। वो इस्लामाबाद में कायद-ए-आज़म विश्वविद्यालय से ह्यूमन जेनेटिक्स में एमफिल हैं।

‘द कर्स ऑफ गॉड-व्हाई आई लेफ्ट इस्लाम’ किताब के लेखक हैरिस सुल्तान ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर डाला था। इसके बाद ये सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो के साथ सुल्तान ने कैप्शन लिखा, “यही वजह है कि पाकिस्तान तीसरी दुनिया का नरककुंड बना रहेगा। अच्छी दाढ़ी रखने वाले ये कट्टरपंथी मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शेर अली को विकासवाद के सिद्धांत की निंदा करने और रिकॉर्ड पर यह कहने के लिए मजबूर करते हैं कि कुरान और हदीस के मुताबिक, महिलाएँ पुरुषों के मुकाबले ‘बौद्धिक रूप से कमतर’ हैं।”

लेखक हैरिस सुल्तान ने आगे लिखा, “हालाँकि मौलवी ग़लत नहीं हैं। कुरान और पैगंबर मुहम्मद ने कहा था “औरतें मूर्ख हैं”।

जीव विज्ञान के एक प्रोफेसर शेर अली का डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत को पढ़ाने के लिए सार्वजनिक माफी माँगने का मामला पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और वैज्ञानिक विचारों में इस्लामिक कट्टरपंथियों की दखलअंदाजी का उदाहरण हैं।


हम फिलिस्तीन के साथ खड़े हैं, क्योंकि वे हमारे मियाँ भाई हैं; सनातन धर्म को अपमानित करने वाले हिन्दू नेताओं अब तो आंखें और दिमाग खोल लो

भारत के कट्टरपंथी फिलिस्तीन के साथ, क्योंकि वे उनके 'मियाँ भाई' हैं (साभार: Facebook/Purvanchal Rajdharma)
कुर्सी की खातिर सनातन धर्म को अपमानित करने वाले हिन्दू नेताओं अपनी आंखें और दिमाग खोलो। धर्म सीखना है तो उनसे सीखो, जिनकी वोटों की खातिर तुम अपने ही गौरवशाली धर्म को अपमानित कर रहे हो। 

इस्लामी आतंकी संगठन हमास की बर्बरता ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। ज्यादातर देश इजरायल के साथ इस मुश्किल घड़ी में खड़े हैं। लेकिन एक तबका ऐसा भी है जो मजहबी कट्टरपंथ के कारण फिलिस्तीन और हमास का भी समर्थन कर रहा है। इनमें भारत के भी मुस्लिम कट्टरपंथी शामिल हैं।

फेसबुक पर ‘राजधर्म पूर्वांचल’ नाम के पेज पर यह वीडियो अपलोड किया गया है। करीब 13 मिनट का यह वीडियो है। वीडियो में एक पत्रकार कुछ लोगों से इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर उनकी प्रतिक्रिया पूछ रहा है। पत्रकार पूछता है कि इजरायल-फिलिस्तीन में आप किसके साथ खड़े हैं। यह सवाल आप वीडियो में 4:00 मिनट से सुन सकते हैं।

नारंगी टीशर्ट पहने हुए एक युवक तुरंत जवाब देता है कि हम तो फिलिस्तीन के साथ खड़े हैं। इस युवक के साथ बाकी टोपी पहने एक युवा उसकी बात का समर्थन करता है। अन्य युवा भी उसका समर्थन करते हैं।

इस पर पत्रकार पूछता है कि आखिर आप फिलिस्तीन के साथ क्यों खड़े हैं? इस प्रश्न के उत्तर में टोपी वाला युवक कहता है, “वो हमारे मियाँ भाई हैं। हम तो अपने मियाँ भाइयों के साथ खड़े हैं। वहाँ पर जुल्म हो रहा है।” टोपी वाले युवक की इस बात का वहाँ मौजूद अन्य मुस्लिम युवक भी समर्थन करते हैं।

टोपी वाला युवक इसके बाद कहता है कि फिलिस्तीन में बच्चा जीने के लिए नहीं, बल्कि मरने के लिए पैदा होता है। वहाँ बच्चा अल्लाह के लिए शहीद होने के लिए पैदा होता है। वहाँ बच्चा-बच्चा क्रिकेट-गुल्ली डंडा नहीं खेलता, वहाँ शहीद-शहीद खेलता है कि शहीद कौन होगा, शहीद कौन होगा?

इजरायल पर हमास के हमले में अब तक 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 2,800 से अधिक लोग घायल हैं। हमास ने बड़ी संख्या में इजरायलियों को बंधक भी बनाया हुआ है। हमास ने इस हमले में एक जर्मन महिला को मार कर उसका नग्न शव गाजा की गलियों में प्रदर्शित किया था।

हमास ने इजरायल के भीतर हमले के दौरान 40 बच्चों को भी मार दिया। उनकी लाशें इजरायली सुरक्षा बलों को बरामद हुई हैं। इस्लामी आतंकियों ने लकवाग्रस्त महिला तक को नहीं छोड़ा और उसकी भी हत्या कर दी।

इजरायल ने भी इसके जवाब में गाजा पट्टी पर हवाई हमले किए हैं। इजरायल के हमलों में अब तक 800 फिलिस्तीनियों की भी मौत हो चुकी है। कहा जा रहा है कि इजरायल जमीन के रास्ते अपनी सेना भेजने की तैयारी कर रहा है।


मासूम बच्चे ने पुलिस से लगाई गुहार : ‘मम्मी मुझे और पापा को मारती हैं, बर्तन धुलवाती हैं’

सोशल मीडिया पर एक बच्चे का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक बच्चा खुद को पुलिस से बचाने की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। बच्चे का कहना है कि उसकी माँ उसे और उसके पिता के साथ मारपीट करती है। साथ ही जान से मारने की धमकी देती है। यह वीडियो अलीगढ़ के बन्ना देवी थाने का बताया जा रहा है।

लगभग 29 सेकेंड के इस वीडियो में बच्चा कह रहा है, “मम्मी मुझे रोज-रोज मारती हैं। पापा को भी मारती हैं। मुझे मारने की धमकी देती हैं। पापा को भी जेल भेजवाने की धमकी देती हैं। मुझसे बर्तन धुलवाती हैं, काम करवाती हैं। पुलिस अंकल, कृपया करके मेरी हेल्प करवा दो। मेरी फैमिली को बचा लो, मेरी मम्मी से।”

प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि यह मामला पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है। इसमें क्षेत्राधिकारी द्वितीय को जाँच करने के लिए कहा गया है। वहीं इस वीडियो को लेकर अलीगढ़ पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा है, “पति-पत्नी के मध्य पारिवारिक विवाद के मामले में क्षेत्राधिकारी को जाँचकर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।”

इससे पहले मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पत्नी द्वारा पति को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया था। इसमें महिला ने अपने पति पर खौलता तेल डाल दिया था। इससे उसका प्राइवेट पार्ट जल गया था। पति का कहना था कि उसकी पत्नी पड़ोस में रहने वाले एक युवक से बात करती थी। कई बार मना करने के बाद भी वह नहीं मान रही थी।

एक दिन वह ऑफिस से घर लौटा तो उसकी पत्नी फोन पर बात कर रही थी। इससे उसने उसका फोन छीन लिया था। इससे नाराज होकर पत्नी ने रात करीब 2 बजे तेल गर्म कर पति के प्राइवेट पार्ट में डाल दिया और मौके से फरार हो गई थी। खौलते हुए तेल से जलने के कारण पति की चीखें निकल गईं थी। शोर शराबा सुन आस-पड़ोस के लोगों ने पीड़ित पति को हॉस्पिटल पहुँचाया था।

गुजरात : कपड़े फाड़ कर, दौड़ा-दौड़ा कर, झोंटा खींचते हुए लड़की को मारते रहा मोहसिन: वीडियो वायरल

वायरल वीडियो का स्क्रीनग्रैब
एक वीडियो वायरल है। इसमें एक लड़की को जान बचाकर भागने की कोशिश करते और एक युवक को दौड़ा-दौड़ाकर उसे पीटते देखा जा सकता है। युवक लड़की के कपड़े फाड़ देता है। बाल खींचता है। उसे थप्पड़ मारता है। यह वीडियो गुजरात के अहमदाबाद का है। इसमें दिख रहे युवक की पहचान मोहसिन के तौर पर हुई है।

मोहसिन एक स्पा का संचालक है। जिस लड़की को वह पीट रहा है, वह उसकी बिजनेस पाटर्नर है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़िता से संपर्क किया। इसके बाद मोहसिन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला अहमदाबाद के सिंधु भवन रोड पर स्थित गैलेक्सी स्पा का है। 25 सितंबर, 2023 को पीड़िता ने स्पा में ही काम करने वाली लड़की को डाँट दिया था। इसी बीच मोहसिन वहाँ आ गया और पीड़िता से बहस करने लगा। बहस इतनी बढ़ गई कि मोहसिन ने बेरहमी से उसकी पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में लड़की खड़ी दिखाई दे रही है। इसके बाद मोहसिन उसके पास आता है। लड़की कुछ बोलने की कोशिश करती है, लेकिन इससे पहले ही मोहसिन उसे थप्पड़ मार देता है। इसके बाद लड़की मोहसिन को धक्का देकर वहाँ से भागने की कोशिश करती है। लेकिन मोहसिन उसका पीछा करते हुए उसके पास जाता है। जहाँ लड़की एक बार फिर उसे धक्का देकर वहाँ से जाने की कोशिश करती है। 

वीडियो में आगे बढ़ने पर लड़की मोहसिन से दूर जाती हुई नजर आ रही है। वहीं मोहसिन भी लौटता हुआ दिखाई देता है। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती है। इस बार मोहसिन दौड़ता हुआ पीड़िता के पास जाता है और उसका हाथ पकड़कर घसीटता हुआ वापस ले आता है। इस बीच एक अन्य युवक बीच-बचाव की कोशिश करते हुए लड़की को मोहसिन से छुड़वा देता है।

लेकिन मोहसिन एक बार फिर पीड़िता के पास जाता है। इस बार वह लड़की का बाल पकड़कर उसे खींचता हुआ दिखाई देता है। फिर वह लड़की पर लगातार थप्पड़ बरसाता हुआ नजर आता है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग पुलिस से कार्रवाई की माँग रहे थे। इस पर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए लड़की की तलाश शुरू कर उससे संपर्क किया। लेकिन उसका कहना था कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहती।

पुलिस की काउंसिलिंग के बाद पीड़िता आरोपित मोहसिन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने को तैयार हुई। इस मामले में पुलिस ने मोहसिन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354A, 294B, 323 के तहत एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। वहीं पीड़ित लड़की का बयान भी सामने आया है। पीड़िता का कहना है कि वह और मोहसिन बिजनेस पार्टनर हैं। स्पा में चार-पाँच हजार रुपए का नुकसान होने के बाद उसने वहाँ काम करने वाली एक लड़की को डाँट दिया था।

पीड़िता ने आगे कहा कि इसी दौरान मोहसिन वहाँ आ गया और उस पर गुस्सा करने लगा। इसके बाद दोनों के बीच बहस हुई और मोहसिन मारपीट पर उतर गया। उसने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना देने की कोशिश की थी। लेकिन मोहसिन ने उसका मोबाइल छीन लिया था। इसके बाद उसने भागकर खुद को बचा लिया था। पीड़िता किसी भी प्रकार की शिकायत करती इससे पहले ही मोहसिन ने उससे माफी माँग ली थी। इसलिए वह FIR नहीं कराना चाहती थी। लेकिन पुलिस के समझाने के बाद उसने FIR दर्ज कराई है। पीड़िता ने सपोर्ट करने के लिए मीडिया को धन्यवाद दिया है।


सनातन विरोधी : बिहार के दलित मंत्री के माथे पर तिलक लगा होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गर्दन पकड़कर आगे ठेला

             मंत्री अशोक चौधरी की गर्दन पकड़ पत्रकार से टकराई (फोटो साभार: वायरल विडियो का स्क्रीनग्रैब)
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अपनी ही सरकार के मंत्री अशोक चौधरी की गर्दन पकड़ पत्रकार के सिर से टकराते नजर आ रहे हैं। इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि दोनों पुजारी हैं। बता दें कि अशोक चौधरी बिहार सरकार में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट में मंत्री हैं।

यदि यही हरकत किसी भाजपा ने दलित के साथ की होती, जितने भी सनातन विरोधी है, सबने सड़क से लेकर संसद तक कोहराम मचा दिया होता। लेकिन अब जितने भी दलित समर्थक नेता और पार्टियां है, सबको सांप सूंघ गया है। 

बिहार की राजधानी पटना में स्थित गाँधी मैदान में मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और मंत्री अशोक चौधरी समेत रामगुलाम की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुँचे थे।

इस दौरान वहाँ मीडियाकर्मियों का जमावड़ा लगा हुआ था। पत्रकार सवाल पूछने ही जा रहे थे, इससे पहले नीतीश कुमार की नजर तिलक लगाए एक पत्रकार पड़ी। इसके बाद वह पीछे पलटकर मंत्री अशोक चौधरी को तलाशने लगे। नीतीश कुमार ने अशोक चौधरी को देखते ही उनकी गर्दन पकड़ ली और ढकेलते हुए तिलक लगाए पत्रकार के पास ले गए।

नीतीश यहीं नहीं रुके। उन्होंने अशोक चौधरी का सिर पत्रकार से टकरा दिया। इसके बाद अशोक चौधरी ने पत्रकार की गर्दन पकड़ा और उससे अपना सिर लड़ाने लगे। शुरुआत में तो लोग समझ नहीं पाए कि नीतीश कुमार अचानक क्या कर रहे हैं। लेकिन, फिर जब उन्होंने कहा कि दोनों पुजारी हैं – तब यह साफ हुआ कि तिलक लगाने के चलते उन्होंने मंत्री और पत्रकार का सिर टकराया है। इस दौरान वहाँ खड़े लोग और पत्रकार हँसते नजर आए। 

पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने महिला पत्रकार’ का हाथ पकड़, पूछा- निकाह कब करोगी, शौहर खुद चुनोगी: वीडियो वायरल

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वे एक युवा महिला पत्रकार के साथ अजीबोगरीब व्यवहार और सवाल करते दिख रहे हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया में उनकी आलोचना हो रही है।

हालाँकि वीडियो में दिखने वाली युवा महिला पत्रकार उरफाना मुनीर का कहना है कि फारूक अब्दुल्ला के साथ उनकी बातचीत ‘शानदार’ रही और पूर्व मुख्यमंत्री उन्हें ‘बेटी’ की तरह मानते हैं।

85 वर्षीय फारूक अब्दुल्ला का यह वीडियो ऐसे वक्त में वायरल हो रहा जब INDI गठबंधन ने ऐसे 14 पत्रकारों के बायकॉट का ऐलान किया है जो कठिन सवाल पूछते रहे हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अब्दुल्ला विपक्ष के इस गठबंधन के हिस्सा हैं।

वीडियो में अब्दुल्ला को युवा महिला पत्रकार का हाथ पकड़ते और कंधा छूते दिख रहे हैं। उससे पूछते हैं कि क्या उसने अपना शौहर चुन लिया है। अब्दुल्ला की इस हरकत पर आसपास खड़े कुछ लोग हँसते हुए भी दिख रहे हैं।

फारूक अब्दुल्ला ने महिला पत्रकार से पूछा- निकाह कब करोगी

इस वीडियो में महिला पत्रकार उरफाना मुनीर कहती हैं कि सर एक लास्ट सवाल यह जानना चाहूँगी कि इनका कहना… लेकिन उनका सवाल पूरा होने से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला उनसे स्थानीय भाषा में उससे पूछते हैं- तुमने निकाह कर ली, तुम निकाह कब करोगी? क्या तुमने अपना शौहर चुना? क्या तुम्हारे अब्बू-अम्मी तुम्हारा शौहर चुनेंगे या तुम चुनोगी।
इस पर युवा महिला पत्रकार जवाब देती है, “मैं अभी बहुत छोटी हूँ सर अभी।” इसके बाद बुजुर्ग अब्दुल्ला उससे निकाह में सावधान रहने को कहते हैं। कहते हैं- क्या पता वो औरतों के साथ घूम रहा हो और तुम्हें पता भी न चले। इसके बाद वे जोर से हँसने लगते हैं।
इसके बाद फारूक अब्दुल्ला महिला पत्रकार से पूछते हैं- यह (मेहंदी) आपके हाथों पर क्यों है? इसके बाद वे हिंदी में कहते हैं- तेरी किसी की शादी थी? जवाब में महिला पत्रकार कहती हैं- मेरे बड़े भाई की शादी थी। इसके बाद अब्दुल्ला उससे हँसते हुए कहते हैं- शादी ठीक थी, बीवी रहेगी कुछ दिन या भाग जाएगी। जवाब में महिला पत्रकार कहती है- रहेगी सर।
बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट करते कहा है कि फारूक अब्दुल्ला अपने सबसे घृणित रूप में दिख रहे हैं। उन्होंने लिखा है, “रिपोर्टर शायद उनकी पोती की उम्र या उससे भी छोटी है। लेकिन यह तथ्य उन्हें असहज सवाल पूछने से नहीं रोकता है।”
वहीं पत्रकार आदित्य राज कौल ने लिखा है, “महिला विरोधी फारूक अब्दुल्ला से मिलिए।” साथ ही पूछा है कि क्या फारूक अब्दुल्ला सार्वजानिक तौर पर कैमरे के सामने अपने बेटे या बेटी की शादी के बारे में उनसे ऐसे ही सवाल पूछते?
वहीं बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि यह सिर्फ गैर पेशवर ही नहीं है। यह महिला विरोधी और बेहद घिनौना भी है। लेकिन उस गठबंधन के लिए यह हैरानी की बात नहीं है जो सवाल पूछने वाले पत्रकारों का बहिष्कार करता है।
वीडियो वायरल होने के बाद युवा महिला पत्रकार उरफाना मुनीर की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है, “फारूक अब्दुल्ला साहब के साथ बातचीत शानदार थी। उन्होंने हमेशा मुझे एक बेटी की तरह माना है। नेटिजन्स से अनुरोध है कि वे इसका मजाक न बनाएँ।”

EasyJet के टॉयलेट में सेक्स करता हुआ पकड़ा गया प्रेमी जोड़ा, वीडियो में नंगे कैद हुए दोनों: क्रू मेंबर ने खोला दरवाजा, महिला चिल्लाई – ‘Oh! My F∩cking God’

EasyJet के विमान में बाथरूम में सेक्स करता हुआ पकड़ा गया कपल (प्रतीकात्मक चित्र साभार: Bing AI/Dreamstime)
इंग्लैंड में एक विमान के टॉयलेट में एक कपल सेक्स करता हुआ पाया गया, जिसके बाद उन्हें विमान से उतार कर पुलिस को सौंप दिया गया। उनका वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि जब फ्लाइट एटेंडेंट ने बाथरूम का दरवाजा खोला, उस दौरान दोनों ही नग्न अवस्था में पाए गए। इसके बाद जल्दी से उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया। विमान इस दौरान हवा में था। सोशल मीडिया पर भी ये वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे अब तक लाखों लोग देख चुके हैं।

जैसे ही दरवाजा खुला, विमान में बैठे अन्य यात्री उन दोनों को आपत्तिजनक और अश्लील अवस्था में देख कर हँस पड़े। दरवाजा खोलने से पहले केबिल क्रू को लोग ‘कम ऑन, कम ऑन’ बोल रहे थे। वहीं एक अन्य यात्री कपल को सेक्स करते हुए देख कर चिल्लाया, “ओह माय फकिंग गॉड!” EasyJet के एक प्रवक्ता ने बताया कि ये विमान इंग्लैंड के लुटॉन से स्पेन के द्वीप इबिज़ा जा रहा था। घटना शुक्रवार (8 सितंबर, 2023) की है। पुलिस को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।

हालाँकि, UK में ऐसा कोई कानून नहीं है जो विमान में सेक्स करने के संबंध में कुछ कहती हो। हालाँकि, सार्वजनिक रूप से जानबूझकर यौन संबंधों में लिप्त होना अपराध माना गया है। सन् 2004 के ‘सेक्सुअल ऑफेंसेज एक्ट’ की धारा-71 में ये व्यवस्था की गई है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने कहा, “आशा है कि इस हरकत में लिप्त व्यक्ति पायलट नहीं होगा।” वीडियो में यात्री कपल को चीयर करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि जो कपल टॉयलेट में सेक्स करते हुए पकड़ा गया, वो प्रेमी-प्रेमिका थे। जो महिला यात्री उन्हें देख कर चिल्लाती है, वो वीडियो में अपने साथी यात्री से पूछते हुए दिखाई दे रही है कि उसने वीडियो बनाया या नहीं। फिर साथी यात्री बताता है कि उसने सब कुछ कैमरे में कैद कर लिया है। हालाँकि, बेडफॉर्डशायर की पुलिस ने इस संबंध में कपल पर क्या कार्रवाई की है, ये स्पष्ट नहीं है। लेकिन, सोशल मीडिया में लोग वीडियो पर मजे ले रहे हैं।

राजस्थान : गर्भवती को निर्वस्त्र कर गाँव में घुमाया: पुलिस कह रही पीहर और ससुराल का विवाद

            प्रेमी संग गई तो पति ने गर्भवती पत्नी को निर्वस्त्र कर गाँव में दौड़ाया (फोटो साभार: X/ @MajorPoonia)
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक गर्भवती महिला घर से कहीं चली गई थी। इसके बाद पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे निर्वस्त्र कर करीब 1 किलोमीटर तक दौड़ाया। घटना 31 अगस्त की है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी में जुटी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला जिले के धरियावद थाना क्षेत्र के पहाड़ा गाँव का है। बताया जा रहा है कि यहाँ रहने वाली एक महिला का एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 31 अगस्त 2023 को महिला प्रेमी के साथ चली गई थी। परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद महिला को निर्वस्त्र कर गाँव में घुमाया।

इस मामले में पुलिस ने बताया कि महिला 31 अगस्त को पड़ोस में रहने वाले एक युवक से मिलने गई थी। जानकारी मिलने पर ससुराल वाले भी वहाँ पहुँच गए। पहले तो उन लोगों ने महिला को पकड़कर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद निर्वस्त्र कर गाँव में घुमाया।

#तनातनी_चीरहरण #राजस्थान_मे_जंगलराज राजस्थान के प्रतापगढ़ में आदिवासी महिला का चिरहरण जारी गहलोत सरकार मे महिलाओं की स्तिथि चिंताजनक असुरक्षित महिलाएं ।डुब मरो चुल्लू भर पानी में @ashokgehlot51 जी स्मार्ट फोन देने की बजाय महिलाओं की सुरक्षा करनी चाहिए थी । pic.twitter.com/jwPIghytZR

— Amayara (@__Ammu__786_) September 2, 2023

घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। वायरल वीडियो में महिला चीख रही है। चिल्ला रही है। खुद को छोड़ने की गुहार लगा रही है, लेकिन पति उसके कपड़े उतरता जा रहा है। आसपास खड़े लोग भी उसके पति को उकसाते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग वीडियो भी बनाते दिखाई दे रहे हैं। महिला के कपड़े उतारने के बाद आरोपितों ने उसे गाँव में घुमाया।

इस मामले में प्रतापगढ़ एसपी अमित कुमार ने कहा है कि मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस की 6 टीमों का गठन किया गया है। साथ ही धरियावद थाने में पूर्व में सेवाएँ दे चुके सभी कॉन्स्टेबल से लेकर बड़े अधिकारियों को बुलाया गया है। पीड़ित पक्ष द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

एक ओर जहाँ मीडिया में इस मामले को महिला के प्रेम-प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। वहीं राजस्थान पुलिस और सीएम अशोक गहलोत इसे महिला के मायके और ससुराल के बीच विवाद से जुड़ा बता रहे हैं। राजस्थान पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर डीजीपी उमेश मिश्रा का वीडियो शेयर कर लिखा, “प्रतापगढ़ जिले में पीहर और ससुराल पक्ष के आपसी विवाद में ससुराल पक्ष के लोगों का कृत्य घोर निंदनीय हैं।”

वीडियो में राज्य के पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने घटना का कारण महिला का कहीं चले जाना बताया है। उन्होंने कहा कि आरोपितों को चिन्हित किया गया है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, सीएम अशोक गहलोत ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “प्रतापगढ़ जिले में पीहर और ससुराल पक्ष के आपसी पारिवारिक विवाद में ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा एक महिला को निर्वस्त्र करने का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस महानिदेशक को एडीजी क्राइम को मौके पर भेजने एवं इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।”

उन्होंने आगे लिखा है, “सभ्य समाज में इस तरह के अपराधियों की कोई जगह नहीं है। इन अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे डालकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर सजा दिलवाई जाएगी।”

इस मामले में BJP अशोक गहलोत सरकार पर हमलावर है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने सोशल मीडिया पर लिखा है, “प्रतापगढ़ जिले की पहाड़ा ग्राम पंचायत, धरियावाद में एक गर्भवती युवती को सरेआम निर्वस्त्र करने का अश्लील वीडियो वायरल होता रहा और घटना की प्रशासन को खबर तक नहीं थी।”

उन्होंने आगे लिखा, “प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध ने इस कदर पैर पसारे हैं कि आए दिन राजस्थान को शर्मिंदा होना पड़ रहा है। महिला अत्याचार में प्रदेश को देश में नंबर 1 बनाने की जिम्मेदार स्वयं कॉन्ग्रेस सरकार की है। मुख्यमंत्री जी आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि राजस्थान में बेटियों की लुटती अस्मत और चीखें आपकी कॉन्ग्रेस सरकार को सुनाई नहीं देतीं?”

इस मामले में पुलिस ने 21 साल की पीड़ता के पति समेत 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, 7 लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ धारा 294, 354, 365, 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

स्वतंत्रता दिवस पर UP के मदरसे में मौलाना ने कहा- ‘हमें मज़हबी और कुरान की आजादी चाहिए’: ऐसी आजादी पर हम पहले भी लात मारते थे, अब भी मारते हैं

           मदरसे से मौलाना अब्दुर्रहमान और हरदोई के ASP दुर्गेश सिंह (साभार- स्क्रीनशॉट ऑफ़ वायरल वीडियो)
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक मौलाना ने 15 अगस्त के दिन मस्जिद में माइक से एक विवादित बयान दिया, जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में मौलाना आजादी को लेकर आपत्तिजनक बातें कहता हुआ दिख रहा है। इसके साथ ही वह मुस्लिमों के लिए मजहबी आजादी की माँग कर रहा है।

मौलाना ने कहा, “ऐसी आजादी पर हम कल भी लात मारते थे, आज भी लात मारते हैं।” मौलाना का नाम अब्दुर्रहमान जामई बताया जा रहा है। वहीं, मौलाना के इस विवादित बयान का वीडियो सामने आने के बाद हिन्दू संगठनों में रोष है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपित मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।

 

‘हमें मजहबी आजादी चाहिए’

मौलाना अब्दुर्रहमान जामई ने अपने विवादित बयान में कहा, “इस्लाम के जनाजे निकाले जा रहे हैं। कुर्बानी पर पाबंदी लगाई जा रही है। कब्रिस्तान के ऊपर कब्जा किया जा रहा है। लाउडस्पीकर पर अजान पढ़ने पर मुकदमा हो रहा है। कुरान को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। यह कैसी जम्हूरियत है, यह कैसी आजादी है।”
मौलाना अब्दुर्रहमान यहीं नहीं रुका। उसने आगे कहा, “यह तो मुसलमानों के मजहबी मामलों में घुसपैठ है। अगर आजादी इसी का नाम है तो हम ऐसी आजादी के तलबगार नहीं हैं। ऐसी आजादी पर हम कल भी लात मारते थे, आज भी लात मारते हैं।”
वायरल वीडियो में अब्दुर्रहमान जामई यह भी कहता दिख रहा है, “हमें मजहबी आजादी चाहिए। हमें कुरान की आजादी चाहिए। हमें इबादत और गाँव की हिफाजत चाहिए। हमें इज्जत और आबरू की हिफाजत चाहिए। हमें इस्लाम की हिफाजत चाहिए। इस जम्हूरी मुल्क में किसी के मामलात में घुसपैठ हो रही है। आज हिंदुस्तान में यही हो रहा है।"
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मौलाना ने यह विवादित तकरीर गोपामऊ की लाल पीर मस्जिद के अंदर स्थित मदरसे में 15 अगस्त को दिया था। वहीं, हिन्दू संगठन वीडियो सामने आने के बाद से भड़के हुए हैं। हिन्दू संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जिला प्रशासन ने मौलाना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की तो वे लोग आंदोलन करेंगे। 
हरदोई पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान में लेते हुए मामले की जाँच शुरू कर दी है। हरदोई के अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश सिंह ने कहा कि मौलाना अब्दुर्रहमान जामई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पर तथ्यों की जाँच करके कार्रवाई की जा रही है।

ट्रिब्यून इंडिया का खुलासा : इमाम फजरू मियाँ ने मस्जिद से फैलाई थी अफवाह, जिससे नूहं में भड़की हिंसा

हरियाणा के नूहं में 31 जुलाई को जलाभिषेक यात्रा के दौरान मुस्लिमों की भीड़ द्वारा किए गए हमले को लेकर ट्रिब्यून इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट में नया खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि नल्हड़ की मस्जिद के एक इमाम द्वारा दिए गए फर्जी बयान ने नूहं के मुस्लिम बहुल क्षेत्र में हुई सांप्रदायिक हिंसा को भड़काने का काम किया। बता दें कि इस हिंसा की जाँच विशेष जाँच दल (एसआईटी) कर रही है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इमाम फजरू मियाँ ने कथित तौर पर 31 जुलाई को मुस्लिमों को झूठ बोलकर उकसाया था। उसने मस्जिद के लाउडस्पीकर पर फर्जी घोषणा की थी कि जलाभिषेक शोभायात्रा में भाग लेने वालों ने कुछ मुस्लिमों की दुकानों को लूट लिया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने इमाम को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मस्जिद के लाउडस्पीकरों पर किए गए फर्जी दावों के बाद इकट्ठा हुए मुस्लिमों की भीड़ ने लूटपाट, आगजनी और हिंसा शुरू कर दिया। विशेष जाँच दल (एसआईटी) के एक सदस्य ने बताया, “इस घोषणा ने ग्रामीणों के बीच गुस्से को भड़काने का काम किया, जिससे वे लोग भड़क गए। वे लोग पहले से ही सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो के कारण उत्तेजित थे।” बाद में इन लोगों ने संगठित होकर पत्थर, हथियार इकट्ठे कर शोभायात्रा पर हमला बोल दिया।

इस मामले में यह बात भी सामने आई है कि मस्जिद के इमाम द्वारा अफवाह फैलाने के बाद कई दूसरे इमामों ने व्हाट्सएप ग्रुपों के साथ-साथ दूसरे मस्जिदों के माध्यम से भी इस अफवाह को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। वहीं, अब इस खुलासे के बाद जाँच एजेंसियाँ भी उन आरोपितों को तलाश रही है, जो नूहं में शोभायात्रा के दौरान अफवाह फ़ैलाने में शामिल रहे हैं। 

 मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मस्जिदों से ऐलान कर हर बच्चे, महिला और पुरुष को हथियार लेकर बाहर आने को कहा गया। हिंदुस्तान-9 ने हाल ही में एक बच्चे का वीडियो भी साझा किया था, जिसने कहा था कि मुस्लिम भीड़ ने हिंदुओं के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। एक अन्य महिला गवाह से, जिनसे उन्होंने बात की, थी कथित तौर पर कहा था कि भीड़ हथियार लहरा रही थी, गालियाँ दे रही थी और चिल्ला रही थी कि उनमें से किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

हालाँकि, ऑपइंडिया एक ट्विटर यूजर द्वारा साझा की गई हिंदुस्तान-9 की रिपोर्ट में प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा किए गए दावों की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करती है। 

हालाँकि, एक इमाम द्वारा मुस्लिमों को भड़काने के लिए मस्जिद के लाउडस्पीकरों का उपयोग करने की रिपोर्ट पहले की रिपोर्टों से बिल्कुल मेल खाती है, जिसमें कहा गया था कि मुस्लिमों ने जलाभिषेक यात्रा के दौरान हिन्दुओं पर हमले की योजना पहले ही बनाई थी और हमले के लिए पत्थरों और काँच की बोतलों को इकट्ठा करने के लिए कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे। 

फिर भी, यह नया खुलासा लेफ्ट-लिबरल गैंग द्वारा नूहं हिंसा का दोष बिट्टू बजरंगी और मोनू मानेसर जैसे लोगों पर मढ़ने और उन्हें सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के लिए दोषी ठहराने के प्रयासों के बिल्कुल विपरीत है। हाल के रहस्योद्घाटन में इमाम को कथित तौर पर गलत बयान देकर तनाव बढ़ाने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि अब यह गिरोह इस नए खुलासे पर कैसे लीपापोती करते हैं। 

बृजमण्डल शोभा यात्रा पर हमला

31 जुलाई को द्वारा आयोजित ‘बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा’ के दौरान हरियाणा के नूहं जिले में हिंसा भड़क उठी। हरियाणा के मुस्लिम बहुल क्षेत्र नूहं में शोभायात्रा पर मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया था जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी। 

मणिपुर हिंसा पर एक्शन में CBI: केंद्र सरकार ने कहा – 6 महीने में वीडियो काण्ड के अपराधियों को दिलाएँगे सज़ा

मणिपुर वीडियो काण्ड की जाँच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने CBI को सौंप दी। 3 महिलाओं को नग्न परेड कराए जाने और उनका गैंगरेप किए जाने के इस मामले की जाँच अब ‘केंद्रीय जाँच एजेंसी’ ने शुरू भी कर दी है। इतना ही नहीं, मणिपुर हिंसा को लेकर 6 FIR दर्ज करने के बाद CBI ने आरोपितों की धर-पकड़ भी शुरू कर दी है और 10 गिरफ्तारियाँ हुई हैं। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में ये गिरफ्तारियाँ हुई हैं। वीडियो काण्ड मामले में अब CBI मामला दर्ज करेगी।

इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी है, लेकिन मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अनुपस्थिति के कारण मामला नहीं सुना जा सका। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि सरकार कार्रवाई करे, वरना हम कुछ एक्शन लेने के लिए मजबूर होंगे। केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में फास्टट्रैक कोर्ट के माध्यम से 6 महीने में आरोपितों को सज़ा दिलाए जाने की बात कही है। इस वारदात के 7 अपराधी अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं, ये भी केंद्र ने बताया था।

केंद्र सरकार ने कहा है कि ये न सिर्फ एक घृणित वारदात है, बल्कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए नजीर पेश की जानी चाहिए। इसीलिए, इस मामले की जाँच CBI को दिए जाने का निर्णय लिया गया है। जिस मोबाइल फोन से इस वीडियो को शूट किया गया था, उसे जब्त कर लिया गया है। साथ ही जिस व्यक्ति ने महिलाओं का नग्न परेड कराए जाने वाला वीडियो शूट किया था, उसकी पहचान के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया है कि केंद्र सरकार इस मामले में कुकी और मैतेई, दोनों समुदायों के संपर्क में है और शांति बहाली के लिए हर प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष संसद भी नहीं चलने दे रहा है, जिसके बाद अमित शाह ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी, दोनों को पत्र लिख कर मणिपुर की घटनाओं पर चर्चा के लिए सहयोग माँगा था। 


राजस्थान : नाबालिग हिंदू छात्रा और मुस्लिम महिला टीचर की कहानी में नया मोड़, कहा- हम लेस्बियन, किसी लड़के से शादी नहीं कर सकते

प्रतीकात्मक फोटो, साभारः leonardo.ai
राजस्थान के बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ से 30 जून 2023 को एक नाबालिग हिंदू छात्रा अचानक गायब हो गई। स्कूल की एक मुस्लिम महिला टीचर पर उसके अपहरण का आरोप लगा। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव फैल गया है। अब छात्रा और टीचर का एक वीडियो सामने आया है। इसमें दोनों ने खुद को एक-दूसरे के प्यार में बताया है। लोगों से शांति की अपील करते हुए कहा है कि वे एक-दूसरे के बिना जिंदा नहीं रह सकतीं।

जारी किए गए वीडियो में छात्रा और टीचर निदा वहलीम के चेहरे पर मास्क है। वीडियो की शुरुआत में छात्रा ने कहा कि उसे अपने लापता होने के बाद दंगों की जानकारी मिली है। अगर लोगों को लग रहा है कि टीचर ने उसका अपहरण किया है तो ये गलत है। हम अपनी मर्जी से एक साथ आए हैं। इसके बाद निदा वहलीम अल्लाह की कसम खाते हुए कह रही है कि वह लड़की को बहला-फुसला कर नहीं लाई है।

दोनों ने वीडियो कहाँ से बनाया इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आ पाई है। पीछे से किसी बच्चे के रोने की आवाज भी सुनाई दे रही है। वीडियो में दोनों ने आगे अपने-अपने परिजनों से उन्हें परेशान करने के लिए माफ़ी माँगी है। खुद को लेस्बियन बताते हुए कहा है कि वे किसी लड़के से शादी नहीं कर सकतीं। एक-दूसरे से बहुत प्यार करती हैं। लोगों से दोनों ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ देने की अपील की है।

वीडियो में टीचर निदा वहलीम ने कहा है कि वे मर जाएँगी पर छात्रा से अलग नहीं रह पाएँगी। खुद को पूरी तरह से सुरक्षित और एक-दूसरे के साथ खुश बताया है। वीडियो के अंत में छात्रा ने अपने परिजनों से अपील की है कि वो टीचर निदा वहलीम पर कोई केस न करें क्योंकि ऐसा उसने अपनी मर्जी से किया है। हालाँकि बीकानेर की SP तेजस्विनी गौतम ने दैनिक भास्कर को छात्रा के नाबालिग होने और FIR पर जाँच जारी होने की जानकारी दी है। इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। विरोध में बाजार बंद रहा और मामले को लव जिहाद बता कर कड़ी कार्रवाई की माँग की गई है।

30 जून को निदा वहलीम नाम की एक 25 वर्षीया मुस्लिम टीचर पर 17 वर्षीया हिन्दू छात्रा को अपने साथ ले कर भागने का आरोप लगा था। छात्रा के परिजनों ने इसी केस में निदा के 2 भाइयों जुनैद और नावेद को भी नामजद किया था। निदा वहलीम की पिछले 2 माह से नाबालिग छात्रा से काफी करीबी होने की बात सामने आई थी।