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मासूम बच्चे ने पुलिस से लगाई गुहार : ‘मम्मी मुझे और पापा को मारती हैं, बर्तन धुलवाती हैं’

सोशल मीडिया पर एक बच्चे का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक बच्चा खुद को पुलिस से बचाने की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। बच्चे का कहना है कि उसकी माँ उसे और उसके पिता के साथ मारपीट करती है। साथ ही जान से मारने की धमकी देती है। यह वीडियो अलीगढ़ के बन्ना देवी थाने का बताया जा रहा है।

लगभग 29 सेकेंड के इस वीडियो में बच्चा कह रहा है, “मम्मी मुझे रोज-रोज मारती हैं। पापा को भी मारती हैं। मुझे मारने की धमकी देती हैं। पापा को भी जेल भेजवाने की धमकी देती हैं। मुझसे बर्तन धुलवाती हैं, काम करवाती हैं। पुलिस अंकल, कृपया करके मेरी हेल्प करवा दो। मेरी फैमिली को बचा लो, मेरी मम्मी से।”

प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि यह मामला पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है। इसमें क्षेत्राधिकारी द्वितीय को जाँच करने के लिए कहा गया है। वहीं इस वीडियो को लेकर अलीगढ़ पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा है, “पति-पत्नी के मध्य पारिवारिक विवाद के मामले में क्षेत्राधिकारी को जाँचकर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।”

इससे पहले मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पत्नी द्वारा पति को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया था। इसमें महिला ने अपने पति पर खौलता तेल डाल दिया था। इससे उसका प्राइवेट पार्ट जल गया था। पति का कहना था कि उसकी पत्नी पड़ोस में रहने वाले एक युवक से बात करती थी। कई बार मना करने के बाद भी वह नहीं मान रही थी।

एक दिन वह ऑफिस से घर लौटा तो उसकी पत्नी फोन पर बात कर रही थी। इससे उसने उसका फोन छीन लिया था। इससे नाराज होकर पत्नी ने रात करीब 2 बजे तेल गर्म कर पति के प्राइवेट पार्ट में डाल दिया और मौके से फरार हो गई थी। खौलते हुए तेल से जलने के कारण पति की चीखें निकल गईं थी। शोर शराबा सुन आस-पड़ोस के लोगों ने पीड़ित पति को हॉस्पिटल पहुँचाया था।

उत्तर प्रदेश चुनाव : ‘दलित-मुस्लिम साथ चलेगा, बाबर जैसा राज चलेगा’: अलीगढ़ में AIMIM नेता गुफरान नूर

AIMIM का अलीगढ़ जिलाध्यक्ष गुफरान (बाएँ) और असदुद्दीन ओवैसी
उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा का समय नजदीक आता जा रहा है, वैसे-वैसे भारत एवं हिंदू विरोधी बयानों की बौछार होती जा रही है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के नक्श-ए-कदम पर चलते हुए उनकी पार्टी के नेता भड़काऊ बयानबाजी को मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण करने का प्रयास कर रहे हैं।

अलीगढ़ के जमालपुर इलाके में AIMIM की एक नुक्कड़ सभा में मुस्लिम आक्रांता बाबर की राज लाने का संदेश दिया जा रहा है। पार्टी के जिलाध्यक्ष गुफरान नूर ने सभा के दौरान नारा दिया ‘दलित-मुस्लिम साथ चलेगा, बाबर जैसा राज चलेगा’। सभा में मौजूद लोगों ने भी इस नारे को दोहराया। इस दौरान सभा में 5-6 साल के छोटे-छोटे बच्चे भी नजर आए। छोटे-छोटे बच्चों के मन में इस तरह का विष भरने का काम लगातार जारी है। इस दौरान नूर ने हिंदुओं को मारने सहित कई भड़काऊ और आपत्तिजनक बातें कहीं।

नूर ने आगे कहा, “अभी हरिद्वार के अंदर धर्म संसद हुई थी। आपने देखा होगा कि वहाँ एक धर्म विशेष को काटने की बात होती है, एक समुदाय को काटने की बात होती है। कौन था वो समुदाय जिसे काटने की बात हो रही थी? वो था मुस्लिम समुदाय। कुछ हिंदुत्व का चोला पहने आतंकवादी उस धर्म संसद में एक समुदाय को काटने की बात कर रहे थे।”

मुस्लिमों को हत्या के लिए उकसाते हुए गुफरान नूर ने कहा, “हमारे इस्लाम में ना खुद मरने की इजाजत है और ना किसी को मारने की इजाजत है, लेकिन जालिम जब जुल्म हद पार कर जाए तो उसे….(मारने का इशारा करते हुए)। उसे अपने बीच से हटाने (यानी मारने) की इजाजत है।”

गुफरान ने कहा, “अगर दलित और मुस्लिम एक हुए तो इंशाअल्लाह हम पूरे हिंदुस्तान के अंदर हम लोग राज कर सकते हैं, चाहे वो किसी भी हद तक हो। बाबर कोई गलत नहीं था। जैसे हालात चल रहे हैं, बाबर जैसा शासन होना चाहिए। इंशाल्लाह वो दिन जरूर आएगा कि एक दिन बाबर जैसा राज होगा।” उन्होंने कहा कि इस्लाम ये नहीं कहता कि एक बच्चा बनाएँ या दो बच्चा बनाएँ। खिलाने वाले अल्लाह-ताला हैं, परवरिश करने वाला अल्लाह-ताला है।

AIMIM चीफ ओवैसी ने मुरादाबाद में लोगों को भड़काते हुए कहा था कि म्यामांर के मुस्लिमों की तरह भारत के मुस्लिमों का भी रोहिंग्या जैसा हाल हो जाएगा। ओवैसी ने कहा था कि मुस्लिम अब दूसरे को राज करने के लिए नहीं चुनेंगे, बल्कि खुद राज करेंगे। उन्होंने कहा, “वे चाहते हैं कि एक मुसलमान दरी बिछाता रहे… दरी बिछाता रहे… उसे बेशरम किया जाए, लेकिन उसके मुकद्दर में दरी बिछाना नहीं है। मैं तुमसे कहता हूँ… अब तुम दर्री नहीं बिछाओगे, अब तुम कुर्सी पर बैठोगे और राज भी करोगे… इंशाल्लाह।”

इमाम जलालुद्दीन ने ‘मॉडल’ से किया निकाह, अब कहती है- पहले दाढ़ी कटवाओ, फिर मेरे पास आओ; पान मसाला खाकर मारती भी है

अलीगढ़ के इमाम ने 'मॉडल बीवी' पर लगाया टॉर्चर करने का आरोप
उत्तर प्रदेश के जिला अलीगढ़ में एक मस्जिद के इमाम ने अपनी बीवी पर दाढ़ी कटवाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। इमाम के अनुसार उसकी पत्नी उसे मॉर्डन लड़कों की तरह रहने के लिए कहती है। वह खुद को मॉडल बताती है। पान मसाला खाने से मना करने पर मारपीट करती है। इमाम की शिकायत पर पुलिस जाँच कर रही है। इमाम का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मामला अलीगढ़ के अकराबाद थानाक्षेत्र का है। इमाम का नाम जलालुद्दीन है। वह मोहल्ला भूखा पिलखना मस्जिद में पेश इमाम है। पेश इमाम के मुताबिक उसका निकाह 1 साल पहले गाँव सत्तारपुर की वीणा के साथ हुआ था। निकाह के बाद से वह उसका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न कर रही है। वह खुद को मॉडल बताते हुए इमाम पर मॉर्डन लड़कों जैसे रहने का दबाव डालती है। बकौल इमाम, “मैं उसे मज़हब का वास्ता दे कर समझाने की कोशिश करता हूँ तो वह मुझे धमकाती है।”

इमाम जलालुद्दीन के अनुसार बीवी उससे अम्मी-अब्बू से अलग रहने को भी कहती है। वह घर का कोई काम नहीं करती। पान मसाला खाती है और मना करने पर गाली-गलौज कर मारपीट करती है। उनका कहना है कि बीवी 17 अक्टूबर 2021 को गहने और नकदी ले कर मायके चली गई। जब उसे लेने वे गए तो बीवी और उसके परिवार ने बदतमीजी की। थाना छर्रा में तीन तलाक और दहेज़ का झूठा केस करने का आरोप भी लगाया है। इमाम का कहना है कि इसके कारन उसका पूरा परिवार सदमे में है।

 इमाम की शिकायत पर अलीगढ़ पुलिस ने संज्ञान लिया है। SP सिटी कुलदीप गुनावत ने मामले की जाँच कर कार्रवाई की बात कही है। थाना अकराबाद SHO को जाँच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

'15 अगस्त के बाद दोबारा CAA-NRC के खिलाफ प्रोटेस्ट… इंशाल्लाह’ : महमूद प्राचा

15 अगस्त CAA-NRC प्रोटेस्टकोरोना वायरस के कारण स्थगित हुए (ऐसा वो कहते हैं) एंटी CAA-NRC प्रोटेस्ट को दोबारा से शुरू करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। दिल्ली के शाहीन बाग आंदोलन से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता महमूद प्राचा ने कहा है कि जल्द ही पूरे देश में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन फिर शुरू होगा, जिसके लिए उन्होंने तैयारी शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने मोहर्रम को लेकर कहा कि देश में हर धर्म के लिए कानून है। ऐसा सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस भी कहती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पुरी की जगन्नाथ यात्रा को सशर्त अनुमति दी गई कि 500 से अधिक लोग इस रथयात्रा में उपस्थित नहीं होंगे, इसी तरह उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से माँग की है कि मोहर्रम के जुलूस को भी शर्तों के साथ अनुमति दी जाए। क्योंकि जो नियम एक धर्म के लिए हो सकता है, वह अन्य धर्म पर भी लागू हो सकता है।
उनका कहना है कि वह आंदोलन के अलावा मोहर्रम से जुड़ी धार्मिक गतिविधियों के बारे में भी समुदाय के लोगों को जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि समुदाय के लोगों को बताया जाएगा कि किस प्रकार कानूनी दायरे में रहकर मोहर्रम में गतिविधियाँ पूरी की जाएँगी। इसके अलावा अगर उन्हें कोई गलत तरह से प्रताड़ित करे, तो उससे कैसे बचा जाएगा- ये भी वह समुदाय के लोगों को समझाएँगे।
महमूद प्राचा ने कहा कि भारत सरकार की अनलॉक स्टेज काफी एडवांस स्टेज पर पहुँच गई है। सरकार ने भी अनलॉक गाइडलाइन जारी कर दी है। पूरे देश में हर प्रकार की गतिविधि को सरकार अनुमति दे रही है। ऐसे में न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, प्राचा कहते हैं, “15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के आसपास से दोबारा ‘संविधान बचाओ आंदोलन शुरू होगा इंशाल्लाह।”
प्राचा द्वारा ‘संविधान बचाओ आंदोलन शुरू होगा इंशाल्लाह।” को नकारात्मक लेने की बजाए सकारात्मक लेने की जरुरत है। संविधान की दुहाई देने वालों को ज्ञात होगा कि संविधान हमें बराबरी का अधिकार देता है, फिर किसी भी तरह के निम्न भेदभाव भी समाप्त होने चाहिए:
*शिया, सुन्नी, वहाबी, अहमदी आदि सब एक ही मस्जिद में नमाज पढ़ें अलग-अलग मस्जिदों में नहीं; 
*सभी के मृतक एक ही कब्रिस्तान में दफ़न किए जाएं अलग-अलग कब्रिस्तानों में नहीं, क्योकि हिन्दू का मृतक--चाहे वह किसी भी जाति से है--एक ही शमशान में जलाया जाता है;
*जिस तरह बड़े मंदिरों में आने वाले चढ़ावे पर सरकार का नियंत्रण है, उसी भांति जितनी भी बड़ी मस्जिदें और दरगाहों के चढ़ावे भी सरकार के नियंत्रण में हों;
*जिस तरह मस्जिदों के इमामों और कर्मचारियों को सरकार वेतन देती है, उसी भांति मंदिरों के महन्त और कर्मचारियों को सरकार की तरफ से वेतन मिलना चाहिए, 
*जिस तरह मुहर्रम के दिन ताजिया निकलते समय उन मार्गों का ट्रैफिक रोक दिया जाता है, उसी भांति रामलीला निकलते समय उस मार्ग का ट्रैफिक भी रोक देना चाहिए;
*जिस प्रकार अल्पसंख्यक आयोग है, उसी तरह बहुसंख्यक आयोग का गठन हो, दोनों आयोग के नियम एवं शर्तों में कोई अंतर न हो;
*सभी पर यूनिफार्म सिविल कोड लागू हो;
*जिस तरह मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में मदरसे खोलने की आज़ादी है, उसी तरह गुरुकुल भी खोले जाएं;
*एक से ज्यादा निकाह पर पाबन्दी हो(विशेष परिस्थिति को छोड़);
*सरकारी अवकाश अथवा साप्ताहिक अवकाश में जब कत्लगाह बंद रहते हैं, उस दिन किसी भी प्रकार के मांस की बिक्री पर पूर्णरूप से प्रतिबंधित हो; आदि आदि अनेकों ज्वलंत प्रश्नों का संज्ञान लेना चाहिए तभी संविधान का सम्मान होगा।
 
  
उनका कहना है कि वह इस आंदोलन की शुरुआत एक बार दोबारा संविधान बचाओ कानून और आरक्षण बचाओ मिशन के तहत करेंगे। मगर, अभी फिलहाल वह हर शहर में जाकर इसके लिए लोगों को तैयार कर रहे हैं। उनके मुताबिक अलीगढ़ में इस आंदोलन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी क्योंकि अलीगढ़ से एक संदेश पूरे देश और दुनिया में जाता है, इसलिए यह आंदोलन के लिए बेहद खास है।
प्राचा ने अपनी बात को रखते हुए उन लोगों के बारे में भी बात की, जिन्हें कई आरोपों के तहत जेल में बंद किया गया है। वे कहते हैं कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आंदोलन करने वाले लोगों को झूठे मुकदमे लगा कर जेलों में बंद किया गया। उन्हें देश के सामने खलनायक प्रस्तुत किया गया जो कि उचित नहीं है। अब वह सही तस्वीर सामने लाएँगे।
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दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार गुलफिशा उर्फ गुल से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल का कहन...
महमूद प्राचा की इन बातों के बाद उनके खिलाफ सिविल लाइन थाने में तहरीर दी गई है। तहरीर में कहा गया है कि वह सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करके भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। अब मामले में थाना पुलिस ने मेडिकल चौकी इंचार्ज को जाँच सौंप दी है। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की गई है।

उत्तर प्रदेश : आतंकी हाफिज सईद के नाम से अलीगढ़ में जारी हुए फतवे

हाफिज सईद
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में पुलिस ने मुम्बई हमले के मास्टरमइंड आतंकी हाफिज सईद के नाम से जारी कथित फतवे के सिलसिले में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। हाफिज सईद संयुक्त राष्ट्र में सूचित वैश्विक आतंकी है जिसके सिर पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा हुआ है। जिले के एसपी अरविन्द कुमार ने मीडिया को बताया कि इस मामले की पड़ताल हम गहराई से कर रहे हैं। एसपी अरविन्द कुमार ने बताया कि जो पर्चा बाँटा गया है वह काफी आपत्तिजनक है और जिले में साम्प्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला हो सकता था।
पुलिस ने लोगों के बीच डर फैलाने के लिए आईपीसी की दफा 505 (1)(b) और पब्लिक सर्वेंट के दिए आदेश की नाफ़रमानी के लिए दफा 188 के तहत कोतवाली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार, बड़ी संख्या में पैम्प्लेट्स मिले हैं जो इस बात का साफ़ संकेत करता है ये शहर का माहौल बिगड़ना चाहते थे।

अलीगढ़ के ऊपरकोट इलाके में 23 फरवरी के बवाल के दौरान बाबरी मंडी में इलाके में सांप्रदायिक विवाद हुआ था। जिसमें एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई थी जिसके बाद से बाबरी मंडी में रह रही हिन्दू आबादी बेहद डरी सहमी रही थी। 11 मार्च को जुम्मे की नमाज से पहले स्थितियाँ ऐसी बनीं थीं कि मुस्लिम फ़सादियों के डर से लोगों ने रातभर जागकर काटीं। इसी दौरान यहाँ के बजरिया क्षेत्र में वो पर्चे बाँटे गए थे, जिसे आतंकवादी हाफिज सईद का फतवा कहा गया था और जिसके संबंध में पुलिस जाँच कर रही है। मीडिया में आई खबरों के अनुसार बाँटे गए पर्चे में कहा गया था कि इस पत्र को भारत की साढ़े तीन लाख मस्जिद में जुमे के दिन पढ़ाया गया है। खबरों के अनुसार इस पर्चे में प्रधानमंत्री से लेकर देश के लिए आपत्तिजनक बातें लिखी हुईं थीं। यह पर्चे बजरिया के अलावा प्रमुख दुकानों पर भी बाँटे गए थे।

‘धरने में भेजते थे शौहर, कहते थे खाना मिलेगा’ – मुस्लिम महिला ने CAA-विरोधी धरने का खोला राज

CAA-विरोधी धरना
मुस्लिम महिला ने बताया अलीगढ़ धरने का सच
आर.बी.एल.निगम,वरिष्ठ पत्रकार 
जब CAA-विरोधी धरने पर धन लेकर बैठने की बात होने पर, आम नागरिक भी कहता था कि इतनी ठंठ में अपने दूध पीते बच्चे को कौन लेकर आएगा? लेकिन देर से सही, अब सच्चाई उजागर होने लगी है। फ्री में मिल रहे खाने और बढ़िया नाश्ते को कौन छोड़ेगा? 
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में अलीगढ़ में पुरानी चुंगी गेट के बाहर चल रहे धरने को हटवाने के बाद पुलिस ने सोमवार (मार्च 2, 2020) को उन इलाकों का दौरा किया, जहाँ से महिलाएँ धरने में आ रही थीं। इस दौरान उनको बड़ी सफलता भी मिली। धरने की पीछे की असलियत भी सामने आ गई कि आखिर धरने पर महिलाओं की भीड़ को किस तरह से जुटाया जाता था।
फिरदौस नगर में एक बुजुर्ग मुस्लिम महिला ने धरने की पोल खोल दी। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके शौहर ही उसे खाने-पीने का लालच देकर धरने में भेजते थे। कहते थे, शाहजमाल में धरना चल रहा है, वहाँ चली जाओ। यहाँ भी इन्होंने ही भेजा था। पति रोज जान खाते थे, इसलिए धरने पर जाती थीं। महिला व पुलिस की बातचीत का वीडियो भी वायरल हुआ है।
पुलिस को खबर मिली कि इलाके में अफवाहें फैलाई जा रही है और महिलाओं को जबरन धरने पर भेजा जा रहा है। जिसके बाद पुलिस ने संबंधित इलाकों का दौरा किया और एक-एक घर में जाकर उन्हें समझाया कि वो किसी की बातों में न आएँ। इसी दौरान एक महिला ने धरने की पोल खोल दी।

सोमवार दोपहर सीओ फिरदौस नगर स्थित बुजुर्ग महिला के घर पहुँचे। सीओ ने महिला के पति से पूछा कि आपकी बीवी रोजाना धरने में शामिल हो जाती हैं। बुजुर्ग ने कहा कि साहब इतना समझाया, पर क्या करें। इसी बीच अंदर से भागती हुई बुजुर्ग महिला आ गई और पति की बात को काटते हुए बोली, “तुमने कहा था कि धरने में जाओ।”
सीओ से महिला ने कहा कि वो झूठ नहीं बोल रही हैं। उनके शौहर ही रोज धरने पर जाने के लिए बोलते थे। इस पर सीओ ने कहा कि अब मत जाना अम्मा हाथ जोड़ रहे हैं। इसके बाद सीओ ने महिला के शौहर को नोटिस देने की बात कही। सीओ ने बुजुर्ग महिला के बेटे को भी चेतावनी दी कि आप लोग वहाँ जाकर महिलाओं को भड़का रहे हो। आप और आपकी अम्मी दोबारा धरने में न आएँ।
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दिल्ली के शाहीन बाग में CAA-NRC के खिलाफ पिछले लगभग 2 महीने से विरोध प्रदर्शन हो रहा है। यहाँ प्रदर्शन के नाम पर हिन्दू व....
दिल्ली
23 दिसंबर को ऊपरकोट पर हुए बवाल के बाद से एएमयू के पास पुरानी चुंगी गेट पर छात्र व आसपास क्षेत्र की महिलाएँ धरने पर बैठ गई थीं। सोमवार सुबह पुलिस ने यहाँ से महिलाओं को समझाकर हटाया और प्रदर्शनकारी दोबारा न जमें, इसलिए पुलिस ने वहाँ डेरा जमा लिया। यहाँ धरने देने वाले 15 लोगों के घरों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं।

अलीगढ़: CAA की आड़ में उपद्रवियों ने दुर्गा मंदिर पर किया पथराव

अलीगढ़दिल्ली में शाहीन बाग़ कब्जाने के बाद CAA के विरोध में अलीगढ़ में माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया है। अलीगढ़ के ऊपरकोट में विरोध प्रदर्शन जारी है जबकि शाहजमाल में हालात अभी भी बेकाबू हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि जुलूस निकाल रहे सैकड़ों लोग सड़कों पर मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन करने के क्रम में कुछ युवकों ने तुर्कमान गेट पर प्राचीन नवदुर्गा पथवारी मंदिर पर पथराव कर दिया। जिससे बाद से हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।
अलीगढ़ में रविवार (फरवरी 23, 2020) दोपहर के बाद हालात तनावपूर्ण हुए हैं। ऊपरकोट पर हालात सामान्य करने में जुटी पुलिस पर भी पथराव किया गया। पुलिस द्वारा प्रदर्शन और पथराव कर रहे कुछ लोगों को पकड़ने की कोशिश की गई, जिससे वहाँ मौजूद महिलाओं में गुस्सा बढ़ गया।
भीड़ ने जब पुलिस पर ज्यादा पथराव किया तो बदले में पुलिस ने पत्थरबाजों पर आँसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद वहाँ मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई और धरना दे रहीं महिलाएँ भी भाग गईं। देहलीगेट और ऊपरकोट इलाके में सुबह से जारी जुलूस प्रदर्शनों में भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी शामिल रहे। नागरिकता कानून का विरोध कर रहे कुछ लोगों ने ज्वलनशील चीजें भी फेंकी, जिससे कुछ दुकानों के पर्दों में आग लग गई। हालाँकि बाद में इस पर काबू पा लिया गया।

सीएए के विरोध में शाहजमाल ईदगाह के सामने हजारों की संख्या में महिलाएँ और पुरुष जमा हुए थे। प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी कर रहे थे। ऊपरकोट कोतवाली के सामने भी प्रदर्शनकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के समझाने के बावजूद टकराव के हालात बन रहे हैं।
देहलीगेट और ऊपरकोट थाना क्षेत्र के मुस्लिम इलाकों के सभी बाजार बंद हो गए हैं। करीब 12:30 बजे सब्जी मंडी इलाके के दुकानदारों को भी धरना प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान करते हुए बाजार बंद करा दिया गया था। खासकर मुस्लिम बाहुल्य इलाके की दुकानें पूरी तरह से बंद हैं। फिलहाल इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इलाके में हालात तनावपूर्ण हैं।

‘मुसलमान बन जाओ… वरना नौकरी तो जाएगी ही, बीवी-बच्चों को भी मार दूँगा’ – जामिया उर्दू संस्थान के अफसरों की धमकी

दैनिक जागरण में 30 दिसंबर को प्रकाशित खबर
अलीगढ़ में एक जामिया उर्दू संस्थान है। यहीं एक गार्डनर सुपरवाइजर हैं, नाम है – कमल सिंह। कमल पिछले 11 साल से जामिया उर्दू संस्थान में काम कर रहे। लेकिन अब उनकी हाजरी व सैलरी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके पीछे जो कारण कमल सिंह ने बताया है, वो बहुत ही चिंताजनक है।
कमल सिंह ने जामिया उर्दू संस्थान के ओएसडी फरहत अली व रजिस्ट्रार समुनरजा नकवी पर धर्म परिवर्तन को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। कमल सिंह ने बताया कि ओएसडी फरहत अली व रजिस्ट्रार समुनरजा नकवी न सिर्फ उन पर बल्कि उनकी पत्नी मीना पर भी काफी समय से मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बना रहे थे।
इन दबावों के बावजूद कमल सिंह ने हिंदू धर्म अपनाए रखा। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि इसके कारण उन्हें नौकरी से हटाने व बच्चों को मार डालने की धमकी दी गई। मारपीट तक की गई और सितंबर 2019 से ओएसडी फरहत अली व रजिस्ट्रार समुनरजा नकवी ने मिलकर उनकी हाजरी व सैलरी पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इस संबंध में थाना क्वार्सी में मामला दर्ज कराया गया है। चूँकि मामला धर्म परिवर्तन से जुड़ा था, इसलिए कमल सिंह के साथ स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया। इसके बाद जब इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने मामले पर FIR दर्ज की, तो हंगामा शांत हुआ।
इस संबंध में कमल सिंह अपनी पत्नी मीना के साथ एटा के सांसद राजवीर सिंह से भी मिले। सांसद ने इस संबंध में डीआईजी प्रीतिंदर सिंह को फोन किया और ठोस कार्रवाई की माँग की। इसके बाद पीड़ित दंपती डीआईजी से उनके ऑफिस जाकर भी मुलाकात की। तब डीआईजी ने खुद संबंधित एसएसपी को जाँच व कार्रवाई के निर्देश दिए।
हालाँकि जामिया उर्दू संस्थान के ओएसडी फरहत अली ने बताया, “कमल सिंह चार महीने पहले खुद संस्थान छोड़कर भाग गया था तो सैलरी कैसे मिलेगी? धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने जैसे आरोप बेबुनियाद हैं। इनका भाई यहीं काम कर रहा है। कमल को निकालना तो दूर, उल्टा वापस बुलवाया गया था।”
इस पूरे मामले में एक और बात सामने आई है। कमल सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके बड़े भाई रघुराज सिंह का भी धर्म परिवर्तन कराया जा चुका है। लेकिन रघुराज सिंह ने इंस्पेक्टर विनोद कुमार को लिखित में दिया कि उन्होंने धर्म परिवर्तन नहीं किया है।

उपद्रव, उत्तेजक नारों के बाद जामिया कैंपस में दाखिल हुई दिल्ली पुलिस

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में रविवार को दिल्ली के जामिया इलाके में जमकर हिंसा हुई। रविवार (दिसंबर 15, 2019) शाम प्रदर्शनकारियों ने कई बसें और बाइक फूँक दी। उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने अराजक तत्वों के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में घुसे होने के संदेह पर कैंपस से सभी छात्रों को बाहर निकाल दिया।
छात्रों ने एडमिशन ब्लॉक के बाहर निकलकर पुलिस पर पथराव और हवाई फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज कर रबर बुलेट दागी। यूनिवर्सिटी में माहौल बिगड़ता देख 5 जनवरी तक कॉलेज को बंद कर दिया गया और देर रात ही सभी हॉस्टल खाली कराए गए। इसके अलावा सुरक्षा लिहाज से अलीगढ़ में इंटरनेट सेवाएँ भी सोमवार तक बंद हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 6 जिलों मेरठ, बुलंदशहर, कासगंज, बागपत, सहारनपुर एवं बरेली में एहतियातन धारा 144 लागू की गई है।
CAA Protest: आज संभल कर घर से निकलें, दिल्‍ली के इन इलाकों में नहीं कर सकते प्रवेशरविवार शाम दिल्ली के जामिया इलाके में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन पहले उग्र हुआ, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने बसों और वाहनों में आग लगा दी। जामिया में इस हिंसा के खिलाफ जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के अलावा जेएनयू और दूसरे संगठनों के लोगों ने भी पुलिस मुख्यालय पर देर रात प्रदर्शन किया। देर रात पुलिस द्वारा 50 छात्रों को रिहा करने के बाद सोमवार (दिसंबर 16, 2019) सुबह 4 बजे प्रदर्शन खत्म हुआ।
हालाँकि जामिया इलाके में हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। दिल्‍ली सरकार ने इलाके में स्‍कूलों की छुट्टी कर दी है। जामिया कैंपस में 5 जनवरी तक छुट्टी घोषित कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने निष्‍पक्ष और स्‍वतंत्र जाँच की बात कही है। सोमवार को पुलिस और छात्रों के एक दल की मुलाकात हो सकती है। बता दें कि रविवार को जामिया में प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई हिंसा और पथराव में दक्षिण पूर्व जिला डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी (दक्षिण), 2 सहायक पुलिस आयुक्त, 5 स्टेशन हाउस अधिकारी और निरीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
हिन्दुओं के विरुद्ध नारेबाजी 
इसी क्रम में एक नया वीडियो आया है। इसमें जामिया के छात्र हिन्दुओं के ख़िलाफ़ नारेबाजी कर रहे हैं। घृणा फैलाने वाले नारे लगा रहे हैं। इस वीडियो में जामिया के छात्रों को ‘हिन्दुओं से आज़ादी’ के नारे लगाते देखा जा सकता है। हालाँकि, नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ चल रहे विरोध-प्रदर्शन में उन्होंने हिन्दुओं के प्रति घृणास्पद नारे क्यों लगाए, ये चर्चा का विषय है।
जामिया के छात्रों ने ‘हिन्दुओं से लेकर रहेंगे आज़ादी’ का नारा लगाया। इससे पता चलता है कि इन विरोध-प्रदर्शनों का मुख्य उद्देश्य नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध नहीं, बल्कि कुछ और है। अगर एक यूनिवर्सिटी में पढ़े-लिखे छात्र इस तरह की नारेबाजी कर सकते हैं तो फिर बंगाल में हजारों की संख्या में मस्जिद से निकल कर सार्वजनिक संपत्ति को तहस-नहस करने वाले मुस्लिम दंगाइयों के मन में क्या सब चल रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। पूरे बंगाल में कई रेलवे स्टेशनों में तोड़-फोड़ कर के यात्रियों को घंटों बंधक बनाए रखे जाने की ख़बरें आ रही हैं।
वहीं यूनिवर्सिटी ने पुलिस पर जबरन विश्वविद्यालय परिसर में घुसने और छात्रों के साथ मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। जिसका जवाब देते हुए दिल्ली पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस का कहना है कि वे स्थिति को नियंत्रित करने के लिए परिसर में दाखिल हुए थे। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों को हिरासत में लिया गया है।






दिल्ली पुलिस ने कहा, “हमने हिंसा के बाद स्थिति से निपटने के लिए कार्रवाई की। जामिया यूनिवर्सिटी में स्थिति नियंत्रण में है। यह हिंसक भीड़ थी, जिसमें से कुछ को हिरासत में लिया गया है।” दक्षिण पूर्व दिल्ली पुलिस के डीसीपी चिनमय बिस्वाल ने कहा, “किसी पर कोई फायरिंग नहीं की गई है। झूठी जानकारियाँ फैलाई जा रही हैं।” उन्होंने कहा, “भीड़ ने आगजनी की, मोटरसाइकलों में आग लगा दी गई, हम पर पथराव किया गया। हमारा एकमात्र उद्देश्य भीड़ को पीछे करना था, ताकि इलाके में कानून-व्यवस्था बरकरार रखी जाए। यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स से हमें कोई दिक्कत नहीं है।” दिल्‍ली पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए 35 छात्रों को कालकाजी पुलिस स्‍टेशन से छोड़ दिया गया। इसके अलावा 15 छात्रों को न्‍यू फ्रेंड्स कॉलोनी से छोड़ा गया।
जहाँ पर हिंसा हुई थी, वहाँ पर आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ख़ान भी मौजूद थे। हालाँकि, अमानतुल्लाह ख़ान ने दावा किया है कि वो वारदात वाली जगह पर न तो विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे और न ही उसका हिस्सा थे। उन्होंने भले ही आरोपों से इनकार किया हो लेकिन वीडियो में उन्हें उस विरोध प्रदर्शन में देखा जा सकता है, जो बाद में इतना हिंसक हो उठा कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आँसू गैस का प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने कहा है कि इस पूरे मामले की जाँच की जा रही है
एएमयू, पुलिस प्रशासन
 के छात्रों ने किया पथराव, हवाई फायरिंग: कैंपस में दाखिल हुई पुलिस, हॉस्टल खाली कराए
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कल दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया में हुई पुलिस कार्रवाई पर आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन के लिए निकली छात्रों की भीड़ परिसर का मुख्य गेट तोड़कर एएमयू सर्किल पर आ गई। जहाँ पुलिस ने इन्हें पानी की बौछार कर रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने रुकने के बजाय पुलिस पर पथराव किया। हालाँकि, जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को दौड़ाने का प्रयास किया। मगर इस बीच छात्र पथराव के अलावा हवाई फायरिंग करने लगे। जिसमें प्रॉक्टोरियल टीम, डीआइजी डॉ. प्रीतेंदर सिंह, एसपी सिटी अभिषेक कुमार के अलावा आरएएफ व पुलिस के 20 जवान घायल हो गए। इसके अलावा 30 छात्रों को भी चोटें आई। हालात काबू में पाने के लिए पुलिस आँसू के गोले छोड़ते हुए कैंपस में अंदर घुस गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रात 11 बजे तक चले इस टकराव के बाद पुलिस ने एएमयू के अंदर से 8 युवकों को गिरफ्तार किया और देखते ही देखते पूरा कैंपस छावनी में बदल गया। छात्रों की ओर से लगातार पथराव के बाद आरएएफ के दो वज्र वाहन, वाटर कैनन की गाड़ी और एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पुलिस बल के साथ कैंपस में घुस गई। ऐसा पहली बार हुआ है, जब एएमयू के अंदर व्रज वाहन गए। 
नागरिकता संशोधन विधेयक पर जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच कुछ वीडियो वायरल हो रही हैं। जिनमें पुलिस और छात्रों के बीच का टकराव नहीं, बल्कि कुछ लोगों द्वारा लगाए जा रहे आपत्तिजनक नारे सुनाई पड़ रहे हैं। इस वीडियो को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लैटफॉर्म पर शेयर किया जा रहा है। साथ ही दावा किया जा रहा है कि ये छात्र जामिया और एएमयू के हैं।

अलीगढ़ से वायरल वीडियो में सुना जा सकता है कि छात्र परिसर में खड़े होकर कह रहे हैं, “हिंदुत्व की कब्र खुदेगी एएमयू की छाती पर, सावरकर की कब्र खुदेगी एएमयू की धरती पर, बीजेपी की कब्र खुदेगी एएमयू की छाती पर…।” यह वीडियो कब का यह साफ़ नहीं है।
टीम अशोक राजपूत की फेसबुक वाल से  to Nationalist Ashok Rajput Group - राष्ट्रवादी अशोक राजपूत ग्रुप
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Ashok Yadav
तीनों चित्र अलग-अलग दिन के है लेकिन तीनों में जो लड़कियां हैं वह समान है और यह इस उपद्रव का रोजाना का हिस्सा थीं जब इनके साथ सख्ती हुई तो सबको मानवता याद आ गई,क्या अपराध और दंगा इसके दोषियों को नियंत्रित करते समय महिला या पुरुष देखा जाएगा ? जब कानून व्यवस्था बिगाड़ोगे तो उसका दंड भी भुगतोगे !

क्या किसी मदरसे में मन्दिर बन सकता है?

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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
राजनीति क्या अजीब चीज है, जो रंग बदलने में गिरगिट को भी फेल कर रही है। अयोध्या, काशी और मथुरा को विवादित बनाने वाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हामिद अंसारी ने भारत के उप राष्ट्रपति बनने से पूर्व ईरान में भारत के राष्ट्रदूत रहते RAW ही नहीं भारत की सुरक्षा को दॉँव पर लगा दिया था, फिर उप राष्ट्रपति बनने पर दिल्ली परेड ग्राउंड में अन्य राजनेताओं के साथ-साथ हामिद अंसारी को भी दशहरा के दिन बुलाया गया था। समस्त राजनेताओं ने रावण वध उपरांत भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, और हनुमान की आरती की, तिलक किया, परन्तु जब उप राष्ट्रपति हामिद को आरती करने के कहा गया, तो तुरन्त बोले, "यह इस्लाम के खिलाफ है", लेकिन आज उन्ही की बेगम यानि धर्मपत्नी सलमा अंसारी द्वारा मदरसे में मन्दिर-मस्जिद बनवाने की बात शायद ही किसी के गले उतरे। 
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मदरसे में मस्जिद बनने पर पढ़ने वाले मुस्लिम बच्चे तो मस्जिद में नमाज अदा कर सकते हैं, लेकिन मन्दिर में पूजा करने वाले भी क्या मुसलमान होंगे? या हिन्दुओं को पूजा समय पर घण्टी आदि बजाकर आरती करने की इजाजत होगी? क्या मुस्लिम समाज किसी मदरसे में मन्दिर बनने की इजाजत देगा?
पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी ने अपने मदरसे में मंदिर बनवाने पर कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह भारत के सभी मदरसों के लिए मॉडल बनेगा। चाचा नेहरू मदरसा देश में हिंदू मुस्लिम भाईचारे का संदेश भी देगा। साथ ही यह उन छात्रों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, जिन्हें प्रार्थना करने के लिए बाहर जाना पड़ता था।
कुछ दिनों पहले सलमा अंसारी गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए अलीगढ़ का मदरसा चाचा नेहरू में मंदिर और मस्जिद बनवाने की घोषणा की थी। सलमा अंसारी ने अलिगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि यह देश में इस तरह का यह पहला मदरसा होगा जो हिंदु मुस्लिम भाईचारे का मिसाल पेश करेगा। उन्होंने कहा कि इस मदरसे में एक ही प्रांगण में मंदिर तथा मस्जिद होगी। सलमा अंसारी अलीगढ़ में 19 वर्ष से मदरसा चला रहीं हैं। जिमसें छह बड़े दानदाता हिन्दू हैं। मदरसा में 4000 बच्चे पढ़ते हैं। सलमा अंसारी यहां के हॉस्टल में पढऩे वाले हिन्दू बच्चों की की सुरक्षा की खातिर यह मंदिर बनवा रहीं हैं। दो महीना में मदरसा में यह मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा।


Salma, wife of ex VP Hamid Ansari,to build a temple&mosque inside a Madarsa run by her in Aligarh, she says,"I hope it becomes model for all Madrasas in India. It's a message of brotherhood. Also it'll ensure safety of students who won't have to go outside campus to pray." (13/7)
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि “यहाँ हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा हमारी ज़िम्मेदारी है। जब वे किसी मंदिर या मस्जिद में जाने के लिए मदरसे के बाहर जाते हैं और कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो यह हमारी ज़िम्मेदारी होगी। इसे महसूस करते हुए, हमने फैसला किया है कि मंदिर और मस्जिद दोनों का निर्माण परिसर के भीतर किया जाएगा ताकि हमारे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर रॉ के एक पूर्व अधिकारी आर.के. यादव ने कुछ ऐसे हैरान...

वही भीड़ द्वारा हो रही हिंसा पर उन्होंने कहा था कि , “मॉब लिंचिग करने वालों को लिए मौत की सजा देना चाहिए। इस तरह के अपराध समाज पर एक धब्बा हैं। सलमा अंसारी ने कहा, “मैं चाहती हूं कि हिंदुस्तान के निर्माण में हर किसी का योगदान होना चाहिए।