उत्तर प्रदेश के बरेली के एक मिशनरी स्कूल में छात्रों की राखी कैंची से कटवाने का मामला सामने आया है। कथित तौर पर छात्रों से कहा गया कि स्कूल में हिंदू धर्म का प्रचार-प्रसार नहीं किया जा सकता है। अभिभावाकों और हिंदू संगठनों के विरोध के बाद स्कूल ने माफी माँग ली है।छात्रों की राखी काटने पर बरेली के स्कूल ने माँगी माफी (फोटो साभार: ABP न्यूज)
इस स्कूल का नाम होली फैमिली कॉन्वेंट स्कूल है। स्कूल बरेली के आंवला सर्किल क्षेत्र के भमोरा रोड पर स्थित है। छात्रों की राखी काटने की घटना सोमवार (28 अगस्त 2023) की है। रिपोर्टों के अनुसार कुछ छात्र सोमवार को राखी बाँधकर स्कूल आए थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद एक शिक्षिका ने कैंची मँगवाकर छात्रों की राखी और कलावा काट दी।
प्रदर्शनकारियों ने इसके लिए शगुफ्ता अंसारी नाम की एक शिक्षिका को जिम्मेदार बताया है। बताया है कि वह इस स्कूल में बच्चों को विज्ञान पढ़ाती है। हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने ऑपइंडिया को बताया है कि इस स्कूल का संचालन केरल का कोई ईसाई करता है। हालाँकि उसके बारे में विस्तार से वे हमें जानकारी नहीं दे पाए।
स्कूल से घर जाने के बाद छात्रों ने राखी काटे जाने की घटना के बारे में अपने अभिभावकों को बताया। पीड़ित छात्रों के परिजन अगले दिन 29 अगस्त को शिकायत ले कर स्कूल पहुँचे। मामले की जानकारी हिन्दू संगठनों को हुई तो वे भी अभिभावकों के साथ विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो गए। स्कूल के सामने हो रहे हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुँची। इस बीच स्कूल प्रशासन ने अपनी गलती मानी और लिखित तौर पर भविष्य में दोबारा ऐसी गलती न होने का आश्वासन दिया। लिखित आश्वासन के बाद हिन्दू संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन खत्म कर दिया।
विरोध-प्रदर्शन में शामिल हरेंद्र फौजी ने मिशनरी स्कूलों पर धर्म परिवर्तन का एजेंडा चलाने का आरोप लगाया। होली फैमिली स्कूल में हुई घटना को भी उन्होंने इसी का हिस्सा बताया। एक अन्य प्रदर्शनकारी आशीष ने कहा कि स्कूल के अंदर क्रिसमस का सेलिब्रेशन 15 दिनों तक चलता है। लेकिन इसका हिन्दू समाज विरोध नहीं करता। अब भविष्य में किसी हिंदू छात्र को प्रताड़ित किया गया तो स्कूल बंद करवा दिया जाएगा।
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