भारत का संविधान हराम, काफिरों को मारने का प्लान: NIA की चार्जशीट से सामने आए ISIS पुणे मॉड्यूल के मंसूबे, शरजील इमाम से जुड़े हैं तार

                                      सीरिया में आईएसआईएस, एनआईए का लोगो, शरजील इमाम
मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते संविधान में बदलाव करना और Secular शब्द को जोड़ना हिन्दुओं के लिए जानलेवा बन रहा। छद्दम सेक्युलर के नाम पर हिन्दुओं को दबाया जाता रहा और मुस्लिम कट्टरपंथी मौज करते रहे। CAA के विरोध में बने शाहीन बागों में हिन्दुओं की गैर मौजूदगी में क्या होता था, भूल गए। देखिये सर्वाधिक पढ़ा गया लेख, नीचे दिए लिंक शीर्षक "
सेकुलरिज्म सिर्फ तब तक, जब तक भारत में इस्लाम की हुकूमत नहीं ले आते : अरफ़ा खानुम, मुस्लिम पत्रकार", फिर भी छद्दम सेक्युलरिस्ट्स नेता और पार्टियां तुष्टिकरण से बाज नहीं आ रही। क्या ऐसे नेताओं के हाथ देश सौंपना तो दूर विश्वास भी नहीं करना चाहिए। आखिर सेकुलरिज्म का नंगा नाच कब तक होता रहेगा? केंद्र और राज्य सरकारें और अदालतें ऐसी मानसिकता वालों पर कब सख्ती से पेश आएँगी? इस वीडियो को भी देखिए:

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) के पुणे मॉड्यूल के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। चार्जशीट में कहा गया है कि मॉड्यूल के सदस्य काफिरों (गैर-मुस्लिमों) की हत्या की योजना बना रहे थे और वे भारतीय संविधान को ‘हराम’ (गैर-इस्लामी) मानते हैं। आईएसआईएस के पुणे मॉड्यूल के सदस्यों के शरजील इमाम से संबंध थे, जो 2020 के दिल्ली दंगों के मास्टरमाइंडों में से एक होने का आरोपित है और अभी जेल में बंद है।

एनआईए की चार्जशीट में पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल के सात सदस्यों की जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि इस आतंकवादी संगठन के सदस्य गैर-मुस्लिमों पर हमले की योजना बना रहे थे। ये लगातार विभिन्न तरीकों से गैर-मुस्लिमों को जान से मारने पर चर्चा कर रहे थे। इनका लक्ष्य मुस्लिम युवाओं को शिक्षा देकर देश में शरिया कानून स्थापित करना था।

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि इन आतंकियों ने मुस्लिमों के बीच यह धारणा बनाने की कोशिश की कि इस्लाम में लोकतंत्र ‘हराम’ है और केवल आईएसआईएस ही शरिया का पालन करता है। इसके अलावा उन्होंने सभी मुस्लिमों से आईएस का समर्थन करने का आह्वान किया था। चार्जशीट में गवाहों के दर्ज बयान के आधार पर कहा गया है कि ये वॉट्सऐप पर कट्टरपंथी ग्रुप से जोड़े गए थे, जिसमें मुस्लिमों पर अत्याचार की कहानियाँ बताकर उन्हें गैर-मुस्लिमों के खिलाफ भड़काया जा रहा था।

 इस चार्जशीट में पुणे मॉड्यूल के दिल्ली दंगों से जुड़ाव को भी बताया गया है। मॉड्यूल के सदस्यों के शरजील इमाम से संबंध थे, जो 2020 के दिल्ली दंगों के मास्टरमाइंडों में से एक होने का आरोपित है। इससे जुड़े आईएसआईएस के तमाम आतंकवादियों की धरपकड़ जारी है, जिसमें हाल ही में दिल्ली, लखनऊ, मुरादाबाद, अलीगढ़ और छत्तीसगढ़ के दुर्ग से कई आतंकियों को पकड़ा गया है।

एनआईए चार्जशीट की खास बातें

एनआईए की चार्जशीट में कहा गया है कि पडघा गाँव निवासी जुल्फिकार अली बड़ौदावाला और पुणे निवासी जुबैर शेख ने साल 2015 में युवाओं को कट्टरपंथी बनाना शुरू कर दिया था। इसके लिए व्हाट्सऐप पर ग्रुप बनाकर आईएसआईएस के समर्थन में पोस्ट किए जाते थे। एनआईए ने एक गवाह के हवाले से विस्तार में इसकी जानकारी दी है कि कैसे वह 2011-2012 में जुबैर शेख के संपर्क में आया था, जिसे एनआईए ने एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया है। एक गवाह ने कहा है कि साल 2014 में शेख ने उसे ‘यूनिटी इन मुस्लिम उम्मा’ और ‘उम्मा न्यूज’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुपों में जोड़ा था।
मिडडे की रिपोर्ट के मुताबिक, गवाह ने अपने बयान में कहा, “हमारी शुरुआती मुलाकातों में हमारी दोस्ताना और कैजुअल बातचीत हुई। हालाँकि, धीरे-धीरे जुल्फिकार उर्फ ​​लालाभाई, सिमाब काजी और तल्हा खान ने शिर्क, खलीफा, जिहाद, इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक (आईएसआईएस) आदि विषयों पर चर्चा शुरू कर दी। कई बार उन्होंने मेरे सहित अन्य सदस्यों को भी आईएसआईएस में भर्ती करने की कोशिश की। यही नहीं, गैर-मुस्लिमों को मारने के बारे में भी इन ग्रुपों पर चर्चा होती थी। इसमें आईएसआईएस के आतंकी कहते थे कि हमें काफिरों को मारना है और इसके लिए हमारे पास सारी चीजें हैं। सही समय आएगा तब तुम्हें सब बता देंगे।”
अवलोकन करें:-
सेकुलरिज्म सिर्फ तब तक, जब तक भारत में इस्लाम की हुकूमत नहीं ले आते : अरफ़ा खानुम, मुस्लिम पत्रकार
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
सेकुलरिज्म सिर्फ तब तक, जब तक भारत में इस्लाम की हुकूमत नहीं ले आते : अरफ़ा खानुम, मुस्लिम पत्रकार
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार ऐसा लगता है मानो जैसे-जैसे समय बीत रहा है, CAA-NRC का विरोध अब शाहीन बाग़ से होते हुए अपने असल....

कांग्रेस जवाब दे: फ़िरोज़ जहांगीर खान के पोता-पोती कब और कैसे हिन्दू बन गए? मुगलों के दिल्ली दीवान

मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए नेहरू ने किए थे ‘वन्दे मातरम’ के टुकड़े’

आईएसआईएस के पुणे मॉड्यूल का दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों से कनेक्शन

पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल का लिंक दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों से भी है। पुणे मॉड्यूल से जुड़े शाहनवाज और अरशद वारसी का शरजील इमाम से कनेक्शन सामने आ चुका है। इस पर ऑपइंडिया ने विस्तार से पूरी जानकारी दी है। दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के बाद भी किस तरह से आईएसआईएस का पुणे मॉड्यूल दिल्ली से लेकर अलीगढ़ और प्रयागराज तक फैलता रहा, इसकी जानकारी भी इस रिपोर्ट में दर्ज है।

No comments: