रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में वर्षों तक राम और राममंदिर विरोधियों को निमंत्रण देकर आयोजकों ने जिस विचार से इन्हें आमंत्रित किया है, उसमे सफलता भी मिलनी शुरू हो गयी है। देखना यह है कि यूपीए शासन में राम को काल्पनिक, मिथ्या और रामसेतु को भ्रमित कहने वाले अयोध्या जाते हैं या नहीं।
सीताराम येचुरी भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता है। सीपीएम भारत की सबसे बड़ी वामपंथी पार्टी भी है। वामपंथ के मूल में भारतीय सामाजिक व्यवस्था को कोसना रहा है। कभी तीन दशकों से भी ज्यादा समय तक पश्चिम बंगाल में सत्ता में रही सीपीएम अब उसी कॉन्ग्रेस की पिछलग्गू बन चुकी है, जो इंडी गठबंधन की अगुवाई कर रही है। यही नहीं, सीपीएम को सत्ता से हटाने वाली टीएमसी भी उस इंडी गठबंधन का हिस्सा है। बहरहाल, राष्ट्रीय पहचान के प्रतीक राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में न जाना, वामपंथियों की नीति जैसा ही है। सीताराम येचुरी के दफ्तर की तरफ से साफ कह दिया गया है कि वो रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नहीं जाएँगे। डी राजा का भी कमोबेश ऐसा ही हाल है।
जो पुरुषोत्तम श्रीराम के अस्तित्व पर विवाद करते रहे हैं, उन्हें आजकल सोशल मीडिया पर चल रहे इस वीडियो चल रहा है, जो श्रीराम के विश्वास और आस्था को उजागर कर रहा है, जब चर्चित निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर ने अपने धारावाहिक "रामायण" में प्रभु राम द्वारा बालरूप में कौए के साथ क्रीड़ा करने को दर्शाने प्रभु राम से कौए की विनती की :
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र की तरफ से आमंत्रण पत्र गणमान्य व्यक्तियों को भेजे जा रहे हैं। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे, कॉन्ग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सोनिया गाँधी, लोकसभा में कॉन्ग्रेस दल के नेता अधीर रंजन चौधरी जैसे महत्वपूर्ण विपक्षी नेताओं को भी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का न्यौता दिया गया है।
इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह और एडडी देवेगौड़ा को भी आमंत्रित किया गया है। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को भी इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। सूत्रों की मानें तो आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और बीएसपी की मुखिया मायावती को भी आमंत्रित किया गया है। इस कार्यक्रम में राम मंदिर आदोलन के लिए पूरा जीवन खपा देने वाले लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे वयोवृद्ध नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।
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