एक व्यक्ति नरेंद्र मोदी अकेला ऐसा है जिसके परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ रहा और जो जन जन के लिए, देश के लिए अपना पसीना बहा रहा है, हर किसी को हर सुविधा बिना भेदभाव के दे रहा है, किसी का धर्म नहीं देख रहा और जिसने देश को 10 साल में सशक्त बना दिया, फिर भी अनेक लोग ऐसे हैं जो वोट डालने से कतरा रहे है। इससे बड़ी अहसानफरामोशी हो नहीं सकती।
मेरे क्षेत्र में 26 अप्रैल को वोट पड़ने थे और मेरा वोटिंग सेंटर मेरे घर से मात्र 500 मीटर दूर था लेकिन कुछ परिस्थिति ऐसी थी कि मैं वोट डालने नहीं जा सकता था लेकिन जीवन में ऐसा हुआ नहीं कि वोट न डाला हो, इसलिए अपने एक निजी टैक्सी वाले को बुलाया जो मुझे हर संभव मदद करके वोट करा कर एक घंटे में वापस ले आया और उसे मैंने 600 रुपए बतौर भाड़ा दिए, लेकिन संतोष था कि कठिनाई होने के बावजूद मैं वोट कर सका। वह उस महामानव के लिए एक प्रणाम था जिसने अपना सब कुछ देश के लिए दाव पर लगा दिया है।
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लेखक चर्चित यूटूबर |
दूसरी तरफ हमारे लोग हैं जो हर सुविधा पा रहे हैं, बढ़िया ट्रेन हैं, बढ़िया हाईवे हैं, बढ़िया हवाई यात्रा करते हैं, देश में चारो तरफ धार्मिक टूरिज्म समेत हर तरह के टूरिज्म का मजा लेते है, बढ़िया से बढ़िया मोबाइल जेब में रहते हैं और डाटा भी फ्री जैसा है, रेलवे स्टेशन भी चमकते दिखाई देते हैं, जिन बसों में ट्रेन्स में सफर करते हैं उनमे और बाज़ारो में आतंकी हमले नहीं होते उन्हें महसूस होते है जो पहले आए दिन होते थे, कश्मीर में ख़ुशी की बयार है, शेयर मार्किट में पैसा भी कमा रहे होंगे लेकिन वोट के दिन वोट देने के जाने को तैयार नहीं हैं।
एक बार कभी ऐसे लोग दिल पर हाथ रख कर सोचने की कोशिश करें कि उनका वोट न देना क्या देश और समाज के साथ गद्दारी नहीं है। आप अगर यह चाहते हैं कि मोदी आपके लिए सब कुछ करता रहे और आप वोट देने भी न जाएं तो एक दिन कुदरत आपका भी हिसाब कर सकती है। याद रखें कि इस वोट के अधिकार के लिए लाखों लोग बलिदान हो गए थे। देखें वीडियो और आंखें खोलो:
जो कार्यक्रम कांग्रेस दे रही है, उसे देख कर भी यदि हमारे लोग घर बैठना चाहते हैं तो ऐसा करके वे अपने हाथ से अपना और अपनी पीढ़ियों का दुर्भाग्य लिख रहे हैं, उस दिन नींद खुलने से कोई लाभ नहीं होगा जब कांग्रेस की लुटेरी सरकार ऐसे लोगों के दरवाजे पर खड़ी होगी।
अब समय आ गया है ऐसे लोगों की हमारे समाज के लोग ही जानकारी जुटा कर रखें और उनका सामाजिक बहिष्कार करें। ऐसे लोग यदि सरकार के मंत्रियों या विधायकों के पास अपनी समस्या लेकर जाएं तो उन्हें पिकनिक पर जाने के लिए कह दिया जाए। मुसलमानों का तो कुछ नहीं हो सकता, इक्का दुक्का मुस्लिमों के मोदी के हक़ में बयान देने से कुछ नहीं होगा, अधिकांश मुस्लिम क्या कर रहा है, ये देखिए - जिन मुस्लिमों को लगता है मोदी सब कुछ देकर भी उन्हें प्रताड़ित कर रहा है और या भेदभाव कर रहा है तो वे इस देश में रहने योग्य नहीं हैं, उन्हें वहां जाना चाहिए जहां मोदी न हो और सब कुछ मिले।
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