रॉबिन वेस्टमैन (फोटो साभार: X_LauraLoomer)
अमेरिका के मिनियापोलिस में 23 साल के ट्रांसजेंडर रॉबिन वेस्टमैन ने एक कैथोलिक चर्च और स्कूल में गोलीबारी कर दी। इस हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और 17 लोग घायल हुए, जिनमें 14 बच्चे और 3 बड़े शामिल हैं। रॉबिन वेस्टमैन ने अपने हथियारों पर ‘माशाल्लाह’ और ‘न्यूक इंडिया’ लिखा था।
इस्लामी शब्द और भारत को परमाणु हथियारों से खत्म करने की बात के अलावा, रॉबिन ने इजरायल को बर्बाद करने की कसम भी खाई थी। उसने अपनी बंदूक पर ‘इजरायल को खत्म करना होगा’ लिखा था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना बुधवार (27 अगस्त 2025) सुबह करीब 8:30 बजे हुई, जब बच्चे चर्च में प्रार्थना सभा में शामिल थे। रॉबिन ने चर्च की खिड़कियों के बाहर से गोलियाँ चलाईं, जिससे वहाँ मौजूद लोग दहशत में आ गए। मिनियापोलिस पुलिस प्रमुख ब्रायन ओ’हारा ने बताया कि यह हमला एक सुनियोजित ‘घरेलू आतंकवाद’ और ‘कैथोलिक समुदाय के खिलाफ हेट क्राइम’ के तौर पर जाँचा जा रहा है। रॉबिन ने हमले के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
भारत और यहूदी विरोधी नफरत से भरा था हत्यारा
रॉबिन वेस्टमैन ने अपने हथियारों पर कुछ चौंकाने वाले नारे लिखे थे। उसकी राइफल, शॉटगन और पिस्तौल पर ‘माशाल्लाह’, ‘न्यूक इंडिया’ और ‘इजरायल को खत्म करना होगा’ जैसे शब्द लिखे थे। उसने अपने हथियारों पर ‘बच्चों के लिए’, ‘तुम्हारा भगवान कहाँ है?’ और ‘डोनाल्ड ट्रंप को मारो’ जैसे नारे भी लिखे थे। इसके अलावा, एक गोला-बारूद की मैगजीन पर ‘स्किबिडी’ शब्द लिखा था, जो एक ऑनलाइन चरमपंथी मंच से जुड़ा हो सकता है।
रॉबिन ने अपने हथियारों पर दो अन्य हत्यारों के नाम भी लिखे थे – ‘रुपनो’ और ‘ब्रेविक’। ‘रुपनो’ का जिक्र संभवतः नटाली रुपनो से है, जिसेने पिछले साल विस्कॉन्सिन में एक स्कूल में गोलीबारी की थी। वहीं ‘ब्रेविक’ का संबंध नॉर्वे के कुख्यात हत्यारे एंडर्स ब्रेविक से हो सकता है, जिसने 2011 में 77 लोगों की हत्या की थी।
Minnesota shooter had “Mashallah” and “Nuke India” written on his gun.
— Laura Loomer (@LauraLoomer) August 27, 2025
He also wrote “Israel Must Fall”.
Clearly influenced by anti-Indian and Anti-Jewish Islamic propaganda.
Not really a shocker to see a person like this living in Ilhan Omar’s district kill Catholics.… pic.twitter.com/e8decaVYCl
रॉबिन ने हमले से पहले यूट्यूब पर दो वीडियो पोस्ट किए थे, जिन्हें अब हटा दिया गया है। पहले वीडियो में उसने सिरिलिक अक्षरों में लिखा एक दस्तावेज़ दिखाया, जो अंग्रेजी में था। दूसरे वीडियो में उसने चार पेज का एक पत्र दिखाया, जिसमें उसने अपने परिवार और दोस्तों से माफी माँगी और अपने दर्द और पीड़ा की बात की।
इन वीडियो में उसने अपने हथियारों का जखीरा भी दिखाया, जिसमें राइफल, पिस्तौल, शॉटगन और कई मैगजीन शामिल थे। हथियारों पर सिल्वर रंग मार्कर से लिखे गए राजनीतिक और नफरत भरे नारे साफ दिख रहे थे। पुलिस ने बताया कि रॉबिन ने ये हथियार पूरी तरह कानूनी तौर पर खरीदे थे।
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने इस हमले को कैथोलिक समुदाय के खिलाफ हेट क्राइम बताया है। जाँच में पता चला कि रॉबिन पहले इसी चर्च और स्कूल का छात्र रह चुका था, लेकिन यह साफ नहीं है कि उसने इस जगह को निशाना क्यों बनाया।
एंटी-डिफेमेशन लीग के विश्लेषण के मुताबिक, रॉबिन के लेखन में कैथोलिक, यहूदी, अश्वेत, एलजीबीटीक्यू+ समुदाय, मुस्लिम और हिस्पैनिक लोगों के खिलाफ नफरत भरे संदेश थे। उसने अपने हथियारों पर ‘बच्चों के लिए’, ‘तुम्हारा भगवान कहाँ है?’ और ‘डोनाल्ड ट्रंप को मारो’ जैसे नारे भी लिखे थे।
रॉबिन की माँ मैरी वेस्टमैन ने 2019 में कोर्ट में याचिका दायर कर अपने बच्चे का नाम बदलवाया था, क्योंकि रॉबिन खुद को महिला के रूप में पहचानता था। 2020 में जब रॉबिन 17 साल का था, जज ने इस बदलाव को मँजूरी दी थी। रॉबिन का आखिरी पता साउथ सेंट पॉल इलाके का एक अपार्टमेंट था।
पुलिस ने बताया कि हमले के दौरान स्कूल में पहली हफ्ते की प्रार्थना सभा चल रही थी। बच्चे और शिक्षक नए स्कूल साल की शुरुआत कर रहे थे।
सेंट क्लाउड के बिशप पैट्रिक एम. नियरी ने कहा, “यह एक बेगुनाह लोगों पर किया गया क्रूर हमला है। बच्चे प्रार्थना कर रहे थे, जब गोलियाँ चलीं। हम इस दुख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।” घायलों में दो बच्चे गंभीर हालत में हैं और तीन बुजुर्ग पैरिशनर भी गोलीबारी में घायल हुए हैं।
रॉबिन की ऑनलाइन गतिविधियों से पता चलता है कि वह नफरत फैलाने वाले ऑनलाइन समुदायों से जुड़ा था। जाँचकर्ता अभी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उसकी इस हिंसा के पीछे की वजह क्या थी।
साउदर्न पॉवर्टी लॉ सेंटर की रेचल कैरोल-रिवास ने कहा, “यह समझना मुश्किल है कि इस हिंसा की जड़ में क्या था। रॉबिन के विचारों में कई तरह की विचारधाराएँ और नफरत थी, जो किसी एक बॉक्स में फिट नहीं होती।”
यह घटना न केवल मिनियापोलिस बल्कि पूरे अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका है। लोग इस बात से दुखी और गुस्से में हैं कि मासूम बच्चों को निशाना बनाया गया। यूएस होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने कहा, “हम उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया। हम उनके लिए प्रार्थना करते हैं।”
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