बिहार : तेजस्वी यादव की मुश्किलें और बढ़ीं, आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर महाराष्ट्र-यूपी में हुई FIR, चिराग पासवान का हमला


बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और RJD के नेता तेजस्वी यादव आने वाले विधानसभा चुनावों में संभावित हार के डर से अभी से बौखलाहट में हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पीएम मोदी को लेकर एक्स पर किए गए तेजस्वी के आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर और महाराष्ट्र में मुकदमे दर्ज हुए हैं। महाराष्ट्र में बीजेपी विधायक ने तेजस्वी यादव के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, तेजस्वी यादव के बिगड़े और अपमानजनक बोल के चलते उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बीजेपी महानगर अध्यक्ष की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है। इन शिकायतों में तेजस्वी यादव पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और जनता की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में बीजेपी विधायक ने कराई एफआईआर
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर अधिकार यात्रा के बीच ही आरजेडी नेता तेजस्वी यादव अपने विवाद में उलझ गए हैं। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। गढ़चिरौली से बीजेपी विधायक मिलिंद रामजी नरोटे ने उनके खिलाफ ये शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया है। तेजस्वी यादव के खिलाफ दर्ज शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने 22 अगस्त को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट किया है।

तेजस्वी यादव पर अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से विधायक मिलिंद रामजी नरोटे की शिकायत पर ये मामला दर्ज किया गया है। गढ़चिरौली थाने में धारा 196(1)(ए)(बी), 356(2)(3), 352, 353(2) के तहत ये मामला दर्ज किया गया है। बीजेपी विधायक ने थाने में शिकायत की कि तेजस्वी यादव ने शुक्रवार सुबह एक्स हैंडल से एक पोस्ट किया। आरोप है कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। इस पोस्ट में प्रधानमंत्री का कैरिकेचर भी लगा था। मामले में साक्ष्य के तौर पर पोस्ट की कॉपी संलग्न की गई है।

शाहजहांपुर सदर बाजार थाना में भी तेजस्वी के खिलाफ केस दर्ज
वहीं, उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के सदर बाजार थाने में तेजस्वी यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बीजेपी महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में कहा गया है कि आरजेडी के आधिकारिक X (पहले ट्विटर) हैंडल से एक पोस्ट किया गया था। यह पोस्ट शुक्रवार सुबह 6:58 बजे किया गया था। आरोप है कि इस पोस्ट में पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। पोस्ट में प्रधानमंत्री की तस्वीर भी लगाई गई थी। शिकायतकर्ता ने पोस्ट की कॉपी को मुकदमे में सबूत के तौर पर पेश किया है। शिकायतकर्ता शिल्पी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ तेजस्वी यादव की अभद्र टिप्पणी से पूरा देश गुस्से में है। शिल्पी गुप्ता ने पुलिस से तेजस्वी यादव पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

तेजस्वी ने सोशल मीडिया पर पीएम का कैरिकैचर बना पोस्ट शेयर किया
दरअसल तेजस्वी यादव ने 22 अगस्त को पीएम के गया जी दौरे से पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पीएम का कैरिकैचर बना एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें बेहद अपमानजनक रूप में प्रधानमंत्री मोदी की गया जी की रैली को “बयानबाजी की दुकान” बताया गया था। रैली से पहले एक्स पर शेयर की गई इस पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी को एक दुकानदार के रूप में दिखाया गया था। तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी से बिहार में एनडीए के 20 सालों के साथ-साथ अपने 11 सालों के शासन का भी हिसाब मांगा था।

तेजस्वी ने क्षेत्रवाद, जातिवाद, संप्रदायवाद की राजनीति की है- पासवान
प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान कांग्रेस और राजद पर जमकर बरसे। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा “यह सच है कि लंबे समय से कांग्रेस ने फूट डालो और राज करो की राजनीति अपनाई है। राजद की राजनीति में क्षेत्रवाद, जातिवाद, संप्रदायवाद और मुस्लिम-यादव समीकरण की बातें शामिल हैं, जबकि दूसरी ओर हमारी सरकार सभी के लिए समावेशी विकास की बात करती है। विभाजनकारी राजनीति करने वालों ने ही राज्य और देश को सबसे ज्यादा बर्बाद करने का काम किया है।

बांटो और राज करो की राजनीति करने वाले पहले अपने गिरेबां में झांकें
यह बात तो हकीकत है कि किस तरह से बांटो और राज करो की राजनीति लंबे समय तक आरजेडी और कांग्रेस ने अपनाने का काम किया। वहीं दूसरी तरफ हमारी सरकार है जो सबका साथ सबका विकास की बात करती है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को ऐसी ओछी टिप्पणी करने के पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। पासवान ने घुसपैठियों पर भी प्रहार करते हुए कहा कि यह किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता कि कोई विदेशी नागरिक, जो हमारे देश का नागरिक नहीं है, अवैध रूप से भारत में प्रवेश करे और हमारे देश के संसाधनों पर अधिकार जताना शुरू कर दे, जिसपर सबसे पहले भारतीय नागरिकों का हक है। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है।

मर्यादित आचरण करने तेजस्वी यादव की जिम्मेदारी – राजीव रंजन
जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन प्रसाद ने पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ FIR पर कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ज़िम्मेदार पदों पर बैठे लोग संवैधानिक पदों पर बैठे राजनेताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं। यह लोकतंत्र है। भारत में न्यायपालिका की गरिमा सर्वोत्तम है, जिनकी भावनाएं आहत हुई हैं उन्हें FIR दर्ज करने का पूरा अधिकार है। तेजस्वी यादव की ज़िम्मेदारी है कि वे अपना जवाब दें और मर्यादित आरचण करें।

तेजस्वी-राहुल की यात्रा भी भाई तेजप्रताप से साधा निशाना
बिहार में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा शायद किसी अशुभ मुहूर्त में शुरू हुई है। इसीलिए उसके साथ कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है। एक तो इसमें उम्मीदों के मुताबिक भीड़ ना जुटने से यह यात्रा फुस्स बम साबित हो रही है, दूसरे वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस और आरजेडी नेताओं ने एक पुलिसकर्मी और बॉडीगार्ड को गाड़ी से कुचल दिया। पहले तेजस्वी के भाई तेजप्रताप ने तंज करते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव लोकतंत्र बचाने के लिए निकले हैं या फिर लोकतंत्र को तार-तार करने निकले हैं। अब बीजेपी नेताओं ने इस यात्रा को सुपर फ्लॉप शो करार दे दिया है। उन्होंने कहा है कि जनता को अब भी कांग्रेस और राजद के भ्रष्टाचार और जंगलराज के दिन याद हैं, इसलिए अब यात्रा इस नौटंकी के कुछ भी होने वाला नहीं है।

आहत मल्लिकार्जुन खरगे बोले- दस लोगों को भी संबोधित करूंगा
विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और आजेडी को वोटर याद आ रहे हैं। इसीलिए अब वोटर अधिकार यात्रा निकाली है, 16 अगस्त सासाराम से शुरू हुई है और 1 सितंबर को पटना में समाप्त होगी। यात्रा का करीब एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद जिन वोटर्स के लिए यह यात्रा निकाली गई है, वो ही इसमें नहीं जुट पा रहे हैं। जोड़-तोड़ और धनबल के दम पर कुछ भीड़ जुटाई भी जाती है तो वह कार्यक्रम खत्म होने से पहले ही सभा से विदा ले लेती है। हालात यह हैं कि यात्रा की सासाराम की सभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को यहां तक कहना पड़ा कि ‘सुनना है तो सुनो, जिन्हें जाना है तो चले जाएं। नहीं तो 10 लोग रहेंगे तो भी मैं भाषण देता रहूंगा।’

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