अहमदाबाद के ‘सेवेंथ डे स्कूल’ में पहले भी हो चुके हैं कई विवाद; विदेशी चर्च से कनेक्शन, धर्मांतरण, मीट खिलाने का आरोप और अब हिंदू छात्र की हत्या…

                                      अहमदाबाद के 'सेवेंथ डे स्कूल' की तस्वीर (फोटो साभार : The Hindu)
अहमदाबाद के सेवेंथ डे स्कूल में 19 अगस्त 2025 को एक बड़ा हादसा हुआ है। स्कूल में 10वीं कक्षा के एक हिंदू छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि हत्या एक मुस्लिम छात्र ने की। हमले के बाद घायल छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने आरोपित छात्र को हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

घटना के बाद, 20 अगस्त 2025 को स्थानीय हिंदू समुदाय के लोग स्कूल में जमा हुए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि स्कूल में सुरक्षा को लेकर लापरवाही हुई। मामले की जाँच जारी है और पुलिस स्थिति पर नजर रख रही है।

घटना के बाद स्कूल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल ने घायल छात्र की मदद नहीं की और छात्र को समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया। यह भी कहा गया है कि स्कूल ने हादसे के तुरंत बाद सफाई शुरू कर दी।

स्कूल प्रशासन ने पानी का टैंकर मँगवाया और स्कूल परिसर की धुलाई करवाई। लोगों का आरोप है कि इससे सबूत मिटाने की कोशिश की गई। अब पुलिस इन आरोपों की जाँच कर रही है। मामला सबूत छिपाने की दिशा में भी देखा जा रहा है।

पहले भी विवादों में रहा है स्कूल

जिस स्कूल में हिंदू छात्र की हत्या हुई, वह पहले भी विवादों में घिर चुका है। 2016 में एक घटना सामने आई थी। उस समय स्कूल के एक शिक्षक ने कक्षा 4 के एक बच्चे की पिटाई कर दी थी। बच्चे की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने मौखिक परीक्षा के दौरान किसी से बात कर ली थी।

इस बात से गुस्साए शिक्षक ने बच्चे के बाल पकड़कर मारपीट की। आरोप है कि शिक्षक ने चेहरे पर घूंसा मारा, जिससे बच्चे के खून बहने लगा। इस घटना को लेकर भी स्कूल की काफी आलोचना हुई थी।

इस घटना के बाद कई अभिभावक स्कूल पहुँच गए। उन्होंने स्कूल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों के दबाव के बाद स्कूल प्रशासन ने शिक्षक को निलंबित कर दिया। निलंबित शिक्षक का नाम ‘मोसेस अदला‘ था।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह शिक्षक पहले भी चार बच्चों की पिटाई कर चुका है। अभिभावकों ने इस मामले की शिकायत खोखरा थाने में की थी। पुलिस ने केस दर्ज कर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की थी।

यह स्कूल अक्टूबर 2024 में भी विवादों में आया था। उस समय स्कूल का स्टाफ 200 छात्रों को मेहसाणा के एक वॉटर पार्क में लेकर गया थे। इस यात्रा के लिए जिला शिक्षा कार्यालय से कोई अनुमति नहीं ली गई थी, जो कि सरकारी नियमों का उल्लंघन थी।

घटना सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया। उन्होंने स्कूल प्रशासन को बकायदा नोटिस भेजा था। साथ ही, पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई गई थी।

स्कूल प्रशासन पर और भी गंभीर आरोप

हिंदू छात्र की हत्या के बाद स्कूल प्रशासन पर कई सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों ने स्कूल की भूमिका पर शक जताया है। मृतक छात्र के दादा ने ऑपइंडिया से बातचीत में बड़ा दावा किया। घटना वाले दिन कुछ मुस्लिम छात्रों ने चेहरे ढक रखे थे। उन्होंने पीड़ित छात्र पर चाकू से हमला कर दिया। मृतक के दादा ने कहा कि घटना से दो महीने पहले ही स्कूल में शिकायत दी गई थी। शिकायत में कहा गया था कि मुस्लिम छात्र हिंदू छात्रों को परेशान कर रहे हैं। लेकिन स्कूल ने कोई कार्रवाई नहीं की।

इसके अलावा, दादा ने बताया कि उनका पूरा परिवार शाकाहारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम छात्र स्कूल में मटन लाते थे। उनके पोते को पनीर बताकर मटन खिलाया जाता था।

इतना ही नहीं, स्कूल कैब के मालिक ने भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी मुस्लिम छात्रों ने हिंदू छात्रों पर हमले किए हैं। अब इन आरोपों की पुलिस जाँच कर रही है।

पीड़ित छात्र के दादा ने बताया कि उन्होंने कई बार वीडियो बनाकर स्कूल को सबूत दिए। उन्होंने लगातार शिकायतें कीं, लेकिन स्कूल ने कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने धर्मांतरण का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि पहले हिंदू छात्रों पर ईसाई या मुस्लिम बनने का दबाव डाला जाता था।

अन्य अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी यही आरोप लगाए। उनका कहना है कि मुस्लिम छात्र लगातार हिंदू छात्रों को परेशान करते थे। इन घटनाओं की स्कूल में शिकायत की गई, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इसके अलावा एक और गंभीर आरोप सामने आया है। कहा गया कि स्कूल में नैतिक शिक्षा के नाम पर ईसाई मजहब का प्रचार किया जा रहा है। सिलेबस के जरिए छात्रों को ईसाई मजहब की ओर आकर्षित करने की कोशिश हो रही है।

इसके अलावा, एक महिला ने बड़ा दावा किया है। उसने कहा कि स्कूल संचालक अभिभावकों से ₹2 लाख माँग रहे थे। साथ ही, छात्रों से कहा जा रहा था कि वे बिना बोर्ड परीक्षा दिए पास हो जाएँगे। इन आरोपों की भी अब जाँच की जा रही है।

चर्च के जरिए चलता स्कूल

जाँच में पता चला कि यह स्कूल ‘सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट चर्च‘ नाम का एक विदेशी संगठन चलाता है। इस संगठन का मुख्यालय अमेरिका में है। अहमदाबाद में यह स्कूल एक स्थानीय ट्रस्ट, ‘एश्लॉक ट्रस्ट’ के जरिए चलाया जाता है। यह ट्रस्ट भी उसी चर्च का हिस्सा है। पूरी दुनिया में, यह चर्च संगठन 7,804 स्कूल और कॉलेज चलाता है।

स्कूल के मूल्य और नियम ईसाई मजहब के अनुसार बनाए गए हैं। चर्च के स्कूल अधिकतर चर्च के नियमों के अनुसार चलते हैं। दुनिया भर में, ‘सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट चर्च संगठन’ सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के नियम बनाता है और फिर उन पर लागू करवाता है।

स्कूल का प्रिंसिपल जी इमैनुएल

अहमदाबाद के सेवेंथ डे स्कूल के प्रिंसिपल का नाम जी इमैनुएल है। जी इमैनुएल ईसाई मजहब को मानते हैं और पूरे स्कूल का प्रबंधन संभालते हैं। हत्या से पहले, स्थानीय लोग और अभिभावक प्रिंसिपल से कई बार शिकायत कर चुके थे। लेकिन प्रिंसिपल ने इन शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया और कोई कदम नहीं उठाया।

यह स्कूल ‘काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन’ (CISCE) से जुड़ा है। यह एक गैर-सरकारी संगठन है। यह संस्था 1990 से स्कूल की पढ़ाई की देखरेख करती है। खास बात यह है कि प्रिंसिपल जी इमैनुएल खुद इस संस्था का अध्यक्ष है।

सेवेंथ डे स्कूल CISCE और गुजरात बोर्ड दोनों से जुड़ा हुआ है। चूंकि स्कूल के प्रिंसिपल खुद CISCE के अध्यक्ष हैं, इसलिए कई आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर परिषद का अध्यक्ष ही स्कूल का प्रिंसिपल है, तो स्कूल के खिलाफ कौन कार्रवाई करेगा?

अवलोकन करें:-

अहमदाबाद : सेवेंथ डे स्कूल में मुस्लिम छात्रों ने हिंदू छात्र की चाकू मारकर की हत्या, स्कूल प्रब
अहमदाबाद : सेवेंथ डे स्कूल में मुस्लिम छात्रों ने हिंदू छात्र की चाकू मारकर की हत्या, स्कूल प्रब
 

हालाँकि, प्रिंसिपल इमैनुएल की तरफ से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। पुलिस फिलहाल मामले की जाँच कर रही है।

No comments: