चर्च के अनाथालय में पॉर्न वीडियो दिखाकर 15 नाबालिग बच्चियों का रेप करने वाले क्रिश्चियन राजेंद्रन और जॉय जेल में सड़ेंगे

बॉम्बे हाई कोर्ट
महाराष्ट्र के रायगढ़ में शांति आश्रम अनाथालय में नाबालिग लड़कियों से हुए यौन शोषण मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने आरोपित क्रिश्चियन राजेन्द्रन को 14 साल जेल की सजा को बरकरार रखा है। जबकि उसके भाई जॉय के 10 साल की सजा को बरकरार रखा है।

अनाथालय चर्च ऑफ एवरलास्टिंग लाइफ एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा संचालित था। राजेन्द्रन और जॉय ने 2015 में अनाथालय की 15 नाबालिग लड़कियों का शोषण किया। इस पर 2020 में पनवेल सेशंस कोर्ट ने दोषियों को 14 साल और 10 साल की सजा दी थी जबकि उसकी माँ को अपराध छिपाने के लिए 1 साल की सजा सुनाई थी।

ये मामला तब सामने आया जब अनाथालय की लड़कियों ने टीचर को आपबीती बताई। टीचर ने बाल कल्याण समिति को नाबालिगों के शोषण की जानकारी दी और फिर जाँच टीम आई और मामला उजागर हुआ।

बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट मे में दलील दी कि बच्चियाँ अनाथालय में खुश थीं। उन्हें फिल्में दिखाई जाती थी, जन्मदिन मनाया जाता था। कोर्ट ने वकीलों के दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि भोजन कपड़ा और आवास के लिए लड़कियाँ वहाँ निर्भर थीं। इसलिए सालों तक शिकायत नहीं करना स्वाभाविक था। 

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