चीन में उइगर मुस्लिमों पर जुल्म का बदला : अफगानिस्तान में चीनी रेस्टोरेंट पर आत्मघाती हमला, 7 मारे गए: ISIS ने ली जिम्मेदारी; भारत के बिकाऊ आन्दोलनजीवी खामोश

                          काबुल में चीनी रेस्टोरेंट में आत्मघाती हमला, 7 मौत (साभार: X-WorldAffairs)
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में ‘चीन लांझोऊ बीफ नूडल्स’ नाम के चीनी रेस्टोरेंट में बम धमाका हुआ। धमाके के वक्त रेस्टोरेंट में ग्राहकों की भीड़ थी। हमले में एक चीनी नागरिक और 6 अफगानी मारे गए। इसके साथ ही बच्चों समेत दर्जन भर की बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ISIS ने ली है।

भारत में मुस्लिम कट्टरपंथी और उनको समर्थन देने वाली पार्टियां तलाक और बुर्का आदि पर मुसलमानों को भड़काने में कोई मौका चूकते। फिलिस्तीन और गाज़ा पर इजराइल हमलों पर छातियां पीटते हैं। लेकिन ईरान में मीडिया के अनुसार 16000+ से ज्यादा मुसलमानों की मौत हो चुकी है सब खामोश हैं, सबके मुंह में दही जम गयी है। इसी तरह चीन में उइगर मुसलमानों पर कितने जुल्म हो रहे हैं, उइगर मुस्लिम महिलाओं के साथ जरुरत के ज्यादा उत्पीड़न हो रहा है क्यों नहीं चीन के विरुद्ध आवाज़ उठाते? भारतीय मुसलमानों को भी चीन के हर उत्पाद का बहिष्कार करना चाहिए। दरअसल सच्चाई यह है कि चीन के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए कोई इनको पैसा नहीं देने वाला। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बम धमाका सोमवार (19 जनवरी 2026) दोपहर के वक्त हुआ। कमर्शियल इलाके में स्थित चीनी रेस्टोरेंट में बम धमाके में आसपास की इमारतें और दुकानें भी चपेट में आईं। इस्लामी स्टेट (ISIS) की अफगान शाखा ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह एक आत्मघाती हमला था।

पुलिस के प्रवक्ता खालिद जादरान ने बताया कि मरने वालों में एक की पहचान चीनी नागरिक अयूब के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि चीनी नूडल रेस्टोरेंट को एक चीनी मुस्लिम व्यक्ति अब्दुल मजीद, उनकी बीवी और एक अफगान सहयोगी अब्दुल जब्बार महमूद द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जाता था और इसके अधिकतर ग्राहक चीनी मुस्लिम थे।

हमले के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में चीनी रेस्टोरेंट के पास भीषण बम धमाका होता दिख रहा है, जिसके बाद इलाके में धुएँ का गुब्बार फैल जाता है। लोग दहशत में इधर-उधर भागते हैं। बम धमाके में चीनी रेस्टोरेंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसकी तस्वीर और वीडियो भी सामने आई हैं।

वहीं ISIS की समाचार एजेंसी ‘अमाक न्यूज एजेंसी’ ने कहा कि ISIS की अफगान शाखा ने चीनी नागरिकों को अपनी लिस्ट में शामिल किया है, जिसका कारण उइगरों के खिलाफ चीनी सरकार द्वारा बढ़ता अपराध बताया गया है।

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