पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों की वोटिंग खत्म होने के बाद अब एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ गए हैं। इन रुझानों ने कहीं सत्ता परिवर्तन तो कहीं पुरानी सरकार की वापसी के संकेत दिए हैं। सबसे बड़ी खबर पश्चिम बंगाल से है, जहाँ कई सर्वे में BJP को बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है।
बंगाल में बीजेपी आने का सनातन विरोधी और कालनेमि हिन्दुओं को साफ संकेत होगा कि युगों-युगों अतिप्राचीन सनातन का विरोध अब बर्दाश्त नहीं होगा। यह पहला ऐसा चुनाव है जिसमे ममता ने एक भी प्रेस कांफ्रेंस नहीं की और ना ही चोटिल होने का कोई स्वांग रचा। चर्चा यह भी सुनने को आ रही है कि मतदान ख़त्म होने से पहले TMC में भगदड़ होने लगी है। परदे के पीछे बाबरी मस्जिद का समर्थन भी ममता को ले डूबेगा। बंगाल में पासे पलटने के लिए हर हिन्दू को चुनाव आयोग द्वारा सख्ती करने के लिए धन्यवाद् देना होगा। अगर चुनाव आयोग ने स्थानीय पुलिस को पोलिंग बूथ से दूर नहीं रखा होता जैसा एग्जिट पोल दिखा रहे हैं संभव नहीं हो पता। यही वजह है कि बंगाल में इतना भारी मतदान हुआ। कई वृद्ध लोगों को यह तक कहते सुना कि "जिन्दगी में पहली बार वोट दिया पहले तो घर से निकले बिना ही वोट डाल दिया जाता था।
दूसरे, असम में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आये हिमंत सरमा का लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने पर राहुल गाँधी और इसकी गुलामी करने वालों को राजनीति छोड़ देनी चाहिए। हिमंत वही स्वाभिमानी व्यक्ति है जिसे राहुल से मिलने जाने पर राहुल द्वारा अपने कुत्ते द्वारा जो बिस्कुट नहीं खाया उसे हिमंत को देना बहुत भारी पड़ा। इतनी बेइज्जती देख कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए।
बाबरी मस्जिद की आड़ में बंगाल में पैर ज़माने की कोशिश करने वाले असदुद्दीन ओवैसी कहीं दिखाई नहीं दे रहे। ओवैसी को दलित हिन्दुओं का रोना रोने से पहले मुस्लिम समाज में उस जातिगत सियासत के लिए सड़क पर आना चाहिए, जहाँ शिया, सुन्नी, अहमदी, पठान, वहाबी और पासमांदा आदि फिरके एक दूसरे की मस्जिद में नमाज और दूसरे के कब्रिस्तान में अपने मुर्दे को दफना नहीं सकते, क्यों नहीं इस भेदभाव को ख़त्म करने की आवाज़ उठाते? ओवैसी जानते है कि जिस दिन उस खतरनाक मुद्दे पर मुंह खोला कोई मुसलमान भी इसकी पार्टी को वोट नहीं देगा।
पश्चिम बंगाल: क्या दीदी का किला ढहेगा?
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर आए Exit Poll ने सबको चौंका दिया है। पोल ऑफ पोल्स के अनुसार BJP 149 सीटों के साथ बहुमत के पार जा सकती है, जबकि TMC को 140 सीटें मिलने का अनुमान है।
पी-मार्क ने BJP को 150 से 175 और टीएमसी को 118 से 138 सीटें दी हैं।
वहीं जेवीसी के मुताबिक BJP 138-159 और टीएमसी 131-152 के बीच रह सकती है।
मैट्रीज ने BJP को 146-161 और टीएमसी को 125-140 सीटें दी हैं।
चाणक्य स्ट्रैटेजीज ने भी BJP को 150-160 सीटों के साथ आगे रखा है।
हालाँकि, पीपुल्स पल्स ने टीएमसी की वापसी का दावा करते हुए उन्हें 178-187 सीटें दी हैं।
असम: फिर से बीजेपी सरकार के संकेत
असम में बहुमत का आँकड़ा 64 है। पोल ऑफ पोल्स ने NDA को 92 और कॉन्ग्रेस प्लस को 30 सीटें दी हैं।
एक्सिस माय इंडिया ने NDA को 88-100 और कॉन्ग्रेस प्लस को 24-36 सीटें दी हैं।
पोल डायरी ने एनडीए को 86-101 और पी-मार्क ने 82-94 सीटें मिलने की बात कही है।
मैट्रीज ने एनडीए को 85-95 और कॉन्ग्रेस प्लस को 25-32 सीटें दी हैं।
जेवीसी एग्जिट पोल ने एनडीए को 88-101 सीटें दी हैं।
जनमत पोल्स ने भी एनडीए को 87-98 सीटों के साथ बड़ी जीत दी है। हालाँकि पीपुल्स पल्स ने यहाँ कड़ा मुकाबला बताते हुए एनडीए को 68-72 और कॉन्ग्रेस प्लस को 22-26 सीटें दी हैं।
तमिलनाडु: DMK और ADMK के बीच काँटे की टक्कर
तमिलनाडु की 234 सीटों पर बहुमत का आँकड़ा 118 है। पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक DMK गठबंधन (SPA) को 122 और NDA को 95 सीटें मिल सकती हैं।
पीपुल्स पल्स और पी-मार्क दोनों ने ही SPA को 125-145 सीटें देकर स्पष्ट बहुमत का इशारा किया है, जबकि NDA को इन दोनों सर्वे में क्रमशः 65-80 और 65-85 सीटें दी गई हैं।
मैट्रीज ने SPA को 122-132 और एनडीए को 87-100 सीटें दी हैं।
एक्सिस माय इंडिया का सर्वे थोड़ा अलग है, जिसने एसपीए को 92-100 और एनडीए को 22-32 सीटें दी हैं, लेकिन अन्य (OTH) को 98-120 सीटें देकर मुकाबला फँसा दिया है।
हालाँकि, जन की बात (JAN KI BAAT) ने यहाँ NDA की जीत का दावा करते हुए उन्हें 128-147 सीटें दी हैं।
केरल: सत्ता बदलने का रिवाज रह सकता है कायम
केरल में इस बार यूडीएफ (UDF) बाजी मारता दिख रहा है। पोल ऑफ पोल्स के अनुसार यूडीएफ को 72 और एलडीएफ को 63 सीटें मिल सकती हैं।
एक्सिस माय इंडिया ने यूडीएफ को 78-90 और एलडीएफ को 49-62 सीटें मिलने का अनुमान जताया है।
मैट्रीज ने यूडीएफ को 70-75 और पी-मार्क ने 72-79 सीटें दी हैं।
पीपुल्स पल्स के मुताबिक भी यूडीएफ 75-85 सीटों के साथ सरकार बना सकता है, जबकि एलडीएफ 55-65 सीटों पर सिमट सकता है।
पुडुचेरी: NRC गठबंधन की बढ़त
30 सीटों वाले पुडुचेरी में बहुमत के लिए 16 सीटें चाहिए। पोल ऑफ पोल्स ने यहाँ NDA को 19 और SPA को 8 सीटें दी हैं।
एक्सिस माय इंडिया ने NDA को 16-20 और एसपीए को 6-8 सीटें मिलने का अनुमान जताया है।
पीपुल्स पल्स के मुताबिक एनडीए 16-19 और एसपीए 10-12 सीटें ला सकता है।
जेवीसी एग्जिट पोल ने एनडीए को 15-17 और एसपीए को 11-13 सीटें दी हैं।
प्रजा पोल ने एनडीए को 19-25 और कामाख्या एनालिटिक्स ने 17-24 सीटें देकर एनडीए की एकतरफा जीत का दावा किया है।
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