कांग्रेस प्रत्याशी सायम चौधरी(बाएँ) और ISF का पंचायत सदस्य गुलाम रब्बानी(दाएँ) (साभार: Facebook)
जबसे राहुल गाँधी ने 'मौहब्बत की दुकान' खोली है मौहब्बत की बजाए नफरत का सामान बिक रहा है। कुछ दिन पहले AI सम्मेलन में विदेशियों के सामने कपडे उतार प्रदर्शन करना और अब बंगाल चुनाव को प्रभावित करने दंगे करवाने में कांग्रेस प्रत्याक्षी की गिरफ़्तारी। पहले भी कई घटनाएं सामने आती रही हैं। गृह मंत्रालय को ऐसी जनता को गुमराह करने वाली दुकानों को सील कर देना चाहिए।
पश्चिम बंगाल के मालदा में SIR ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों को बंधक बनाकर हिंसा फैलाने वाले मामले NIA ने बड़ी कार्रवाई की है। जाँच एजेंसी ने मामले में मोथाबाड़ी विधानसभा से कांग्रेस उम्मीदवार सायम चौधरी समेत 7 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें NIA ने इंडियन सेक्युलर फ्रंट(ISF) का पंचायत सदस्य गुलाम रब्बानी भी शामिल है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस उम्मीदवार सईम चौधरी और उनके सहयोगियों को मोथाबाड़ी में चुनाव प्रचार के दौरान हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में शुरुआती जाँच के आधार पर ISF के ग्राम पंचायत सदस्य गुलाम रब्बानी को AIMIM नेता मोफक्करुल इस्लाम से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के बाद गिरफ्तार किया गया। मोफक्करुल को बंगाल पुलिस ने हिरासत में लिया था। गुलाम रब्बानी को कोलकाता में कोर्ट में पेश किया जाएगा।
दरअसल, 01 अप्रैल 2026 को मालदा में SIR की ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को कथित तौर पर TMC और अन्य लोगों ने बंधक बनाकर रखा। कुछ रिपोर्ट्स में सामने आया कि भीड़ जुटाकर इलाके में हिंसा भी फैलाई गई। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और NIA को जाँच सौंपी।
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