भगवंत मान की विवादित वीडियो को फर्जी बताने के लिए पंजाब सरकार ने फोरेंसिक एक्सपर्ट को दी गई घूस
विवादों से जन्मी अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी लगता है विवादों से ही ख़त्म हो जाएगी। दिल्ली में सत्ता में रहते नितरोज कोई नया विवाद चलता रहता था लेकिन जनता मुफ्त की रेवड़ियों में केजरीवाल पार्टी को वोट देती रही। अब जिस तरह पंजाब में बेअदबी के असली वीडियो को राज्य सरकार फर्जी बताने में शामिल बताई जा रही है, बंगाल में ममता की सरकार और पंजाब में केजरीवाल सरकार की कार्यशैली में कोई फर्क नहीं।
अगर अकाल तख़्त इस मुद्दे को गंभीरता से लेती है भगवंत सिंह मान ऐसी मुसीबत में फंस जायेंगे जहाँ से इनका निकलना बहुत मुश्किल हो सकता है।
Anti-Sikh @BhagwantMann exposed by his own daughter. pic.twitter.com/Yv6Lt7a1l4
— Tajinder Bagga (@TajinderBagga) June 17, 2026
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों सिख गुरुओं की बेअदबी वाले वीडियो को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। वीडियो में सिख गुरुओं और भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक हरकतें करते दिख रहे हैं। इस वीडियो को फर्जी साबित करने के लिए अब पूरी पंजाब पुलिस विवादों में है। हरियाणा के एक फोरेंसिक एक्सपर्ट ने दावा किया है कि पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने ₹10 लाख का लालच देकर वीडियो को फर्जी साबित करने को कहा था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हरियाणा के एक साइबर-फ़ोरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत ने दावा कि 15 जून 2026 को पंजाब पुलिस के अधिकारी बनकर कुछ लोग उनके पास आए और उनसे ऐसी रिपोर्ट बनवाने को कहा जो साबित करे कि सीएम भगवंत मान का यह वीडियो AI से बना हुआ फर्जी वीडियो है। जसप्रीत ने आरोप लगाया कि उन्हें फाइव स्टार क्राउन प्लाजा होटल में बुलाया गया और उनकी गाड़ी में जबरदस्ती ₹10 लाख नकद रखे गए। होटल का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
15 जून को, श्री अकाल तख्त साहिब के भगवंत मान के खिलाफ आदेश के बाद, भगवंत मान ने लुधियाना के सीपी स्वपन शर्मा और एसपी जसनदीप को अपने पक्ष में एक फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने का काम सौंपा।
— Parvesh Sahib Singh (@p_sahibsingh) June 23, 2026
16 जून को स्वपन शर्मा और जसनदीप गुरुग्राम आए और 10 लाख रुपये की डील करने के लिए क्राउन… pic.twitter.com/wbq4Qqhg0h
जसप्रीत ने विरोध किया तो उन्हें सिरसा के अरुण महेंद्रा और जींद के अंकित से मिलवाया गया, जिन्हें अधिकारियों ने पेन ड्राइव सौंपी थी।
हरियाणा पुलिस ने जसप्रीत की शिकायत के आधार पर इन दोनों को 23 जून 2026 को गुड़गाँव के सेक्टर 29 से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि अरुण हरियाणा सरकार का ही एक कर्मचारी है और अंकित दिल्ली सरकार में कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड कर्मचारी है।
वहीं शिरोमणि अकाली दल के महासचिव विक्रम सिंह मजीठिया ने भी कहा कि पंजाब पुलिस के कर्मचारी सीएम भगवंत मान की फर्जी वीडियो तैयार करने में शामिल थे। उन्होंने एक व्हाट्सऐप चैट भी शेयर की है, जिसमें फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का दावा किया गया है। उन्होंने फॉरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत की वीडियो शेयर करते हुए बताया कि पंजाब पुलिस लगातार उसे धमकियाँ दे रही है।
ਫਰਜ਼ੀ ਰਿਪੋਰਟ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਤੋਂ ਜਾਨ ਦਾ ਖਤਰਾ। ਸੁਣੋ ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਦੀ ਜ਼ੁਬਾਨੀ ਕਿਵੇਂ ਸਰਕਾਰੀ ਅਧਿਕਾਰੀ ਇਸ ਮਾਮਲੇ 'ਚ ਮਿਲੇ ਸਨ....@punjabpoliceind @dgppunjabpolice @AAPPunjab @BhagwantMann@ArvindKejriwal @ptcnews @abpsanjha @News18Punjab @ZeePunjabHH @dailyajitnews… pic.twitter.com/F9iuOrzzQe
— Bikram Singh Majithia (@bsmajithia) June 23, 2026
इसके अलावा दिल्ली के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने भी इस विवाद को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “…भगवंत मान चुप रहे, अरविंद केजरीवाल भी चुप रहे, और आज उन लोगों को गिरफ़्तार किया गया और उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया जिन्होंने यह फ़ोरेंसिक रिपोर्ट दी थी… जिस तरह से इतना बड़ा गुनाह किया गया है और पैसे व पुलिस की मदद से इसे दबाने की कोशिश की गई है, उसे चुनौती दी गई है।” उन्होंने पंजाब के सीएम भगवंत मान के खिलाफ केस दर्ज करने की भी माँग की है।
#WATCH | Delhi | Over purported video allegedly showing desecration of Sikh Guru photos by Punjab CM, Delhi Minister Manjinder Singh Sirsa says, "...Bhagwant Mann remained silent, Arvind Kejriwal also remained silent, and today the arrests and case filed against those who… pic.twitter.com/mVvQfaPuQ7
— ANI (@ANI) June 24, 2026
कुछ समय पहले एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो को लेकर दावा किया गया कि इसमें दिख रहा शख्स सिख गुरुओं और भिंडारवाले की तस्वीरों के साथ कुछ आपत्तिजनक हरकतें करता दिखाई दे रहा है। इस पर सिख संगठनों और अकाल तख्त ने सीएम मान को खालसा पंथ विरोधी करार दिया था।
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