‘फहीम, उसका अब्बू, मौलवी और…. याद भी नहीं कितनों ने किया रेप’: मेरठ में जबरन निकाह के बाद ‘जहन्नुम’ बनी हिंदू बेटी की जिंदगी

              फहीम (बाएँ), फहीम का घर (बीच में), हिंदू पीड़िता (दाएँ), (फोटो साभार : Dainik bhaskar)
अक्सर चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी और INDI गठबंधन वाले दलितों पर अत्याचार होने का रोना रोते दिखाई पड़ते हैं। लेकिन जब इन लोगों के शांतिदूतों के ही द्वारा दलित लड़कियों का गैंग रेप और इस्लामीकरण किया जाता है सबके सब पता नहीं कब्र में छुप कर बैठ जाते हैं। सबको सांप सूंघ जाता है। जनता है कि इनके मकड़जाल में फंस जाती है। अगर गहराई से देखा जाए तो मुसलमानों के असली दुश्मन ये ही लोग हैं। उधर बंगाल में देखा किस तरह ममता बनर्जी ने हिन्दुओं को बीजेपी का साथ देने पर मुसलमानों की धमकी दी। क्या मुसलमान इंसान नहीं? क्यों उनको बहशी, बलात्कारी और मवालिओं की तरह दिखाकर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है?  

राजधानी दिल्ली के जामिया नगर में एक दलित हिंदू युवती के साथ मजहबी हैवानियत और जबरन धर्मांतरण का ऐसा खौफनाक खेल खेला गया, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। सोशल मीडिया पर ‘साहिल’ बनकर मेरठ के फहीम ने पहले हिंदू युवती को प्रेमजाल में फँसाया, फिर किडनैप कर उसका जीवन नर्क बना दिया।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित फहीम, उसके अम्मी-अब्बू (तस्लीम-खुर्शीद), भाई और मौलवी (जैद और मोहम्मद खालिद) सहित 5 दरिंदों को जेल में डाला है, जबकि दो आरोपित अभी भी फरार हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने बताया कि नवंबर 2021 में इंस्टाग्राम पर साहिल नाम के लड़के ने उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी।

धीरे-धीरे दोस्ती गहरी हुई तो मार्च 2022 में उसने लड़की को दिल्ली के बाटला हाउस बुलाया। साहिल ने हिंदू युवती को अपनी बातों में फँसाकर दोस्त के फ्लैट पर ले गया। वहाँ युवती को नशीला जूस पिलाया गया।

होश आने पर पता चला कि साहिल और उसके दोस्त ने मिलकर उसका रेप किया था। उन्होंने रेप करते हुए का Video भी बना लिया और वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगे। इसके बाद आरोपित साहिल ने दोबारा हिंदू युवती को दिल्ली बुलाया।

इस बार उसने सरेआम पिस्टल तान दी और डरा-धमकाकर उसे मेरठ के सठला गाँव ले गया। वहाँ पहुँचकर युवती के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिसे वह साहिल समझ रही थी, वह असल में मुसलमान था और उसका असली नाम फहीम था।

उसी रात फहीम और उसके अब्बू खुर्शीद ने हिंदू युवती के साथ जबरदस्ती की। जब हिंदू पीड़िता ने भागने की कोशिश की, तो फहीम की अम्मी तस्लीम और बहन ने उसे बेरहमी से पीटा और बंधक बना लिया।

‘हिंदू लड़की लाओ, जन्नत जाओ’, मदरसे में जबरन निकाह और गोमांस का टॉर्चर

हैवानियत यहीं नहीं रुकी। फहीम की अम्मी तस्लीम और बहन हिंदू युवती को एक मदरसे में ले गईं। वहाँ मौजूद मौलवी (मोहम्मद खालिद) ने हिंदू युवती से कहा, “तू खुशनसीब है कि मुसलमान के घर आ गई, अब तुझे जन्नत मिलेगी।”

इसके बाद जबरन उसका निकाह फहीम से करा दिया गया। घर लाकर उसे पाँचों वक्त की नमाज पढ़ने और बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया जाने लगा। उसे जबरदस्ती गोमांस खाने को दिया जाता था। विरोध करने पर उसके सामने जिंदा मुर्गा काटकर उसका खून युवती के ऊपर छिड़क दिया जाता था।

‘कितने लोग कमरे में आए गिनती याद नहीं’, पैसे लेकर सास कराती थी धंधा

निकाह के बाद हिंदू युवती के साथ जो हुआ, वह इंसानियत को शर्मसार करने वाला है। हिंदू पीड़िता ने रोते हुए बताया कि निकाह के बाद मौलवी (मोहम्मद खालिद) आए दिन उसके कमरे में आने लगा और जोर-जबरदस्ती करता था। जब युवती ने चीख-पुकार मचाई, तो मौलवी ने हँसते हुए कहा, “यह सब फ्री में नहीं होता, तेरी सास को इसके पैसे देते हैं।”

तब पीड़िता को समझ आया कि उसकी सास ही उससे जिस्मफरोशी का धंधा करवा रही थी। उसकी सास कहती थी कि हिंदू लड़की लाने का मतलब जन्नत का रास्ता साफ करना है। वह अपने बाकी बेटों को भी हिंदू लड़कियाँ फँसाकर लाने को कहती थी।

प्रधान ने बदलवाया आधार कार्ड, तंग आकर ट्रेन के आगे कूदने जा रही थी युवती

हताश और बेबस युवती 3 महीने बाद प्रेग्नेंट हो गई। गाँव के प्रधान फिरोज ने मिलीभगत करके पीड़िता के आधार कार्ड पर पिता का नाम हटवाकर जबरन फहीम का नाम दर्ज करवा दिया। मार्च 2023 में उसने एक बेटी को जन्म दिया। नवंबर 2024 में फहीम उसे लेकर वापस दिल्ली आया, जहाँ जनवरी में वह हथियारों की तस्करी के मामले में जेल चला गया।

इसके बाद जब युवती अपने मायके पहुँची, तो वहाँ से भी उसे दुत्कार मिला। हर तरफ से हारी-थकी पीड़ित बेटी 10 मई को अपनी 3 साल की बच्ची को लेकर ट्रेन के आगे कूदकर जान देने जा रही थी, तभी एक अजनबी ने उसकी जान बचाई और हिम्मत दी। इसके बाद जामिया नगर थाने में FIR दर्ज कराई गई। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जाँच कर रही है।

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