मीडिया और विपक्ष बेनकाब: सोने की रामचरितमानस, चाँदी की ईंटें, हार और काकभुशुंडि… राम मंदिर में ‘चोरी’ के दावे के बाद ट्रस्ट ने दिया पाई-पाई का हिसाब, कोषाध्यक्ष बोले- 2800 चीजें पूरी तरह सुरक्षित

              राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद ट्रस्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया सबूत (फोटो साभार : Aajtak)
राममन्दिर चढ़ावे की चोरी का जब से मुद्दा उठा है मीडिया विपक्ष द्वारा प्रायोजित खबरे प्रसारित कर सनातन विरोधी एजेंडा चलाकर अपनी TRP  बढ़ाने में लगी रही। लेकिन कल(जुलाई 6) को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सबको बेनकाब कर दिया है। अभी जितनी परतें खुलेंगी सारे राम विरोधी चारों खाने चित होंगे। लेकिन इतनी मुस्तैदी से अजमेर शरीफ में हुए घोटाले पर चर्चा करने किसी ने माँ का दूध नहीं पिया। सिर्फ अजमेर शरीफ ही नहीं जितनी भी दरगाहें और मस्जिदें कोई ऐसी नहीं जहाँ घोटाला नहीं हो। 
 
अयोध्या के राम मंदिर में दान का सामान गायब होने के आरोपों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने करारा जवाब दिया है। ट्रस्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 5 करोड़ रुपए की सोने की रामचरितमानस, चाँदी की ईंटें और भगवान के चरण चिन्ह सबके सामने रख दिए।

कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने साफ कहा कि दान का एक-एक सामान पूरी तरह सुरक्षित है और चोरी की बातें झूठी हैं। दान में मिली सभी 2800 वस्तुओं का रजिस्टर गोविंद देव जी ने दिखाया। पूर्व IAS अधिकारी एस लक्ष्मीनारायणन ने आरोप लगाया था कि उनकी दी हुई सोने की रामचरितमानस गायब है।

इसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए है। ट्रस्ट ने इस विवाद को खत्म करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कीमती रामचरितमानस को सबके सामने रख दिया। साथ ही भगवान के सोने के चरण चिन्ह, हार और काकभुशुंडि को भी मीडिया को दिखाया गया।

SIT जाँच में सच आया सामने

सोशल मीडिया पर अफवाहें उड़ने के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इस मामले की जाँच की। जाँच की शुरुआती रिपोर्ट में सामने आया कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई करीब 38 किलो और 22.5 किलो चाँदी की ईंटें ट्रस्ट के रिकॉर्ड में बिल्कुल सही सलामत दर्ज हैं।

जाँच रिपोर्ट के मुताबिक, दान में मिली चाँदी की ईंटों को बाद में गला दिया गया था। इन्हें सुरक्षित रखने के लिए ‘सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिन्टिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ भेजा गया था। इसका पूरा कानूनी रिकॉर्ड मौजूद है। इसी तरह मुंबई के कारोबारी और सिंधी समाज द्वारा दी गई 200 किलो चाँदी भी ट्रस्ट के पास पूरी तरह सुरक्षित पाई गई है।

चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, नए चेहरे शामिल

राम मंदिर परिसर में करीब 3 घंटे तक ट्रस्ट की अहम बैठक चली। इस बैठक में महामंत्री चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। अब कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री बनाया गया है। बैठक में कुल 9 में से 7 स्थाई सदस्य मौजूद थे, लेकिन इसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा शामिल नहीं हुए।

ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को बुलाई गई है। तब तक SIT की फाइनल रिपोर्ट भी आ जाएगी। इस अगली बैठक में मंदिर के लिए नए प्रशासनिक अधिकारियों, नए पदाधिकारियों और कुछ नए न्यासियों की नियुक्ति पर आखिरी फैसला लिया जाएगा।

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