मोदी को जहर देकर मारने की प्लानिंग; व्हाट्सएप्प ग्रुप से बड़ा खुलासा, CJP के प्रदर्शन में मौत की प्लानिंग, प्रदर्शनकारियों को JNU से मिले हिंसा के निर्देश


कॉकरोच जनता पार्टी के 20 जुलाई, 2026 को संसद मार्च के दौरान कई जगहों पर हिंसा हुई। इस हिंसा में 6 आईपीएस अधिकारी और 118 पुलिस के जवान घायल हुए। पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। इस मामले में FIR दर्ज की गई है और कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस व्हाट्सएप्प ग्रुप, मोबाइल वीडियो, CCTV, ड्रोन कैमरे और पुलिस बॉडी कैमरे की फुटेज की जांच कर रही है। इस जांच में जो बातें अब तक खुलकर सामने आ रही हैं, वो काफी हैरान और परेशान करने वाली है। कुछ व्हाट्सएप्प ग्रुप में केंद्र की मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए मौत की प्लानिंग की गई थी। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मारने की बात कही जा रही थी।
जो-जो लोग भी आज के हिंसक आंदोलन में शामिल थे और खूब उपद्रव किए, अब उनकी पिता की सात पीढ़ियाँ याद आ जाएंगी।
जो-जो उछलने गए थे, वहाँ अब तुम उछल लिए। अब तुम्हें एक-एक करके पुलिस और कानून सबक सिखाएगा। अब पूरी उम्र तुम कोर्ट-कचहरी दौड़ोगे। और जो-जो उपद्रवी नेता तुम्हें उकसाए थे, वे तुम्हारा हाल तक नहीं पूछेंगे।
और अब पुलिस ने 70 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। जिन-जिन ने हिंसक उपद्रव किया है, अब सबका घर-परिवार बर्बाद हो जाएगा। पुलिस उपद्रवियों की पहचान भी वीडियो के माध्यम से कर रही है।
मीडिया चैनल बता रहे हैं कि इस उपद्रव में पाकिस्तान कनेक्शन की भी जाँच कर रही है पुलिस।
हम लोग इसीलिए सामान्य वर्ग को समझा रहे थे कि यह छात्रों का आंदोलन नहीं, बल्कि उपद्रवियों का आंदोलन है। उपद्रव ये जरूर करेंगे, लेकिन उपद्रव खत्म होते ही पुलिस एक-एक को ढूँढेगी और फिर उसका घर-परिवार तबाह हो जाएगा।
अब पुलिस जिन जिन उपद्रवियों को चिन्हहित करके FIR कर रही है अब आप लोग बताओ इनका मुकदमा पूरी उमर ये और इनका परिवार लड़ेगा या वो वो नेता लड़ेंगे जो इनको उकसाकर उपद्रव करवाये।
और समान्यवर्ग के लोग ये ध्यान देंगे कि यदि कोई समान्यवर्ग का इस उपद्रव में यदि पकड़ा गया या FIR हुआ तो उसकी मदत किसी समान्यवर्ग को नही करना है इनके अकेले ही झेलने दो

चलो संसद व्हाट्सएप्प ग्रुप में मौत की प्लानिंग
छात्रोंं के नाम पर प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों को व्हाट्सएप्प ग्रुप के माध्यम से निर्देश दिए जा रहे थे। उन्हें समझाया जा रहा था कि कैसे प्रदर्शन करना है। सोशल मीडिया में चलो संसद व्हाट्सएप्प ग्रुप का चैट वायरल हो रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारियों को भड़काने वाले पोस्ट किए गए थे। एक चैट में akak नाम के हैंडल ने कहा, “भाई अगर किसी की मौत होती है तो उसमें तो सरकार पर ज्यादा दबाव आएगा।” 

akak के हैंडल से आगे लिखा गया, ” देखो यार जो जान देने तक को तैयार वो ये सुन लो, कम से कम तुम्हारा एहसान तो रहेगा आने वाली पीढ़ियों पर, आने वाले बच्चों पर, वो सुनेंगे की मेरा भाई उस प्रोटेस्ट में मारा गया, उस लड़ाई में मारा गया। याद किए जाओंगे। बहुत अच्छा लग रहा है ये देखकर वो जान तक देने को तैयार है भाई लोग।” इस चैट से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदर्शनकारियों की कितनी खतरनाक साजिश थी। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस के धैर्य ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। 

JNU से संचालित हो रहा था CJP का प्रदर्शन
एक दूसरे व्हाट्सएप्प ग्रुप का नाम JNU संसद चलो कोआर्डिनेशन है, जिसमें कई आपत्तिजनक पोस्ट किए गए हैं। पुनीत सुलाख के हैंडल से प्रदर्शनकारियों यानी वामपंथी छात्रों यानी कॉमरेड्स को कई निर्देश दिए गए। इसमें जो लिखा गया, आप खुद पढ़ सकते हैं…

मित्रों और कॉमरेड,
पुलिस विरोध प्रदर्शन को रोकने/कमजोर करने की पूरी कोशिश कर रही है। हमें पता चला है कि पुलिस हमें रोकने के लिए सुबह-सुबह जेएनयू (JNU) के सभी गेट बंद कर सकती है। सभी से अनुरोध है कि यदि आप अगले 2-3 घंटों में कैंपस छोड़ दें और रात 2-3 बजे तक जंतर-मंतर पहुंच जाएं, तो बहुत अच्छा होगा। इसके विकल्प के रूप में, जेएनयूएसयू (JNUSU) और हमारे संगठन का नेतृत्व सुबह 4 बजे से गंगा ढाबा पर मौजूद रहेगा, वहां से हम 4-5 लोगों के छोटे समूहों में बाहर निकल सकते हैं।

सामान्य निर्देश:

जूते और आरामदायक कपड़े पहनें।

फोन को अच्छी तरह चार्ज रखें और यदि संभव हो तो पावर बैंक साथ रखें।

इसके बाद भी समूहों में रहें…

कौन हैं पुनीत सुलाख ?
प्रदर्शनकारियों को निर्देश देने वाले पुनीत सुलाख जेएनयू के बी-टेक फाइनल ईयर के छात्र हैं। ये School of Engineering के ‘पर्सपेक्टिव्स – वाद-विवाद क्लब’ [Perspectives – Debating Club] में उपाध्यक्ष भी रहे हैं।

Briar और Bitchat ऐप डाउनलोड करने और जुड़े रहने का निर्देश
JNU संसद चलो कोआर्डिनेशन व्हाट्सएप्प ग्रुप के एक अन्य सदस्य अंजलि ने निर्देश दिया, ” विरोध प्रदर्शन (प्रदर्शन स्थल) वाली जगह पहुँचने के बाद शायद आपके डिवाइस (मोबाइल) में नेटवर्क न मिले। पिछली बार भी पुलिस ने नेटवर्क जैमर का इस्तेमाल किया था और इस बार भी वे ऐसा कर सकते हैं। हालांकि, आप जिस समूह के साथ आए हैं, उसके साथ जुड़े रहना बहुत ज़रूरी है। Briar, bitchat या ऐसी ही कोई अन्य ऐप डाउनलोड कर लें। ये नेटवर्क बंद होने पर भी ब्लूटूथ सिग्नल पर काम करते हैं, ताकि कोई भी आपके कनेक्शन को न देख सके। सुनिश्चित करें कि आपके समूह के सभी लोगों के पास एक ही ऐप इंस्टॉल हो और प्रदर्शन स्थल में प्रवेश करने से पहले ही वे आपस में जुड़ (कनेक्ट हो) चुके हों।”

प्रदर्शनकारियों को मरने के लिए उकसाने की कोशिश
सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मियों को गाली देते हुए प्रदर्शनकारियों को भड़काने की कोशिश की गई है। वीडियो में एक नकाबपोश व्यक्ति को कहते सुना जा सकता है, “जब पुलिस लाठीचार्ज करे तो तुम लोग भाग क्यों रहे हो…अरे कायर हो क्या तुम…इन हिजड़े पुलिस वालों की लाठियों से तुम मर जाओंगे क्या ? अरे, मर भी जाओंगे तो देश के लिए प्रोटेस्ट करने के लिए गए हो शहीद हो जाओंगे…मेरे भाइयों पीठ दिखाकर मत भागो तुम…इतिहास तुम्हें कायर बोलेगा कायर…तो फिर तुम्हारे बाल बचे देखेंगे तो कायर बोलेंगे। मेरे पापा मेरे भाई पुलिस की लाठी देखकर पीठ दिखाकर भागे थे।”

पीएम मोदी को जहर देकर मारने की प्लानिंग
सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी पीएम मोदी को गाली दे रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी तो प्रधानमंत्री मोदी को मारने की प्लानिंग कर रहा है। उसे कहते सुना जा सकता है, “मोदी या तो इस्तीफा दे दें…उसके खाने में जहर का इंतजाम करो और खत्म करो कहानी।
मोदी का इलाज यही है कि यहां भेज दो एकबार…या कोई जुगाड़ करो खाने का…जहर मिलाओ…जो हार्ट अटैक में भी पोस्टमार्टम में पता नहीं चले कि कैसे मर गया।”

इस प्लानिंग का असर किस तरह सड़कों पर दिखाई दिया…प्रदर्शनकारी  किस तरह मरने और मारने पर उतारू थे…

प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली की सड़कों को बनाया युद्ध का मैदान 
सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो में प्रदर्शनकारियों को पुलिस की गाड़ी पर पत्थराव करते हुए देखा जा सकता है…वो जिस तरह गाड़ी पर पत्थरों की बारिश कर रहे हैं…उससे पता चलता है कि उन्हें जो निर्देश दिया गया है, उसे वो बखूबी पालन करते हुए दिख रहे हैं।

 

कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर पर पत्थरबाजी

बाउंड्री और फुटपाथ में लगी ईंटें तोड़ते प्रदर्शनकारी

प्रदर्शन से भागते हुए पकड़ा गया विजेता दहिया
जब प्रदर्शनकारी दिल्ली की सड़कों को युद्ध का मैदान बना रखे थे, तब सीजेपी का प्रवक्ता विजेता दहिया प्रदर्शन से गायब था। कुछ प्रदर्शनकारियों ने विजेता दहिया को भागते हुए पकड़ लिया और पूछा, “आप प्रदर्शन में क्यों नहीं गए…मैं जंतर-मंतर पर गया, आप क्यों नहीं गए। वहां सब लाठी खा रहे हैं और आप घूम रहे हों। ये कौन सा सपोर्ट कर रहे हो। बाबा को गाली दे रहे हो…आप कर क्या रहो हो ? आप गाली दे रहो और यहां क्या कर रहे हो।”

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पकड़े जाने के बाद बोला विजेता दहिया- प्रोटेस्ट करना नौकरी है क्या ?
विजेता दहिया का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें उसे कहते हुए सुना जा सकता है कि प्रोटेस्ट करना नौकरी है क्या ? तुमने इसे इलेक्ट किया है, इस पोजिशन के लिए, सरकार अकाउंटेबल ठहराते, तुम्हारी जो नॉनसेंस थिंकिंग है तो उसमें मुझे नहीं फंसना, मुझे कोई पॉलिटिक्स में नहीं आना। तुम्हारे जैसे बेवकूफों को अपिज करूं।

प्रदर्शन में शामिल हुआ ‘हिस्ट्रीशीटर’ हाजी अफजल


हाजी अफजल उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके से संबंधित हैं और पुलिस रिकॉर्ड में उन्हें ‘हिस्ट्रीशीटर’ के रूप में दर्ज किया गया है। उन पर मकोका (MCOCA) और अन्य आपराधिक मामलों के तहत आरोप लगे हैं। हाल ही में, दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में युवकों के साथ उनकी मौजूदगी की खबरों और वीडियो के कारण वे चर्चा में रहे थे।

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