त्योहार हमारी सनातन संस्कृति, परंपरा, सामूहिक भावना और उल्लास के प्रतीक हैं। पारंपरिक रूप से ये अवसर समाज को जोड़ने, पारिवारिक बंधनों को मजबूत करने और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने का माध्यम रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी हिन्दू धर्म की मान्यताओं, परंपराओं और मर्यादाओं को तोड़ने को अपना मुख्य उद्देश्य बना चुके हैं। हिन्दू धर्म ग्रंथ और त्योहारों का उपहास उड़ाना उनका राजनीतिक एजेंडा बन चुका है। राहुल गांधी हर उस कोशिश का समर्थन करते हैं, जिसका मकसद हिन्दू धर्म को नीचा दिखाना होता है। एक बार फिर उन्होंने अपना हिन्दू विरोधी मानसिकता का परिचय देते हुए अभिनेत्री कृति सेनन के उस विज्ञापन का समर्थन किया है, जिसमें उनके पहनावे को लेकर विरोध हो रहा है। ज्वेलरी ब्रांड जीवा के विज्ञापन में कृति सेनन ने ऑफ-व्हाइट कलर का इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहना हुआ है। इसमें ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, ड्रेप्ड स्कर्ट और केप शामिल है। विज्ञापन सामने आने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके कपड़ों को त्योहार के हिसाब से सही नहीं होने पर अपना विरोध जताया।
Kriti Sanon featured in a Raksha Bandhan jewellery ad wearing a bra
— Chota Don (@choga_don) August 25, 2026
After the backlash, she says Culture & Traditions are in her heart, not in her neckline! 😭 pic.twitter.com/OxCrsOEnzX
राहुल गांधी ने निजी पसंद के नाम पर सांस्कृतिक अराजकता को दिया बढ़ावा
ज्वेलरी ब्रांड के एक विज्ञापन में कृति सेनन के इंडो-वेस्टर्न लुक और पहनावे को लेकर सवाल उठाए गए। इस मामले में राहुल गांधी ने अभिनेत्री का समर्थन किया। इंस्टाग्राम पर कृति सेनन के स्टोरी को रिपोस्ट कर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लिखा, “एक महिला क्या पहनती है, वह क्या करती है और कहां जाती है- यह उसकी पसंद है।” राहुल गांधी ने आगे महिलाओं को उनकी आजादी के लिए ट्रोल किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “महिलाओं को अपनी आजादी का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल करना बंद करें।” राहुल गांधी की इस अपील ने साबित कर दिया है कि वो राजनीति के साथ ही सांस्कृतिक अराजकता को बढ़ावा दे रहे है। अगर आजादी बिना अनुशासन के हो, तो यह अहंकार और अराजकता को जन्म देती है।
महिलाओं को बताना कब बंद होगा कि उन्हें क्या पहनना चाहिए ?- कृति सेनन
राहुल गांधी की यह इंस्टाग्राम स्टोरी सामने आने के बाद कृति सैनन का पोस्ट एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कृति ने लिखा कि त्योहारों की असली खूबसूरती कपड़ों में नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी भावनाओं और परंपराओं में होती है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन उनके और उनकी बहन के लिए एक-दूसरे की रक्षा और साथ निभाने का रिश्ता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी यह प्रार्थना और प्यार उनके पालतू कुत्तों तक के लिए है, क्योंकि वे भी परिवार का हिस्सा हैं।
इसके बाद कृति ने महिलाओं के कपड़ों को लेकर समाज की सोच पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि आखिर महिलाओं को यह बताना कब बंद किया जाएगा कि उन्हें क्या पहनना चाहिए। कृति ने अपने पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि किसी महिला के सम्मान और अपनी संस्कृति के प्रति उसके लगाव को सिर्फ उसके कपड़ों से नहीं मापा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, नेकलाइन में नहीं।
क्या रक्षाबंधन कुत्तों को राखी बांधने का त्योहार है ?
विज्ञापन में कुत्ते को राखी बांधते हुए दिखाया गया है। इसके माध्यम से हिन्दू धर्म को क्या मैसेज दिया गया है ? क्या रक्षाबंधन पर कुत्तों को राखी बांधने की परंपरा है ? क्या हिन्दू भाइयों को कुत्ते से तुलना की गई है ? आप किसी पशु या जानवर से प्यार करते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि उसके माध्यम से हिन्दू भाइयों को अपमानित करने का संदेश दें। अगर इस तरह व्यक्तिगत पंसद को बढ़ावा दिया गया तो सामाजिक और सांस्कृतिक मर्यादा की भावना के खिलाफ होगा। समाज को व्यवस्थित रखने और लोगों के बीच आपसी संबंध और सौहार्द बनाए रखने के लिए हर संस्कृति कुछ नियम और सीमाएं तय करती है। इन्हें ही मर्यादा कहा जाता है। त्योहार व्यक्तिगत आनंद का विषय नहीं हैं। यदि व्यक्तिगत पसंद के नाम पर पूरी तरह संकुचित, आत्मकेंद्रित और स्वच्छंद हो जाया जाए, और सामूहिक भावना को आहत करें तो त्योहारों का मूल सामाजिक उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।
यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है- कंगना
विज्ञापन में कृति सेनन के लुक और कुत्ते को राखी बांधने को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया। कुछ यूजर्स ने कहा कि पारंपरिक त्योहार पर बने विज्ञापन में यह आउटफिट सही नहीं है। अब इस पर कंगना रनोट का भी रिएक्शन सामने आया। हालांकि, उन्होंने कृति सेनन का नाम नहीं लिया। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपड़ों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लहंगा चोली, जींस से साड़ी और बिकिनी से सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास कपड़ों के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां गए? हां हां, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।”
आभूषण ब्रांड जीवा की सफाई, कृति सेनन का रक्षाबंधन वाला विज्ञापन हटाया
बढ़ते विरोध और दबाव के बाद आभूषण बनाने वाले ब्रांड जीवा ने बुधवार 26 अगस्त,2026 को कहा कि उसने रक्षाबंधन के लिए अभिनेत्री कृति सेनन को लेकर बनाया गया अपना विज्ञापन हटा दिया है। विज्ञापन में अभिनेत्री द्वारा पहने गए कपड़ों पर सोशल मीडिया पर लोगों ने आपत्ति जतायी थी। ब्रांड ने अपने सोशल मीडिया खातों पर जारी एक बयान में कहा कि उसका उद्देश्य ‘‘समाज के किसी भी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था’’, इसलिए उसने विज्ञापन वापस ले लिया। जीवा ने कहा, ‘‘हम भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का बहुत सम्मान करते हैं। एक ब्रांड के तौर पर हम हमेशा पूरे परिवार के साथ इन खुशी के अवसरों को मनाने में विश्वास करते रहे हैं। इस बार हम इस प्यार और उत्सव में अपने पालतू जानवरों को भी शामिल करना चाहते थे।’’
GIVA removes its Raksha Bandhan ad featuring actress Kriti Sanon.
— ANI (@ANI) August 26, 2026
GIVA -- "We have the highest regard and deep respect for Indian culture, traditions and festivals. As a brand, we have always believed in celebrating these joyous moments with the entire family and this time we… pic.twitter.com/eTWv4Ax0uR
कृति सेनन का दोगलापन : रक्षा बंधन पर फेमिनिज्म का ज्ञान, ईद पर नहीं
राहुल गांधी और कृति सेनन की पहनावे को लेकर व्यक्तिगत पसंद कुछ भी हो सकती है। कृति सेनन ब्रालेट पहने या बिकनी पहन कर घूमें-फिरें किसी को कोई आपत्ति नहीं। लेकिन सवाल उठता है कि रक्षा बंधन भाई बहन का पवित्र पर्व है, उस दिन कौन बहन ब्रालेट पहन कर भाई को राखी बांधती है ? कौन बहन बिकनी पहन कर भाई को राखी बांधना पसंद करेगी? क्या कोई हिन्दू लड़की बुर्का पहन कर अपने हिन्दू भाई को राखी बांधना पसंद करेगी ? लेकिन हैरानी की बात यह है कि यही कृति सेनन व्यक्तिगत पसंद के नाम पर एक तरफ हिन्दू धर्म की मर्यादा को तोड़ने की कोशिश करती है, तो दूसरी तरफ मुस्लिम त्योहार पर मर्यादा का पालन करती है। फेमिनिज्म का ज्ञान सिर्फ रक्षाबंधन पर ही आता है, ईद पर नहीं। इस दोहरे चरित्र का विरोध होना स्वाभाविक है।
राहुल गांधी उस कृति सेनन के समर्थन में उतरे हैं जो ईद के त्योहार पर बिल्कुल इस्लामी ड्रेस पहनकर शुभकामना देती है
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) August 26, 2026
लेकिन हिंदुओं की रक्षाबंधन पर अंतर्वस्त्र पहन कर राखी का प्रचार करती है
राहुल गांधी को मोदी और बीजेपी से लड़ना है लेकिन वो हिंदू धर्म से हिन्दुओ से और हिंदू… pic.twitter.com/KIMTBFmg9o
कृति सेनन का दोगलापन : गुरुद्वारा में सख्त ड्रेस कोड का पालन
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने त्योहार और परंपराओं का हवाला देते हुए तंज कसा कि ऐसे वस्त्र गुरुद्वारा, मंदिर या पारिवारिक आयोजनों के अनुकूल नहीं हैं। सवाल उठ रहे हैं कि कृति सेनन जब गुरुद्वारा जाती हैं तो बिना कोई सवाल पूछे सख्त ड्रेस कोड का पालन करती हैं। वही कृति सेनन रक्षाबंधन पर कपड़े पहनने के बाद इसका औचित्य साबित करने लगती हैं और हिंदू समाज को दोषी ठहराती हैं। यह दोहरा चरित्र क्यों?
Kriti Sanon while visiting Gurdwara adheres to the strict dress code without asking any questions.
— Fuhrer (@GroFaZ_) August 25, 2026
Same Kriti Sanon after wearing revealing clothes on Rakshabandhan starts justifying it and blames Hindu society instead.
Why this double standard? pic.twitter.com/6U5PLSqElt
हिजाब और अबाया पर राहुल गांधी का दोगलापन
भाजपा ने राहुल गांधी के पुराने बयानों और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान दिए गए तर्कों का हवाला देते हुए कहा कि वे एक तरफ सनातन परंपराओं और मनुस्मृति को पितृसत्तात्मक बताकर आलोचना करते हैं, वहीं दूसरी तरफ हिजाब पहनने को महिलाओं का व्यक्तिगत अधिकार व हक बताते हैं। भाजपा और केंद्रीय नेताओं (जैसे किरेन रिजिजू) का कहना है कि महिलाओं की स्वतंत्रता और अधिकारों पर उनका रुख राजनीतिक सुविधा के अनुसार बदलता रहता है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान एक लड़की ने राहुल गांधी से सवाल किया कि आपका क्या नजरिया होगा एक औरत अबाया और हिजाब पहनकर फ्री नहीं महसूस करती है ? क्या हिजाब या अबाया उतारने से महिला को स्वतंत्रता नहीं मिलेगी? इस पर राहुल
गांधी ने कहा, “मेरा विचार है कि महिला जो पहनना चाहती है, वो उसके ऊपर है। अगर वो अबाया पहनना चाहती है, या कुछ और पहनना चाहती है तो उसका बिजनेस है, उसका काम है। उसकी अनुमति दी जानी चाहिए। मेरी तो ये राय है।”
यह बेहूदा और हिंदू धर्म से नफरत करने वाला व्यक्ति राहुल गांधी चाहता है हिंदू लड़कियां तथाकथित पितृसत्तात्मक व्यवस्था को खत्म कर दें खूब गंदी-गंदी गालियां देना सीखें स्वच्छंद रहे स्वच्छंद आचरण करें
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) August 25, 2026
लेकिन यही बेहूदा व्यक्ति चाहता है कि मुस्लिम लड़कियां को हिजाब और अबाया पहनने की… pic.twitter.com/dT9WAyJLie
हिजाब पर धार्मिक विद्वान, हिन्दू त्योहारों पर राहुल गांधी तय करेंगे ?
आभूषण बनाने वाले ब्रांड जीवा ने अपना विज्ञापन वापस ले लिया है, लेकिन हिन्दुओं का आरोप है कि कांग्रेस और राहुल गांधी का रवैया हिन्दू और मुस्लिम पर्व को लेकर दोहरा (डबल स्टैंडर्ड) है। उनका तर्क है कि जहां एक ओर हिजाब या अन्य धार्मिक वेशभूषा के मामलों में कांग्रेस यह कहती है कि इसे धार्मिक विद्वान तय करें, वहीं हिंदू त्योहारों और परंपराओं से जुड़े पहनावे या विषयों पर राहुल गांधी तुरंत अपनी व्यक्तिगत राय रखते हैं और पितृसत्ता (patriarchy) पर टिप्पणी करते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा का एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा है कि चूंकि हिजाब मुस्लिम धर्म में अनिवार्य है, इसलिए इसके संबंध में मुस्लिम विद्वान यानी मौलवी तय करेंगे।
हिजाब इस्लामिक स्कॉलर तय करेंगे
— sumit kalra (@sumit1kalra) August 26, 2026
लेकिन
बिकनी में रक्षाबंधन का ऐड राहुल गांधी तय करेंगे ? pic.twitter.com/UykkD0uk0S
कांग्रेस ट्वीटर हैंडल से मुस्लिम पर्व ईद उल फितर पर बधाई दी जाती है, जबकि हिन्दुओं के पवित्र पर्व रक्षा बंधन को टैक्स बंधन बताकर माजक उड़ाया जाता है। राहुल गांधी और कांग्रेस की हिन्दू विरोधी मानसकिता उसके सोशल मीडिया पोस्ट से पता चलता है।
राहुल गांधी को पता नहीं कि रक्षा बंधन कैसे मनाते हैं?
3 अगस्त 2020 को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट किया, जिसके बाद लोगों ने उन्हें ट्रोल करते हुए कहा कि अपने को हिन्दू कहने वाले राहुल गांधी को यह नहीं मालूम कि रक्षा बंधन कैसे मनाते हैं? रक्षा बंधन पर उन्होंने अपनी बहन प्रिंयका वाड्रा के साथ जो तस्वीर शेयर की उसमें दोनों एक दूसरे से ईद की तरह गले लग रहे हैं।
Wishing every one a happy #RakshaBandhan.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 3, 2020
आप सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ। pic.twitter.com/EJZWPSGO2J
इस तस्वीर के जवाब में बहन प्रियंका वाड्रा ने भी एक तस्वीर शेयर की, लेकिन उसमें भी राहुल गांधी को राखी बांधते हुए प्रियंका गांधी को नहीं देखा गया।
हर सुख-दुख में साथ रहते हुए मैंने अपने भाई से प्रेम, सत्य और धैर्य का साथ सीखा है। मुझे ऐसा भाई मिलने पर गर्व है।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) August 3, 2020
समस्त देशवासियों को पावन पर्व #रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं।#RakshaBandhan pic.twitter.com/KWTGpTZQYy
“मैडम आपका राहुल भईया को राखी बांधते हुए की फ़ोटो अभी तक नहीं आई”
इन तस्वीरों को देखते ही लोगों को समझ में आ गया कि राहुल गांधी और बहन प्रियंका को यह नहीं पता कि रक्षाबंधन पर बहन भाई की कलाई में रक्षा और प्रेम के धागे को बांधती है। गूगल पर रिसर्च करने पर यह भी पता चला कि राहुल-प्रियंका की भाई-बहन की ऐसी जोड़ी है जिसने आज तक कभी रक्षा बंधन मनाया ही नहीं है। सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर दोनों पर निशाना बनाया। ट्वीटर यूजर्स ने कहा कि वैसे तो दोनों हिंदू बनने का ढोंग करते हैं, लेकिन रक्षा बंधन का त्योहार नहीं मनाते हैं। 2021 में सोशल मीडिया में लोगों ने प्रियंका गांधी से पूछा, “मैडम आपका राहुल भईया को राखी बांधते हुए की फ़ोटो अभी तक नही आई। शुभ रक्षाबंधन”
हिंदुओं आपके लिए एक क्विज़ हैं।
— Chandan Sharma (@ChandanSharmaG) August 19, 2024
ईनामी प्रतियोगिता 🎁
प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के रक्षा बंधन का तस्वीर शेयर कीजिए और इनाम पाइए
क्या किसी ने प्रियंका गांधी द्वारा राहुल गांधी को राखी बांधते हुए देखा है?
देर मत कीजिए, ऑफर सीमित समय के लिए हैं।
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