Showing posts with label #ABVP. Show all posts
Showing posts with label #ABVP. Show all posts

NSUI ने किया बिहारी महिला का अपमान : ‘भगाओ इस बिहारन को, मैडम बीड़ी-दारू पीती है, मिथिला से है…’: DUSU की संयुक्त सचिव दीपिका झा को गाली देने वाले कौन, ABVP नेता ने कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI को बताया जिम्मेदार

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2025 में ABVP से संयुक्त सचिव के पद पर जीत हासिल करने वाली दीपिका झा  (साभार: Dainik Bhaskar)
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025 में ABVP से संयुक्त सचिव के पद पर जीत हासिल करने वाली बिहार की दीपिका झा को इंस्टाग्राम पर ट्रोल किया जा रहा है। उन्होंने इसके खिलाफ दिल्ली साइबर पुलिस में FIR दर्ज करवाई है। साथ ही दीपिका झा ने इसके पीछे NSUI का हाथ बताते हुए करारा जवाब दिया है।

इसकी जानकारी खुद दीपिका झा ने एक वीडियो जारी कर दी। वीडियो में दीपिका झा ने कहा, “इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर बदतमीजी की जा रही है। बिहार से जुड़ा ‘बिहारन’ शब्द को गाली की तरह उपयोग किया जा रहा है। तमाम कमेंटबाजों के खिलाफ FIR हो चुकी है। जो-जो लिंक है इस FIR से सबके पास समय से सूचना पहुँच जाएगी।”

दीपिका झा ने नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) पर निशाना साधते हुए कहा, “पूरे NSUI को कह देना चाहती हूँ कि अब करो तुम कमेंट। अब मैं FIR-FIR खेलुँगी। एक लड़की को नीचा दिखाने के लिए तुम इस हद तक गए। तुम चाहते हो कि लड़की शांत होकर घर बैठ जाए। लेकिन नहीं, मैं शांत बैठने वालों में से नहीं हूँ। मैं आप सभी की टाइम-टाइम पर औकात याद दिलाती रहूँगी कि मैं क्या हूँ।”

उन्होंने राज्य के नाम पर बदतमीजी झेलने वालों के साथ खड़े रहने की भी बात कही, “किसी के भी चमचे हो अगर इस तरह का कमेंट दोबारा करा जाएगा तो मैं सदैव खड़ी रहूँगी अपने समाज के साथ, अपने राज्य के साथ और सिर्फ अपने राज्य के साथ ही नहीं अगर किसी को भी उसके राज्य के नाम को गाली की तरह इस्तेमाल किया जाएगा तो मैं सदैव उन लोगों के साथ खड़ी रहूँगी।”

दीपिका झा बताती हैं कि उन्होंने इंस्टाग्राम में पर बदतमीजी के खिलाफ दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में शिकायत कर दी है। वह कहती हैं कि इस शिकायत में कुछ लोगों का नाम शामिल किया गया है, जिनके पास जल्द ही पुलिस का नोटिस पहुँच जाएगा।

इंस्टाग्राम पर लगातार किया जा रहा ट्रोल

दीपिका झा को DUSU चुनाव में संयुक्त सचिव पद पर खड़े होने के साथ उस पद पर जीत हासिल करने तक भी इंस्टाग्राम पर लगातार ट्रोल किया गया। चुनाव अभियान में दीपिका ने कई वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किए, जिस पर ट्रोलर्स ने भद्दे-भद्दे कमेंट्स किए हैं। यहाँ तक की उनके राज्य और उनकी पहचान मिथिला को लेकर भी सवाल उठाए गए।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट में एक ट्रोलर ने लिखा, “भगाओ इस बिहारन को।”

                              दीपिका झा के इंस्टाग्राम पोस्ट पर किए गए कमेंट का स्क्रीनशॉट

एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, “मिथिला से है या पूर्वांचल से है। मतलब वोट के लिए कुछ भी।”

                                         दीपिका झा के इंस्टाग्राम पोस्ट पर किए गए कमेंट का स्क्रीनशॉट

दीपिका झा ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस से हुई झड़प की फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर की तो एक यूजर ने ट्रोल करते हुए लिखा, “मैडम की पार्टी की सरकार और मैडम उनसे ही लड़ रही।”

                                  दीपिका झा के इंस्टाग्राम पोस्ट पर किए गए कमेंट का स्क्रीनशॉट

यहाँ तक की दीपिका झा के चरित्र को मैला करने की भी कोशिश की गई। ट्रोलर्स ने लिखा, “यह दीपिका झा सिगरेट बीड़ी दारू सब पीती है। स्टूडेंट होने के बाद भी और फिर छात्र अध्यक्ष का इलेक्शन लड़ती है और शरीफ होने का ड्रामा करती है।”

NSUI की भद्दी राजनीति

इंस्टाग्राम ट्रोल्स के पीछे दीपिका झा ने NSUI का हाथ बताया है। दीपिका झा ने NSUI को चेतावनी भी दी कि अगर इस बार वो FIR-FIR खेलेंगी। साथ ही दीपिका झा ने अपने वीडियो में यह भी बताया कि इंस्टाग्राम पर भद्दे कमेंट्स करने वाले NSUI के ही ‘चमचे’ हैं।

यह पहली बार नहीं है जब NSUI ने ABVP को नीचा दिखाने के लिए किसी महिला का अपमान किया हो। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2025 में भी NSUI ने भद्दी राजनीति खेली। लगातार ABVP के उम्मीदवारों को निशाना बनाकर बदनाम करने की कोशिश की।

चुनाव प्रचार के दौरान दीपिका झा का एक वीडियो भी वायरल करवाया और दावा किया कि वो सिगरेट पीती हैं। NSUI ने कांग्रेस का प्रोपेगेंडा आगे बढ़ाते हुए दिल्ली चुनाव में ‘वोट चोरी’ के भी आरोप लगाए थे। अब ‘बिहारन’ नाम से गाली दी जा रही है।

लेकिन फिर भी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2025 में ABVP तीन पदों पर परचम लहराया। DUSU के अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर ABVP ने जीत हासिल की। DUSU के नए अध्यक्ष बने आर्यन मान के खिलाफ भी NSUI ने नैगेटिव कैंपने चलाया था।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के बाद Gen-Z ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी में लहराया भगवा; राहुल परेशान; पटना और पंजाब में भी GenZ दे रहा राहुल गाँधी को जवाब


भारत में राहुल गाँधी समेत पूरे विपक्ष को Gen-Z ने जवाब दे दिया है। पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी में भगवा लहराया। अब हैदराबाद यूनिवर्सिटी में एबीवीपी ने सभी 7 सीटों पर जीत हासिल कर Gen-Z पीएम मोदी के साथ है, ये साबित कर दिया है।

हैदराबाद यूनिवर्सिटी में एबीवीपी की जीत

हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में बीजेपी के छात्र विंग यानी एबीवीपी (ABVP) ने शानदार प्रदर्शन किया है। संगठन ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव, महासचिव, कल्चरल सचिव और खेल सचिव समेत सभी 7 अहम पदों पर कब्जा कर लिया है। छात्र नेताओं ने इस जीत को राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता और मेहनत को दिया है। संगठन लगातार राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर काम कर रही है। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ- साथ नैतिकता की बात भी की जा रही है। यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं को एबीवीपी की प्रतिबद्धता पसंद आ रही है। एबीवीपी को ये मार्गदर्शन पीएम मोदी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार से मिल रही है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में एबीवीपी का प्रदर्शन

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025 में एबीवीपी ने केंद्रीय पैनल की 4 में से 3 सीटों पर कब्जा कर लिया, जबकि एनएसयूआई को केवल एक सीट से संतोष करना पड़ा है। एबीवीपी के आर्यन मान अध्यक्ष बने। दीपिका झा संयुक्त सचिव बनीं और कुणाल चौधरी को सचिव पद मिला। इस चुनाव में एनएसयूआई को एकमात्र उपाध्यक्ष पद मिला। सबसे गौर करने वाली बात ये हैं कि इस चुनाव में अध्यक्ष आर्यन मान ने एनएसयूआई के उम्मीदवार को 16000 से अधिक वोटों से हराया। इससे साबित होता है कि देश की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में एक दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के दिलों में पीएम मोदी बसते हैं।

जेएनयू में शानदार प्रदर्शन

वामपंथियों का गढ़ कहलाने वाले जेएनयू में भी अप्रैल 2025 में हुए छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने शानदार उपलब्धि हासिल की। एबीवीपी ने संयुक्त सचिव का पद जीतने के साथ- साथ काउंसिल की 42 में से 23 सीटों पर विजय हासिल की। ये कैंपस में आ रहे बदलाव को दर्शाता है। यहाँ तक कि स्कूल ऑफ सोशल साइंस जिसमें पहले एबीवीपी का कोई अस्तिव नहीं था, वहाँ भी 2 सीटें हासिल की। इसे खास तौर पर जेएनयू का वामपंथी सेंटर माना जाता है।

पंजाब यूनिवर्सिटी में झंड़ा बुलंद किया

पंजाब विश्वविद्यालय परिसर छात्र परिषद (PUCSC) चुनाव में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP ने पाँच दशकों में पहली बार अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। 1977 में प्रत्यक्ष मतदान व्यवस्था लागू होने के बाद पहली बार ABVP का अध्यक्ष बना है। साल 2024 में ABVP के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे थे, जबकि 2023 में जसविंदर राणा ने संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की थी।

पटना यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन

पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी की मैथिली मृणालिनी ने अध्यक्ष पद जीता। यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार एक छात्रा अध्यक्ष बनीं। मार्च 2025 में हुए चुनाव में यहाँ भी एबीवीपी का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। काउंसिल सदस्यों में सबसे ज्यादा सीट एबीवीपी के पास है।

गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन

पूर्वोत्तर का सबसे पहला और बड़े यूनिवर्सिटी गुवाहाटी विश्वविद्यालय में भी पहली बार अध्यक्ष पद पर एबीवीपी ने जीत दर्ज की। सितंबर 2024 में हुए गुवाहाटी विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी ने दबदबा बनाते हुए अध्यक्ष समेत 3 महत्वपूर्ण पदों पर जीत दर्ज की। ये पूर्वोत्तर में मोदी सरकार के कामकाज पर जेन जी के समर्थन का प्रमाण है।

उत्तराखंड के कई विश्वविद्यालयों में जीत

उत्तराखंड के कई विश्वविद्यालयों में एबीवीपी का प्रदर्शन शानदार रहा। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में एबीवीपी ने अध्यक्ष समेत सभी 6 अहम पद जीत लिए हैं। वहीं एचएनबी गढ़वाल केन्द्रीय विश्विविद्यालय में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी के उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए।

राहुल गाँधी को Gen Z का जवाब

कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने हाल ही में जेन-जी से संविधान बचाने और कथित ‘वोट चोरी’ रोकने की अपील की थी। ऐसे में देश के अलग अलग राज्यों में एबीवीपी की शानदार जीत ने उन्हें करारा तमाचा मारा है। Gen-Z को देश के लोकतंत्र और संविधान पर पूरा भरोसा है। इन लोगों ने वोट देकर एबीवीपी को जिताया है और वोट चोरी के आरोपों की धज्जियाँ उड़ा दी है।

हैदराबाद यूनिवर्सिटी में एबीवीपी का जीतना कई मायनों में अहम है। मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में राहुल गाँधी चारो खाने चित्त नजर आ रहे हैं। ये वही तेलंगाना है, जहाँ कांग्रेस की सरकार है। 2024 के छात्रसंघ चुनाव में यूनिवर्सिटी में वामपंथी और कांग्रेस के छात्र संगठनों ने जबरदस्त जीत दर्ज की थी। एक साल बाद उनकी ये हालत राहुल गाँधी के ‘वोट चोरी’ की हवा निकाल दी है। साथ ही छात्रों के मन में मोदी सरकार के प्रति समर्थन और सम्मान को भी ये रिजल्ट दर्शाता है।

भारत में नेपाल और बांग्लादेश की तरह Gen-Z के तख्तापलट का मंसूबा पाले विपक्ष को गहरा धक्का लगा है। हैदराबाद यूनिवर्सिटी में 81 फीसदी वोटिंग हुई है। ये भी साबित करता है कि छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर वोटिंग में हिस्सा लिया और पीएम मोदी के नेतृत्व को समर्थन दिया।

भारत का GenZ 2014 में ही राष्ट्रवादी राजनीति की नींव रख चुका है। GenZ ने अब राहुल गाँधी की अराजक टूलकिट को भी फेल साबित कर दिया है।

जामिया में दीपोत्सव मना रहे छात्रों पर इस्लामी कट्टरपंथियों का हमला, लगे अल्लाह-हू-अकबर और फिलिस्तीन जिंदाबाद के नारे: पीड़ित बोले- मेवात स्टूडेंट यूनियन ने किया उपद्रव, छात्राओं से कहा हिजाब पहनो

                                     बवाल करते कट्टरपंथी (बाएँ) और कार्यक्रम का पोस्टर (दाएँ)
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में इस्लामी कट्टरपंथियों ने दीवाली मना रहे हिन्दू छात्रों पर हमला बोल दिया। इस्लामी कट्टरपंथियों ने बदतमीजी की और मारपीट की। उन्होंने अल्लाह-हू-अकबर और नारा-ए-तकबीर के नारे लगाए। इस्लामी कट्टरपंथियों के हमले के कारण कई छात्रों को अस्पताल ले जाना पड़ा।

जामिया में यह घटना मंगलवार (22 अक्टूबर, 2024) को हुई। यहाँ हर साल की तरह जामिया में गेट नम्बर 7 पर गुलिस्ताँ-ए-ग़ालिब के पास दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया रहा था। इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय कला मंच कर रहा था। इसके अंतर्गत एक रंगोली प्रतियोगिता भी करवाई गई थी।

शाम लगभग 7:00-7:30 बजे के आसपास इस कार्यक्रम पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने धावा बोल दिया। उन्होंने यहाँ पैरों से दीए तोड़ डाले और रंगोलियों को बर्बाद कर दिया। उन्होंने यहाँ मौजूद छात्राओं से भी बदतमीजी की। छात्रों के साथ धक्कामुक्की करते हुए इस्लामी कट्टरपंथी अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाने लगे। यहाँ कट्टरपंथियों ने फिलिस्तीन जिंदाबाद के नारे भी लगाए।

हिन्दू छात्रों पर हमला करने और दीपोत्सव में हंगामा करने का आरोप मेवात स्टूडेंट यूनियन नाम के एक इस्लामी छात्र संगठन पर लगा है। पीड़ितों का आरोप है कि इन लोगों ने बाहर भी लोगों को बुलाया और उसके बाद भीड़ के रूप में हमला बोला।

इस घटना के कुछ वीडियो भी वायरल हुए हैं जिनमें यह कट्टरपंथी यह नारे लगाते हुए सुने जा सकते हैं। इस्लामी कट्टरपंथियों के हमले में 2 छात्रों के चोट आने की भी सूचना है, जिनको अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। कुछ छात्रों को इस वजह से चक्कर भी आ गए।

इस कार्यक्रम में शामिल जामिया के BA मास मीडिया पाठ्यक्रम के छात्र प्रियांशु कुमार ने ऑपइंडिया को बताया, “हर साल की तरह इस बार भी आयोजन को किया जा रहा था। इस आयोजन में बड़ी संख्या में मुस्लिम लडकियाँ भी शामिल थीं। इसी बीच जामिया की ही मेवात स्टूडेंट यूनियन के कुछ कट्टरपंथी आए और हंगामा करने लगे।”   

प्रियांशु ने ऑपइंडिया को बताया, “मेवात स्टूडेंट यूनियन के इस्लामी कट्टरपंथियों ने यहाँ हाथापाई चालू कर दी। उन्होंने लड़कियों को हिजाब पहनने को लेकर धमकी दी। इसके बाद वह अल्लाह-हू-अकबर और नारा-ए-तकबीर चिल्लाने लगे। हिन्दू छात्रों को यहाँ से बड़ी मुश्किल से निकाला गया।”

प्रियांशु ने यह भी बताया कि मेवात स्टूडेंट यूनियन के गुंडों ने यहाँ जबरदस्ती सबके पहचान पत्र चेक करने की कोशिश की, उन्होंने यहाँ चोटिल हुए छात्रों को इलाज के लिए ले जाए जाने के दौरान बाधाएँ खड़ी की। प्रियांशु ने बताया कि यह इस्लामी कट्टरपंथी लगभग बड़ी संख्या में हमला करने की तैयारी करके आए थे।”

जामिया में हँगामे की सूचना के बाद भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। अभी हंगामा करने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। इस बीच ABVP ने जामिया प्रशासन और दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने माँग की है कि इन दंगाइयों की पहचान करने के बाद उनको गिरफ्तार किया जाए।

दिल्ली पुलिस ने इस घटना पर इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ” यह घटना शाम 7:30-8 बजे गेट 7 के पास हुई। ABVP से जुड़े छात्रों का एक समूह दिवाली के लिए दीये और रंगोली बना रहा था, जिससे छात्रों का एक अन्य समूह भड़क गया। दूसरे समूह ने इस सजावट पर हमला कर दिया, इसके बाद हाथापाई हुई। दोनों पक्षों ने नारेबाजी की। शांति बनाए रखने के लिए पुलिस को तैनात किया गया था, छात्रों को तितर-बितर होने का आदेश दिया गया और रात 9 बजे तक भीड़ यहाँ से चली गई।”

त्रिपुरा : सरस्वती माता की ‘क्लीवेज’ वाली मूर्ति, साड़ी भी नहीं: बवाल, ABVP और बजरंग दल के प्रदर्शन के बाद ढकी गई मूर्ति

बसंत पंचमी में त्रिपुरा के कॉलेज में बिन कपड़े पहनाए लगाई गई माँ की मूर्ति (तस्वीर साभार: ABVP त्रिपुरा)
त्रिपुरा के एक आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज में सरस्वती माँ की मूर्ति को अश्लीलता से गढ़ने और बिना पारंपरिक साड़ी के दिखाने पर विवाद हो गया। मूर्ति देखने के बाद अखिल भातीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल ने प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरस्वती माता को इस तरह दिखाना अश्लीलता फैलाने से अधिक कुछ नहीं।

सरस्वती माता की जिस मूर्ति को लेकर इतना बवाल हुआ है उसकी वीडियो फोटो भी एबीवीपी त्रिपुरा ने अपने हैंडल पर शेयर की है। इस मूर्ति की फोटो में साफ पता चल रहा है कि कितने अश्लील ढंग से माता को प्रदर्शित करने का प्रयास हुआ है। मूर्ति में क्लीवेज का डिजाइन गढ़ा गया और मूर्ति पर पारंपरिक साड़ी तो दूर कोई कपड़ा तक नहीं है। इस मूर्ति की जानकारी जब हिंदूवादी कार्यकर्ताओं को हुई तो वो बहुत भड़के।

इस मामले पर एबीवीपी के त्रिपुरा यूनिट के महासचिव दिबाकर आचार्यजी ने कहा कि उन्हें इस प्रकार सरस्वती माता गलत चित्रण से समस्या है। उन्होंने कहा- “जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज बसंत पंचमी है और पूरे देश में देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। सुबह-सुबह हम सभी को खबर मिली कि गवर्नमेंट आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज में देवी सरस्वती की मूर्ति को बहुत गलत और अश्लील तरीके से बनाया गया है।”

प्रदर्शनकारियों के विरोध के बाद त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में स्थित आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज में रखी गई मूर्ति को साड़ी पहनाई गई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध छात्र संगठन एबीवीपी ने कॉलेज प्राधिकरण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

वहीं कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि मूर्ति हिंदू मंदिरों में देखी जाने वाली पारंपरिक मूर्तिकला के अनुसार है और इसका धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था। मूर्ति को अंततः कॉलेज अधिकारियों द्वारा बदल दिया गया और पूजा पंडाल के पीछे प्लास्टिक की चादरों से ढक दिया गया। प्रदर्शन के बाद मौके पर पुलिस भी आई लेकिन कोई आधिकारिक कंप्लेन नहीं हुई।