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किसी का फोकस ‘अंबेडकरवाद’ पर, किसी का ‘फ्री फिलिस्तीन’ पर: CJP प्रदर्शन से पनपे ‘इंफ्लुएंसर्स’ का अपना-अपना एजेंडा, जानिए कंटेंट की माइनिंग कर कैसे कमाए लाखों फॉलोअर्स

                                     CJP प्रदर्शन से जन्में इंफ्लुएंसर्स (फोटो साभार: Instagram)
जब से कॉकरोच पार्टी बनी तभी से सोशल मीडिया पर इनकी मंशा पर सवाल उठ रहे थे, राष्ट्रीय मीडिया ने भी उस समय गंभीरता से नहीं लिया। और न ही सरकार ने। असली वजह अमेरिकी लेखिका रेनी लिन ने भी बताया। क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी स्कूल की किताबों में मुगलों की इतनी तारीफ क्यों होती थी? अमेरिकी लेखिका रेनी लिन का एक बयान आजकल सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है! उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का खुलकर सपोर्ट किया है और एक बहुत बड़ा दावा किया है। 
रेनी का कहना है कि हमारी NCERT की पुरानी किताबें विदेशी आक्रमणकारियों के महिमामंडन से भरी पड़ी थीं।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर टिका कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन आखिरकार अपनी माँग पूरी होने के बाद खत्म हो गया। करीब डेढ़ महीने तक चले इस तथाकथित ‘छात्र आंदोलन’ ने सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी कई नए चेहरे खड़े कर दिए। इस दौरान कई पुराने इंफ्लुएंसर्स ने अपने लिए भरपूर कंटेन्ट तैयार किया, वहीं कई ऐसे लोग भी थे जिन्हें पहचान ही इस प्रदर्शन ने दिलाई।

किसी ने पीएम नरेंद्र मोदी को गाली देकर वायरल हुआ, किसी ने मीडिया को निशाना बनाकर फॉलोवर्स जुटाए, किसी ने प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने के वीडियो बनाए तो किसी ने पुलिस से बहस और टकराव को अपना कंटेन्ट बना लिया।

इनमें मोहम्मद जुनैद, हर्षित, उज्जवल, रिया अहिर और नीशू जैसे तथाकथित इंफ्लुएंसर्स शामिल हैं। जिनकी पोस्ट पर पहले दो-चार लाइन भी मुश्किल से आते थे, आज वही लाखों फॉलोअर्स के साथ मिलियन में रीच हासिल कर रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने में इंस्टाग्राम के बदले हुए एल्गोरिदम ने भी इनकी लोकप्रियता बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।

चिंता की बात यह है कि इन सभी का कंटेन्ट किसी न किसी एजेंडे के इर्द-गिर्द घूमता है। ऐसे में इन्हें फॉलो करने वाले लाखों युवा भी धीरे-धीरे उसी सोच और उसी नैरेटिव से प्रभावित हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से मिली लोकप्रियता ने इन लोगों को बड़ा मंच तो दे दिया है, लेकिन यह देखना भी जरूरी है किस उस मंच का इस्तेमाल किस मकसद और किस दिशा में किया जा रहा है।

नीशु आजाद

इस प्रदर्शन में ‘जय भीम’ के नारे तो जमकर लगे। प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले दलित समाज से आने वाले अभिजीत दिपके ने भी खुद को ‘अंबेडकरवादी’ विचारधारा का प्रतिनिधि बताते हुए इसी सोच को आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनाया। लेकिन इसी प्रदर्शन से 15 साल की नीशू आजाद भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई।

नीशू का पहला वायरल वीडियो वही था, जिसमें वह एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिक्षा पर सवाल कर रही हैं, वहीं दूसरी वीडियो में वह CBSE और NEET की फुलफॉर्म तक नहीं बता पा रही थी। हैरानी की बात यह थी कि वह खुद 10वीं कक्षा की छात्रा है और उसी CJP प्रदर्शन का हिस्सा बनी हुई थी, जो NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा था।

ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नीशू को ट्रोल करना शुरू कर दिया। इसके बाद नीशू ने CJP प्रदर्शन के मंच पर जगह पाने के लिए अपने पिता पर हमले की खबर फैलाई। नीशू ने रोते हुए वीडियो बनाया कि उनके पिता को मारने वाले लोग ‘बीजेपी के अंधभक्त’ हैं, बिना उनकी नाम-पहचान जाने नीशू ने यह नैरेटिव गढ़ा और प्रदर्शन में शामिल लोगों को बीजेपी के खिलाफ भड़काया। यह देखा भी गया कि धीरे-धीरे यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था के नाम पर नहीं, बल्कि बीजेपी बनाम CJP हो गया, जिसमें विपक्षी दलों के अमूमन हर चेहरे ने भाग लिया।   

नीशू आजाद यहीं नहीं रुकी। और ज्यादा वायरल होने के लिए नीशू ने मीडियाकर्मियों को बयान देते हुए खुद को हिंदुओं के खिलाफ जहर तक उगला और एक दलित समाज से आते हुए भी नीशू खुद को ‘हिंदू’ मानने से इनकार कर दिया। और इतना ही नहीं, प्रदर्शन के अंत दिनों में नीशू का एक और वीडियो सामने आता है, जिसमें वह हाथ में समोसा दिखाते हुए लोगों को ‘मोदी की तेरहवीं’ का खाना खाने को कहती है।

वैसे तो इस लोकप्रियता के बाद अब नीशू के 383K फॉलोअर्स हैं, लेकिन यह जान लेते हैं कि प्रदर्शन से वायरल इंफ्लुएंसर बनी नीशू इस प्रदर्शन से पहले क्या कर रही थी? उसकी इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर नजर डालें तो प्रदर्शन से पहले भी नीशू का अधिकतर कंटेन्ट उन लोगों को रोस्ट करने पर केंद्रित था, जो हिंदू हितों की बात करते हैं। इस कंटेन्ट पर भी नीशू को ठीक-ठाक व्यूज आ जाते थे।

लेकिन इस तरह के कंटेन्ट पर शिफ्ट होने की वजह यह थी कि नीशू जब केवल ‘अंबेडकरवाद’ का बखान कर रही थी, तब उन्हें कोई नहीं पूछता था और तब वही किसी तरह की भी ‘इंफ्लुएंसर’ की कैटेगरी में उन्हें नहीं गिना जाता था।

मोहम्मद जुनैद

अभी अगर गूगल पर टाइप करें कि ‘कौन है जुनैद?’ तो गूगल का SEO आपको सबसे पहले जंतर-मंतर के CJP प्रदर्शन से वायरल हुए ‘जुनैद भाई’ के बारे में कंटेन्ट दिखेगा। ये जुनैद भाई वैसे तो एक मामूली वकील है, लेकिन प्रदर्शन में लोगों को मुफ्त खाना-पानी, मुफ्त दवाइयाँ देते जब इनकी वीडियो वायरल हुईं, तो कब ये सोशल मीडिया पर 1 मिलियन फॉलोअर के साथ इंफ्लुएंसर बन गए पता ही नहीं लगा।

मोहम्मद जुनैद की इंस्टाग्राम प्रोफाइल देखें, तो आज उनका हर वीडियो मिलियंस व्यूज पार कर रहा है। जुनैद के इंस्टाग्राम पर केवल CJP प्रदर्शन का ही कंटेन्ट दिखाई देता है, इससे पता लगता है कि वह भी CJP प्रदर्शन का एक मुख्य चेहरा रहे हैं। प्रदर्शन में CJP ने जुनैद को अपनी ‘सेकुलर’ विचारधारा पेश करने के लिए इस्तेमाल किया, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन में जय श्री राम के नारों पर बवाल के वीडियो भी खूब सामने आए।

प्रदर्शन के बाद इंफ्लुएंसर के रूप में उभरे मोहम्मद जुनैद का अब रोना सामने आ रहा है, जब पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की है। पूछताछ भी इसीलिए जिस पर लोगों ने शक जताया है, शक यह है कि एक मामूली वकील के तौर पर जुनैद ने हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों के लिए खाने की सुविधा कैसे जुटाई? पुलिस जब जुनैद को पूछताछ के लिए ले गई तो उन्होंने अपनी सोशल मीडिया रीच का इस्तेमाल कर इसे बवाल बनाकर पेश किया। मीडिया में रोते हुए खूब इंटरव्यू भी दिए। 

अब बात करें कि जुनैद प्रदर्शन से पहले क्या कर रहे थे, तो इनका पास्ट रिकॉर्ड ‘आंदोलनजीवी’ का ही रहा है। जुनैद की इंस्टाग्राम प्रोफाइल देखें तो वह पहले भी ‘फ्री फिलिस्तीन’ के प्रदशनों, बाबरी मस्जिद को दोबारा खड़ा करने, माँस की दुकानों को बंद करने का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। दूसरी तरफ जुनैद अपने सोशल मीडिया पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री जैसे हिंदू संतों का भी मजाक उड़ाते हैं। लेकिन CJP प्रदर्शन का चेहरा बनने से पहले उनका ये कंटेन्ट उतना वायरल नहीं था।

LGBTQ के उज्जवल और हर्षित

16 जून 2026 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के पहले ही दिन LGBTQ समाज के दो चेहरे वायरल होते हैं। इनमें एक का नाम उज्जवल और दूसरे का नाम है हर्षित। छात्रों के इस प्रदर्शन में दोनों का एक वीडियो वायरल होता है, जिसमें उनकी पहचान को लेकर रिपोर्टर सवाल पूछता है तो दोनों बिफर जाते हैं। इस वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर कहीं न कहीं उन्हें एक वायरल कंटेन्ट के रूप में पहचान मिल जाती है और इसके जरिए दोनों ने खूब फॉलोवर्स भी इकट्ठा कर लिए।

CJP प्रदर्शन में भी यूट्यूब चैनलों और कई मीडिया संस्थानों ने उज्जवल और हर्षित के जमकर इंटरव्यू किए, जो उनकी लोकप्रियता बढ़ाने का जरिया बना। एक वीडियो में उज्जवल यह भी कहते नजर आए, “आपने मुझे मीठा बोल दिया… लेकिन एप्पल का फोन बनाने वाला टिम कुक भी गे है, ChatGPT का फाउंडर भी गे ही है, AI का फाउंडर भी गे ही है, इसीलिए हम लोग आपसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं।” 

सोशल मीडिया फॉलोइंस की बात करें तो उज्जवल के अब इंस्टाग्राम पर 17.6K फॉलोअर्स और हर्षित के 134K फॉलोअर्स हैं। पहचान की बात करें तो हर्षित खुद को एक कलाकार और उज्जवल 19 वर्षीय एक छात्र बताता है। सोशल मीडिया गतिविधियों से पता लगता है कि दोनों ही ‘ट्रांसजेंडर बिल’ का विरोध भी कर चुके हैं। लेकिन CJP प्रदर्शन से मिली सोशल मीडिया पर लोकप्रियता अब उनकी एकमात्र पहचान बन चुकी है।

रिया अहिर

जंतर-मंतर की तर्ज पर ही मुंबई में हुए प्रदर्शनों से भी एक चेहरा सामने आया, जो अब खूब वायरल है। रिया अहीर, ये वो लड़की है जिनकी पुलिस वैन को एक हाथ से रोकते तस्वीर सामने आई थी। जो रोकने का प्रयास कम और फोटोशूट ज्यादा लग रहा था। दिलचस्प बात यह है कि रिया पेशे से मॉडल ही हैं। शायद यह बात उनको भी नहीं मालूम थी कि उनकी यह तस्वीर इतनी वायरल हो जाएगी कि मीडिया में इंटरव्यू देने पड़ेंगे। लोगों ने उनकी ये तस्वीर ‘महिला शक्ति’ के रूप में प्रस्तुत की। 

अब वे इस तस्वीर के पीछे संघर्ष की ‘मनगढ़ंत’ कहानी पूरे मीडिया में सुना रही हैं। रिया का कहना है कि जब उन्होंने देखा कि प्रदर्शनकारियों को पुलिस वैन में भरकर ले जाया जा रहा है, तो वह पुलिस वैन के आगे आकर उसे रोकने लग गईं। और हैरानी की बात तो यह है कि तभी उनके कैमरामैन ने वो तस्वीर खींच ली, जिसे शेयर कर अब ‘महिला शक्ति’ का उदाहरण पेश कर रहे हैं।  

खैर रिया अहीर को प्रदर्शनों में मिली लोकप्रियता से उनके फॉलोअर्स की काउंटिंग अब 275K पहुँच गई है। उनका हालिया कंटेन्ट बेशक CJP प्रदर्शन की आवाज बनने और वायरल तस्वीर के फेम में दिए गए इंटरव्यू को लेकर हो, लेकिन बात करें उनके सोशल मीडिया के पास्ट रिकॉर्ड की तो उनका कंटेन्ट अधनग्न तस्वीरें अपलोड करना है। यहाँ तक कि ऐसी और तस्वीरें देखनी हैं तो उन्होंने ₹149 का इंस्टाग्राम सब्सक्रिप्शन प्लान भी चालू किया है, जिसमें उनके 9250 सब्सक्राइबर्स भी हैं। कुल बात यह है कि ‘महिला शक्ति’ का उदाहरण बनने वाली रिया अहीर सोशल मीडिया पर ‘सॉफ्ट पॉर्न’ बेचती हैं।

कुल मिलाकर, CJP का यह प्रदर्शन सिर्फ सड़कों पर हुआ एक आंदलन नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया के लिए एक ऐसा मंच बन गया, जहाँ कई नए इंफ्लुएंसर्स पैदा हो गए। इन लोगों ने आंदोलन के हर पल को कंटेन्ट बनाया और देखते ही देखते लाखों लोगों तक अपनी पहुँच बना ली। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि ये लोग वायरल कैसे हुए, बल्कि इससे भी बड़ी सवाल यह है कि वायरल होने के बाद ये अपने उस प्रभाव का इस्तेमाल किस मकसद के लिए कर रहे हैं।

इनमें से कोई ‘अंबेडकरवाद’ के नाम पर अपनी बात रख रहा है, कोई ‘फ्री फिलिस्तीन’ जैसे मुद्दों को आगे बढ़ा रहा है, कोई हिंदुओं के खिलाफ बयान देकर लोकप्रियता कमा रहा है, तो कई LGBTQ की राजनीति को अपनी पहचान बना रहा है। हर किसी का अपना-अपना एजेंडा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इन सबकी पहुँच अब लाखों युवाओं तक हो चुकी है। ऐसे में इनके हर वीडियो और हर बयान का असर भी उतनी ही तेजी से फैल रहा है।

यही वजह है कि इस पूरे प्रदर्शन का सबसे बड़ा असर शायद सड़कों पर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर देखने को मिलेगा। इस आंदोलन ने कुछ ऐसे इंफ्लुएंसर्स को जन्म दिया है, जिनकी सबसे बड़ी पहचान किसी उपलब्धि से नहीं, बल्कि विवाद, टकराव और एजेंडा आधारित कंटेन्ट से बनी है। आने वाले समय में ये चेहरे सिर्फ वायरल वीडियो नहीं बनाएँगे, बल्कि लाखों युवाओं की सोच और नैरेटिव को भी प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। यही इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी चिंता है।

NSUI ने किया बिहारी महिला का अपमान : ‘भगाओ इस बिहारन को, मैडम बीड़ी-दारू पीती है, मिथिला से है…’: DUSU की संयुक्त सचिव दीपिका झा को गाली देने वाले कौन, ABVP नेता ने कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI को बताया जिम्मेदार

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2025 में ABVP से संयुक्त सचिव के पद पर जीत हासिल करने वाली दीपिका झा  (साभार: Dainik Bhaskar)
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025 में ABVP से संयुक्त सचिव के पद पर जीत हासिल करने वाली बिहार की दीपिका झा को इंस्टाग्राम पर ट्रोल किया जा रहा है। उन्होंने इसके खिलाफ दिल्ली साइबर पुलिस में FIR दर्ज करवाई है। साथ ही दीपिका झा ने इसके पीछे NSUI का हाथ बताते हुए करारा जवाब दिया है।

इसकी जानकारी खुद दीपिका झा ने एक वीडियो जारी कर दी। वीडियो में दीपिका झा ने कहा, “इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर बदतमीजी की जा रही है। बिहार से जुड़ा ‘बिहारन’ शब्द को गाली की तरह उपयोग किया जा रहा है। तमाम कमेंटबाजों के खिलाफ FIR हो चुकी है। जो-जो लिंक है इस FIR से सबके पास समय से सूचना पहुँच जाएगी।”

दीपिका झा ने नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) पर निशाना साधते हुए कहा, “पूरे NSUI को कह देना चाहती हूँ कि अब करो तुम कमेंट। अब मैं FIR-FIR खेलुँगी। एक लड़की को नीचा दिखाने के लिए तुम इस हद तक गए। तुम चाहते हो कि लड़की शांत होकर घर बैठ जाए। लेकिन नहीं, मैं शांत बैठने वालों में से नहीं हूँ। मैं आप सभी की टाइम-टाइम पर औकात याद दिलाती रहूँगी कि मैं क्या हूँ।”

उन्होंने राज्य के नाम पर बदतमीजी झेलने वालों के साथ खड़े रहने की भी बात कही, “किसी के भी चमचे हो अगर इस तरह का कमेंट दोबारा करा जाएगा तो मैं सदैव खड़ी रहूँगी अपने समाज के साथ, अपने राज्य के साथ और सिर्फ अपने राज्य के साथ ही नहीं अगर किसी को भी उसके राज्य के नाम को गाली की तरह इस्तेमाल किया जाएगा तो मैं सदैव उन लोगों के साथ खड़ी रहूँगी।”

दीपिका झा बताती हैं कि उन्होंने इंस्टाग्राम में पर बदतमीजी के खिलाफ दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में शिकायत कर दी है। वह कहती हैं कि इस शिकायत में कुछ लोगों का नाम शामिल किया गया है, जिनके पास जल्द ही पुलिस का नोटिस पहुँच जाएगा।

इंस्टाग्राम पर लगातार किया जा रहा ट्रोल

दीपिका झा को DUSU चुनाव में संयुक्त सचिव पद पर खड़े होने के साथ उस पद पर जीत हासिल करने तक भी इंस्टाग्राम पर लगातार ट्रोल किया गया। चुनाव अभियान में दीपिका ने कई वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किए, जिस पर ट्रोलर्स ने भद्दे-भद्दे कमेंट्स किए हैं। यहाँ तक की उनके राज्य और उनकी पहचान मिथिला को लेकर भी सवाल उठाए गए।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट में एक ट्रोलर ने लिखा, “भगाओ इस बिहारन को।”

                              दीपिका झा के इंस्टाग्राम पोस्ट पर किए गए कमेंट का स्क्रीनशॉट

एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, “मिथिला से है या पूर्वांचल से है। मतलब वोट के लिए कुछ भी।”

                                         दीपिका झा के इंस्टाग्राम पोस्ट पर किए गए कमेंट का स्क्रीनशॉट

दीपिका झा ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस से हुई झड़प की फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर की तो एक यूजर ने ट्रोल करते हुए लिखा, “मैडम की पार्टी की सरकार और मैडम उनसे ही लड़ रही।”

                                  दीपिका झा के इंस्टाग्राम पोस्ट पर किए गए कमेंट का स्क्रीनशॉट

यहाँ तक की दीपिका झा के चरित्र को मैला करने की भी कोशिश की गई। ट्रोलर्स ने लिखा, “यह दीपिका झा सिगरेट बीड़ी दारू सब पीती है। स्टूडेंट होने के बाद भी और फिर छात्र अध्यक्ष का इलेक्शन लड़ती है और शरीफ होने का ड्रामा करती है।”

NSUI की भद्दी राजनीति

इंस्टाग्राम ट्रोल्स के पीछे दीपिका झा ने NSUI का हाथ बताया है। दीपिका झा ने NSUI को चेतावनी भी दी कि अगर इस बार वो FIR-FIR खेलेंगी। साथ ही दीपिका झा ने अपने वीडियो में यह भी बताया कि इंस्टाग्राम पर भद्दे कमेंट्स करने वाले NSUI के ही ‘चमचे’ हैं।

यह पहली बार नहीं है जब NSUI ने ABVP को नीचा दिखाने के लिए किसी महिला का अपमान किया हो। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2025 में भी NSUI ने भद्दी राजनीति खेली। लगातार ABVP के उम्मीदवारों को निशाना बनाकर बदनाम करने की कोशिश की।

चुनाव प्रचार के दौरान दीपिका झा का एक वीडियो भी वायरल करवाया और दावा किया कि वो सिगरेट पीती हैं। NSUI ने कांग्रेस का प्रोपेगेंडा आगे बढ़ाते हुए दिल्ली चुनाव में ‘वोट चोरी’ के भी आरोप लगाए थे। अब ‘बिहारन’ नाम से गाली दी जा रही है।

लेकिन फिर भी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2025 में ABVP तीन पदों पर परचम लहराया। DUSU के अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर ABVP ने जीत हासिल की। DUSU के नए अध्यक्ष बने आर्यन मान के खिलाफ भी NSUI ने नैगेटिव कैंपने चलाया था।

एक ज्योति, नकाब कई… क्या दानिश पर मर मिटी थी पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाली भारत की यूट्यूबर? क्या पाकिस्तान ज्योति को भारत विरोधियों को परोस रहा था?

गाज़ी जिन्हे मुग़ल बादशाह बताया जाता है भारत पर कब्ज़ा करने अपने साथ फौज नहीं लाए थे क्योकि उनको मालूम था कि वहां बिकाऊ जयचन्द मौजूद हैं। इसी तरह ब्रिटिशर्स को मीर ज़ाफ़र मिल गए।  
यदि आपका सोशल मीडिया से वास्ता है तो शायद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा (Youtuber Jyoti Malhotra) को जानते होंगे। शायद उसके चैनल ‘ट्रैवल विद जो (Travel with JO)’ का वीडियो भी देखा हो। अब खुलासा हुआ है कि यह ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान की जासूस है।

सोशल मीडिया से ही ज्योति ने नाम बनाया। सोशल मीडिया की गतिविधियों से ही वह एजेंसियों की रडार पर आई। उसका सोशल मीडिया प्रोफाइल खँगालते ही आपको एहसास हो जाएगा कि उसके लिए पाकिस्तान जाना और वहाँ के बड़े लोगों से मिल लेना कोई बड़ी बात नहीं थी।

ऐसे में यह सवाल उठता है कि उसके पीछे किसका हाथ है? अब उसके ही एक वीडियो से पता चला है कि वह दिल्ली के पाकिस्तानी उच्चायोग में राजनयिक बनकर तैनात उस ISI जासूस एहसान उर रहीम उर्फ दानिश के सीधे संपर्क में थी, जिसे हाल ही में भारत ने देश छोड़ने का आदेश दिया था। दावा यह भी है कि दानिश पर ज्योति मर मिटी थी। यह भी कहा जा रहा है कि दानिश ही ज्योति के पाकिस्तान आने-जाने का खर्च उठाया करता था।

आश्चर्यजनक तौर पर ज्योति को पाकिस्तान का वीजा आसानी से मिल जाता था। वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ की बेटी और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज से उनके बगल में ऐसे खड़ी होकर बतियाती थी, जैसे गहरी यारी हो।

आश्चर्यजनक यह भी है कि जिस पहलगाम में हिंदुओं की इस्लामी आतंकियों ने धर्म पूछ-पूछकर हत्या की थी, वहाँ की उसने अटैक से कुछ महीने पहले ही यात्रा की थी और वीडियो बनाए थे। पहलगाम अटैक के बाद एक वीडियो में उसने पीड़ितों और भारत सरकार को ही इसका जिम्मेदार ठहराने की कोशिश भी की थी।

 सोशल मीडिया पर ट्रैवल व्लॉगर ज्योति के कई चेहरे हैं। कभी वह लग्जरी लाइफ जीती नजर आती है। कभी वह मस्त​क पर चंदन किए धार्मिक स्थल की यात्रा करती दिखती है। लेकिन यह तथ्य बार-बार खटकता है कि हरियाणा के हिसार में 55 गज के एक घर में पली-बढ़ी लड़की अचानक से इतनी शान-शौकत वाली जिंदगी कैसे जीने लगी? भारत के दुश्मन मुल्क की हर जगह उसके पहुँच में कैसे आ गई?

दिल्ली में 20 हजार की नौकरी की, पिता कारपेंटर

ज्योति के यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जो‘ के 3.77 लाख सब्सक्राइबर हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर उसे 1.31 लाख फॉलो करते हैं। उसके वीडियो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है इन्हें बनाने में मोटा खर्च हुआ होगा।

        दुबई घूमने गई ज्योति। यह तस्वीर 25 अक्टूबर 2024 की है। (फोटो साभार: Instagram-travelwithjo)

ज्योति हरियाणा की रहने वाली एक सामान्य घर की लड़की है। उसके पिता हरीश कुमार अभी भी सामान्य नौकरी करते हैं। यूट्यूबर ज्योति का हिसार की न्यू अग्रसेन कॉलोनी में सिर्फ 55 गज का घर है। इसमें तीन छोटे-छोटे कमरे बने हैं। पिता कारपेंटर की नौकरी करते हैं, मगर इस कमाई से घर नहीं चल पाता है। घर का खर्च चाचा की पेंशन से चलता था। ज्योति के माता-पिता का तलाक 20 साल पहले हो चुका है।

                       हरियाणा के हिसार स्थित अग्रेसन कॉलोनी में ज्योति का घर (साभार: DainikBhaskar)

कभी दिल्ली में ज्योति 20 हजार की नौकरी करती थी। कोरोना में नौकरी छूटी और वह हिसार लौट आई। इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना शुरू किया और अचानक से उसकी जिंदगी बदल गई।

सोशल मीडिया पर ‘धार्मिक-देशभक्त’ का नकाब

सोशल मीडिया पर ज्योति खुद को धार्मिक और देशभक्त दिखाने की पूरी कोशिश करती रही है। भारत के लगभग सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों के वीडियो बनाए हैं। देशभक्ति गीतों पर तिरंगे के साथ रील्स भी पोस्ट की है। लेकिन विदेश जाते ही उसका नकाब उतर जाता था।  

पाकिस्तान के करतारपुर कॉरिडोर से लेकर भूटान के फर्टिलिटी टैंपल और ‘कंडोम कैफे‘ तक के उसने आपत्तिजनक वीडियो भी बनाए हैं। इन वीडियो के थंबनेल भी अश्लील हैं।

  इस फोटो में ज्योति केरल एक होटल में हैं। तस्वीर इसी साल 19 फरवरी की है (साभार: Instagram-travelwithjo)

यूट्यूब चैनल पर पाकिस्तान के वीडियो की भरमार

ज्योति के यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जो’ पर पाकिस्तान के कई वीडियो हैं। इनमें वहाँ की बस, ट्रेन, बाजार और संस्कृति को दिखाया गया है। इनमें ‘Indian Girl in Pakistan‘, ‘Indian Girl Exploring Lahore‘,’Indian Girl Ek Qatal Raaz Temple‘, ‘Indian Girl Rides Luxury Bus in Pakistan‘नाम से कई वीडियो हैं।

पाकिस्तान में कैसे बनाया नेटवर्क?

ज्योति ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि वह साल 2023 में पाकिस्तान का वीजा लगवाने दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन गई थी। वहाँ उसकी मुलाकात पाकिस्तानी अधिकारी अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई। दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और बातचीत शुरू हो गई। इसके बाद ज्योति ने दो बार पाकिस्तान की यात्रा की। वहाँ दानिश के जानकार अली अहयान से मिली, जिसने उसके ठहरने और घूमने-फिरने का इंतजाम किया।

पाकिस्तान में अली अहयान ने उसे पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया अधिकारियों से मिलवाया। यहीं पर ज्योति की मुलाकात शाकिर और राणा शहबाज से भी हुई। शाकिर का नंबर उसने भारत लौटकर ‘जट रंधावा’ नाम से सेव कर लिया ताकि किसी को शक न हो। भारत लौटने के बाद वह व्हाट्सएप, स्नैपचैट और टेलीग्राम जैसे ऐप्स से लगातार पाकिस्तान से संपर्क में रही और देशविरोधी सूचनाएँ साझा करती रही।

दानिश की इफ्तार पार्टी की ‘खास मेहमान’

साल 2024 में ज्योति को पाकिस्तान हाई कमीशन से इफ्तार पार्टी का खास निमंत्रण मिला। वहाँ वह चीनी अधिकारियों से भी मिली। ज्योति ने इस कार्यक्रम का वीडियो खुद शेयर किया था, जिसमें वह दानिश के काफी नजदीक नजर आई। दानिश ने उसे पार्टी में रिसीव किया। वहाँ मौजूद अन्य मेहमानों से परिचय कराया और अपनी बीवी से भी मिलवाया।
इस 15 मिनट के वीडियो में ज्योति पाकिस्तान की व्यवस्था की तारीफ करती दिख रही है। वहाँ मौजूद भारतीयों से बातचीत कर रही है और पूछ रही है कि पाकिस्तान जाकर कैसा अनुभव रहा। आखिर में वीडियो का समापन दानिश और ज्योति मिलकर करते हैं। इसमें दानिश ने पार्टी में आने के लिए ज्योति का आभार भी जताया।
                 इफ्तार पार्टी में दानिश के साथ यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा (साभार: Youtube/Travel with JO)
ज्योति की पाकिस्तान हाई कमीशन में तैनात दानिश से बार-बार मुलाकात होती रही। पूछताछ में यह सामने आया कि दानिश, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी का एजेंट था। भारत सरकार ने 13 मई 2025 को उसे अवांछित व्यक्ति घोषित कर देश छोड़ने का आदेश दिया था।

दानिश के हाथों में खेल रही थी ज्योति?

दानिश का मकसद सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान की अच्छी छवि दिखाना और भारत विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देना था। इसी काम में उसने ज्योति का इस्तेमाल किया। ज्योति ने अपने सोशल मीडिया चैनलों पर ऐसे वीडियो और पोस्ट डाले हैं जिनका मकसद पाकिस्तान के पक्ष में माहौल बनाना है।
खुलासा हुआ कि दानिश भारत के कई अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के संपर्क में भी था, जिन्हें उसने पैसे और सुविधाएँ देकर अपने पक्ष में किया। खासकर पहलगाम हमले के बाद जब भारत में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा था, तब दानिश की रणनीति थी कि सोशल मीडिया पर पाकिस्तान को शांतिप्रिय देश बताया जाए। ज्योति ने इस प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

जब मरियम नवाज की बगलगीर बनी ज्योति

पाकिस्तान पंजाब की पहली महिला मुख्यमंत्री मरियम नवाज का इंटरव्यू भी ज्योति ले चुकी है। गुरुद्वारा करतारपुर साहिब कॉरिडोर में मरियम नवाज के बगल में वह दिखाई पड़ती है।
गुरुद्वारा करतारपुर साहिब कॉरिडोर में सीएम मरियम नवाज का इंटरव्यू लेती ज्योति (साभार: Youtube/Travel with JO)
दोनों काफी सहज अंदाज में बातचीत करते नजर आते हैं। 42 मिनट का यह वीडियो अप्रैल 2024 का है, जिसे 7.53 लाख दर्शक देख चुके हैं और करीब दो हजार कमेंट आए हैं। वीडियो में ज्योति कहती नजर आ रही कि वह यहाँ दूसरी बार आई हैं और यहाँ आकर उन्हें बहुत अच्छा महसूस होता है।

पाकिस्तान-चीन यात्रा के बाद हुआ शक

साल 2024 में ज्योति ने दो महीने के भीतर पाकिस्तान और चीन का दौरा किया। इसके बाद वह सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आई। वह 17 अप्रैल को पाकिस्तान गई। 15 मई को भारत वापस लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून 2024 को वह चीन चली गई। 09 जुलाई 2024 तक चीन में रही। फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल में काठमांडू पहुँच गई।
   चीन की यात्रा के दौरान फ्लाइट में एयर होस्टेस के साथ ज्योति ने ली तस्वीर (साभार:  Instagram-travelwithjo)
इन यात्राओं के देखते हुए जाँच एजेंसी के अधिकारी अलर्ट हो गए। वह ज्योति को ट्रैक करने लगे। पुख्ता सबूत मिलते ही 15 मई 2025 को सुबह 9 बजे पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा। पिता और चाचा के मोबाइल जब्त कर लिए। ज्योति को थाने लेकर आई और पूछताछ की। रात 9 बजे उसे घर वापस भेज दिया। 17 मई को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

ISI के संपर्क में थी ज्योति?

फिलहाल ज्योति को पाँच दिन की रिमांड में लेकर पूछताछ की जा रही है। हिसार DSP कमलजीत ने बताया कि ज्योति पर अधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और BNS 152 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा उसके मोबाइल और लैपटॉप से कई संदिग्ध सामग्री मिली है।
SP शशांक कुमार सावन ने पुष्टि की कि ज्योति ISI के संपर्क में थी। उसकी आय और खर्च में भारी अंतर है। बैंक खाते और सोशल मीडिया गतिविधियाँ खंगाली जा रही हैं। कुछ और सोशल मीडिया यूज़र्स भी जाँच के घेरे में है।

मोहम्मद शमी की बेटी ने खेली होली, रंग-गुलाल वाली तस्वीर देख गाली देने लगे इस्लामी कट्टरपंथी: कहा- जाहिल-बेशर्म… रमजान का महीना है शर्म करो

                                           मोहम्मद शमी की बेटी को होली खेलने पर ट्रोल किया गया
भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी लगातार इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। इस बार कट्टरपंथियों ने उनकी बेटी को अपना निशाना बनाया है। मोहम्मद शमी की बेटी के होली खेलने को लेकर कट्टरपंथी भड़क गए हैं रमजान, इस्लाम, इल्म आदि का ज्ञान दे रहे हैं। शमी की बेटी से जुमे की नमाज का समय पूछा जा रहा है, उनकी परवरिश पर प्रश्न उठाए जा रहे हैं।

इस्लामी कट्टरपंथियों का यह गुस्सा मोहम्मद शमी की पूर्व पत्नी हसीन जहाँ की एक पोस्ट पर निकला है। हसीन जहाँ ने शुक्रवार (14 मार्च, 2025) को अपनी बेटी आयरा शमी की एक फोटो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा की थी। इसमें दिखता है कि आयरा रंग खेल कर आई हैं। 

आयरा के कपड़ों और चेहरे आदि पर रंग-गुलाल लगा हुआ था। हसीन जहाँ ने इसी फोटो के साथ होली की शुभकामनाएँ भी दी। इसी फोटो को देखने के बाद इस्लामी कट्टरपंथी भड़क गए और हसीन जहाँ तथा उनकी बेटी को लेकर बुरा भला कहने लगे।

 जुनैद नाम के एक व्यक्ति ने शमी की बेटी की फोटो पर लिखा, “जुमे की नमाज पहले पढ़ी है या बाद में?”

वहीं एक और अकाउंट ने लिखा, “रमजान मंथ है यार शर्म करो।”

इमरान शेख ने हसीन जहाँ पर प्रश्न उठाए और कहा, “वाह क्या तालीम दी है बेटी को!”

कुछ कट्टरपंथियों ने गालियाँ तक लिखीं और चाकू-बन्दूक वाले इमोजी कमेन्ट किए।

शमी की बेटी को इस्लाम सिखाने वालों ने उनकी माँ हसीन जहाँ को भी इसमें घसीट लिया। उनको बेशर्म और जाहिल करार दिया गया।

अब्दुल कलाम ने लिखा, “जाहिल औरत को रमजान महीने में भी शर्म नहीं आई, मैं इसे अभी ब्लॉक कर रहा हूँ।”

साकिब आलम ने लिखा, “बेशर्म औरत *सी।’ रहेब नाम के एक शख्स ने यह पूछ लिया कि आखिर वह मुस्लिम हैं भी या नहीं।

यह कोई पहला मौक़ा नहीं है जब मोहम्मद शमी इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर आए हों। हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान उन्होंने ग्राउंड पर जूस पी लिया था। इसके बाद इस्लामी कट्टरपंथी भड़क गए थे। उनकी यह तस्वीर सामने आने के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उन्हें गुनहगार बताया था।

मौलाना ने कहा था, “इस्लाम ने रोज़े को फर्ज़ करार दिया है। सभी पर रोज़ा फर्ज़ है। अगर कोई जानबूझकर रोज़ा नहीं रखता, तो वह गुनहगार है। ऐसा ही क्रिकेटर मोहम्मद शमी ने किया। उन्होंने रोज़ा न रखकर बहुत बड़ा गुनाह किया है। शरिया की नज़र में यह कटघरे में खड़े हैं और मुजरिम हैं…।”

मोदी की विदाई करवाने वाले मार्क जुकरबर्ग लताड़ पड़ते ही META लगा गिड़गिड़ाने: कहा- अनजाने में हुई गलती के लिए माफ करें, भारत हमारे लिए महत्वपूर्ण देश

                           जुकरबर्ग के बयान पर मेटा ने माफी माँगी है (फोटो साभार: India TV)
2024 में भारत और अमेरिका में हुए चुनावों में मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प के विरोधियों में कोई फर्क नहीं था, दोनों देशों में एक ही नारे थे। यानि जॉर्ज सोरोस और Deep State के हाथों बिकाऊ या कहा जाए भिखारी विपक्ष कठपुतली बन दोनों देशों की जनता को गुमराह करती रही। ट्रम्प के सत्ता संभालने से पहले ही भगदड़ शुरू हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही इन भारत विरोधी विपक्ष को "बटोगे तो कटोगे" नारा देगा चारों खाने चित करना शुरू कर दिया था। और योगी के इस नारे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "एक रहोगे तो safe रहोगे" कहकर चार चाँद लगा दिए। इन नारों को साम्प्रदायिक बताने वालों को जवाब देने का भारत में समय आ गया है। इन नारों को साम्प्रदायिक बताने वालों वोट के माध्यम से पूछना चाहिए कि ट्रम्प के सत्ता संभालने से पहले भगदड़ क्यों? 
फेसबुक और इंस्टाग्राम के स्वामित्व वाली कंपनी मेटा ने भारत से माफी माँगी है। मेटा ने अपने सीईओ मार्क जुकरबर्ग के बयान पर सार्वजनिक रूप से यह माफी माँगी है। मेटा ने कहा है कि भारत उसके लिए काफी महत्वपूर्ण है। मेटा की यह माफी उसे आईटी मामलों की संसदीय समिति द्वारा तलब किए जाने के ऐलान के बाद आई है।

मेटा की तरफ से उसके भारत के पब्लिक पॉलिसी के मुखिया शिवनाथ ठुकराल ने यह माफी एक्स (पहले ट्विटर) पर माँगी। उन्होंने अश्विनी वैष्णव के जुकरबर्ग की आलोचना वाले ट्वीट के नीचे इससे सम्बन्धित जवाब दिया है। उन्होंने मार्क जुकरबर्ग के बयान को लापरवाह और अनजाने में दिया गया बताया है।

शिवनाथ ठुकराल ने लिखा, “माननीय मंत्री अश्विनी वैष्णव जी, मार्क का यह कहना कि 2024 के चुनावों में कई मौजूदा पार्टियाँ दोबारा सरकार में नहीं लौटीं, कई देशों के संदर्भ में ठीक है लेकिन भारत के लिए नहीं। हम अनजाने और लापरवाही के चलते हुई इस गलती के लिए माफ़ी चाहते हैं। भारत मेटा के लिए महत्वपूर्ण है और हम इसके इनोवेटिव भविष्य के केंद्र में होने की आशा करते हैं।”

इससे पहले संचार और आईटी मामलों की स्थायी संसदीय समिति के मुखिया निशिकांत दुबे ने इस मामले में मंगलवार (14 जनवरी, 2025) को मेटा को तलब करने का ऐलान किया था। निशिकांत दुबे ने लिखा था, “मेरी कमिटी ग़लत जानकारी फ़ैलाने के लिए मेटा को बुलाएगी। किसी भी लोकतांत्रिक देश की ग़लत जानकारी उसकी छवि को धूमिल करती है। इस गलती के लिए भारतीय संसद से तथा यहाँ की जनता से उस संस्था को माफ़ी माँगनी पड़ेगी।”

इस मामले को लेकर आईटी मामलों के केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने एक ट्वीट में भारत में हुए चुनावों की कुछ जानकारी देते हुए जुकरबर्ग के बयान पर निराशा जताई थी। अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि मेटा के मुखिया का ही गलत जानकारी देते हुए देखना एकदम निराशाजनक है। 

मेटा मुखिया जुकरबर्ग हाल ही में जो रोगन के पॉडकास्ट में गए थे। उनका यह पॉडकास्ट 10 जनवरी, 2025 को रिलीज हुआ था। इस पॉडकास्ट के दौरान ही उन्होंने कंटेंट मॉडरेशन, सरकार पर भरोसा, COVID-19, एल्गोरिदम, सरकारी प्रभाव जैसे मुद्दों पर बात की थी। इसी बीच उन्होंने दावा किया था कि कोविड महामारी के बाद कई देशों की सरकारे गईं और इसी में भारत का उदाहरण दिया। जुकरबर्ग की गलत बयानी के ऊपर भारत में काफी आलोचना हुई थी।

उत्तर प्रदेश : नासर पठान वाली आईडी से महाकुंभ में 1000 हिंदुओं के सर कलम की धमकी: इंस्टाग्राम पर मैसेज में कहा- मा@र9द… ब्लास्ट होगा; जेहादियों साधुओं के संयम की अग्नि-परीक्षा मत लो

                                                        महाकुंभ में साधु संत चालू हो चुके हैं 
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित होने जा रहे महाकुंभ में हिन्दुओं के सर कलम करने और बम ब्लास्ट करने की धमकी दी गई है। यह धमकी नासर पठान नाम की एक इंस्टाग्राम आईडी से दी गई है। आईडी चलाने वाला शख्स खुद को कट्टर मिया और बिहार निवासी बता रहा है। सोशल मीडिया पर उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान चल रहा है।

समय रहते जितने भी मुस्लिम कट्टरपंथी, मुस्लिम संगठन, छद्दम धर्म-निरपेक्ष, संविधान और लोकतंत्र की दुहाई देने वाले इन जेहादियों पर लगाम लगाएं, अन्यथा धमकी सही साबित होने पर इसके दुष्परिणामों पर कोई संविधान या गंगा-जमुनी तहजीब की दुहाई देने न आए। इस महाकुम्भ में अन्य साधुओं के अलावा नागा साधु भी होंगे और नागा साधुओं द्वारा अपना संयम खोने पर उन्हें संभालना बहुत मुश्किल काम होगा। कालचक्र कहाँ घूम जाए कुछ पता नहीं।      

ये जेहादी शायद साधु समाज के श्राप से अनजान हैं। जो 7 नवंबर 1966 को महात्मा कृपालुजी महाराज का तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को गो-हत्या का विरोध कर रहे निहत्ते साधु-संतों के खून से पार्लियामेंट स्ट्रीट लाल हो रही थी, के समय दिया था। उनका श्राप व्यर्थ नहीं गया सार्धक सिद्ध हुआ। समय लगा लेकिन शत-प्रतिशत सार्धक सिद्ध हुआ।    

एक्स पर वायरल एक पोस्ट के अनुसार, नासर पठान नाम से चल रही इस आईडी से एक और व्यक्ति को एक मैसेज भेजा गया। यह मैसेज इंस्टाग्राम पर भेजा गया। इसमें लिखा गया, “रे मा@र9@ हिन्दू तुम सब का सर कलम करूँगा इंशाअल्लाह। तुम लोग का कुंभ मेला आ रहा है ना उसमें देखो कम से कम 1000 सर कलम होगा। ऐसा ब्लास्ट होगा, अल्लाह हू अकबर।”

यह आईडी नासर पठान के नाम से बनी है जबकि इसका यूजर नेम नासर कट्टर मिया (Nasar_kattar_miya) है। आईडी चलाने वाले शख्स से जब उसका पता पूछा गया तो उसने धमकाते हुए खुद को पूर्णिया के भवानीपुर गाँव का निवासी बताया। उसने यह भी कहा कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

इसके बाद इस आईडी के स्क्रीनशॉटस को एक्स (पहले ट्विटर) पर शेयर किया गया। इन स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए प्रयागराज पुलिस से कार्रवाई की माँग की गई है। इसके अलावा बिहार पुलिस से भी इस व्यक्ति पर कार्रवाई के लिए लगातार माँग की जा रही है।

उत्तर प्रदेश में इस मामले का पुलिस ने संज्ञान लेकर आईडी चलाने वाले की जानकारी जुटाना चालू कर दिया है। पुलिस आईडी किस नम्बर और इमेल से बनाई गई, इसका पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस इसके बाद कार्रवाई करेगी।

महाकुंभ को लेकर इससे पहले खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने भी धमकी दी थी। पन्नू ने दावा किया था कि वह इस महाकुंभ में 14 जनवरी, 29 जनवरी और 3 फरवरी, 2025 को हमला करेगा। पन्नू ने दावा किया था कि यह हमला पीलीभीत में मारे गए खालिस्तानी आतंकियों की मौत का बदला होगा।

महाकुंभ में आए साधु संतो को इससे कोई विशेष फर्क नहीं पड़ा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ की सुरक्षा के लिए 35,000 से भी अधिक पुलिस और होमगार्ड के जवानों को तैनात किया है। महाकुंभ क्षेत्र के भीतर 56 चौकियाँ बनाई गई हैं। पूरा क्षेत्र कैमरे से लैस है।

दुबई : शहजादी शेखा महरा ने इंस्टाग्राम पर ही शरिया की उड़ा दी धज्जियाँ : शौहर को छोड़ा, 'I divorce you, I divorce you, I divorce you....Your ex-wife'

                   दुबई की शहजादी ने शौहर को दिया तलाक (फोटो साभार : इंस्टाग्राम_hhshmahra)
दुबई की शहजादी शेखा महरा बिंत मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने इस्लामिक कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए अपने शौहर शेख माना बिन मोहम्मद बिन राशिद बिन माना अल मकतूम को तलाक दे दिया है। इस्लामिक कानूनों के तहत महिला अपने शौहर को तलाक नहीं दे सकती, बल्कि इसके लिए ‘खुला’ की प्रक्रिया अपनाई जाती है। ये तलाक की तरह ही होता है, लेकिन शहदारी महरा ने सोशल मीडिया पर ही अपने शौहर और शरिया कानून दोनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए ‘तलाक…तलाक…तलाक’ बोल दिया है। शहजादी महरा ने तलाक की घोषणा उस समय में की है, जब उन्होंने महज 2 माह पहले ही बेटी को जन्म दिया है।

शहजादी शेखा महरा बिंत मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की ओर से इंस्‍टाग्राम पर किए गए पोस्‍ट से शौहर के साथ उनकी तल्‍खी का अंदाजा लगाया जा सकता है। शेखा महरा ने पोस्‍ट किया, “डियर हसबैंड…आप किसी और के साथ हैं, ऐसे में मैं आपको तलाक देने की घोषणा करती हूँ। मैं आपको तलाक देती हूँ, मैं आपको तलाक देती हूँ और मैं आपका तलाक देती हूँ। अपना ख्‍याल रखें…आपकी एक्‍स वाइफ।” सोशल मीडिया में शेखा महरा के इस ऐलान से खलबली मच गई। लोगों को पहले लगा कि उनके इंस्‍टग्राम अकाउंट को किसी ने हैक कर लिया है, फिर बाद में हकीकत का पता चला। 

शुरुआत में सभी को लगा कि शेखा महरा का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया है, लेकिन बाद में ये साफ हो गया कि उन्होंने अपने शौहर को तलाक दे दिया है और उनकी प्रोफाइल पर पोस्ट उन्हीं के द्वारा किया गया है।

पिछले साल ही मई महीने में इस जोड़े की शादी हुई थी। 12 महीने बाद शेखा महरा ने बेटी को जन्म दिया। इस दौरान शेखा माहरा ने बच्चे को जन्म देने के की खबर साझा की थी। वहीं, कुछ समय पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी बच्ची के साथ पोस्ट किया था और लिखा था ‘सिर्फ हम दोनों।’ तभी से इस बात की चर्चा की जा रही थी कि दोनों के बीच कुछ सही नहीं चल रहा है। हालाँकि शेखा माहरा की तरफ से की गई पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, कई लोग राजकुमारी की तारीफ कर रहे हैं।

हिंदुओं को जब इस्लामी आतंकियों ने मारा तो दोगले इंस्टाग्राम ने ब्लॉक किया #AllEyesOnReasi हैशटैग

                                             रियासी आतंकी हमले पर इंस्टाग्राम का दोहरापन
जम्मू-कश्मीर के रियासी में हुए आतंकी हमले में 10 हिंदू श्रद्धालुओं ने अपनी जान गँवा दी है लेकिन अभी तक किसी भी ‘All Eyes On Rafah’ वाली गैंग ने आतंकी हमले पर कुछ नहीं बोला है। इस घटना ने जहाँ इस गिरोह का दोहरा चेहरा उजागर किया है,वहीं मेटा के इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर हिंदुओं की आवाज दबाने वाले रवैये को भी जगजाहिर किया है। इंस्टा ने अपने प्लेटफॉर्म पर #Alleyesonreasi को ही ब्लॉक कर दिया है।

जी हाँ, अगर आप अपने इंस्टाग्राम से इस हैशटैग के साथ पोस्ट डालेंगे और सोचेंगे कि ये ट्रेंड पकड़ेगा तो ऐसा नहीं होने वाला, क्योंकि इंस्टा ने इस हैशटैग को हाइड किया हुआ है। यानी आप अपने पोस्ट में ##Alleyesonreasi डाल सकते हैं लेकिन जैसे ही इस पर क्लिक करके आप बाकी अन्य पोस्टों को देखेंगे तो आपको कुछ नहीं दिखेगा।

उदाहरण के लिए ऊपर लगाई तस्वी देख सकते हैं। राजस्थान कोठा ने पोस्ट में ये हैशटैग लगाया है, लेकिन जब हमने इनके हैशटैग पर क्लिक किया तो लिखा आया कि ये हैशटैग हिडन हैं। वहीं अब अगर यही चीज हम राफाह वाले हैशटैग के लिए देखें तो पाएँगे कि वो हैशटैग भी एक्टिव है और उसपर डाले गए पोस्ट भी साफ दिख रहे हैं। करीबन 295481 पोस्ट इस पर किए गए हैं।

कई इंस्टाग्राम यूजर जो रियासी पर इस हैशटैग को डाल रहे थे, उन्होंने इस समस्या को अपनी टाइमलाइन पर उठाया है। जैसे मधुर सिंह लिखते हैं- “ये इकोसिस्टम इतना ताकतवर है कि इन्होंने #Alleyesonreasi को ही ब्लॉक करवा दिया है। देख सकते हैं कि सर्च सेक्शन में मधुर ने भी हैशटैग डाला है लेकिन दिखाई कुछ नहीं दे रहा। सिर्फ स्क्रीन पर लिखा है- ये हैशटैग हिडन है।”

अवलोकन करें :-

जम्मू : शिव खोड़ी से लौट रहे श्रद्धालुओं पर लश्कर-ए-तैयबा ने किया हमला

इस पोस्ट को देखने के बाद अब लोग कह रहे हैं कि आईटी मंत्रालय को इस मामले में एक्शन लेना चाहिए। वहीं कुछ लोग हैरान है कि ये इकोसिस्टम हिंदुओं से कितनी घृणा करते हैं कि 10 लोगों की मौत होने के बावजूद ये नहीं चाहते ये आतंकी हमले की जानकारी दुनिया के सामने आए।

यह स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति नहीं है, रफाह के लिए आंसू बहाने वालों को वहां छोड़ आना चाहिए; Bollywood गद्दारों की जमात बन गया है

नुसरत भरुचा 
सुभाष चन्द्र

फिल्म ‘लव, सेक्स और धोखा’ (2010) से चर्चा में आईं अभिनेत्री नुसरत भरुचा ने भी कई अन्य सेलेब्स की तरह फिलिस्तीन के लिए इंस्टाग्राम स्टोरी लगाई है। ‘All Eyes On Rafah’ वाली इस इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए गाजा पट्टी में स्थित रफ़ा में इजरायल के हमले की निंदा की गई है। हम यहाँ नुसरत भरुचा का जिक्र इसीलिए कर रहे हैं, क्योंकि जब अक्टूबर 2023 में फिलिस्तीन स्थित हमास के आतंकियों ने इजरायल में घुस कर 1100 निर्दोषों को मार डाला था और यहूदी मुल्क पर 5000 रॉकेटों से हमला किया गया था, तब वो इजरायल में ही थीं।

लेखक 
चर्चित Youtuber 
अभिनेत्री नुसरत भरूचा, एक दाउदी बोहरा मुस्लिम, उसी म्यूजिक फेस्टिवल में थी जहां हमास ने इज़रायल में बर्बर हमला किया था जिसमें 1400 निर्दोष इज़राइली नागरिक मारे गए थे और यह लड़की 2 दिन तहखाने में छुपी रही। इसके परिवार ने भारत सरकार से मदद मांगी और इज़रायल ने इसे इसे ढूंढ कर भारत सकुशल भेजा। वापस आकर इसने खुद बयान किया किस मुश्किल में थी ये और बच कर आना कठिन था।

होटल के बेसमेंट में ही वो शेल्टर बना हुआ था। होटल से 2 किलोमीटर की ही दूरी पर भारतीय दूतावास स्थित था, लेकिन उस समय ये दूरी तय करनी भी खतरे से खाली नहीं थी। नुसरत भरुचा होटल के शेल्टर से ही मदद के लिए लोगों को फोन कॉल कर रही थीं। उनका कहना था कि उस दौरान इजरायल और भारत के दूतावासों ने उनकी मदद की। इजरायल के एक टैक्सी ड्राइवर ने उनकी मदद की, वहाँ के फ़िल्मी लोगों ने कॉल किया, होटल के कर्मचारियों ने उनका ख्याल रखा।

जब नुसरत भरुचा वहाँ से लौटी थीं, तब उन्हें टैग कर के मुंबई स्थित इजरायली दूतावास ने लिखा भी था कि हम आपको अकेले नहीं छोड़ेंगे। नुसरत भरुचा को उस दौरान एयरपोर्ट ले जाया गया था और किसी अन्य देश की फ्लाइट में उन्हें बिठाया गया। उन्होंने खुद बताया था कि उस दौरान कई बार वो रोने लगती थीं। उन्होंने भारत सरकार के साथ-साथ तब इजरायल को भी धन्यवाद दिया था। ‘सोनू के टिट्टू की स्वीटी’ (2018) और ‘राम सेतु’ (2022) में काम कर चुकीं अभिनेत्री अब इजरायल के विरोधी फिलिस्तीन के लिए इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगा रही हैं।

ये अहसानफरामोश नुसरत आज हमास के समर्थन में खड़ी है और पोस्ट लिख रही है। अगर इसका काम तमाम हो गया होता तो इसके परिवार को कैसा लगता जो आज इसकी हरकतों पर खामोश हैं। इसे नहीं भूलना चाहिए कि कल ऐसी हालत फिर खड़ी हो गई, तब सरकार भी कुछ नहीं करेगी।

कांग्रेस ने अपने manifesto में हमास को समर्थन देने की बात कही थी और राहुल गांधी की भाजपा जीत के बाद देश को आग लगाने की धमकी को देख कर लगता है, गृह युद्ध की तैयारी हो चुकी या देश को दंगों के आग में झुलसाने की तैयारी है। ऐसा इसलिए लग रहा है क्योंकि Bollywood और Cricket जगत के कुछ सिरफिरे देश में दंगे भड़काने की लिखी गई इबारत को पूरा करने में लगे हैं। ये निर्लज्ज कश्मीर में हुए हिंदुओं के नरसंहार पर खामोश थे और फिल्म The Kashmir Files को मनघडंत कहानी बता रहे थे लेकिन आज ये आतंकी हमास के साथ खड़े हैं और रफाह के लिए टसुए बहा रहे हैं।

Bollywood के इन निर्लज्जों में शामिल हैं माधुरी दीक्षित, वरुण धवन, सोनम कपूर, सोनाक्षी सिन्हा, मलाइका अरोड़ा, यो यो हनी सिंह, नोरा फतेही, कृति खरबंदा, रश्मिका मंधाना, रकुल प्रीत, काजल अग्रवाल, सैफ अली का बेटा इब्राहिम अली और क्रिकेट जगत के चहल की बीवी धनश्री वर्मा, रोहित शर्मा की बीवी रितिका सजदेह और यहां तक मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी और कई अन्य और, इन सभी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पोस्ट करते हुए एक ही तरह की फोटो शेयर की है।

भारत सरकार जिस संगठन को आतंकी मानती है, उसके साथ जाने का कोई औचित्य नहीं है। इस बेशर्म लोगों ने उस दिन एक आंसू नहीं बहाया था जब हमास ने इजरायल पर हमला किया था, हमास के दरिंदों ने अल्लाहु अकबर का नारा लगाते हुए 40 बच्चों की गर्दन रेतकर हत्या कर दी, दर्जनों बच्चों को जिन्दा जला दिया, एक महिला को दो दिन भूखा रख कर बाद में मांस भात खाने को दिया और फिर उसे बताया कि जो मांस उसने खाया, वो उसके अपने बच्चे का था। इन्हें याद नहीं हमासी दरिंदों ने एक महिला को अर्धनग्न हालत में खुले ट्रक में रेप करके सड़कों पर घुमाते रहे।

ये Bollywood के लोग हमास के समर्थन में खड़े होकर खुद दरिंदे बन गए हैं। इन्हे गाज़ा के लिए आंसू बहाने हैं या रफाह के लिए, कुछ भी करें लेकिन वहां जाकर करें। अब भारत सरकार को चाहिए इन सबकों प्लेन में बिठाकर रफाह भेज दे। या मोसाद को चाहिए इन्हे उठा कर ले जाए। अब देश को ऐसी गद्दारी सहन नहीं करनी चाहिए। किसी को इन Bollywood वालों को sound कर देना चाहिए कि सरकार तुम्हे रफाह भेजने पर विचार कर सकती है।

चुनाव नतीजे आने के बाद यदि कहीं भी दंगे भड़काए जाते हैं तो सबसे पहले राहुल गांधी को UAPA में बंद कर देना चाहिए उसके बयान के आधार पर और सभी दलों के प्रमुख नेताओ पर हंटर चला देना चाहिए। गृह युद्ध की कोशिस की जाए तो सेना लगा कर कुचल देना चाहिए। CAA और किसान आंदोलन की तरह अब सहन नहीं होना चाहिए।