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पंजाब सरकार ने फोरेंसिक एक्सपर्ट को 10 लाख रूपए देकर भगवंत मान के बेअदबी वाले असली वीडियो को फर्जी बताया, पुलिस ने खुद बनवाई नकली रिपोर्ट: हरियाणा पुलिस ने 2 को किया गिरफ्तार

        भगवंत मान की विवादित वीडियो को फर्जी बताने के लिए पंजाब सरकार ने फोरेंसिक एक्सपर्ट को दी गई घूस
विवादों से जन्मी अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी लगता है विवादों से ही ख़त्म हो जाएगी। दिल्ली में सत्ता में रहते नितरोज कोई नया विवाद चलता रहता था लेकिन जनता मुफ्त की रेवड़ियों में केजरीवाल पार्टी को वोट देती रही। अब जिस तरह पंजाब में बेअदबी के असली वीडियो को राज्य सरकार फर्जी बताने में शामिल बताई जा रही है, बंगाल में ममता की सरकार और पंजाब में केजरीवाल सरकार की कार्यशैली में कोई फर्क नहीं। 

अगर अकाल तख़्त इस मुद्दे को गंभीरता से लेती है भगवंत सिंह मान ऐसी मुसीबत में फंस जायेंगे जहाँ से इनका निकलना बहुत मुश्किल हो सकता है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों सिख गुरुओं की बेअदबी वाले वीडियो को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। वीडियो में सिख गुरुओं और भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक हरकतें करते दिख रहे हैं। इस वीडियो को फर्जी साबित करने के लिए अब पूरी पंजाब पुलिस विवादों में है। हरियाणा के एक फोरेंसिक एक्सपर्ट ने दावा किया है कि पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने ₹10 लाख का लालच देकर वीडियो को फर्जी साबित करने को कहा था।

 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हरियाणा के एक साइबर-फ़ोरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत ने दावा कि 15 जून 2026 को पंजाब पुलिस के अधिकारी बनकर कुछ लोग उनके पास आए और उनसे ऐसी रिपोर्ट बनवाने को कहा जो साबित करे कि सीएम भगवंत मान का यह वीडियो AI से बना हुआ फर्जी वीडियो है। जसप्रीत ने आरोप लगाया कि उन्हें फाइव स्टार क्राउन प्लाजा होटल में बुलाया गया और उनकी गाड़ी में जबरदस्ती ₹10 लाख नकद रखे गए। होटल का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

जसप्रीत ने विरोध किया तो उन्हें सिरसा के अरुण महेंद्रा और जींद के अंकित से मिलवाया गया, जिन्हें अधिकारियों ने पेन ड्राइव सौंपी थी।

हरियाणा पुलिस ने जसप्रीत की शिकायत के आधार पर इन दोनों को 23 जून 2026 को गुड़गाँव के सेक्टर 29 से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि अरुण हरियाणा सरकार का ही एक कर्मचारी है और अंकित दिल्ली सरकार में कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड कर्मचारी है।

वहीं शिरोमणि अकाली दल के महासचिव विक्रम सिंह मजीठिया ने भी कहा कि पंजाब पुलिस के कर्मचारी सीएम भगवंत मान की फर्जी वीडियो तैयार करने में शामिल थे। उन्होंने एक व्हाट्सऐप चैट भी शेयर की है, जिसमें फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का दावा किया गया है। उन्होंने फॉरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत की वीडियो शेयर करते हुए बताया कि पंजाब पुलिस लगातार उसे धमकियाँ दे रही है।

इसके अलावा दिल्ली के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने भी इस विवाद को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “…भगवंत मान चुप रहे, अरविंद केजरीवाल भी चुप रहे, और आज उन लोगों को गिरफ़्तार किया गया और उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया जिन्होंने यह फ़ोरेंसिक रिपोर्ट दी थी… जिस तरह से इतना बड़ा गुनाह किया गया है और पैसे व पुलिस की मदद से इसे दबाने की कोशिश की गई है, उसे चुनौती दी गई है।” उन्होंने पंजाब के सीएम भगवंत मान के खिलाफ केस दर्ज करने की भी माँग की है।

कुछ समय पहले एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो को लेकर दावा किया गया कि इसमें दिख रहा शख्स सिख गुरुओं और भिंडारवाले की तस्वीरों के साथ कुछ आपत्तिजनक हरकतें करता दिखाई दे रहा है। इस पर सिख संगठनों और अकाल तख्त ने सीएम मान को खालसा पंथ विरोधी करार दिया था।

केरल : गाँव की 150+ औरतों की नग्न तस्वीर इंस्टाग्राम पर डाली, साथ पढ़ने वाली लड़कियों से लेकर चर्च आने वाली महिलाएँ तक शिकार; जैकब-जोसेफ-लुकोस गिरफ्तार

                         जस्टिन (बाएँ), शिबिन (बीच में) और एबिन (दाएँ) (चित्र साभार: Onmanoram)
केरल के कासरगोड जिले के एक गाँव में तीन युवकों ने मिलकर अपने ही गाँव की 150 से अधिक महिलाओं की फर्जी नग्न तस्वीरें बनाईं। इन तीनों ने यह तस्वीरें बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सहारा लिया। तीनों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

ऑनमनोरमा की एक रिपोर्ट के अनुसार, कासरगोड के चित्तरीक्क्ल थाने की पुलिस ने जस्टिन जैकब, एबिन जोसेफ और शिबिन लुकोस को गिरफ्तार किया है। यह तीनों पिछले डेढ़ साल से अपने गाँव की महिलाओं की नग्न तस्वीरें बना रहे थे। इन्होंने इन तस्वीरों को एक निजी इन्स्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया था, जिसे गिने चुने लोग ही देख सकते थे।

यह अपने गाँव और आसपास की महिलाओं की फोटो सोशल मीडिया से लेते थे और AI सॉफ्टवेयर के माध्यम से एडिट करते थे और उनकी नग्न तस्वीरें बनाते थे। जिन महिलाओं की तस्वीरें सोशल मीडिया के माध्यम से नहीं मिलती थी, उनकी यह फोटो अपने कैमरे से खीँच लेते थे।

इन तीनों ने अपने साथ पढ़ने वाली कम से कम 40 छात्राओं की फोटो भी एडिट करके नग्न तस्वीरें बनाई थी। यह रविवार को प्रार्थना के लिए चर्च आने वाली महिलाओं को भी निशाना बनाते थे। इनके इस कृत्य से अब गाँव की महिलाओं में दहशत फ़ैल गई है।

इस पूरे मामले का खुलासा इनके एक दोस्त के माध्यम से हुआ। दरअसल, तीनों आरोपितों में से एक सिबिन का एक दोस्त एक बार उससे मिलने आया। यहाँ उसने सिबिन के फोन में अपनी एक रिश्तेदार की अश्लील फोटो देखी, इसके बाद उसने जब पड़ताल की तो सैकड़ों ऐसे फोटो पाए।

उसने इस बात की सूचना अपनी रिश्तेदार और पुलिस को दी। इसके बाद जब पुलिस ने तीनों पर कार्रवाई की तो सिबिन और एबिन ने अपने फ़ोन से फोटो हटा दिए जबकि जस्टिन के फोन में यह फोटो पड़ी थीं। इसी आधार पर तीनों को पकड़ लिया गया।

तीनों आरोपितों में से एबिन इस वर्ष कक्षा 12 की परीक्षा में फेल हो गया था। जबकि शिबिन और जस्टिन बसों को धोने का काम करते हैं। पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार करके आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है। अभी तक चार शिकायतकर्ता सामने आए हैं जबकि कई और के सामने आने की बात कही जा रही है।