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पंजाब में 2 जासूस गिरफ्तार, भारतीय सेना की सूचना पाकिस्तान भेज रहे थे: अमृतसर में ड्रोन से भेजे हथियार बरामद


पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने मिलकर भारत की सुरक्षा को निशाना बनाने वाली दो खतरनाक साजिशों को नाकाम कर दिया। पहला मामला मलेरकोटला का है, जहाँ पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया। ये लोग भारतीय सेना की गोपनीय जानकारी लीक कर रहे थे।

यह मामला नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग से जुड़े एक अधिकारी से संबंध रखने वाले जासूसी नेटवर्क की जाँच के दौरान सामने आया। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर पहले एक जासूस पकड़ा गया, फिर पूछताछ में दूसरे की गिरफ्तारी हुई। दोनों ने ऑनलाइन पैसे लेकर संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी हैंडलर को दी। पुलिस ने दो मोबाइल फोन बरामद किए और मामला दर्ज कर लिया।

दूसरा मामला अमृतसर के चक बाला गाँव का है, जहाँ बीएसएफ और पुलिस ने ड्रोन से पाकिस्तान से भेजे गए हथियार और विस्फोटक जब्त किए। इसमें दो पिस्तौल, चार मैगजीन, 30 कारतूस, दो हथगोले, डेटोनेटर, रिमोट डिवाइस, चार्जर, आठ बैटरी, ब्लैक बॉक्स और 1 किलो आरडीएक्स शामिल है।

 

इस मामले में सुरक्षा कानूनों के तहत केस दर्ज हुआ। पंजाब पुलिस और बीएसएफ की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया।

पंजाब : ‘माँ का दूध पीया है तो आकर दिखाए पन्नू, औकात बता दूँगी’: दुर्ग्याणा मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी पर लक्ष्मी कांता चावला , पूर्व मंत्री, बोलीं- मैं गुरु तेगबहादुर की बेटी

साभार: लक्ष्मी कांता चावला फेसबुक/ livehindustan.com
पंजाब की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और दुर्ग्याणा मंदिर कमिटी की अध्यक्ष लक्ष्मी कांता चावला ने खालिस्तानी आतंकी और अलगाववादी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। 26 जनवरी को एक बार फिर मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी भरा कॉल आने के बाद भाजपा नेता चावला ने कहा कि अगर पन्नू में हिम्मत है तो वह दुर्ग्याणा मंदिर आकर दिखाए।

83 साल की लक्ष्मी कांता चावला पंजाब सरकार की पूर्व कैबिनेट मंत्री रही हैं। अभी वह बीजेपी की सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। राजनीति में आने से पहले वह एक कॉलेज लेक्चरर थीं। साल 2022 में 496 वोट पाकर वह श्री दुर्ग्याणा मंदिर की पहली महिला प्रधान बनी थीं। उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस पार्टी के समर्थक रमेश शर्मा को सिर्फ 350 वोट मिले थे।

दरअसल दुर्ग्याणा मंदिर कमिटी के प्रबंधक राम पाठक ने कहा कि 25 जनवरी 2024 को धमकी भरे दो फोन कॉल आए। पाठक ने मीडिया को बताया कि कॉल करने वाले ने मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी है। इसके साथ ही कमिटी की अध्यक्ष लक्ष्मी कांता चावला और सचिव अरुण खन्ना को गोली मारने की भी बात कही गई।

इस धमकी का जवाब अब अयोध्या राम मंदिर से लौटकर आई लक्ष्मी कांता चावला ने दिया है। उन्होंने कहा है कि खालिस्तानी आतंकी पन्नू की धमकियों पर उन्हें तरस आता है। वह लाइमलाइट में रहने के लिए ये सब करता है। उन्होंने कहा, “हमारा देश इतना मजबूत है कि उसे उसकी औकात बताने में देर नहीं करेंगे, बस एक बार वो भारत आ तो जाए।”

चावला ने आगे कहा कि गुरपतवंत का अर्थ ‘गुरु के उपदेश का मान रखने वाला’ होता है। उन्होंने कहा, “पन्नू सिख भी नहीं है। अगर वह सिख होता तो युवाओं को गुमराह कर और पैसों का लालच देकर गलत काम नहीं करवाता। उसे पैसे मिल रहे हैं। कोई विदेशी एजेंसी उससे ये करवा रही है। विदेश में बैठ वो देश का माहौल खराब करना चाहता है।”

भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, चावला ने कहा कि अगर पन्नू ने माँ का दूध पीया है तो एक बार दुर्ग्याणा आ जाए। उसे प्रसाद चखाया जाएगा। उससे पूछा जाएगा कि किसके कहने पर ये आग लगाने वाली बातें कर रहा है। उन्होंने कहा कि बीते 40 साल से ऐसी धमकियाँ आ रही हैं, लेकिन वे इससे डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने सलाह दी कि पन्नू को अपना नाम बदल लेना चाहिए।

लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि वो खुद को गुरु तेगबहादुर की बेटी कहती हैं और वो डरने वाली नहीं हैं। पंजाब ने कई साल संताप झेला है। उन्होंने कहा कि पन्नू को अब समझ जाना चाहिए कि पंजाब में सांप्रदायिक माहौल नहीं खराब किया जा सकता। उन्होंने देश और पंजाब के युवाओं से गलत कदम नहीं उठाने का भी आग्रह किया।

इससे पहले 22 जनवरी 2024 को खालिस्तान समर्थक पन्नू ने एक वीडियो जारी कर दुर्ग्याणा मंदिर बंद करके इसकी चाबियाँ हरमंदिर साहिब को सौंपने की बात कही थी। इसके बाद अमृतसर पुलिस ने पन्नू के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने पन्नू के खिलाफ देश की एकता, अखंडता और माहौल खराब करने की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट में भी केस दर्ज किया है।

ब्लू स्टार की बरसी पर स्वर्ण मंदिर : हवा में नंगी तलवार, हाथ में भिंडरावाले के पोस्टर और मुँह पर खालिस्तानी नारे

किसान आंदोलन से लेकर पंजाब विधान सभा चुनाव तक खालिस्तान की आवाज़ उठने पर किसी भी पार्टी ने गंभीरता से नहीं लिया, क्योकि उनको मोदी का विरोध जो करना था। मोदी विरोध के आगे उन्होंने देश की शांति और कानून व्यवस्था को ताक पर रख दिया। दूसरे, पंजाब चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी को खालिस्तान समर्थन के समाचार सामने आते रहे हैं। अब जब पंजाब ने जलने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार बनवा दी, जबकि इस पार्टी का चुनाव से पूर्व ही खालिस्तान सम्बन्ध सामने आते रहे हैं।  
पंजाब में खालिस्तान की माँग एक बार फिर से सिर उठ रही है। इसका सबूत 6 जून 2022 को उस समय दिखा जब ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) की बरसी पर स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) के गेट तक पहुँचे सैकड़ों की संख्या में लोगों ने खालिस्तानी नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने अपने हाथों में नंगी तलवारें और खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले (Jarnail Bhindranwale) के पोस्टर लिए हुए थे।

इन लोगों ने जरनैल सिंह भिंडरावाले के बैनर और पोस्टरों को लहराते हुए स्वर्ण मंदिर के अंदर घुसने की कोशिशें की, लेकिन उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। 42 सेकंड के वीडियो में सैकड़ों सिखों को हाथों में नंगी तलवारें और पोस्टर लेकर नारेबाजी करते देखा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि आज ही के दिन 38 साल पहले (6 जून 1984) सेना का ऑपरेशन ब्लू स्टार समाप्त हुआ था। इस दिन सेना ने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में सेना ने आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले को ढेर कर उसे आतंकियों के चंगुल से मुक्त कराया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के बीच कट्टरपंथी संगठनों ने अमृतसर में बंद का आह्वान किया है। दल खालसा नाम के कट्टरपंथी संगठन ने हर जगह ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में पोस्टर चस्पा किए हैं। मामले की गंभीरता के मद्देनजर अमृतसर में 7,000 जवानों की तैनाती की गई है। बावजूद इसके खालिस्तानी समर्थक स्वर्ण मंदिर तक पहुँच गए।

भगवंत मान की अकाल तख्त के जत्थेदार संग बैठक

इससे पहले रविवार को पंजाब के सीएम भगवंत मान ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से पहले स्वर्ण मंदिर में माथा टेका और फिर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के साथ बंद कमरे में बैठक की। हालाँकि, अंदर किस तरह की बातें हुई, इसका खुलासा नहीं हो सका।
रविवार को ही कट्टरपंथी सिख संगठनों बब्बर खालसा, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) समेत कई अन्य खालिस्तान समर्थकों ने आजादी मार्च निकाला था। इस दौरान खालिस्तान की आजादी की माँग के नारे लगाए गए थे।