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पंजाब : AAP का नहीं बंदूक का राज! बढ़ रहीं Khalistan समर्थकों की गतिविधियां और नशे का कारोबार

पंजाब में नशे का कारोबार खत्म करने के वादे के साथ आई भगवंत मान सरकार के राज में नशा खत्म होने के बजाए और बढ़ रहा है। हालात इतने ज्यादा बदतर बन रहे हैं कि गुरुद्वारे में ही बेखौफ नशा किया जा रहा है। सरकार की शह के चलते खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। कानून-व्यवस्था का राज खत्म होने का दुष्परिणाम यह हो रहा है आम आदमी पार्टी के पंजाब में बंदूक का राज लौट रहा है। कथित रूप से नशा करने वाली महिला को ही पुलिस को सौंपने के बजाए गुरुद्वारे में ही गोलियों के छलनी कर दिया गया। गोली मारने वाला गुरुद्वारे का ही सेवादार बताया जा रहा है। यह मामला पटियाला के ऐतिहासिक श्री गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब का है। अभी कुछ दिन पहले ही अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में भी एक लड़की को सिर्फ इसलिए जाने नहीं दिया गया, क्योंकि उसके चेहरे पर तिरंगे का टैटू बना हुआ था। सेवादार ने यह कहते हुए रोक दिया कि ये पंजाब है, भारत नहीं। सेवादार न सिर्फ लड़की से चेहरे से तिरंगा हटाने के लिए कहता है, बल्कि उसके साथ बदसलूकी भी करता है।

खालिस्तान समर्थकों को शह के कारण लगातार बिगड़ रहे हैं पंजाब में हालात
पंजाब में मान सरकार के आने के बाद से हालात दिनों-दिन बिगड़ रहे हैं और आए दिन सूबे का माहौल अशांत हो रहा है। पिछले सप्ताह ही अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल के पास करीब पांच दिन में तीन बार ब्लास्ट हो गया। तीसरा ब्लास्ट 11 मई की रात लंगर हॉल के करीब हुआ। कुछ दिन पहले ही दो ब्लास्ट से घबराए स्वर्ण मंदिर मैनेजमेंट ने इसकी पुलिस को सूचना दी और उसने धमाके वाली जगह को सील करने की औपचारिकता पूरी कर दी। पुलिस प्रशासन ने यह तो माना कि धमाके का उद्देश्य शांति भंग करना था !! लेकिन उसके पास इसका कोई जवाब नहीं था कि वो कौन लोग हैं जो ऐसा चाहते हैं। वो कौन लोग हैं जो धमाके पर धमाके करके लोगों की जान-माल को संकट में डाल रहे हैं और उन्हें डरा रहे हैं? दरअसल, आप सरकार में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। इसी साल फरवरी में पहले खालिस्तानी आतंकी अमृतपाल ने गृहमंत्री अमित शाह को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद अपने एक साथी को छुड़ाने के लिए पुलिस थाने पर हजारों समर्थकों के साथ हमला कर दिया था। काफी नौटंकी के बाद वह पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़ पाया।

खालिस्तान समर्थित शक्तियों के दबाव में सारा सरकारी सिस्टम नकारा

पंजाब में आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार के आने के बाद से हालात दिनों-दिन बिगड़ रहे हैं। खालिस्तान समर्थित शक्तियों के दबाव में सारा सरकारी सिस्टम नकारा बना हुआ है, जिसके चलते आए दिन सूबे का माहौल अशांत हो रहा है। यही वजह है कि पिछले सप्ताह अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के नजदीक ही एक के बाद एक धमाके कर माहौल को खराब करने की कोशिश की गई। सिर्फ पांच दिन में ही यहां तीन धमाके हो गए।  दरअसल, आप सरकार में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले इसी साल फरवरी में पहले खालिस्तानी आतंकी अमृतपाल ने गृहमंत्री अमित शाह को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद अपने एक साथी को छुड़ाने के लिए पुलिस थाने पर हजारों समर्थकों के साथ हमला कर दिया था। काफी नौटंकी के बाद वह पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़ पाया।

नशे का कारोबार खत्म करने के वादे के साथ आई आप के राज में गुरुद्वारे में ही नशा
अप पंजाब के पटियाला में गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब के सेवादार ने एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में सेवादार भी जख्मी हुआ है। उसे गोली के छर्रे लगे हैं। सेवादार और श्रद्धालुओं का आरोप है कि पटियाला के ऐतिहासिक श्री गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब के सरोवर के पास बैठकर परमिंदर कौर नाम की महिला शराब पी रही थी। हालांकि यह आरोप अपनेआप में चौंकाने वाला है कि जिस पंजाब में नशे का कारोबार खत्म करने के वादे के साथ आप सरकार आई है, उसके राज में लोग इतने बेखौफ हो गए हैं कि पवित्र गुरुद्वारा साहिब में ही नशा करने लगे हैं। बताते हैं कि जब इस बात की जानकारी सेवादार को लगी तो वह महिला के पास पहुंचा। और महिला को मैनेजर रूम में ले गया। वहां काफी देर तक महिला से पूछताछ के साथ ही समझाइश दी गई।

गुरुद्वारा प्रबंधक के कक्ष में ही सेवादार ने महिला पर चार गोलियां दागी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस दौरान गुरुद्वारे के प्रबंधक के कक्ष में काफी भीड़ एकत्रित हो गई। तभी वहां साथ ही खड़े व्यक्ति ने पिस्टल निकाली और चार गोलियां युवती पर चला दीं। गोली चलाने वाला भी सेवादार बताया जा रहा है। पुलिस ने पटियाला के अर्बन एस्टेट में रहने वाले आरोपी निर्मलजीत सिंह सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा के मुताबिक आरोपी प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार कर हथियार भी बरामद कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी ने किस कारण महिला को गोली मारी, यह अभी जांच का विषय है। हालांकि प्रथम दृष्टया इसे गुरुद्वारा साहिब की मर्यादा तोड़ने से जोड़कर देखा जा रहा है। यह बहुत संवेदनशील मामला है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

स्वर्ण मंदिर का सेवादार का वायरल वीडियो- ये पंजाब है, भारत नहीं !!
दरअसल, पंजाब में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी राज में खालिस्तान समर्थको की दबंगई निरंतर बढ़ती जा रही है। पिछले ही दिनों अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से ही एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो आया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखा कि स्वर्ण मंदिर में एक लड़की को सिर्फ इसलिए जाने नहीं दिया गया, क्योंकि उसके चेहरे पर तिरंगे का टैटू बना हुआ था। वीडियो में स्वर्ण मंदिर का सेवादार यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि ये पंजाब है, भारत नहीं। सेवादार लड़की से बहस करने लगता है और चेहरे से तिरंगा हटाने के लिए कहता है। इतना ही नहीं सेवादार इस दौरान लड़की के साथ बदसलूकी करते हुए भी दिखाई देता है। लोगों का कहना है कि बीटिंग रिट्रीट समारोह के लिए अटारी-वाघा सीमा पर जाने वाले बहुत से लोग अपने चेहरे तिरंगे में रंगवाते हैं। इसके बाद वह स्वर्ण मंदिर भी जाते हैं। ऐसे में लड़की को मंदिर जाने से रोकने पर सोशल मीडिया पर लोग नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

खालिस्तान समर्थित शक्तियों के दबाव में सारा सरकारी सिस्टम नकारा

पंजाब में आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार के आने के बाद से हालात दिनों-दिन बिगड़ रहे हैं। खालिस्तान समर्थित शक्तियों के दबाव में सारा सरकारी सिस्टम नकारा बना हुआ है, जिसके चलते आए दिन सूबे का माहौल अशांत हो रहा है। यही वजह है कि पिछले सप्ताह अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के नजदीक ही एक के बाद एक धमाके कर माहौल को खराब करने की कोशिश की गई। सिर्फ पांच दिन में ही यहां तीन धमाके हो गए।  दरअसल, आप सरकार में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले इसी साल फरवरी में पहले खालिस्तानी आतंकी अमृतपाल ने गृहमंत्री अमित शाह को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद अपने एक साथी को छुड़ाने के लिए पुलिस थाने पर हजारों समर्थकों के साथ हमला कर दिया था। काफी नौटंकी के बाद वह पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़ पाया।

ब्लू स्टार की बरसी पर स्वर्ण मंदिर : हवा में नंगी तलवार, हाथ में भिंडरावाले के पोस्टर और मुँह पर खालिस्तानी नारे

किसान आंदोलन से लेकर पंजाब विधान सभा चुनाव तक खालिस्तान की आवाज़ उठने पर किसी भी पार्टी ने गंभीरता से नहीं लिया, क्योकि उनको मोदी का विरोध जो करना था। मोदी विरोध के आगे उन्होंने देश की शांति और कानून व्यवस्था को ताक पर रख दिया। दूसरे, पंजाब चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी को खालिस्तान समर्थन के समाचार सामने आते रहे हैं। अब जब पंजाब ने जलने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार बनवा दी, जबकि इस पार्टी का चुनाव से पूर्व ही खालिस्तान सम्बन्ध सामने आते रहे हैं।  
पंजाब में खालिस्तान की माँग एक बार फिर से सिर उठ रही है। इसका सबूत 6 जून 2022 को उस समय दिखा जब ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) की बरसी पर स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) के गेट तक पहुँचे सैकड़ों की संख्या में लोगों ने खालिस्तानी नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने अपने हाथों में नंगी तलवारें और खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले (Jarnail Bhindranwale) के पोस्टर लिए हुए थे।

इन लोगों ने जरनैल सिंह भिंडरावाले के बैनर और पोस्टरों को लहराते हुए स्वर्ण मंदिर के अंदर घुसने की कोशिशें की, लेकिन उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। 42 सेकंड के वीडियो में सैकड़ों सिखों को हाथों में नंगी तलवारें और पोस्टर लेकर नारेबाजी करते देखा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि आज ही के दिन 38 साल पहले (6 जून 1984) सेना का ऑपरेशन ब्लू स्टार समाप्त हुआ था। इस दिन सेना ने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में सेना ने आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले को ढेर कर उसे आतंकियों के चंगुल से मुक्त कराया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के बीच कट्टरपंथी संगठनों ने अमृतसर में बंद का आह्वान किया है। दल खालसा नाम के कट्टरपंथी संगठन ने हर जगह ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में पोस्टर चस्पा किए हैं। मामले की गंभीरता के मद्देनजर अमृतसर में 7,000 जवानों की तैनाती की गई है। बावजूद इसके खालिस्तानी समर्थक स्वर्ण मंदिर तक पहुँच गए।

भगवंत मान की अकाल तख्त के जत्थेदार संग बैठक

इससे पहले रविवार को पंजाब के सीएम भगवंत मान ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से पहले स्वर्ण मंदिर में माथा टेका और फिर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के साथ बंद कमरे में बैठक की। हालाँकि, अंदर किस तरह की बातें हुई, इसका खुलासा नहीं हो सका।
रविवार को ही कट्टरपंथी सिख संगठनों बब्बर खालसा, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) समेत कई अन्य खालिस्तान समर्थकों ने आजादी मार्च निकाला था। इस दौरान खालिस्तान की आजादी की माँग के नारे लगाए गए थे।