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तेलंगाना : BRS, Congress और AIMIM की साठगांठ ने हनुमान मंदिर को बना दिया कूड़ेदान, साफ़-सफाई कर पीड़ा दिखाई तो पत्रकार पर ही FIR: हैदराबाद के अक्सा मस्जिद के पास स्थित है धर्मस्थल

                    हनुमान मंदिर की पीड़ा दिखाई, हैदराबाद पुलिस ने पत्रकार सिद्धू पर दर्ज की FIR
तेलंगाना के हैदराबाद में एक पत्रकार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। ‘जर्नलिस्ट सिद्धू’ नाम से सोशल मीडिया पर सक्रिय पत्रकार श्रीधरन सिद्धू ने बताया कि एक मंदिर की दुर्दशा दिखाने के कारण उन पर मामला दर्ज कर लिया गया है। ये पूरा मामला पुराने हैदराबाद शहर के काला पत्थर स्थित एक हनुमान मंदिर का है, जो 70 साल पुराना बताया जा रहा है। सिद्धू का कहना है कि हिन्दुओं के लगातार पलायन के कारण वो मंदिर वीरान पड़ा हुआ था, साथ ही वहाँ आसपास मुस्लिमों की जनसंख्या अधिक है।

सिद्धू ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि हनुमान जी की उक्त प्रतिमा शंख-चक्र के साथ वहाँ विद्यमान है। मूर्ति एक पत्थर पर उकेरी गई है। बकौल सिद्धू, वहाँ से हिन्दुओं के जाने के बाद वहाँ आसपास कई मस्जिदें बन गईं, वहीं हनुमान मंदिर में कोई पूजा करने नहीं जाता था। उन्होंने बताया कि वहाँ के स्थानीय लोगों ने मंदिर को कूड़ेदान बना दिया था, इससे हनुमान जी की प्रतिमा नीचे चली गई थी और उसके ऊपर 4 फ़ीट कूड़ा जमा हो गया था। प्रतिमा दब गई थी।

हालाँकि, हिन्दू कार्यकर्ताओं ने मिल कर इस मंदिर की साफ़-सफाई का बीड़ा उठाया। गुड़ी-बड़ी नाम की एक संस्था ने इसकी साफ़-सफाई की। बता दें कि तेलुगु में ‘गुड़ी’ का अर्थ होता है मंदिर और ‘बड़ी’ अर्थात विद्यालय। सिद्धू ने बताया कि साफ़-सफाई होने के बाद फिर से वहाँ कूड़ा डालना शुरू कर दिया गया। रामनवमी के दिन बुधवार (17 अप्रैल, 2024) को पत्रकार सिद्धू अपनी टीम के साथ वहाँ पहुँचे, फिर से कूड़ा-कचरा हटाया। उनके कैमरामैन ने वीडियो भी बनाया।

सिद्धू लंबे समय तक ‘महा न्यूज़’ नामक चैनल के साथ जुड़े रहे हैं, अब वो खुद के नाम से ही सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। बकौल सिद्धू, लोगों ने कहा कि इस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए पहल होनी चाहिए। यही बात वो अपने वीडियो में बता रहे थे। इसके बाद काला पत्थर पुलिस थाने से उन्हें फोन कॉल कर के तलब किया गया। FIR दायर की जा चुकी हैं। बता दें कि सिद्धू तेलंगाना के भैंसा में हुए दंगों के दौरान भी सक्रियता से सच्चाई को सामने लाने के लिए काम कर चुके हैं।

सिद्धू ने कहा कि काला पत्थर क्षेत्र AIMIM के प्रभाव वाला है और पुलिसकर्मी भी उनकी बात मानते होंगे, लेकिन फ़िलहाल असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी का कोई हाथ इस प्रकरण में सामने नहीं आया है। सिद्धू ने हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार माधवी लता से बात की है। माधवी लता ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जब भी आवश्यक हुई वो उपस्थित रहेंगी और वो इस मामले में उनके साथ हैं। गोशमहल से भाजपा विधायक T राजा सिंह ने भी साथ देने का आश्वासन दिया है।

पत्रकार सिद्धू ने बताया कि वहाँ रमेश नाम के स्थानीय लड़के की उन्होंने बाइट ली थी, उस पर भी केस कर दिया गया है। रमेश ने ही मंदिर की इस हालत को लेकर सिद्धू को बताया था। यही कारण है कि मंदिर की साफ़-सफाई करने वाले भी मीडिया से बात करने के लिए तैयार नहीं हो रहे, क्योंकि डर का माहौल है। तेलंगाना में फ़िलहाल कॉन्ग्रेस की सरकार है और रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री हैं। हालाँकि, हैदराबाद में AIMIM का ही समांनातर प्रशासन चलता रहा है।

ऑपइंडिया के पास इस मामले की FIR कॉपी मौजूद है, जो सेक्शन इंचार्ज A सत्यनारायण की शिकायत पर दर्ज की गई है। बताया गया है कि सिद्धू और रमेश बिलाल नगर स्थित अक्सा मस्जिद के पास स्थित हनुमान मंदिर की शूटिंग कर रहे थे। FIR में कहा गया है कि इस तेलुगु वीडियो में मुस्लिम समुदाय पर जानबूझकर मंदिर में कूड़ा-कचरा फेंकने और एक साजिश के तहत इस पर कब्ज़ा करने का आरोप लगाया गया है। FIR के अनुसार, हिन्दू-मुस्लिम सद्भाव भंग करने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए ये वीडियो बनाया गया है।

उक्त पुलिस स्टेशन का इंचार्ज SI शेख सलीम है। ये FIR रामनवमी के 1 दिन बाद दर्ज की गई। ऑपइंडिया ने जब सत्यनारायण से इस बाबत बात की तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वो फ़िलहाल ड्यूटी पर नहीं हैं, इंस्पेक्टर से बात कीजिए। वो बात का जवाब नहीं दे पाए कि क्या किसी मंदिर की पीड़ा दिखाना अपराध है? हैदराबाद में इस लोकसभा चुनाव में भाजपा आक्रामकता से हिन्दुओं के मुद्दे उठा रही है। जब हमने SI सलीम शेख से बात की तो उन्होंने कहा कि उनके सीनियर इस मामले को देख रहे हैं, वही कुछ बता पाएँगे।

पत्रकार सिद्धू के बारे में बता दें कि पूर्व की KCR सरकार ने भी उन्हें खासा प्रताड़ित किया था। आदिलाबाद के भैंसा में दंगों के बाद सच्चाई दिखाने पर उन पर FIR दर्ज कर लिया गया था। जनवरी 2020 में उन्होंने 27 मिनट की वीडियो रिपोर्ट के जरिए दंगा पीड़ितों से बात की थी। सिद्धू ने सरकार से पीड़ितों की मदद की अपील की थी। तब ASI S सुदर्शन की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। उसके बाद उन्हें तेलंगाना छोड़ना पड़ा था। अब सरकार BRS नहीं बल्कि कांग्रेस की है, लेकिन हालात वही हैं।

K कविता को अब CBI ने किया गिरफ्तार, तिहाड़ जेल में हैं बंद

दिल्ली शराब नीति घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बीआरएस नेता और तेलंगाना की एमएलएसी के. कविता को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे सीबीआई ने जेल में पूछताछ की थी, इसके बाद कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी की अनुमति माँगी थी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद सीबीआई ने के. कविता को गिरफ्तार कर लिया है। वो फिलहाल ईडी की न्यायिक हिरासत में हैं और तिहाड़ जेल में बंद हैं। सीबीआई उन्हें कोर्ट में पेश करेगी और फिर अपनी हिरासत में ले लेगी।

के.कविता मनी लॉन्ड्रिंग के केस में ईडी द्वारा गिरफ्तार की गईं थी। अभी वो तिहाड़ जेल में बंद हैं। पिछले शनिवार (06 अप्रैल 2024) को सीबीआई ने उनसे जेल के अंदर पूछताछ की थी। जिसके बाद अब सीबीआई ने यह एक्शन लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई ने शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) को उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड की माँग करेगी। बता दें कि सीबीआई ने बुधवार (10 अप्रैल 2024) को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दाखिल कर के. कविता को गिरफ्तार करने की अनुमति माँगी थी। कोर्ट ने सीबीआई को गिरफ्तारी की अनुमति दे दी थी, जिसके बाद अब कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने उन्हें आपराधिक षड़यंत्र, पैसों की हेराफेरी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है।

23 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में हैं के कविता

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार (09 अप्रैल 2024) के. कविता की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी थी। इससे पहले, शुक्रवार (05 अप्रैल 2024) को ही विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को तिहाड़ जेल में उनसे पूछताछ करने की अनुमति दे दी थी।

हैदराबाद जाकर ईडी ने हिरासत में लिया था

ईडी ने दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में के कविता को 15 मार्च को हैदराबाद से हिरासत में लिया और अगले दिन दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जहाँ से उन्हें सात दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया था और 23 मार्च को अदालत ने केंद्रीय एजेंसी को उनकी तीन और दिनों की हिरासत दी थी। के. कविता पर ईडी का आरोप है कि उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में लाभ पाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ साजिश रची।

दिल्ली शराब घोटाले : केजरीवाल-सिसोदिया के साथ मिलकर के. कविता ने रची थी साजिश, AAP को दिए थे 100 करोड़ रुपये

               अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया और बीआरएस नेता के कविता (फोटो साभार: NDTV)
दिल्ली के सबसे बड़े शराब घोटाले की जांच कर रही एजेंसियों को कड़ी से कड़ी जोड़ने पर इसके तार सुदूर तेलंगाना से जुड़े मिले। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रहे के.चंद्रशेखर राव की बेटी और साउथ ग्रुप नाम की शराब लॉबी की मुख्य लीडर के.कविता पर दिल्ली के आप नेताओं को सौ करोड़ रुपये देने के प्रमाण प्रवर्तन निदेशालय की टीम को मिले हैं। इससे ईडी से एक ही मामले में नौ समन पा चुके दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। CBI ने कविता के अकाउंटेंट बुचीबाबू गोरंतला को गिरफ्तार किया। ईडी ने भी बुचीबाबू से पूछताछ की थी। फिर ईडी ने हैदराबाद के व्यवसायी अरुण रामचंद्रन पिल्लई को 7 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया। पिल्लई ने पूछताछ में बताया था कि कविता और आम आदमी पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत 100 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जिससे कविता की कंपनी ‘इंडोस्पिरिट्स’ को दिल्ली के शराब कारोबार में एंट्री मिली।

कविता ने दिल्ली के आप नेताओं के साथ मिलकर घोटाले की साजिश रची
दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में गिरफ्तार BRS नेता के.कविता ने ED के समन के खिलाफ अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली है। कविता 23 मार्च तक ED की रिमांड में भेज दी गई हैं। जांच एजेंसी को पड़ताल में यह तथ्य मिले हैं कि के.कविता ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी के निर्माण और लागू करने में लाभ पाने के लिए AAP के सीनियर लीडर्स के साथ साजिश रची। एजेंसी का दावा है कि इसके लिए दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल और डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को 100 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। कविता ने 18 मार्च को अपनी गिरफ्तारी के विरोध में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिका वापस लेने के बाद उनके वकील ने कहा के वे कानून के अनुसार ही मामले से निपटने के लिए जरूरी नियमों का सहारा लेंगे।

प्रवर्तन निदेशालय का दावा- एहसान के बदले 100 करोड़ का भुगतान
प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि के.कविता को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी बनाने और लागू करने में AAP नेताओं की मदद मिली। इस एहसान के बदले उन्हें 100 करोड़ रुपए का भुगतान के.कविता ने किया है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच के दौरान इन बातों का पता चला है। जांच एजेंसी का कहना है कि शराब के होलसेलर्स के जरिए आम आदमी पार्टी के लिए रिश्वत ली गई थी। इसके अलावा कविता और उसके सहयोगियों को AAP को अग्रिम भुगतान की गई राशि की वसूली करनी थी। उन्हें प्रॉफिट कमाना था। ईडी ने कहा है कि 23 मार्च तक सात दिन की रिमांड में के.कविता से इस मामले में पूछताछ की जाएगी। इस मामले में ED ने अब तक दिल्ली, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई और अन्य स्थानों सहित देश भर में 245 स्थानों पर रेड मारी है।

साल 2023 में कविता को भेजे गए थे तीन समन, इस साल 2 भेजे
शराब घोटाले के मामले में अब तक AAP के मनीष सिसौदिया, संजय सिंह और विजय नायर समेत कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी अब तक 5 सप्लिमेंट्री कंप्लेंट और एक प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल कर चुकी है। साथ ही अपराध से प्राप्त आय में से अब तक 128.79 करोड़ रुपए की संपत्ति का पता लगाया गया है। इसे 24 जनवरी 2023 और 3 जुलाई 2023 के वाइड प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए से अटैच किया गया है। ईडी ने शराब नीति मामले में पूछताछ के लिए कविता को साल 2023 में 3 समन भेजे थे। इस साल 2 समन भेजे गए, लेकिन उन्होंने SC की कार्रवाई का हवाला देते हुए पेश होने से इनकार कर दिया।

दिल्ली के सबसे बड़े शराब घोटाले में कविता का नाम कब आया?
दिल्ली शराब घोटाले केस में ईडी ने गुरुग्राम से कारोबारी अमित अरोड़ा को 30 नवंबर, 2022 में गिरफ्तार किया था। ईडी के मुताबिक अमित ने अपने बयानों में TRS नेता के. कविता के नाम का लिया था। जांच एजेंसी ने दावा किया था कि कविता ‘साउथ ग्रुप’ नाम की एक शराब लॉबी की एक मुख्य लीडर थीं। उन्होंने विजय नायर के माध्यम से दिल्ली में AAP सरकार के नेताओं को 100 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया। फरवरी 2023 में CBI ने कविता के अकाउंटेंट बुचीबाबू गोरंतला को गिरफ्तार किया। ईडी ने भी बुचीबाबू से पूछताछ की थी। फिर ईडी ने हैदराबाद के व्यवसायी अरुण रामचंद्रन पिल्लई को 7 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया। पिल्लई ने पूछताछ में बताया था कि कविता और आम आदमी पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत 100 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जिससे कविता की कंपनी ‘इंडोस्पिरिट्स’ को दिल्ली के शराब कारोबार में एंट्री मिली।

साउथ ग्रुप दक्षिण के राजनेताओं, कारोबारियों और नौकरशाहों का है ग्रुप
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक पिल्लई ने ये भी बताया कि एक मीटिंग हुई थी, जिसमें वो, कविता, विजय नायर और दिनेश अरोड़ा मौजूद थे। इस मीटिंग में दी गई रिश्वत की वसूली पर चर्चा हुई थी। साउथ ग्रुप दक्षिण के राजनेताओं, कारोबारियों और नौकरशाहों का ग्रुप है। इसमें अरबिंदो फार्मा के प्रमोटर सरथ रेड्डी, वाईएसर कांग्रेस के लोकसभा सांसद एम. श्रीनिवासुलु रेड्डी, उनके बेटे राघव मगुंटा और कविता शामिल थे। इस ग्रुप का प्रतिनिधित्व अरुण पिल्लई, अभिषेक बोइनपल्ली और बुचीबाबू ने किया था। तीनों को ही शराब घोटाले में गिरफ्तार किए गए हैं।

शराब घोटाला मामला: अभी तक कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?
कोरोना काल के बीच दिल्ली सरकार ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 लागू की थी। इस शराब नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायतें आईं जिसके बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके साथ ही दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 सवालों के घेरे में आ गई। दिल्ली शराब नीति अनियमितता मामले की जांच कर रही दोनों एजेंसियां सीबीआई और ईडी अब तक 15 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, विजय नायर, समीर महेंद्रू, अरुण रामचंद्रन, राजेश जोशी, गोरन्तला बुचिबाबू, अमित अरोड़ा, बेनॉय बाबू (फ्रांसीसी शराब कंपनी पर्नोड रिकार्ड के महाप्रबंधक), पी सरथ चंद्र रेड्डी, अरबिंदो फार्मा के पूर्णकालिक निदेशक और प्रमोटर, व्यवसायी अमनदीप धाल और व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली शामिल हैं।

केजरीवाल को शराब घोटाले में नौवां और जल बोर्ड घोटाले में पहला समन
दिल्ली में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं। शराब घोटाले के बाद अब दिल्ली जल बोर्ड का घोटाला सुर्खियों में है। इन दोनों घोटालों की आंच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक आ चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाले में नौवां और जल बोर्ड घोटाले में पहला समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया। लेकिन अरविंद केजरीवाल इन दोनों समन पर ईडी कार्यालय में पेश नहीं हुए। शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार के कई मंत्री जेल में बंद हैं। वहीं दूसरी तरफ जल बोर्ड में टेंडर बांटने में गबन का आरोप लग रहा है। इसी मामले में ईडी दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

जल बोर्ड घोटाला: ठेके का मूल्य 38 करोड़, खर्च किए 17 करोड़ बाकि का गबन
प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि दिल्ली जल बोर्ड का ठेका बढ़ी हुई दरों पर दिया गया। ताकि ठेकेदारों से रिश्वत वसूली जा सके। ठेके का मूल्य 38 करोड़ रुपये था और इस पर सिर्फ 17 करोड़ रुपये खर्च किए गए और शेष राशि गबन कर ली गई। इस तरह के फर्जी खर्च रिश्वत और चुनावी कोष के लिए किए गए थे। कथित तौर पर जल बोर्ड के पूर्व मुख्य अभियंता जगदीश कुमार अरोड़ा ने एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 38 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। यह ठेका इलेक्ट्रोमेग्नेटिक फ्लो मीटर्स की आपूर्ति, स्थापना और परीक्षण के लिए दिया गया था। इस मामले में आरोप लगाया गया है कि बोर्ड और एनबीसीसी के अधिकारियों ने रिश्वत के लिए एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर का पक्ष लिया। ईडी ने इस मामले में गत 31 जनवरी को जगदीश कुमार अरोड़ा और ठेकेदार अनिल कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। उधर ईडी ने मामले से जुड़ी मनी ट्रेल की जांच करते हुए आरोप लगाया है कि एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर को अनुबंध दिए जाने के बाद अरोड़ा को नकद और बैंक खाते में रिश्वत प्राप्त हुई थी। यह पैसा अलग-अलग पार्टियों को देने का आरोप लगाया गया। वहीं आम आदमी पार्टी को चुनावी फंड के तौर पर भी पैसा दिया गया। बीते दिनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक विभव कुमार, आम आदमी पार्टी के कोषाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता और अन्य लोगों के यहां छापेमारी की थी।