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‘तमिलनाडु में मोदी की हार, सनातन की हार’: कांग्रेस विधायक JMH मौलाना ने उगला हिंदुओं के खिलाफ जहर, कहा- राज्य में नहीं रहेगा ये धर्म

                                                      तमिलनाडु कांग्रेस नेता मौलाना
तमिलनाडु के वेलाचरी से विधानसभा चुनाव जीते कांग्रेस विधायक जेएमएच आसान मौलाना ने सनातन धर्म पर हमला बोला है। उनका कहना है कि राज्य की सत्ता से पलनीस्वामी बाहर है मतलब पीएम मोदी बाहर हैं। इसका मतलब है कि सनातन धर्म तमिलनाडु से बाहर हो चुकी है और राज्य में यह हार गई है।

एक समय था जब कांग्रेस दक्षिण भारत के बलबूते केंद्र में सरकार बनाकर सुरमा भोपाली बनती थी आज उसी दक्षिण में कांग्रेस लगभग शून्य है। और अब वर्तमान तमिलनाडु चुनाव में सिर्फ 5 सीट जीत सुरमा भोपाली बन सनातन के विरुद्ध बकवास कर रही है। सच्चाई यह है कि अन्य प्रदेशों की भांति तमिलनाडु में भी हिन्दू जातिगत सियासत में जकड़ा हुआ है, जबकि हिन्दू बहुसंख्यक है। और जिस दिन हिन्दू इस जकड़न से बाहर हुआ जितने भी सनातन विरोधी हैं सभी चारों खाने चित होंगे जिस तरह बंगाल में। यह लगता है एक या दो चुनाव की बात है जब तमिलनाडु, केरलम आदि राज्यों में सनातन पताका फहराएगी।    

उनके बयान का वीडियो सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कई लोग इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला और हिन्दू विरोधी करार दिया है।

तमिलनाडु में कांग्रेस ने 5 विधानसभा सीटें जीती हैं और विजय सरकार का समर्थन कर रही है। 

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कर्नाटक : कांग्रेस की दादागिरी : ‘VIP हैं हम, जनता की लाइन में थोड़े न लगेंगे’: कांग्रेस MLA ने दिखाई IPL वालों को आँख, स्पीकर का आदेश- हर विधायक को दो 4 टिकट


कर्नाटक की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी और सरकार ने आईपीएल के सामने अपनी हनक दिखाई है। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले आईपीएल मैचों के लिए कॉम्प्लिमेंटरी टिकट की माँग ने विवाद खड़ा कर दिया है। विधानसभा स्पीकर यू.टी. खादेर ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि हर विधायक को कम से कम चार प्रीमियम टिकट सुनिश्चित किए जाएँ।

यह मुद्दा तब सामने आया जब कांग्रेस विधायक विजयनंद काशप्पनावर ने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आईपीएल 2026 सीजन के शुरूआती मैच 28 मार्च को बेंगलुरु में होने वाले हैं लेकिन केएससीए ने विधायकों और मंत्रियों को टिकट नहीं दिए।

हुंगुंड विधानसभा क्षेत्र से विधायक विजयनंद काशप्पनावर ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, “28 मार्च को आईपीएल मैच है लेकिन केएससीए ने विधायकों, मंत्रियों या उनके परिवारों को टिकट नहीं दिए हैं। वे सरकार से सभी सुविधाएँ लेते हैं लेकिन विधायकों का सम्मान नहीं करते। हम वीआईपी हैं, हम लाइन में लगकर थोड़े न टिकट लेंगे। पिछली बार हम लाइन में खड़े हुए थे और फिर आम जनता के साथ सामान्य गैलरी में बैठना पड़ा। यह फिर नहीं होना चाहिए।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ऑनलाइन टिकट बिक्री से ब्लैक मार्केटिंग बढ़ गई है। उन्होंने कहा, “टिकट ₹5000 में बिक रहे हैं लेकिन उन्हें ₹35000 में बेचा जा रहा है। वे विधायकों, मंत्रियों या उनके परिवारों को टिकट नहीं दे रहे बल्कि ऑनलाइन बुकिंग करने को कह रहे हैं। हम जानते हैं कि ऑनलाइन बुकिंग कैसे ब्लैक मार्केटिंग को बढ़ावा देती है।”

काशप्पनावर ने माँग की कि केएससीए हर विधायक को कम से कम पाँच कॉम्प्लिमेंटरी टिकट, अलग सीटिंग व्यवस्था और डेडिकेटेड लाउंज उपलब्ध कराए। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा पहले विपक्षी नेता आर. अशोक ने विधानसभा में उठाया था।

इस माँग पर स्पीकर यू.टी. खादेर ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को निर्देश दिया कि वे केएससीए से सीधे बात करें और हर विधायक को कम से कम चार वीआईपी टिकट सुनिश्चित करें। शिवकुमार ने कहा कि वे केएससीए अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद से बात करेंगे और विधायकों द्वारा ऐसी सुविधाएँ माँगने में कुछ गलत नहीं है।

इस बीच भाजपा नेता और सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस विधायक पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “विधायक का बयान गलत है और सच कहें यह आश्चर्यजनक भी नहीं है। सबसे पहले यह उनकी प्राथमिकताओं को उजागर करता है। जब राज्य के असली मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है तब विधानसभा में इस तरह का मुद्दा उठाना खुद ही बहुत कुछ बताता है। अगर स्पीकर इस पर कार्रवाई करते हैं तो इससे विधान सौधा की गरिमा कम होती है।”

तेजस्वी सूर्या ने आगे कहा, “मूल सवाल यह है कि केएससीए या कोई भी खेल संगठन विधायकों को फ्री टिकट क्यों दे? उन्हें ऐसा क्या देना चाहिए? यह साफ तौर पर उत्पीड़न है, सामंती सोच है। एक विधायक जो फ्री टिकट, अलग गैलरी माँगता है और आम जनता के साथ बैठने से इनकार करता है वह यह मानता है कि वह उन लोगों से ऊपर है जिनका वह प्रतिनिधित्व करता है। यही समस्या है। अगर आम नागरिकों को टिकट खरीदना पड़ता है तो विधायकों को भी खरीदना चाहिए। सरल बात है। जब तक हम इसे स्पष्ट रूप से नहीं चुनौती देंगे तब तक उत्पीड़न की संस्कृति को बढ़ावा मिलता रहेगा जो आधुनिक, समान और लोकतांत्रिक समाज के बिल्कुल विपरीत है। यह गलत है और इसका विरोध किया जाना चाहिए।”

बता दें कि चिन्नास्वामी स्टेडियम में बीते साल हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्रिकेट मैचों के आयोजन पर रोक लगा दी गई थी। हालाँकि इस सत्र के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम को न सिर्फ आईपीएल की मेजबानी मिली है, बल्कि 2 इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों का आयोजन भी यहाँ होगा।