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‘जुलाहे $#डी की औलाद हैं’: योगी सरकार में बुनकर समाज के दानिश आज़ाद अंसारी को मंत्री बनाए जाने से भड़के मुस्लिम

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दूसरे कार्यकाल में राज्य मंत्रिमंडल में दानिश आज़ाद अंसारी नाम के एक मुस्लिम चेहरे को भी जगह दी है। उनके पिछले कार्यकाल में मोहसिन रज़ा योगी  सरकार में मंत्री थे। दानिश आज़ाद अंसारी को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग भी सौंपा गया है। उन्हें राज्यमंत्री का पद दिया गया है। हालाँकि, मुस्लिमों के एक समूह को ये पसंद नहीं आ रहा है।

लेखक और पसमांदा कार्यकर्ता फैयाज अहमद फैजी ने कुछ स्क्रीनशॉट्स शेयर किए, जिसमें मुस्लिम ही दानिश आज़ाद अंसारी को गाली दे रहे हैं। उन्होंने साथ ही लिखा, ‘क्या आपने कभी ऐसा देखा है कि किसी हिन्दू पिछड़े दलित को राजनैतिक भागीदारी मिलने पर सवर्ण समाज की तरफ से इस प्रकार गाली-गलौज किया जाता है? जिस तरह से अशराफ़ समाज के नौजवानों और बुजुर्गो द्वारा एक देशज पसमांदा को भागीदारी मिलने पर लगातार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि मुस्लिमों में नस्लवाद/जातिवाद कितनी गहरी है और उनमें सामाजिक न्याय की कितनी आवश्यकता है। उनके द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में इरफ़ान जिब्रान नाम के एक व्यक्ति ने लिखा है, “ये जुलाहे आजकल खुश क्यों नजर आ रहे हैं? कोई लौकरी लगी है क्या?” वहीं मोहम्मद शाहिद हुसैन ने लिखा, “तुम लोगों से न आज तक कुछ उखड़ा है और न आगे उखड़ेगा। बीएस विधवा विलाप करते रहो।”

वहीं खुद को सामाजिक कमेंटेटर बताने वाले डॉक्टर सैयद रिजवान अहमद ने दानिश आज़ाद अंसारी के एक समर्थक को लिखा, “दो कौड़ी के गटर की औलाद, जुलाहे, कि तेरी जुलाहा सुन कर जली क्यों? सैय्यद-अशरफ सुन कर मेरी तो नहीं जलती गली की पैदाइश? सुन जुलाहे, तेरे जुलाहे भाई ने हरामखोर बोला तो मुझे बुरा नहीं लगा। लेकिन, जुलाहा सुन कर तेरी जल गई। क्या जुलाहा बोलना गाली से भी बदतर है जुलाहे?”

उनके फेसबुक पर 3 लाख से भी अधिक फॉलवर्स हैं। इसी तरह कई अन्य मुस्लिमों ने भी दानिश आज़ाद अंसारी और उनके समाज को खुल कर गाली दी। AIMIM समर्थक रिजु खान ने लिखा, “पूरे हिंदुस्तान की अंसारियों की बहन की $#”। इसी तरह उसने कई बार गंदी-गंदी गालियों का प्रयोग किया और माँ-बहन की लगातार गाली दी। उन्होंने जुलाहा को ‘#$डी की औलाद’ भी कह डाला। इससे अंसारी समाज में खासा गुस्सा है।

उन्होंने मंत्री बनने के बाद बताया कि वो अंसारी परिवार से आते हैं, जिनका मुख्य पेशा बुनकर का रहा है। उनके पिता भी एक बुनकर ही रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक आम बुनकर लड़के को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी ने इतना बड़ा पद देकर विपक्षियों के मुँह पर करारा तमाचा मारा है। उन्होंने पीएम मोदी और सीएम योगी को मुस्लिमों का सच्चा हितैषी भी करार दिया। 32 साल के दानिश आज़ाद अंसारी लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं और ABVP से छात्र राजनीति करने के बाद वो भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री भी हैं।