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असम : कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही गौरव गोगोई ने पाकिस्तानी कनेक्शन पर तोड़ी चुप्पी, कहा- बीवी वहाँ काम करती थी, मैं भी गया हूँ: मुख्यमंत्री सरमा बोले- इनके आतंकी मुल्क से गहरे लिंक

                           हिमंता बिस्वा सरमा, गौगव गोगोई और पत्नी एलिजाबेथ (फोटो साभार: रेडिफ/द हिंदू)
आखिर पाकिस्तान और चीन को लेकर कांग्रेस में होती बौखलाहट होना स्वाभाविक है। चीन को लेकर जवाहरलाल नेहरू ने जो कुछ किया उसका तोड़ निकाल रही है वर्तमान सरकार लेकिन राहुल गाँधी द्वारा चीन के साथ हुए MoU रहस्यमयी बना हुआ है। जब तक ये गुत्थी नहीं सुलझेगी, चीन के साथ समस्या बनी रहेगी। अब बात पाकिस्तान की। इसकी भी असलियत जानने के लिए लार्ड माउंटबेटन-नेहरू-जिन्ना-शेख अब्दुल्ला के इतिहास को जानना होगा। और वर्तमान कांग्रेस इस चौकड़ी की विरासत पर चल रही है। इसे भी वर्तमान सरकार तोड़ने की कोशिश कर रही है। लेकिन गंगा-जमुनी तहजीब गैंग हिन्दू-मुसलमान कर देश में अशांति फ़ैलाने की कोशिश करता रहता है। 
गंगा-जमुनी तहजीब गैंग एक हाथ से ताली बजाकर हिन्दुओं को गुमराह करता रहा है और हिन्दू गुमराह होता रहा है। 

राहुल गाँधी LoP तो बन गए लेकिन इस पद की गरिमा से बिलकुल अनपढ़ है। अगर राहुल को इस पद की गरिमा का पता होता कभी यह पूछने की हिम्मत नहीं करता कि पाकिस्तान के साथ आतंकवाद पर हुई लड़ाई में भारत का कितना नुकसान हुआ है? राहुल से लेकर परिवार समर्पित नेता और विपक्ष पाकिस्तान की बोली बोल रहे हैं, क्यों? आखिर इस तरह के सवाल पूछकर दुश्मन देश पाकिस्तान की मदद क्यों की जा रही है? पहले ही ये गैंग पाकिस्तान की सुर्खियां बना हुआ है। पहले डोसियर-डोसियर खेल भारत को मुर्ख बनाया जा रहा था। जिस कारण लोग पाकिस्तान का नाम सुनते ही डरते थे। आज उसी पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब मिलने से पाकिस्तान डरा हुआ है। ठीक यही हालत कांग्रेस की है। कांग्रेस और विपक्ष घुसपैठियों का समर्थन कर देश का भला नहीं बल्कि अपना भला कर रहा है।             

असम कांग्रेस की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद गौरव गोगोई ने कबूल किया है कि उनकी पत्नी ने पाकिस्तान में काम किया है। वो खुद साल 2013 में पाकिस्तान गए थे। उनका ये कबूलनामा तब सामने आया है, जब हिमंता बिस्वा सरमा ने उन पर पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेने का आरोप लगाया था और बताया था कि 10 सितंबर को वो इस मामले की जाँच रिपोर्ट सामने रखेंगे।

18 मई 2025 को गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान हिमंता बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा, “गौरव गोगोई पाकिस्तान में ISI के निमंत्रण पर गए थे। यह कोई पर्यटन यात्रा नहीं थी, बल्कि ट्रेनिंग के लिए थी। हमें उनके पाकिस्तान के गृह मंत्रालय से मिले निमंत्रण पत्र के दस्तावेज उपलब्ध हैं।” सरमा ने दावा किया कि यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है और 10 सितंबर को वे इसकी पूरी जाँच रिपोर्ट जनता के सामने रखेंगे।

हिमंता ने यह भी कहा कि गोगोई ने पाकिस्तान की सत्ता के साथ मिलकर काम किया और भारत लौटकर राफेल सौदे का विरोध किया। सरमा ने चुनौती दी कि अगर उनका एक भी शब्द गलत साबित हुआ, तो वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।

गौरव गोगोई ने अपनी सफाई में क्या कहा?

 गौरव गोगोई ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनकी पत्नी एलिजाबेथ 14-15 साल पहले दक्षिण एशिया के एक प्रतिष्ठित ‘इंडिया-एशिया प्रोजेक्ट’ के तहत एक साल के लिए पाकिस्तान गई थीं। उन्होंने बताया, “मेरी पत्नी पब्लिक पॉलिसी विशेषज्ञ हैं और उनका काम पूरी तरह पेशेवर था। इस मुद्दे को बार-बार उठाकर मेरी छवि खराब करने की कोशिश हो रही है।” गोगोई ने यह भी स्वीकार किया कि वे खुद 2013 में एक बार पाकिस्तान गए थे, लेकिन इसके बाद किसी भी सरकारी एजेंसी ने उनसे सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा, “अगर हमने कुछ गलत किया होता, तो 11 साल से केंद्र में बैठी सरकार और उसकी जाँच एजेंसियाँ क्या कर रही थीं?”

गोगोई ने आरोप लगाया कि एक विपक्षी सांसद के तौर पर संसद में उनकी सक्रियता के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “असम की जनता मुझे जानती है। मेरे और मेरी पत्नी का नाम बार-बार उछालकर कुछ लोग पब्लिसिटी हासिल करना चाहते हैं।” गौरव ने यह भी तंज कसा कि इस विवाद को आधार बनाकर एक ‘सी-ग्रेड बॉलीवुड फिल्म’ बन रही है, जो 10 सितंबर को रिलीज होगी, लेकिन वह पूरी तरह फ्लॉप होगी।

हिमंता ने फिर से किया पलटवार, कहा- कोई असमवासी नहीं करेगा स्वीकार

गौरव गोगोई की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने फिर से तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “यह व्यक्ति (गौरव गोगोई) खुलेआम पाकिस्तानी एजेंट है। कोई भी असम वासी कारगिल युद्ध में शहीद जिंटु गोगोई या पहलगाम घटना के बलिदान को नहीं भूलेगा। कोई भी असम वासी पाकिस्तान यात्रा को जायज ठहराने को स्वीकार नहीं करेगा।”

सरमा ने कहा कि गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के पासपोर्ट और वीजा की जाँच के लिए एक केस दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।

हिमंता बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कोलबर्न 2011-15 के बीच क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क (CDKN) और LEAD जैसे संगठनों के लिए काम करते हुए अधिकतर समय पाकिस्तान में रहीं। सरमा ने दावा किया कि कोलबर्न पाकिस्तान सरकार की एक टास्क फोर्स में शामिल थीं, जो कथित तौर पर ISI का मुखौटा थी।

सरमा ने कोलबर्न की ब्रिटिश नागरिकता और उनके सुपरवाइजर अली तौकीर शेख के भारत विरोधी प्रोपेगैंडा का भी जिक्र किया। सरमा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या गौरव गोगोई के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल में ISI का असम के मुख्यमंत्री कार्यालय तक दखल था।