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असम : गौरव गोगोई के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही गुंडागर्दी शुरू, कांग्रेस समर्थकों ने महिला पत्रकार के फाड़े कपड़े, तोड़ा हाथ… पुलिस से भी मारपीट और बदसलूकी: राहुल और प्रियंका के नेतृत्व में महिलाओं का होता शोषण; Videos आए सामने

                                                         गौरव गोगोई महिला पत्रकार घायल
असम के जोरहाट में शनिवार (31 मई 2025) को महिला पत्रकारों, पुलिसकर्मियों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बदतमीजी और मारपीट की, जिससे वह घायल हो गईं। इस दौरान महिला पत्रकार के कपड़े भी फट गए, वहीं मारपीट के दौरान उनका हाथ टूट गया। यह घटना जोरहाट के रवरिया हवाई अड्डे पर हुई, जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नए प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई का स्वागत करने के लिए जमा हुए थे।

जानकारी के मुताबिक, जोरहाट कांग्रेस ने नवनियुक्त प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के स्वागत समारोह को कवर करने के लिए मीडिया को आमंत्रित किया था। इसके लिए कई पत्रकार रवरिया हवाई अड्डे पर पहुँचे थे। लेकिन जब गौरव गोगोई हवाई अड्डे पर उतरे, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहाँ भारी हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने न केवल पत्रकारों को, बल्कि वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों को भी धक्का-मुक्की की।

लोकसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे हैं। उन्हें भूपेन कुमार बोरा की जगह असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद वो पहली बार अपनी संसदीय सीट जोरहाट के दौरे पर पहुँचे थे। इस दौरान ये सारा घटनाक्रम हुआ।

गौरव गोगोई के स्वागत के दौरान मारपीट और बदतमीजी की शिकार हुई असमिया पत्रकार प्रियंका सेनापति ने पूरा घटनाक्रम साझा किया। वो असमिया चैनल एनडी24 न्यूज चैनल की पत्रकार हैं। उन्होंने गौरव गोगोई को निशाने पर लेते हुए फेसबुक पर लिखा, “आज मुझे कुछ कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं का व्यवहार देखकर शर्मिंदगी महसूस हुई। आज का माहौल देखकर यह साफ हो गया कि अगर आप सत्ता में आए, तो क्या करेंगे। गौरव गोगोई के असम कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बनने की खुशी सभी को है, यह समझ में आता है। लेकिन रवरिया एयरपोर्ट पर उनके आने के बाद कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिस तरह महिला पत्रकारों के साथ बदतमीजी की, वह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।” 

प्रियंका ने आगे लिखा, “कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेरे कपड़े तक फाड़ दिए। मैं ऐसी स्थिति कभी नहीं चाहती। कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की की वजह से लोग गिर गए। अगर आप नहीं चाहते कि खबरें कवर की जाएँ, तो कृपया आगे से पत्रकारों को न बुलाएँ। हम आपसे इससे ज्यादा की उम्मीद नहीं कर सकते।”

प्रियंका ने अपनी घायल हाथ की तस्वीर भी फेसबुक पर पोस्ट की, जिसमें उनकी उँगलियों पर प्लास्टर बँधा हुआ दिख रहा है। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि गौरव गोगोई के हवाई अड्डे से बाहर आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैसे हंगामा मचाया और वहाँ मौजूद लोगों को धक्का-मुक्की की।

घटना के बाद सामने आए एक वीडियो में गौरव गोगोई को अपने समर्थकों की हरकत के लिए माफी माँगते हुए सुना जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी को इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी।

प्रियंका ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई संबंध नहीं है और वे केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बदतमीजी के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रही हैं।

घटना के वीडियो में दिख रहा है कि सुरक्षाकर्मी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने की कोशिश में जूझ रहे थे। एक वीडियो में एक महिला की आवाज सुनाई दे रही है, जो कार्यकर्ताओं की बदतमीजी की शिकायत कर रही है।

विडंबना यह रही कि असम कांग्रेस ने खुद ही अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर वह तस्वीरें साझा कीं, जिनसे यह खुलासा हुआ कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपने नए अध्यक्ष गौरव गोगोई का स्वागत करते हुए एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मचा दी। इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि समर्थक गोगोई के पीछे भीड़ में धक्का-मुक्की करते हुए सभी को पीछे छोड़ते जा रहे हैं।

एक तस्वीर में एक महिला पुलिसकर्मी गौरव गोगोई के ठीक पीछे खड़ी दिख रही है, जिसके चेहरे पर असहजता साफ झलक रही है, क्योंकि कार्यकर्ता उसे पीछे से धक्का दे रहे हैं।

अवलोकन करें:-

असम : कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही गौरव गोगोई ने पाकिस्तानी कनेक्शन पर तोड़ी चुप्पी, कहा- बीवी वहाँ
असम : कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही गौरव गोगोई ने पाकिस्तानी कनेक्शन पर तोड़ी चुप्पी, कहा- बीवी वहाँ

असम : कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही गौरव गोगोई ने पाकिस्तानी कनेक्शन पर तोड़ी चुप्पी, कहा- बीवी वहाँ काम करती थी, मैं भी गया हूँ: मुख्यमंत्री सरमा बोले- इनके आतंकी मुल्क से गहरे लिंक

                           हिमंता बिस्वा सरमा, गौगव गोगोई और पत्नी एलिजाबेथ (फोटो साभार: रेडिफ/द हिंदू)
आखिर पाकिस्तान और चीन को लेकर कांग्रेस में होती बौखलाहट होना स्वाभाविक है। चीन को लेकर जवाहरलाल नेहरू ने जो कुछ किया उसका तोड़ निकाल रही है वर्तमान सरकार लेकिन राहुल गाँधी द्वारा चीन के साथ हुए MoU रहस्यमयी बना हुआ है। जब तक ये गुत्थी नहीं सुलझेगी, चीन के साथ समस्या बनी रहेगी। अब बात पाकिस्तान की। इसकी भी असलियत जानने के लिए लार्ड माउंटबेटन-नेहरू-जिन्ना-शेख अब्दुल्ला के इतिहास को जानना होगा। और वर्तमान कांग्रेस इस चौकड़ी की विरासत पर चल रही है। इसे भी वर्तमान सरकार तोड़ने की कोशिश कर रही है। लेकिन गंगा-जमुनी तहजीब गैंग हिन्दू-मुसलमान कर देश में अशांति फ़ैलाने की कोशिश करता रहता है। 
गंगा-जमुनी तहजीब गैंग एक हाथ से ताली बजाकर हिन्दुओं को गुमराह करता रहा है और हिन्दू गुमराह होता रहा है। 

राहुल गाँधी LoP तो बन गए लेकिन इस पद की गरिमा से बिलकुल अनपढ़ है। अगर राहुल को इस पद की गरिमा का पता होता कभी यह पूछने की हिम्मत नहीं करता कि पाकिस्तान के साथ आतंकवाद पर हुई लड़ाई में भारत का कितना नुकसान हुआ है? राहुल से लेकर परिवार समर्पित नेता और विपक्ष पाकिस्तान की बोली बोल रहे हैं, क्यों? आखिर इस तरह के सवाल पूछकर दुश्मन देश पाकिस्तान की मदद क्यों की जा रही है? पहले ही ये गैंग पाकिस्तान की सुर्खियां बना हुआ है। पहले डोसियर-डोसियर खेल भारत को मुर्ख बनाया जा रहा था। जिस कारण लोग पाकिस्तान का नाम सुनते ही डरते थे। आज उसी पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब मिलने से पाकिस्तान डरा हुआ है। ठीक यही हालत कांग्रेस की है। कांग्रेस और विपक्ष घुसपैठियों का समर्थन कर देश का भला नहीं बल्कि अपना भला कर रहा है।             

असम कांग्रेस की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद गौरव गोगोई ने कबूल किया है कि उनकी पत्नी ने पाकिस्तान में काम किया है। वो खुद साल 2013 में पाकिस्तान गए थे। उनका ये कबूलनामा तब सामने आया है, जब हिमंता बिस्वा सरमा ने उन पर पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेने का आरोप लगाया था और बताया था कि 10 सितंबर को वो इस मामले की जाँच रिपोर्ट सामने रखेंगे।

18 मई 2025 को गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान हिमंता बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा, “गौरव गोगोई पाकिस्तान में ISI के निमंत्रण पर गए थे। यह कोई पर्यटन यात्रा नहीं थी, बल्कि ट्रेनिंग के लिए थी। हमें उनके पाकिस्तान के गृह मंत्रालय से मिले निमंत्रण पत्र के दस्तावेज उपलब्ध हैं।” सरमा ने दावा किया कि यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है और 10 सितंबर को वे इसकी पूरी जाँच रिपोर्ट जनता के सामने रखेंगे।

हिमंता ने यह भी कहा कि गोगोई ने पाकिस्तान की सत्ता के साथ मिलकर काम किया और भारत लौटकर राफेल सौदे का विरोध किया। सरमा ने चुनौती दी कि अगर उनका एक भी शब्द गलत साबित हुआ, तो वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।

गौरव गोगोई ने अपनी सफाई में क्या कहा?

 गौरव गोगोई ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनकी पत्नी एलिजाबेथ 14-15 साल पहले दक्षिण एशिया के एक प्रतिष्ठित ‘इंडिया-एशिया प्रोजेक्ट’ के तहत एक साल के लिए पाकिस्तान गई थीं। उन्होंने बताया, “मेरी पत्नी पब्लिक पॉलिसी विशेषज्ञ हैं और उनका काम पूरी तरह पेशेवर था। इस मुद्दे को बार-बार उठाकर मेरी छवि खराब करने की कोशिश हो रही है।” गोगोई ने यह भी स्वीकार किया कि वे खुद 2013 में एक बार पाकिस्तान गए थे, लेकिन इसके बाद किसी भी सरकारी एजेंसी ने उनसे सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा, “अगर हमने कुछ गलत किया होता, तो 11 साल से केंद्र में बैठी सरकार और उसकी जाँच एजेंसियाँ क्या कर रही थीं?”

गोगोई ने आरोप लगाया कि एक विपक्षी सांसद के तौर पर संसद में उनकी सक्रियता के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “असम की जनता मुझे जानती है। मेरे और मेरी पत्नी का नाम बार-बार उछालकर कुछ लोग पब्लिसिटी हासिल करना चाहते हैं।” गौरव ने यह भी तंज कसा कि इस विवाद को आधार बनाकर एक ‘सी-ग्रेड बॉलीवुड फिल्म’ बन रही है, जो 10 सितंबर को रिलीज होगी, लेकिन वह पूरी तरह फ्लॉप होगी।

हिमंता ने फिर से किया पलटवार, कहा- कोई असमवासी नहीं करेगा स्वीकार

गौरव गोगोई की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने फिर से तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “यह व्यक्ति (गौरव गोगोई) खुलेआम पाकिस्तानी एजेंट है। कोई भी असम वासी कारगिल युद्ध में शहीद जिंटु गोगोई या पहलगाम घटना के बलिदान को नहीं भूलेगा। कोई भी असम वासी पाकिस्तान यात्रा को जायज ठहराने को स्वीकार नहीं करेगा।”

सरमा ने कहा कि गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के पासपोर्ट और वीजा की जाँच के लिए एक केस दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।

हिमंता बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कोलबर्न 2011-15 के बीच क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क (CDKN) और LEAD जैसे संगठनों के लिए काम करते हुए अधिकतर समय पाकिस्तान में रहीं। सरमा ने दावा किया कि कोलबर्न पाकिस्तान सरकार की एक टास्क फोर्स में शामिल थीं, जो कथित तौर पर ISI का मुखौटा थी।

सरमा ने कोलबर्न की ब्रिटिश नागरिकता और उनके सुपरवाइजर अली तौकीर शेख के भारत विरोधी प्रोपेगैंडा का भी जिक्र किया। सरमा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या गौरव गोगोई के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल में ISI का असम के मुख्यमंत्री कार्यालय तक दखल था।

पाकिस्तान घूमने नहीं, ISI से ट्रेनिंग लेने गए थे गौरव गोगोई: असम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का दावा, कांग्रेस सांसद की पत्नी के भी आतंकी मुल्क से कनेक्शन को लेकर उठा चुके हैं सवाल

                       गौरव गोगोई, हिमंता बिस्वा सरमा (फोटो साभार: X_himantabiswa/krctimes)
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार (18 मई 2025) को कॉन्ग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि गोगोई पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के निमंत्रण पर वहाँ गए थे। गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने कहा कि गोगोई का पाकिस्तान दौरा पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि ट्रेनिंग के उद्देश्य से था। उन्होंने कहा कि गोगोई को पाकिस्तान के गृह मंत्रालय से निमंत्रण मिला था, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक है।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “कॉन्ग्रेस के सांसद गौरव गोगोई पाकिस्तान में ISI के निमंत्रण पर गए थे। हमारे पास निमंत्रण पत्र से संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध हैं।” उन्होंने कहा, “अभी तक मैंने इतना खुलकर कभी नहीं कहा, लेकिन आज पहली बार मैं साफ कह रहा हूँ कि गौरव गोगोई पाकिस्तान आईएसआई के निमंत्रण पर गए थे। मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि उन्हें वहाँ पर ट्रेनिंग मिली। गौरव गोगोई को पाकिस्तान के गृह मंत्रालय से पत्र मिला, इसके बाद ही वो पाकिस्तान गए।”

 हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “एक विदेशी यूनिवर्सिटी से निमंत्रण मिलना अलग है, लेकिन इसमें विदेशी सरकार के विभाग से उन्हें बुलावा आया था। वो भी विदेश मंत्रालय या कल्चरल मामलों के मंत्रालय से नहीं, बल्कि पाकिस्तानी सरकार के सबसे महत्वपूर्ण होम मिनिस्ट्री से उन्हें बुलावा आया, जो ये बताता है कि गौरव गोगोई का ये कदम देश की सुरक्षा के लिए कितना खतरनाक है। ये बेहद गंभीर मामला है और इस पर एक्शन होगा। ये कोई मजाक का मामला नहीं है।” उन्होंने कहा कि वो इस बारे में सबकुछ 10 सितंबर को कहेंगे। इस बयान को उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया है।

सरमा ने दावा किया कि उनके पास इस बात के दस्तावेजी सबूत हैं, जिन्हें 10 सितंबर तक जनता के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है और इस पर कार्रवाई होगी। सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि गोगोई ने पाकिस्तान की सत्ता के साथ मिलकर काम किया और वापस लौटकर राफेल सौदे का विरोध किया। उन्होंने चुनौती दी कि अगर उनका एक भी शब्द गलत साबित हुआ, तो वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।

इससे पहले, सरमा ने कॉन्ग्रेस नेतृत्व से गौरव गोगोई को सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से हटाने की माँग की थी। यह प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को वैश्विक मंच पर बेनकाब करने के लिए बनाया गया है। कॉन्ग्रेस ने गौरव समेत 4 नाम भेजे थे। सरमा ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गोगोई का नाम इस लिस्ट में शामिल करना ठीक नहीं है।

गौरव पर हिमंता के आरोप गंभीर, पत्नी का पाकिस्तान से जुड़ाव

हिमंता बिस्वा सरमा खुलकर गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई के आईएसआई से लिंक्स को लेकर आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि मामले की जाँच चल रही है और मामले की जाँच पूरी होने के बाद दोनों की असलियत पूरे देश के सामने लाई जाएगी।

असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने 15 फरवरी 2025 को कहा, “हमारे पास पक्की जानकारी है कि एलिजाबेथ गोगोई अपनी शादी के बाद भी पाकिस्तान गई हैं। वह सांसद के साथ गई थीं या अकेली, इन बातों की पुष्टि हो जाएगी। कई नई जानकारियाँ भी सामने आ रही हैं।”

सरमा ने स्पष्ट किया है कि यह जाँच मात्र एलिजाबेथ कोलबर्न तक ही नहीं बल्कि उसने जुड़े लोगों और बाकी इकोसिस्टम को भी दायरे में लेकर की जाएगी। उन्होंने कहा है कि जाँच के लिए एक केस दर्ज किया जाएगा, इसके बाद उनके पासपोर्ट और वीजा की जानकारी जुटाई जाएगी। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई है कि क्या गौरव गोगोई के पिता तरुण गोगोई के मुख्यमंत्री रहते हुए ISI का मुख्यमंत्री दफ्तर तक दखल था। उन्होंने इसकी जाँच भी करवाने की बात कही है।

हिमंता बिस्वा ने गौरव गोगोई की पाकिस्तानी हाई कमिश्नर अब्दुल बासित से मुलाक़ात को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न का एक पुराना ट्वीट दिखाया है, जिसमें वह इस्लामाबाद में होने सम्बन्धित बात लिखी थी।

एलिजाबेथ कोलबर्न की नागरिकता को लेकर भी CM बिस्वा सरमा ने सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि विवाह के 12 साल के बाद भी कोलबर्न के पास भारतीय नागरिकता क्यों नहीं और वह अपनी ब्रिटिश नागरिकता क्यों बनाए हुए हैं। विवाह के पहले और बाद भी जिन संगठनों के साथ कोलबर्न ने काम किया, उनको लेकर सवाल उठे हैं।

कोलबर्न 2011-15 के बीच क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क (CDKN) के लिए काम किया था। दावा है कि वह इस दौरान अधिकतर समय पाकिस्तान में रहीं। CDKN से ही जुड़े एक संगठन LEAD के लिए वह पाकिस्तान में काम करती थीं। उनके पाकिस्तान सरकार की एक टास्क फ़ोर्स में भी शामिल रहने का दावा किया गया है।

यह टास्क फ़ोर्स कथित तौर पर पाकिस्तान के लिए पैसा जुटाती थी। इसके ISI का एक मुखौटा होने का दावा है। इसी को लेकर उन पर ISI लिंक के आरोप लगाए गए हैं। पाकिस्तान और भारत में काम करने के दौरान कोलबर्न का सुपरवाइजर एक पाकिस्तानी अली तौकीर शेख था। उसका भारत विरोधी प्रोपेगेंडा भी अब सामने आया है।

कांग्रेस MP गौरव गोगोई की अंग्रेज बीवी का ISI कनेक्शन? असम मुख्यमंत्री की पोस्ट से छिड़ी बहस, दावा- जो लेते हैं जॉर्ज सोरोस से पैसा उनसे भी जुड़ा है कांग्रेस सांसद का NGO

                             असम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमाने बिना नाम लिए गौरव गोगोई पर प्रश्न उठाए 
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने कांग्रेस सांसद का नाम लिए बिना उनकी पत्नी की नागरिकता और उनके ISI से सम्बन्धों के आरोप लेकर भी बात की है। उन्होंने इससे उठे प्रश्नों का जवाब माँगा है।

एक्स(पहले ट्विटर) पर असम मुख्यमंत्री ने लिखा, “ISI से संबंधों के आरोप, युवाओं के ब्रेनवॉश और उनको पाकिस्तानी दूतावास में कट्टरपंथी बनाने समेत पिछले 12 साल से भारतीय नागरिकता ना लेने पर उठे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, धर्मांतरण कार्टेल से जुड़ा होना और देश की सुरक्षा को अस्थिर करने के लिए जॉर्ज सोरोस समेत पैसा लेना ऐसी चिंताएँ हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।”

जहाँ हिमंत बिस्वा सरमा ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन यह साफ है कि वह कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के बारे में बात कर रहे थे। दोनों की शादी 2013 में हुई थी। 12 साल बाद भी कोलबर्न ने अपना ब्रिटिश पासपोर्ट बरकरार रखा है। उन्होंने भारत की नागरिकता नहीं ली है।

हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी सवाल उठाया कि एक सांसद की पत्नी को इतने लंबे समय तक विदेशी नागरिकता बनाए रखने की अनुमति क्यों दी गई है? जबकि राजनयिकों के लिए एक अलग नियम है। उन्होंने IFS अधिकारियों की विदेशी नागरिक से शादी को लेकर नियम पर बात की। इसके तहत उन्हें अनुमति लेनी होती है और उनके साथी को 6 महीने में नागरिकता लेनी होती है।

गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ वर्तमान में ऑक्सफोर्ड पॉलिसी मैनेजमेंट के लिए काम कर रही हैं, जो जलवायु मुद्दों पर काम करता है। वह दिल्ली में क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क (CDKN) में प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर भी काम करती हैं।

असम के मुख्यमंत्री उन पर सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों का जिक्र कर रहे थे। इन आरोपों के अनुसार, एलिजाबेथ अली तौकीर शेख के जरिए ISI से जुड़ी हैं, जो CDKN के एशिया का डायरेक्टर है। उसने पाकिस्तान योजना आयोग में भी काम किया है। एलिजाबेथ ने पाकिस्तान में तौकीर शेख के साथ मिलकर काम किया।

गौरव गोगोई के NGO पर FCRA उल्लंघन का आरोप

इससे पहले गौरव गोगोई ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया था कि मणिपुर में अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भाजपा जॉर्ज सोरोस और उनके ओपन सोसाइटी फाउंडेशन का मुद्दा उठा रही है। दिलचस्प बात यह है कि गौरव गोगोई के सोरोस से पैसे लेने वाले संगठनों से संबंध हैं।
गौरव गोगोई फार्म 2 फूड के नाम के NGO के संस्थापक हैं। जोरहाट में स्थित इस NGO का सहयोगी नेशनल फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया(NFI) है। यह संगठन जॉर्ज सोरोस और अन्य डीप स्टेट से पैसा लेता है। NFI ने जॉर्ज सोरोस के ओपन सोसाइटी फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन, ओमिडयार नेटवर्क और रॉकफेलर फाउंडेशन को फंड देने वालों के रूप में बताया है।
ये सभी संगठन भारत सहित दुनिया भर में राष्ट्रवादी सरकारों के खिलाफ काम करने वाले डीप स्टेट के एसेट के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने कई भारत विरोधी अभियानों को बढ़ावा दिया है। इसके अलावा, फार्म 2 फूड को FCRA लाइसेंस नहीं मिला हुआ है। ऐसे में यह विदेशी चन्दा नहीं ले सकता।
इसके बावजूद, यह NGO विदेशी संगठनों के साथ काम कर रहा है, जिससे सवाल उठता है कि क्या समूह FCRA कानूनों का प्रावधानों का उल्लंघन कर रहा है। फार्म 2 फूड ने स्विस रे फाउंडेशन को भी अपने सहयोगी के तौर पर दिखाया है। स्विस रे द्वारा संचालित फाउंडेशन जलवायु और स्वास्थ्य क्षेत्रों पर काम करता है।
इसकी वेबसाइट बताती है कि यह अन्य सहायता के अलावा अपने भागीदारों को फंड भी देता है। फार्म 2 फूड की 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इसे उस वर्ष ₹1 लाख 80 हजार का डोनेशन और 14 लाख 74 हजार रूपए का चन्दा मिला। हालाँकि, इसमें पैसा देने वालों का नाम नहीं है। इसलिए, यह पता नहीं लगाया जा सकता कि इसे सीधे तौर पर कोई विदेशी फंडिंग मिली है या नहीं।