Showing posts with label #ISI link. Show all posts
Showing posts with label #ISI link. Show all posts

असम : मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने क्यों कहा- पूरे इकोसिस्टम की जड़ें खोदेंगे; गौरव गोगोई से शादी के बाद भी एलिजाबेथ का कैसे रहा पाकिस्तान से जुड़ाव: CDKN-तौकीर शेख से क्या हैं कनेक्शन

       हिमंता बिस्वा ने पाकिस्तान लिंक को लेकर कई सवाल पूछे (साभार: India Today NE & Jogbani)
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई के ISI से लिंक वाले आरोपों पर SIT जाँच हो सकती है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने SIT जाँच को जरूरी बताया है। उन्होंने गोगोई के पत्नी के शादी के बाद भी पाकिस्तान जाने के सबूत होने का दावा किया है। इस बीच एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तानी सुपरवाइजर पर नए खुलासे हुए हैं। गौरव गोगोई के पाकिस्तानी हाई कमिश्नर से मिलने को लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं।
गंभीरता से मामले की जाँच होने पर उस राज से भी पर्दा उठेगा कि कांग्रेस पाकिस्तान की माला क्यों जपती रहती है? जब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी भारत कट्टरपंथी शेर होते रहेंगे। इतना ही नहीं पाकिस्तान और ISI जुड़ाव की सच्चाई सामने आने पर गौरव गोगोई पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। सांसद होने का मतलब संविधान की शपथ लेकर उसकी बेइज्जती करना नहीं होता। केंद्र सरकार को भी हस्तक्षेप करना चाहिए। संविधान हाथ में नचाने के लिए उसका पालन करने के लिए है।  

CM सरमा ने क्या कहा?

असम हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार (15 फरवरी, 2025) को कहा, “हमारे पास पक्की जानकारी है कि एलिजाबेथ गोगोई अपनी शादी के बाद भी पाकिस्तान गई हैं। वह सांसद के साथ गई थीं या अकेली, इन बातों की पुष्टि हो जाएगी। कई नई जानकारियाँ भी सामने आ रही हैं।”
उन्होंने कहा कि रविवार(16 फरवरी) को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मामले की SIT जाँच के लिए चर्चा होगी। CM सरमा ने स्पष्ट किया है कि यह जाँच मात्र एलिजाबेथ कोलबर्न तक ही नहीं बल्कि उसने जुड़े लोगों और बाकी इकोसिस्टम को भी दायरे में लेकर की जाएगी।
उन्होंने कहा है कि जाँच के लिए एक केस दर्ज किया जाएगा, इसके बाद उनके पासपोर्ट और वीजा की जानकारी जुटाई जाएगी। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई है कि क्या गौरव गोगोई के पिता तरुण गोगोई के मुख्यमंत्री रहते हुए ISI का मुख्यमंत्री दफ्तर तक दखल था। उन्होंने इसकी जाँच भी करवाने की बात कही है।
सीएम हिमंता बिस्वा ने गौरव गोगोई की पाकिस्तानी हाई कमिश्नर अब्दुल बासित से मुलाक़ात को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न का एक पुराना ट्वीट दिखाया है, जिसमे वह इस्लामाबाद में होने सम्बन्धित बात लिख रही हैं।

कौन हैं एलिजाबेथ कोलबर्न?

गौरव गोगोई के ऊपर उठे विवाद के केंद्र में उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई हैं। कोलबर्न और गौरव गोगोई की मुलाक़ात संयुक्त राष्ट्र सचिवालय में काम करने के दौरान 2010 में हुई थी। इसके बाद दोनों में प्रेम संबंध बन गया। 2013 में कोलबर्न और गोगोई का विवाह हो गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गौरव गोगोई के पिता और तब असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई इस विवाह के लिए पहले तैयार नहीं थे। हालाँकि, बाद में उन्होंने अपनी सहमति इसको लेकर दे दी थी। एलिजाबेथ लन्दन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पढ़ी हुई हैं और ज्यादातर करियर उनका NGO में काम करते हुए गुजरा है।
कोलबर्न वर्तमान में ऑक्सफ़ोर्ड पॉलिसी मैनेजमेंट संस्थान में काम करती हैं। यह संस्थान पर्यावरण को लेकर काम करता है। एलिजाबेथ कोलबर्न इससे पहले CDKN नाम के एक NGO में काम कर चुकी हैं। इस NGO में पाकिस्तानी हस्तक्षेप का आरोप है।

क्या हैं कोलबर्न पर आरोप?

एलिजाबेथ कोलबर्न की नागरिकता को लेकर सबसे पहले CM बिस्वा सरमा ने प्रश्न उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि विवाह के 12 साल के बाद भी कोलबर्न के पास भारतीय नागरिकता क्यों नहीं और वह अपनी ब्रिटिश नागरिकता क्यों बनाए हुए हैं। विवाह के पहले और बाद भी जिन संगठनों के साथ कोलबर्न ने काम किया, उनको लेकर प्रश्न उठे हैं।
कोलबर्न 2011-15 के बीच क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क (CDKN) के लिए काम किया था। दावा है कि वह इस दौरान अधिकतर समय पाकिस्तान में रहीं। CDKN से ही जुड़े एक संगठन LEAD के लिए वह पाकिस्तान में काम करती थीं। उनके पाकिस्तान सरकार की एक टास्क फ़ोर्स में भी शामिल रहने का दावा किया गया है।
यह टास्क फ़ोर्स कथित तौर पर पाकिस्तान के लिए पैसा जुटाती थी। इसके ISI का एक मुखौटा होने का दावा है। इसी को लेकर उन पर ISI लिंक के आरोप लगाए गए हैं। पाकिस्तान और भारत में काम करने के दौरान कोलबर्न का सुपरवाइजर एक पाकिस्तानी अली तौकीर शेख था। उसका भारत विरोधी प्रोपेगेंडा भी अब सामने आया है।
CDKN के एक और संगठन ICLEI से जुड़े होने की बात सामने आई है। ICLEI को भारत विरोधी जॉर्ज सोरोस ने 2.1 मिलियन डॉलर (लगभग ₹17 करोड़) की धनराशि दी थी। इसके अलावा कोलबर्न के एक अमेरिकी सेंटर टॉम उडाल से भी जुड़े होने का आरोप लगाया गया है जो पाकिस्तान का हमदर्द रहा है।

सुपरवाइजर कर रहा था भारत को बदनाम

अली तौकीर शेख स्वयं को एक पर्यावरण और पानी से जुड़े मुद्दों का एक्सपर्ट बताता है। वह कई NGO के साथ काम कर चुका है। अब शेख के भारत विरोधी एजेंडा चलाने के सबूत सामने आए हैं। उसे अपने ट्विटर अकाउंट से भारत की गलत छवि विश्व के सामने पेश करने की कोशिश की थी।
एलिजाबेथ के साथ काम करने वाले शेख ने भारतीय मुस्लिमों की नागरिकता चले जाने उन्हें डिटेंशन सेंटर में भेजे जाने जैसी अफवाह फैलाई जाएँगी।
शेख ने लव जिहाद और तबलीगी जमात के मामलों पर भी जहर फैलाया था। उसने दिल्ली दंगों का मामला संसद में उठाने पर कॉन्ग्रेस सांसद गौरव गोगोई की तारीफ़ भी की थी। इसको लेकर उसने एक ट्वीट किया था। अली शेख इसके अलावा और भी कई भारत विरोधी ट्वीट कर चुका है।
उसने बांग्लादेशी घुसपैठियों के भारत में घुसने को समस्या मानने से इनकार किया था। उसने दावा किया था कि भाजपा इसे हिन्दू-मुस्लिम विवाद की तरह पेश कर रही है। अली तौकीर शेख ने लगातार असम से जुड़े मुद्दों पर सरकार या फिर भाजपा के खिलाफ ट्वीट किए थे। जबकि पाकिस्तानी नागरिक होने के चलते इसने उनका कोई सीधा सरोकार नहीं था।

गौरव गोगोई पर भी सवाल

एलिजाबेथ कोलबर्न के अलावा उनके पति गौरव गोगोई को भी CM हिमंता बिस्वा सरमा ने घेरा है। CM बिस्वा सरमा ने बताया था कि 2015 में पाकिस्तानी हाई कमिश्नर अब्दुल ने गौरव गोगोई को बुलाया था। गौरव गोगोई इस मुलाक़ात में अपने साथ 50-60 छात्रों को लेकर गए थे। CM सरमा ने पूछा है कि तब क्या गौरव गोगोई ने विदेश मंत्रालय से अनुमति ली थी।
CM सरमा ने एक ट्वीट में बताया है कि अब्दुल बासित से मुलाक़ात के कुछ ही दिनों बाद गौरव गोगोई ने भारत के कोस्ट गार्ड के विषय में कई प्रश्न पूछे थे। गौरव गोगोई ने पूछा था कि कोस्ट गार्ड कौन से नए राडार स्टेशन स्थापित कर रहा है और कौन सर्विलांस के साजोसामान खरीद रहा है। उन्होंने इसे सिर्फ एक संयोग मानने से इनकार किया है।
CM सरमा ने इन प्रश्नों की टाइमिंग को लेकर प्रश्न उठाए हैं। MP गौरव गोगोई के NGO के एक लेख में बांग्लादेशी घुसपैठियों पर दया दिखाने की बात कही गई थी। इसमें BSF पर मानवाधिकार उल्लंघन करने की बात कही गई थी। इसको लेकर भी प्रश्न उठे हैं।
वहीं लोकसभा में कॉन्ग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि वह ऐसे आरोपों पर कानूनी कार्रवाई करने वाले हैं। उन्होंने कहा था कि अगर उनकी पत्नी ISI एजेंट हैं तो वह स्वयं R&AW के एजेंट हैं।

कांग्रेस MP गौरव गोगोई की अंग्रेज बीवी का ISI कनेक्शन? असम मुख्यमंत्री की पोस्ट से छिड़ी बहस, दावा- जो लेते हैं जॉर्ज सोरोस से पैसा उनसे भी जुड़ा है कांग्रेस सांसद का NGO

                             असम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमाने बिना नाम लिए गौरव गोगोई पर प्रश्न उठाए 
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने कांग्रेस सांसद का नाम लिए बिना उनकी पत्नी की नागरिकता और उनके ISI से सम्बन्धों के आरोप लेकर भी बात की है। उन्होंने इससे उठे प्रश्नों का जवाब माँगा है।

एक्स(पहले ट्विटर) पर असम मुख्यमंत्री ने लिखा, “ISI से संबंधों के आरोप, युवाओं के ब्रेनवॉश और उनको पाकिस्तानी दूतावास में कट्टरपंथी बनाने समेत पिछले 12 साल से भारतीय नागरिकता ना लेने पर उठे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, धर्मांतरण कार्टेल से जुड़ा होना और देश की सुरक्षा को अस्थिर करने के लिए जॉर्ज सोरोस समेत पैसा लेना ऐसी चिंताएँ हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।”

जहाँ हिमंत बिस्वा सरमा ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन यह साफ है कि वह कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के बारे में बात कर रहे थे। दोनों की शादी 2013 में हुई थी। 12 साल बाद भी कोलबर्न ने अपना ब्रिटिश पासपोर्ट बरकरार रखा है। उन्होंने भारत की नागरिकता नहीं ली है।

हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी सवाल उठाया कि एक सांसद की पत्नी को इतने लंबे समय तक विदेशी नागरिकता बनाए रखने की अनुमति क्यों दी गई है? जबकि राजनयिकों के लिए एक अलग नियम है। उन्होंने IFS अधिकारियों की विदेशी नागरिक से शादी को लेकर नियम पर बात की। इसके तहत उन्हें अनुमति लेनी होती है और उनके साथी को 6 महीने में नागरिकता लेनी होती है।

गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ वर्तमान में ऑक्सफोर्ड पॉलिसी मैनेजमेंट के लिए काम कर रही हैं, जो जलवायु मुद्दों पर काम करता है। वह दिल्ली में क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क (CDKN) में प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर भी काम करती हैं।

असम के मुख्यमंत्री उन पर सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों का जिक्र कर रहे थे। इन आरोपों के अनुसार, एलिजाबेथ अली तौकीर शेख के जरिए ISI से जुड़ी हैं, जो CDKN के एशिया का डायरेक्टर है। उसने पाकिस्तान योजना आयोग में भी काम किया है। एलिजाबेथ ने पाकिस्तान में तौकीर शेख के साथ मिलकर काम किया।

गौरव गोगोई के NGO पर FCRA उल्लंघन का आरोप

इससे पहले गौरव गोगोई ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया था कि मणिपुर में अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भाजपा जॉर्ज सोरोस और उनके ओपन सोसाइटी फाउंडेशन का मुद्दा उठा रही है। दिलचस्प बात यह है कि गौरव गोगोई के सोरोस से पैसे लेने वाले संगठनों से संबंध हैं।
गौरव गोगोई फार्म 2 फूड के नाम के NGO के संस्थापक हैं। जोरहाट में स्थित इस NGO का सहयोगी नेशनल फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया(NFI) है। यह संगठन जॉर्ज सोरोस और अन्य डीप स्टेट से पैसा लेता है। NFI ने जॉर्ज सोरोस के ओपन सोसाइटी फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन, ओमिडयार नेटवर्क और रॉकफेलर फाउंडेशन को फंड देने वालों के रूप में बताया है।
ये सभी संगठन भारत सहित दुनिया भर में राष्ट्रवादी सरकारों के खिलाफ काम करने वाले डीप स्टेट के एसेट के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने कई भारत विरोधी अभियानों को बढ़ावा दिया है। इसके अलावा, फार्म 2 फूड को FCRA लाइसेंस नहीं मिला हुआ है। ऐसे में यह विदेशी चन्दा नहीं ले सकता।
इसके बावजूद, यह NGO विदेशी संगठनों के साथ काम कर रहा है, जिससे सवाल उठता है कि क्या समूह FCRA कानूनों का प्रावधानों का उल्लंघन कर रहा है। फार्म 2 फूड ने स्विस रे फाउंडेशन को भी अपने सहयोगी के तौर पर दिखाया है। स्विस रे द्वारा संचालित फाउंडेशन जलवायु और स्वास्थ्य क्षेत्रों पर काम करता है।
इसकी वेबसाइट बताती है कि यह अन्य सहायता के अलावा अपने भागीदारों को फंड भी देता है। फार्म 2 फूड की 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इसे उस वर्ष ₹1 लाख 80 हजार का डोनेशन और 14 लाख 74 हजार रूपए का चन्दा मिला। हालाँकि, इसमें पैसा देने वालों का नाम नहीं है। इसलिए, यह पता नहीं लगाया जा सकता कि इसे सीधे तौर पर कोई विदेशी फंडिंग मिली है या नहीं।