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इस्लाम छोड़ हिंदू बनी 23 साल की लड़की का मामा ने मौलाना के साथ मिलकर किया रेप: ट्रेन में नंगा बिठाया, बोली पीड़िता- व्यभिचार का अड्डा है मस्जिद

रामपुर में हिन्दू बनी मुस्लिम लड़की का उसके मामा ने इमाम के साथ मिल कर किया गैंगरेप,पीड़िता से ही तौबा करने का दबाव बनाता इमाम (दाएँ)
देश की राजधानी दिल्ली में घर वापसी करके हिन्दू बनी एक लड़की ने अपने रिश्तेदारों के खिलाफ गैंगरेप की शिकायत दर्ज करवाई है। पेशे से मेकअप आर्टिस्ट व फैशन डिजाइनर पीड़िता का दावा है कि उसने एक मस्जिद के मौलाना द्वारा लड़कियों का बलात्कार अपनी आँखों से देखने के बाद इस्लाम छोड़ने का निर्णय लिया था। पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ गैंगरेप करने वालों में उसके 4 मामा और एक मौलाना शामिल हैं। बाद में हथियार लेकर बुर्का पहने 4 लड़कों ने पीड़िता को नग्न अवस्था में दिल्ली में छोड़ दिया। घटना 13 मार्च 2024 की है। पुलिस ने 17 मार्च को FIR दर्ज की है।

इस घटना की FIR पुरानी दिल्ली थाना क्षेत्र में दर्ज हुई है। शिकायत में 23 वर्षीया पीड़िता ने बताया है कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की रहने वाली है। फ़िलहाल 3 वर्षों से वह मुंबई में रह कर मेकअप आर्टिस्ट और फैशन डिजाइनिंग का काम करती थी। पीड़िता ने बताया कि उसके अब्बा की मौत साल 2012 में हो चुकी है। घर में माँ और एक जुड़वाँ बहन है। अब्बा के मौत के बाद पीड़िता मुरादाबाद जिले के गाँव दीपपुर में पली-बढ़ी। यह उसके मामा का गाँव है। यहाँ पीड़िता को बचपन में मदरसे में पढ़ाया गया।

शिकायत में पीड़िता ने आगे बताया है कि मुरादाबाद में उसके नाना अनवर हुसैन और मामा महबूब अली के नाम पर लगभग 350 बीघा जमीन है। नाना और मामा की मौत के बाद पीड़िता की माँ ही इस जमीन की वारिस है। इस जमीन पर पीड़िता की माँ के चचेरे भाई इम्तियाज, इरफ़ान, अफसर और असरार हुसैन की नजर है। इन चारों ने पीड़िता की माँ को लगभग 14 वर्षों से अपने कब्ज़े में कर रखा था। जब पीड़िता को मुंबई में नौकरी मिली तो वो अपनी अम्मी को चारों के चंगुल से छुड़ाकर लगभग 9 माह पहले अपने साथ ले गई।

पीड़िता 29 फरवरी 2024 को अपनी जमीन के कागजात तैयार करवाने मुंबई से मुरादाबाद आई। वह 13 मार्च 2024 को कचहरी से तमाम कागजात निकलवाकर जा रही। इस दौरान पीड़िता के रिश्ते में मामा लगने वाले इम्तियाज, इरफ़ान, अफसर और असरार हुसैन ने रास्ते से उसका अपहरण कर लिया। ये सब पीड़िता को बंधक बनाकर अपने गाँव ले गए। यहाँ इन्होंने पीड़िता को बेल्ट के अलावा थप्पड़ों और लात-घूंसों से बेरहमी से मारा। बाद में चारों ने बारी-बारी पीड़िता से गैंगरेप किया।

शिकायत में आगे आरोप है कि बंधक बनने के ही दौरान चारों आरोपितों के परिचित लतीफ, मौलाना इरफ़ान, हाजी आसिफ और ज़ाकिर आदि भी वहाँ आए थे। इन सभी ने भी पीड़िता से 2 दिनों तक लगातार गैंगरेप किया। पीड़िता को रेप के दौरान उन स्थानों पर मारा गया, जहाँ उसने हिंदू देवता के टैटू बनवा रखे थे। गैंगरेप के बाद आरोपितों ने पीड़िता के सारे कपड़े उतार दिए और नग्न हालत में उसे दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया। इस दौरान बुर्का पहने 4 लड़के भी पीड़िता के साथ बैठाए गए, जिनके पास हथियार होने का दावा किया गया है।

ट्रेन पुरानी दिल्ली में रुकी और पीड़िता जैसे-तैसे उसमें से निकलकर भाग कर अपनी जान बचा पाई। दिल्ली पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर सभी आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 376 डी, 342, 365 और 34 के तहत कार्रवाई की गई है। घटना क्षेत्र उत्तर प्रदेश का रामपुर होने की वजह से आगे की कार्रवाई के लिए केस को उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के थाना शहजाद नगर भेज दिया गया है।

लड़की का आरोप है कि उसे ट्रेन में बिठाने के पीछे पटरी पर फेंक कर मार डालने की साजिश थी। अपनी जान बचाने के लिए पीड़िता ने भगवान कृष्ण का धन्यवाद भी किया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पीड़िता की वकील संगीता तलवार ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सभी आरोपित फरार हैं।

साल भर पहले की थी घर वापसी

पीड़िता के दावे वाले कई वीडियो ऑपइंडिया के पास मौजूद हैं। एक वीडियो में पीड़िता ने दावा किया है कि वो 1 साल पहले घर वापसी करके हिन्दू बन चुकी है। उसने बताया कि उसने अपनी आँखों से नादरबाग की मड़ैया इलाके में स्थित जामिया मस्जिद के इमाम को लड़कियाँ सप्लाई करते और उनके साथ रेप करते देखा था। पीड़िता ने आगे बताया कि उसने इमाम के यहाँ कई कंडोम भी पड़े देखे थे, जिसका उसने वीडियो भी बनाया है।
पीड़िता का यह भी दावा है कि उस गाँव में हिन्दुओं की मौत के बाद उनको जलाने के बजाय दफनाया जाता है। वीडियो में लड़की ने बताया है कि उसने मस्जिद में होने वाले अवैध कामों के खिलाफ भी शिकायत दी है। एक वीडियो में इमाम को हिन्दू धर्म अपनाने वालों के लिए इस्लाम में कड़ी सजा बताते हुए भी सुना जा सकता है। एक अन्य वीडियो में मौलाना को पीड़िता पर तौबा करने के लिए भी कहते सुना जा सकता है।

छत्तीसगढ़ : 1100 ईसाइयों ने की घर वापसी, प्रबल प्रताप जूदेव ने गंगाजल से पखारे चरण

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में 1100 लोगों की हुई घर वापसी

छत्तीसगढ़ में करीब 1100 ईसाइयों ने एक साथ घर वापसी की है। महासमुंद जिले के बसना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन गुरुवार (19 जनवरी 2023) को ये लोग मूल धर्म में लौटे। बीजेपी नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने गंगाजल से चरण पखारकर सबकी हिंदू धर्म में वापसी करवाई।

रिपोर्ट के अनुसार घर वापसी करने वाले लोगों ने बताया कि वे भटक कर धर्मांतरण का शिकार हो गए और अपना धर्म छोड़ दिया था। अपनी भूल का एहसास होने के बाद वे हिंदू धर्म में लौट आए हैं। कथावाचक पंडित हिमांशु कृष्ण महाराज ने इनलोगों को शपथ दिलाई। जूदेव ने बताया कि करीब 325 परिवारों के 1100 लोग सनातन धर्म में फिर से लौटे हैं।

महासमुंद के कटांगपाली गाँव में मार्च 2022 में भी इसी तरह का एक आयोजन हुआ था। उस समय विश्व कल्याण महायज्ञ के दौरान करीब 1250 लोगों ने घर वापसी की थी। बीजेपी के छत्तीसगढ़ प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव धर्मांतरित लोगों की घर वापसी के लिए अभियान चलाते रहते हैं। इससे पहले क्रिसमस पर पत्थलगाँव के किलकिला में 50 ईसाई परिवारों को वे मूल धर्म में लौटाकर लाए थे।

वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे दिलीप सिंह जूदेव भी इसी तरह चरण पखारकर जनजातीय समाज के उन लोगों की मूल धर्म में वापसी करवाते थे जो ईसाई मिशनरियों के झाँसे में आ धर्म परिवर्तन कर चुके थे। दिलीप सिंह जूदेव का अगस्त 2013 में निधन हो गया था। उसके बाद से इस सिलसिले को उनके बेटे प्रबल प्रताप सिंह जूदेव आगे बढ़ा रहे हैं।

ऑपइंडिया से बातचीत में एक बार प्रबल प्रताप जूदेव ने बताया था, “पिता जी के दिवंगत होने के बाद से मैं इस कार्य को आगे बढ़ा रहा हूँ। छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में हमलोग 10 हजार से अधिक लोगों की इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए घर वापसी करवा चुके हैं। कोरोना महामारी के कारण बीच में करीब दो साल हमारा यह अभियान रुक गया था। अब फिर से हम इसे गति दे रहे हैं।” उन्होंने यह भी बताया था कि छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस की सरकार आने के बाद से धर्मांतरण की साजिशें लगातार बढ़ी हैं।

घर वापसी कराता हूँ, इसीलिए हो रही साजिश : महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, बागेश्वर धाम

बागेश्वर धाम और वहाँ के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने कथित चमत्कारों के लिए विवादों में हैं। उन पर समाज में अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगा है। धीरेंद्र शास्त्री ने इन अंधविश्वास फैलाने के आरोपों को साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा है कि वह हिंदुओं की घर वापसी करवा रहे हैं। इसलिए कुछ लोगों को समस्या हो रही है।

धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा है, “धर्म विरोधी लोग ये सब कर रहे हैं। ये वही लोग हैं, जिन्होंने भगवान राम के होने और अयोध्या का सबूत माँगा था। हर बार सनातनी साधुओं को ही टारगेट किया जा रहा है। हमने जबसे लोगों की घर वापसी करवाई है, तब से इन लोगों को समस्या हो रही है। हमने छतारी की कथा में ऐलान किया था कि हमारे खिलाफ साजिशें होंगीं। लेकिन, हमें इनसे डर नहीं है। वो अपनी जगह बोलते ही रहते हैं। वो अपनी जगह भोंक रहे हैं। सामने आएँगे तो गीले हो जाएँगे।”

उन्होंने यह भी कहा है, “सनातन के लिए सनातनी जाग रहे हैं। इसका प्रमाण यही है कि धर्म विरोधी मुँह चला रहे हैं। हमने इन सब पर बात करना बंद कर दिया है। उन्हें साफ कह दिया है कि यदि आपको हमारे दरबार से दिक्कत है तो आकर देखिए और समझिए। आपकी चुनौती हमें कानूनी रूप से नहीं मिली है।”

उन्होंने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के राष्ट्रीय संयोजक श्याम मानव की चुनौती पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब हम वहाँ (नागपुर) में 7 दिन थे, तब चुनौती क्यों नहीं दी? उन्होंने व्यक्ति क्यों नहीं भेजा? उन्होंने लेटर क्यों नहीं भेजा?”

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा है, “हमारे पास किसी प्रकार की सिद्धि नहीं है, लेकिन जो दरबार है उसमें किंचित मात्र भी संदेह नहीं है। वो और उनके जैसे लोग आएँ और दरबार में बैठें। हमें जो प्रेरणा मिलेगी हम बेझिझक बताएँगे, क्योंकि न तो हम कमरे में मिलते हैं और न हम अंधविश्वास फैला रहे हैं। हम तो सिर्फ हनुमान जी से जोड़ रहे हैं। संविधान के अनुच्छेद 25 के अंतर्गत अपने धर्म का प्रचार करने का अधिकार है। हमारे पूर्वजों ने संविधान स्वीकार किया है।”

सुदर्शन न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा, “इन लोगों ने भगवान राम को नहीं छोड़ा, फिर हम तो आम हैं। ये हमें कब छोड़ेंगे। हमें इनसे डिगना या डरना नहीं है। हम सभी ये प्रार्थना करेंगे कि इन लोगों की कोई भी बात सुनने से पहले एक बार हमारा तथ्य जरूर जान लेना। तब इनको मानना, क्योंकि ये सोची समझी साजिश है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम घर वापसी करवा रहे हैं। वो लोग धर्मांतरण पर करोड़ों खर्च कर रहे हैं। फिर हम पर 10 करोड़ खर्च करने में क्या बुराई है।” कहा जाता है कि क्रिसमस के दिन अपने पैतृक गाँव में स्थित बागेश्वर धाम में धीरेंद्र शास्त्री ने 300 लोगों की घर वापसी करवाई थी।

उन्होंने आगे कहा है, “लोगों से हम यही कहना चाहते हैं कि हम वचन देते हैं कि ऐसा कोई कृत्य नहीं करेंगे जिससे हिंदुओं की नाक और साख को नुकसान हो। चाहे हमें उसके लिए प्राणों की आहुति देना पड़े।” उन्होंने कहा कि यदि अपने धर्म का प्रचार करने पर एफआईआर दर्ज होती है तो देश के सभी हनुमान भक्तों पर एफआईआर होनी चाहिए।

धीरेंद्र शास्त्री ने सवाल उठाते हुए यह भी कहा है, “भारत में चादर चढ़ाना श्रद्धा है, लेकिन हनुमान जी की भक्ति बताना अंधविश्वास है। भारत में कैंडल जलाना श्रद्धा है, लेकिन कलावा बाँधना और हनुमान चालीसा का उपाय बताना या सनातन की बात करना अंधविश्वास है। ये दोगलापन लाते कहाँ से हैं भारत में?”

उन्होंने आगे कहा है कि जिन लोगों को भी समस्या है वह रायपुर में 20 और 21 फरवरी 2023 को दिव्य दरबार लग रहा है, वहाँ पहुँच सकते हैं। वे उनके आने-जाने का किराया और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेते हैं कि उनकी पुजाई (मारपीट) नहीं होगी।

दरअसल, बागेश्वरधाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा नागपुर में 5 जनवरी से 11 जनवरी तक तक रामकथा के लिए पहुँचे थे। पहले यह कथा 13 फरवरी तक होनी थी। हालाँकि, किन्हीं कारणों से यह कथा 2 दिन पहले ही समाप्त हो गई थी।

इस कथा के समापन के बाद महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के राष्ट्रीय संयोजक श्याम मानव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। साथ ही, कहा था कि उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चुनौती थी। इसलिए वे दो दिन पहले ही नागपुर से भाग गए।

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श्याम मानव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर दरबार के दौरान चमत्कार दिखाने पर 30 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। बाद में उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।