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शर्मिष्ठा पर जिस मुस्लिम संगठन ने करवाई FIR, उसके पाकिस्तान में लिंक: कराची में भी है ऑफिस; शर्मिष्ठा पनौली को डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स का समर्थन, गिरफ्तारी को बताया ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ पर धब्बा: नुपुर शर्मा मामले में भी खुलकर आए थे आगे

                                               शर्मिष्ठा को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है
कोलकाता पुलिस ने गुरुग्राम से 22 साल की लॉ स्टूडेंट शर्मिष्ठा पनौली को ऑपरेशन सिंदूर पर सांप्रदायिक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया। इस मामले में अब नीदरलैंड के सांसद गीर्ट वाइल्डर्स ने शर्मिष्ठा का समर्थन किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि शर्मिष्ठा के अधिकारों की रक्षा करें।

वाइल्डर्स ने एक्स पर लिखा, “शर्मिष्ठा को गिरफ्तार करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर धब्बा है। उन्हें पाकिस्तान और मुहम्मद के बारे में सच बोलने की सजा न दी जाए।” उनके पोस्टर में लिखा था, “All eyes on Sharmistha”।

वाइल्डर्स ने 2022 में भी बीजेपी की नूपुर शर्मा का समर्थन किया था। उन्होंने कश्मीर के रियासी में हिंदुओं पर हुए हमले के विरोध में भी पक्ष लिया था।

शर्मिष्ठा ने एक वीडियो में बॉलीवुड सितारों की ऑपरेशन सिंदूर पर चुप्पी की आलोचना की थी, जिसमें कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ थीं। वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने माफी माँगी और इसे हटा लिया, लेकिन कोलकाता में शिकायत दर्ज हो गई। इस दौरान इस्लामी कट्टरपंथियों ने उन्हें रेप और ‘सर तन से जुदा’ जैसी धमकियाँ दी, लेकिन कोलकाता पुलिस ने इस्लामी कट्टरपंथियों की जगह शर्मिष्ठा को ही गिरफ्तार कर लिया।

शर्मिष्ठा पर जिस मुस्लिम संगठन ने करवाई FIR, उसके पाकिस्तान में लिंक: कराची में भी है ऑफिस

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के खिलाफ टिप्पणी करने वाली शर्मिष्ठा पनोली को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के एक मुस्लिम संगठन ने करवाई है। शर्मिष्ठा पनोली पर इस्लाम के खिलाफ बोलने का आरोप कथित तौर पर लगाया गया है। इस बीच शर्मिष्ठा की मदद को एक हिन्दू संगठन आगे आया है।

श्री राम स्वाभिमान परिषद नाम के इस हिंदू संगठन ने 22 वर्षीय इन्फ्लुएंसर का समर्थन किया है। मीडिया से बात करते हुए इस संगठन के सचिव सूरज कुमार सिंह ने कहा कि जिस मुस्लिम संगठन ने शर्मिष्ठा के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है, उसका एक कार्यालय पाकिस्तान के कराची शहर में है।

सिंह ने दावा किया है कि स्काई फाउंडेशन नामक संगठन के कुछ सदस्यों ने कोलकाता में शर्मिष्ठा के खिलाफ FIR दर्ज कराई और उनकी गिरफ्तारी की माँग की थी। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन के सदस्यों ने यह भी धमकी दी थी कि अगर पुलिस शर्मिष्ठा के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो वे कानून अपने हाथ में ले लेंगे और उन्हें मार डालेंगे।

सूरज सिंह ने एक वीडियो दिखा कर यह भी दावा किया है कि स्काई फाउंडेशन के लोगों ने शर्मिष्ठा के गिरफ्तार होने के बाद कोर्ट में जश्न मनाया। उन्होंने शर्मिष्ठा के साथ कुछ होने का जिम्मेदार ममता सरकार को करार दिया है।

शर्मिष्ठा के खिलाफ लगातार इस्लामी कट्टरपंथी सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे थे। इसके बाद कोलकाता में दर्ज एक FIR के चलते उन्हें गुरुग्राम से 30 मई, 2025 को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शर्मिष्ठा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

शर्मिष्ठा को गिरफ्तार किए जाने की आलोचना आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण और कॉन्ग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी की है। गौरतलब है कि शर्मिष्ठा ने अपने वीडियो के बाद माफ़ी भी माँग ली थी, इसके बाद भी पश्चिम बंगाल पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर ले गई।

राजस्थान : ‘शिव मंदिर है अजमेर दरगाह, हो ASI सर्वे’: हिंदू संगठन ने की माँग, अल्पसंख्यक आयोग भी एक्टिव

अजमेर दरगाह को शिव मंदिर बताने वाले हिन्दू संगठन के सदस्यों (दाएँ) पर खादिम और दीवान के बेटे (बाएँ) द्वारा राजस्थान में 2 FIR दर्ज (चित्र साभार- दैनिक भास्कर)
राजस्थान के अजमेर स्थित ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को पूर्व का हिन्दू मंदिर बताते हुए इसका ASI से सर्वे कराने की माँग पर विवाद खड़ा हो गया है। दरगाह से जुड़े 2 सदस्यों ने इस मामले में 2 अलग-अलग FIR दर्ज करवाई है। राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने भी मंगलवार (27 फरवरी 2024) को ऐसी माँगों को 2 समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाला बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर तलब की है। आयोग ने कार्रवाई के लिए प्रदेश के DGP से भी मुलाकात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजमेर दरगाह के दीवान के बेटे नसरुद्दीन चिश्ती ने इस मामले में दरगाह थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। मुकदमा में उन्होंने हिन्दू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता को आरोपित किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सिमरन गुप्ता ने पंकज सहित अपने अन्य साथियों के साथ एक वीडियो बनाकर अजमेर दरगाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने इसे मज़हबी भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए कार्रवाई की माँग की है।

इसके अलावा, अजमेर दरगाह का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य अल्पसंख्यक आयोग से भी मिला। मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल ने हिन्दू शक्ति दल के सदस्यों के बयानों को आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की माँग की। इस मुलाकात के बाद राजस्थान राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने अजमेर के जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भेजकर सिमरन गुप्ता और उनके साथियों पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। जवाब देने के लिए डीएम अजमेर को 7 दिनों का समय दिया गया है।

ज्ञापन में एक सप्ताह पहले अजमेर दरगाह के एक खादिम शकील अब्बासी द्वारा सिमरन गुप्ता और उनके साथियों पर क्लॉक टॉवर थाने में दर्ज FIR का भी जिक्र किया गया है। उसमें की गई कार्रवाई की जानकारी माँगी गई है। इसके बाद राज्य अल्पसंख्यक आयोग का एक प्रतिनिधि मंडल मंगलवार (27 फरवरी 2024) को राजस्थान के DGP यूआर साहू से मिला। मुलाकात के बाद प्रतिनिधमंडल को आश्वासन मिला कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ निष्पक्षता से कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दू शक्ति दल की माँग

23 फरवरी 2024 को हिन्दू शक्ति दल के सिमरन गुप्ता ने अपने साथी पंकज के साथ एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने अजमेर दरगाह में मौजूद जन्नती दरवाजे को पूर्व में हिन्दुओं का शिव मंदिर बताया था। इसी के साथ दरगाह के पास जो ढाई दिन का झोपड़ा है, उसे सिमरन ने पहले सरस्वती माता का मंदिर बताया। वीडियो में सिमरन ने तारागढ़ के किले को प्राचीन हिंदू राजाओं की धरोहर बताते हुए इसे जिहादियों द्वारा कब्जा की गई जगह बताया था। उन्होंने अजमेर के ADM सिटी को एक ज्ञापन देते हुए इन सभी स्थानों की ASI जाँच की माँग की थी।

पहले भी उठी है ASI सर्वे की माँग

ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की अजमेर स्थित दरगाह के ASI सर्वे की माँग पहली बार नहीं उठी है। इस से पहले भी जनवरी 2024 में महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने दरगाह को पूर्व का हिन्दू मंदिर बताते हुए ASI सर्वे की माँग उठाई थी। तब राजवर्धन सिंह ने कहा था कि वो पहले इस मामले को अशोक गहलोत की नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार के संज्ञान में ला चुके हैं।