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हिंदुओं से ये कैसी नफरत TOI-HT? : 15 साल की दलित नौकरानी की हत्या में गिरफ्तार हुआ मोहम्मद निशाद और उसकी बीवी, लेकिन मीडिया ने ‘दीवाली’ को घसीटा

   मार डाली गई नाबालिग नौकरानी की खबर में मीडिया घुसेड़ रही दीपावली का एंगल (प्रतीकात्मक चित्र- AI/LightX)
चेन्नई पुलिस ने 3 नवंबर 2024 को मोहम्मद निशाद और उसकी पत्नी नासिया को उनकी 15 साल की दलित नौकरानी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। कथित तौर पर मियाँ-बीवी नाबालिग नौकरानी को प्रताड़ित करते थे। गर्म तवा और सिगरेट से दाग देते थे। बुरी तरह पिटाई करते थे।

प्रताड़ना से जब नाबालिग दलित की मौत हो गई तो मुस्लिम दंपती घर छोड़कर भाग गया। पुलिस ने नाबालिग की लाश उनके घर के बाथरूम से बरामद की। लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) और हिंदुस्तान टाइम्स (HT) जैसे मीडिया संस्थान इस घटना में भी ‘दीपावली’ को घसीटकर लाने में पीछे नहीं रहे। नाबालिग की लाश 31 अक्टूबर को बरामद की गई थी और इसी दिन दीपावली भी थी।

मीडिया ने हत्या को दीपावली से जोड़ा

TOI ने इस घटना के बारे में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ‘दीवाली’ शब्द को प्रमुखता से छापा है। इस पोस्ट में कहीं भी आरोपितों का नाम नहीं लिखा गया। टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा, “दीवाली के दिन 15 वर्षीया घरेलू सहायिका की उसके मालिकों द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने के बाद मौत हो गई है। दंपती ने उसे सिगरेट से दागने सहित कई गंभीर चोटें पहुँचाई और मरने के लिए शौचालय में बंद कर दिया।”

                                                                    साभार- X/TOI

इसी रिपोर्ट में TOI ने आरोपितों के नाम दूसरे और तीसरे पैराग्राफ में बताए हैं।

                                                                     साभार- TOI

कमोबेश ऐसी ही हरकत हिंदुस्तान टाइम्स ने भी की है। HT मीडिया ने अपनी रिपोर्ट के शुरुआती पैराग्राफ में आरोपितों के नाम का कहीं भी जिक्र नहीं किया है। लेकिन इसी रिपोर्ट की शुरुआत में ही जोर-शोर से दीपावली का जिक्र किया गया है। बाद में इस रिपोर्ट में एक अलग सेक्शन बना कर आरोपितों के नाम खोले गए हैं। 

                                                      साभार- Hindustan Times

क्या है घटनाक्रम

यह घटना तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के अमिनजीकराई थानाक्षेत्र की है। यहाँ मेहता नगर में 35 वर्षीय मोहम्मद निशाद और उनकी 30 साल की पत्नी नासिया ने 15 साल की नाबालिग लड़की को नौकरानी बना कर रखा था। निशाद और नासिया आए दिन लड़की को मारते-पीटते थे। कई बार उसे ये दोनों सिगरेट और गर्म तवे से जला चुके थे। मृतका के गले पर एक निशान भी मिला है, जिससे लगता है कि उसका गला घोंटा गया था।
नाबालिग लड़की मूलतः तंजावुर की रहने वाली है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। वह अपनी विधवा माँ की मदद घरों में काम कर के कर रही थी। 31 अक्टूबर को भी नसिया और मोहम्मद निशाद ने नाबालिग को पीटा था। पिटाई से लड़की की मौत हो गई। दोनों ने लड़की के शव को बाथरूम में बंद कर दिया और फिर एक दोस्त के घर भाग गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका को प्रताड़ित किए जाने का खुलासा हुआ है। नासिया और मोहम्मद निशाद की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने 4 अन्य लोगों को भी हिरासत में ले कर पूछताछ की है। इन चारों में एक भाई-बहन हैं, जिन्होंने पीड़िता को मोहम्मद निशाद के घर पर काम करने के लिए रखवाया था। इसके अलावा 2 अन्य वो पति-पत्नी हैं जिनके घर मोहम्मद निशाद और नासिया भागकर गए थे। आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई की गई है।

TOI, HT ने सच छिपाकर पाठकों को कैसे किया गुमराह : जम्मू की मस्जिद से मौलाना ने नूपुर शर्मा और आशीष कोहली का सिर कलम करने की धमकी दी

मेन स्ट्रीम मीडिया संस्थान लंबे समय से इस्लामवादियों और चरमपंथियों के लिए नरम रुख अख्तियार करते रहे हैं। तथ्यों को छिपाने और पाठकों को अंधेरे में रखने की इनकी पुरानी आदत है, जिसके चलते पिछले कुछ सालों से इस्लामवादियों के हौसले बुलंद हुए हैं।

हाल ही में द टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) और हिंदुस्तान टाइम्स (HT) जैसे मुख्य धारा के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने जम्मू की एक मस्जिद में एक मौलाना द्वारा दी गई धमकियों को अपने पाठकों तक नहीं पहुँचाने का फैसला किया। 

इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी के मामले में बीते दिनों जम्मू-कश्मीर से एक बेहद खतरनाक मंसूबों वाला वीडियो सामने आया था, जिसमें भीड़ के सामने एक मुल्ला हिंदुओं के लिए अपशब्द कह रहा था और उनका गला काटने की बात कह रहा था। यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया था।

गला काटकर हत्या करने की धमकी देते हुए मौलाना वीडियो में कहता है, “भाइयों, वक्त हमें सर कलम करना भी सिखाता है। इसलिए बातों को जेहन में बिठा दो कि हम खामोश तब तक हैं, जब तक कि हमारा बर्दाश्त कायम है। बर्दाश्त के बाहर निकल गए तो फिर नूपुर शर्मा क्या, वो आशीष कोहली कुत्ता क्या, वो नूपुर शर्मा ‘गंदी’ क्या, उनके सर कहीं और धड़ कहीं और मिलेंगे।”

मौलाना ने हिंदुओं का मजाक उड़ाते हुए यह भी कहा था, “गाय का पेशाब पीने वालों का, गोबर के अंदर नहाने वालों की हैसियत ही क्या है दुनिया में? इनको जो रिस्क मिलता है हमारी दहशत से मिलता है। इनको जो हवा मिलती है हमारी बरकत से मिलती है। इनको जो दरिया से पानी मिलता है, हमारी बरकत से मिलता है। वरना इनका वजूद क्या है?”

मौलवी ने अपनी तकरीर में आशीष कोहली के सिर को धड़ से अलग करने की बात इसलिए कही, क्योंकि कोहली ने नूपुर शर्मा को अपना समर्थन था। उसके जहरीले भाषण के बाद भड़के सांप्रदायिक तनाव के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया।

हिंदुस्तान टाइम्स और टाइम्स ऑफ इंडिया ने तथ्यों को छिपाया

इसी बीच टाइम्स ऑफ इंडिया और हिंदुस्तान टाइम्स जैसे मीडिया संस्थानों को अपने पाठकों को अधूरी और भ्रामक जानकारी एक और मौका मिल गया। इस मौके को भुनाते हुए हिंदुस्तान टाइम्स (HT) ने अपना लेख, ‘कर्फ्यू लगाया, सेना को फ्लैग मार्च के लिए बुलाया गया’ इस शीर्षक के साथ प्रकाशित किया।
                                                                 साभार: हिंदुस्तान टाइम्स
इस लेख में संस्थान ने मौलवी द्वारा हिंदुओं का मजाक उड़ाया गया, उन्हें अपशब्द कहे गए, जहरीला भाषण दिया गया आदि बातों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। हालाँकि, भड़काऊ भाषण का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है। इसके बावजूद संस्थान या कह लें संपादक ने अपने पाठकों तक इस सच को पहुँचना जरूरी नहीं समझा।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि मुल्ले के चारों तरफ सैकड़ों लोग मौजूद हैं। वीडियो में सामने मस्जिद दिख रही है और अगल-बगल के मकानों की छतों पर भी लोग खड़े नजर आ रहे हैं। उसकी भड़काऊ तकरीर के बीच में भीड़ अल्लाह-हू-अकबर और या रसूल के नारे लगा रही है। इस दौरान नूपुर शर्मा और उनका समर्थन करने वाले आशीष कोहली लिए ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगाए गए।
इसी तरह, टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) ने भी तथ्यों और सच्चाई से परे एक लेख प्रकाशित किया। टाइम्स ऑफ इंडिया ने ‘सांप्रदायिक तनाव के बाद जम्मू-कश्मीर में कर्फ्यू’ शीर्षक वाले अपने लेख में लिखा, “जम्मू की एक मस्जिद में एक मौलवी ने हिंदुओं का अपमान किया, उन्हें गाय का पेशाब पीने वाला बताया। बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा और पत्रकार आशीष कोहली को मौत की धमकी जारी कर सांप्रदायिक उन्माद को बढ़ावा दिया।”
                                                            साभार: टाइम्स ऑफ इंडिया
टाइम्स ऑफ इंडिया के लेख ने एक कदम आगे बढ़कर नूपुर शर्मा और आशीष कोहली के खून के प्यासे इस्लामवादियों का बचाव करते हुए कहा कि विवादित टिप्पणी के बाद समुदाय को उकसाया गया। हालाँकि, जम्मू में मस्जिद के बाहर क्या हुआ, इस पर विस्तार से नहीं बताया गया कि कहीं ऐसा न हो कि लोगों का ध्यान विवादित टिप्पणी से हटकर इस्लामवादियों के ‘सर तन से जुदा’ की धमकी देने और गौमूत्र के साथ हिंदुओं का अपमान करने पर चला जाए।
वीडियो में मौलाना ने यह भी कहा था, “नबी का कलमे पढ़ने वाला मुसलमान खुद मैदान में आए। ये भगवे भी हमारे दुश्मन, RSS भी हमारी दुश्मन तो मैं इसलिए अंजुमन इस्लामिया की तरफ से तमाम आवाम का शुक्रिया करता हूँ। मैं इनको (हिंदुओं) बताना चाहता हूँ कि सबसे कम दर्जे का मुसलमान इतना ईमान रखता है कि दुनिया के किसी भी ताकत गुस्ताख-ए-नबी का सर कलम कर सकता है।”
खुद को शांतिप्रिय बताते हुए मौलाना ने यह भी कहा था, “हम इंसाफ पसंद हैं। हमारा मजहब अमनपसंद मजहब है। प्रशासन को चाहिए कि जो अजान के खिलाफ बोले, उसका गला पकड़े। जो पर्दे के खिलाफ बोले उनका गला पकड़े। ये गला नहीं पकड़ सकते तो हम गला काटने के लिए तैयार हैं।”